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कांकेर टॉप 10 अब पढें विस्तार से ….
03 जुलाई 2026 शुक्रवार
✍️मनोज जायसवाल
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01.संस्कार भारती छत्तीसगढ़ की 23वीं वार्षिक सामान्य सभा संपन्न

—कला एवं साहित्य को समर्पित अखिल भारतीय संस्था संस्कार भारती छत्तीसगढ़ की 23 वीं प्रांतीय साधारण सभा श्रीजी पैलेस ग्राम उमरपोटी जिला दुर्ग में दिनांक 28 – 29 जून को संपन्न हुई । उद्घाटन अवसर पर राष्ट्रीय मातृशक्ति संयोजिका श्रीमती अनीता करकरे ग्वालियर, मध्य क्षेत्र प्रमुख अनिल जोशी रीवा तथा छत्तीसगढ़ प्रांत अध्यक्ष एवं राज्य के प्रतिष्ठित दाऊ मंदराजी सम्मान से अलंकृत लोक कलाकार श्री रिखी क्षत्रिय भिलाई उपस्थित थे । श्रीमती अनीता ताई ने कला क्षेत्र में संस्कार भारती द्वारा किए जाने वाले कार्यों का उल्लेख करते हुए कला क्षेत्र की समस्याओं , चुनौतियों एवं कला के माध्यम से व्याप्त होने वाले विमर्श पर अपने विचार रखे । आपने बताया कि संस्कार भारती द्वारा पूरे देश में विगत महीनों में किए गए महिला कलाकारों के सर्वेक्षण में 22000 से अधिक महिला कलाकारों का डाटा इकट्ठा हुआ है। इसका यथोचित विश्लेषण कर अलग-अलग विधा के कलाकारों की सूची तैयार करते हुए इनके माध्यम से कला के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में संस्था आगे बढ़ेगी ।
प्रतिवर्ष अनुसार प्रांतीय महामंत्री हेमन्त माहुलीकर कोरबा ने वार्षिक प्रतिवेदन सहित वार्षिक कार्य योजना के अंतर्गत चित्रकला प्रशिक्षण ,भू – अलंकरण (रंगोली) कार्यशाला , संगीत कार्यशाला , लोक कला प्रशिक्षण ,नाट्य कार्यशाला एवं स्मारिकाओं के प्रकाशन संबंधी प्रस्ताव रखे । प्रांतीय कोष प्रमुख जागेश्वर सिंह मानसर कटघोरा ने गत वर्ष का कोष विवरण एवं अगले वर्ष का अनुमानित बजट सभा के समक्ष रखा । गत वर्ष की कार्यवाही विवरण के वाचन पश्चात सभा ने ओंकार ध्वनि के साथ अनुमोदन किया ।
राष्ट्रीय मंत्री रविंद्र बेडेकर नासिक ने इस अवसर पर अपने विचार रखते हुए कहा कि संस्कार भारती के कार्यकर्ताओं का संबंध अपने-अपने जिले की सभी कला संस्थाओं से होना आवश्यक है । संस्कार भारती केवल कलाकारों का संगठन नहीं बल्कि कला विश्व का संगठन है। हमें कलाकारों के साथ-साथ प्रेक्षक , समीक्षक और मंच के पार्श्व में कार्य करने वाले कलाकारों की भी चिंता करनी है । कला समाज परिवर्तन एवं जन जागृति का एक साधन है इसलिए कला के माध्यम से दर्शकों में प्रेरणा व सकारात्मकता का व्यापक प्रसार होना चाहिए ।
सभा के समक्ष कोरबा जिले से कन्हैया यादव , रायगढ़ से मनोज श्रीवास्तव, कांकेर से अवधेश लारिया , बिलासपुर से बालमुकुंद श्रीवास , बलरामपुर – रामानुजगंज से पवन कुमार पांडे , जगदलपुर से भरत गंगादित्य , रायपुर से कबीर चंद्राकर , सक्ति से मनोज तिवारी एवं दुर्ग से श्री कीर्ति व्यास ने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया । साहित्य विभाग संयोजक डॉ विश्वनाथ कश्यप बिलासपुर, लोक कला एवं जनजातीय विभाग संयोजक संजीव तिवारी दुर्ग, दृश्य कला विभाग संयोजक भोजराज धनगर रायपुर ,मंचीय कला विभाग संयोजक डॉ आनंद कुमार पांडे जशपुर , कला धरोहर (पुरातत्व) विभाग एवं मातृशक्ति संयोजिका श्रीमती शैलदुलारी सार्वा ने भी प्रतिवेदन प्रस्तुत किया । इस वर्ष संत रविदास की 650 वीं जयंती और राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की 150 वीं जयंती के उपलक्ष्य पर प्रदेश के अनेक जिलों में कार्यक्रम होंगे ।इस अवसर डॉ जयमति कश्यप कोंडागांव को मध्य प्रदेश शासन का देवी अहिल्याबाई पुरस्कार , श्री कीर्ति व्यास दुर्ग को छत्तीसगढ़ शासन का चक्रधर सम्मान , रिखी क्षत्रिय भिलाई को छत्तीसगढ़ शासन का दाऊ मंदराजी सम्मान एवं डॉ आनंद कुमार पांडे जशपुर को संगीत नाटक अकादमी नई दिल्ली द्वारा घोषित उस्ताद बिस्मिल्ला खां राष्ट्रीय युवा पुरस्कार प्राप्त होने पर बधाई दी गई एवं अभिनन्दन पत्र प्रदान किया गया ।
प्रांतीय संरक्षक एवं फिल्म – नाट्य कलाकार योगेश अग्रवाल ने कहा कि संस्कार भारती धीरे-धीरे प्रदेश में कला के संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रही है , जिसे प्रदेश के अनेकों कलासाधकों एवं दर्शक – श्रोताओं का अच्छा प्रतिसाद प्राप्त हो रहा है । क्षेत्र प्रमुख अनिल जोशी ने कहा कि कला सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं है, कला में परिवर्तन की ताकत है , समाज में होने वाली कुरीतियों पर प्रहार करने की ताकत है । सोशल मीडिया का समुचित उपयोग एवं आधुनिक माध्यम का सकारात्मक विमर्श में उपयोग बहुत जरूरी है । प्रदेश अध्यक्ष श्री रिखी क्षत्रिय ने उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं का धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि हमें केवल शहरों तक सीमित नहीं रहना है वरन् गांव में रहने वाले कलाकारों तक पहुंच बनानी पड़ेगी । कला प्रस्तुति के दौरान आने वाली उनकी समस्याएं को सुनकर संबंधित अधिकारी / विभाग तक पहुंचाना भी हमारी जिम्मेदारी है । सभा मे संस्कार भारती इकाई काँकेर से अध्यक्ष डॉ.गीता शर्मा, प्रान्त मंत्री रिजेन्द्र गंजीर, महामंत्री अवधेश लारिया सम्मिलित हुवे। डॉ विश्वनाथ कश्यप के काव्यात्मक आभार प्रदर्शन एवं सामूहिक संपूर्ण वंदे मातरम् गान के साथ साधारण सभा समाप्त हुई ।
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02. मुर्गी पालन, मशरूम उत्पादन और चटिया मिल से संवरी लच्छंतीन बाई की जिंदगी, बिहान से बनीं सफल महिला उद्यमी।

— बिहान (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) से जिले के स्व-सहायता समूह की महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं तथा उनके जीवन को नई दशा और दिशा दी है। भानुप्रतापपुर विकासखंड के ग्राम कराठी निवासी श्रीमती लच्छंतीन बाई दरपट्टी आज महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी हैं। वह तुलसी स्व सहायता समूह की सक्रिय सदस्य हैं, जो महिला शक्ति संकुल संगठन कन्हारगांव से जुड़ा हुआ है। भानुप्रतापपुर विकासखण्ड से लगभग 08 किलोमीटर दूर स्थित इस गांव में ‘बिहान’ राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ने उनके जीवन की दिशा बदल दी है।श्रीमती लच्छंतीन बाई ने बताया कि समूह से जुड़ने से पहले परिवार की आर्थिक स्थिति खराब थी।

बच्चों की पढ़ाई-लिखाई में बहुत परेशानी होती थी तथा परिवार को कठिन समय में आर्थिक मदद नहीं मिल पाती थी। थोड़े से पैसे के लिए उन्हें अक्सर दूसरे लोगों से ब्याज पर ऋण लेना पड़ता था। खेती की आधुनिक तकनीकों की जानकारी का अभाव था और स्वयं का व्यवसाय शुरू करने का सपना केवल सपना ही बनकर रह गया। इस दौरान उन्हें बिहान योजना के बारे में पता चला, वहां 10 दीदी मिलकर एक समूह गठन कर बचत करते हैं और जरूरत के समय वहीं से आसानी से ऋण भी मिल जाती है। गांव की अन्य महिलाओं के साथ मिलकर उन्होंने स्व सहायता समूह से जुड़ने का निर्णय लिया। समूह से जुड़ने के बाद नियमित बैठक एवं बचत करना शुरू किया। अब जरूरत पड़ने पर उन्हें आसानी से समूह के माध्यम से ऋण मिलने लगा, जिससे दूसरों पर निर्भरता समाप्त हो गई। उन्हें चक्रीय निधि एवं प्रोत्साहन राशि का लाभ मिला है। आजीविका गतिविधियों को बढ़ाने के लिए बैंक से 01 लाख 20 हजार रुपये का ऋण भी प्राप्त हुआ। अब मैं बैंक से लेन-देन आसानी से कर रही हूॅ। इस दौरान बिहान के बीपीएम द्वारा समय-समय पर प्रशिक्षण और मार्गदर्शन दिया गया। अधिकारियों के माध्यम से उन्हें मुद्रा ऋण की जानकारी मिली और बैंक से आवश्यक सहायता प्राप्त हुई। आज मैं चटिया मिल (लघु प्रसंस्करण इकाई), मशरूम उत्पादन, मुर्गी पालन, कृषि कार्य जैसे विभिन्न आजीविका गतिविधियों का संचालन कर रही हूॅ। इन गतिविधियों से लगभग 12 हजार रुपये प्रतिमाह तथा करीब 01 लाख 45 हजार रूपये वार्षिक आय प्राप्त हो रही है। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बच्चों की शिक्षा बेहतर ढंग से हो रही है, इससे जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। लच्छंतीन बाई आज ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की प्रेरणा स्रोत बन गई है।।
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03. 29 जून की प्रवेश परीक्षा से वंचित विद्यार्थियों के लिए फिर खुला मौका, 5 जुलाई को होगी अंतिम परीक्षा, “5 जुलाई के बाद प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह बंद कर दी जाएगी”।

— दुर्गूकोंदल में संचालित नए एजुकेशन हब एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस कन्या आवासीय विद्यालय में प्रवेश के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए अंतिम अवसर प्रदान किया गया है। जिन विद्यार्थियों ने पूर्व में ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन आवेदन किया था, लेकिन किसी कारणवश 29 जून 2026 को आयोजित प्रवेश परीक्षा (आंकलन) में शामिल नहीं हो सके, उनके लिए अब 5 जुलाई 2026 को अंतिम प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी।
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04. मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं जनजाति उत्कर्ष योजना हेतु प्रवेश परीक्षा 05 जुलाई को।
— मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं जनजाति उत्कर्ष योजनांतर्गत शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कक्षा 6वीं में प्रवेश हेतु चयन परीक्षा का आयोजन 05 जुलाई दिन रविवार को अपरान्ह 12 बजे से दोपहर 02 बजे तक प्रयास आवासीय विद्यालय इमली पारा कांकेर में किया जाएगा।आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त सुश्री जया मनु ने बताया कि पात्र एवं अपात्र अभ्यर्थियों की सूची संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी, मंडल संयोजक, सभी आश्रम एवं छात्रावास अधीक्षक कार्यालय तथा सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कांकेर के सूचना पटल पर देखा जा सकता है। उन्होंने बताया कि पात्र अभ्यर्थी को 01 जुलाई से प्रवेश पत्र वितरण किया जा रहा है। प्रवेश पत्र प्राप्त नहीं होने पर एसे जिन अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर ही प्रवेश पत्र उपलब्ध कराया जाएगा।
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05. पद्म विभूषण, पद्म भूषण एवं पद्म श्री पुरस्कार हेतु नामांकन प्रस्ताव 10 जुलाई तक
— भारत सरकार द्वारा वर्ष 2027 के पद्म विभूषण, पद्म भूषण एवं पद्म श्री पुरस्कारों के लिए योग्य एवं पात्र व्यक्तियों से 10 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। अधिक जानकारी हेतु कार्यालय महिला एवं बाल विकास विभाग कांकेर एवं वेब साइट www.awards.gov.in का अवलोकन किया जा सकता है।
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06. भानुप्रतापपुर का ‘गौतम हॉस्पिटल’ सील, पर अब तक FIR नहीं; न्याय के लिए न्यायालय जाएगा पीड़ित आदिवासी परिवार
—कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने राजस्व पुस्तक परिपत्र खण्ड 6-4 में दिए गए अधिकारों का प्रयोग करते हुए सरार (तालाब) में डूबने से मृत्यु होने के प्रकरण में मृतक के आश्रित के लिए चार लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की है। सरोना तहसील के ग्राम कन्हनपुरी निवासी 45 वर्षीय दिलीप सलाम की तालाब में डूबने से मृत्यु होने पर उनकी पत्नी श्रीमती पुष्पा सलाम के लिए चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता कलेक्टर द्वारा स्वीकृत की गई है।
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07. ‘ डॉ. खूबचंद बघेल कृषक रत्न पुरस्कार’ हेतु 31 जुलाई तक आवेदन आमंत्रित।
– कृषि विभाग द्वारा वर्ष 2026 हेतु ‘डॉ. खूबचंद बघेल कृषक रत्न पुरस्कार’ हेतु कृषकों से 31 जुलाई मे आवेदन आमंत्रित किया गया है। आवेदन पत्र प्रोजेक्ट डायरेक्टर आत्मा सह उप संचालक कृषि कार्यालय कांकेर से निःशुल्क प्राप्त कर निर्धारित प्रपत्र में भरकर 31 जुलाई तक जमा कर सकते हैं। अंतिम तिथि के बाद प्राप्त होने वाले आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा। इस संबंध में विस्तृत जानकारी कृषि विभाग के वेबसाइट www.agriportal.cg.nic.in पर उपलब्ध है।
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08. कोटवार एसोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ पखांजूर इकाई द्वारा अपनी सात सुत्रीय मांगों को लेकर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। सम्मानजनक वेतन प्रमुख मांगों में एक।
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09. जिले में कुछ जगह बारिश तो कुछ जगह सुखा। दिनभर छाए रहे बदरा पर बरसे नहीं।
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10. दीवारों पर अपराध मुक्त ग्राम संबंधी पोस्टर चिपका कर जागरू कर रही हल्बा चौकी पुलिस।
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शुभ रात्रि… कल इसी समय फिर हाजिर होंगे हम। टॉप 10 न्यूज सशक्त पथ संवाद पर…आपके कमेंट का इंतजार रहेगा…
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नोटः— खबर लिखे जाने अभी तक हमारे पास किसी अप्रिय घटना दुर्घटना की खबर नहीं है। 🙏
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