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कांकेर टॉप 10 अब पढें विस्तार से ….
02 जुलाई 2026 गुरूवार
✍️मनोज जायसवाल.
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01. विकसित भारत-जी राम जी योजना का शुभारंभ, ग्रामीण परिवारों को अब मिलेगा 125 दिनों का रोजगार, मजदूरी दर 261 रूपए से बढ़कर हुई 300 रूपए

—विकसित भारत- रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (जी राम जी) योजना का जिले में शुभारंभ समारोह कांकेर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत बेवरती में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सांसद भोजराज नाग थे, अध्यक्षता विधायक आशाराम नेताम ने की। कार्यक्रम में योजना के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी देते हुए हितग्राहियों को लाभान्वित भी किया गया। मुख्य अतिथि सांसद भोजराज नाग ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत-जी राम जी योजना ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। योजना के तहत गांवों के विकास कार्य ग्राम सभाओं के प्रस्ताव के आधार पर पंचायतों के माध्यम से संचालित होंगे, जिससे स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को अब समय पर मजदूरी का भुगतान होगा तथा जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। योजनांतर्गत अब ग्रामीण परिवारों को 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा तथा दैनिक मजदूरी दर 261 रूपए से बढ़ाकर 300 रूपए कर दी गई है।

रोजगार नहीं मिलने पर बेरोजगारी भत्ता देने का भी प्रावधान किया गया है। समय पर मजदूरी मिलेगी, विलंब होने की स्थिति में मुआवजा देने का भी प्रावधान किया गया है। सांसद श्री नाग ने कहा कि 31 मार्च 2026 के बाद क्षेत्र में नक्सलवाद समाप्त होने से विकास कार्यों को नई गति मिली है। पहले माओवादी गतिविधियों के कारण कई विकास कार्य प्रभावित होते थे, लेकिन अब दूरस्थ गांवों तक भी विकास की किरण पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने का संकल्प निरंतर पूरा किया जा रहा है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विधायक आशाराम नेताम ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में रोजगार गारंटी योजना को विकसित भारत-जी राम जी योजना के रूप में और अधिक प्रभावी बनाया गया है। अब केवल अस्थायी कार्यों तक सीमित न रहकर जल संरक्षण एवं संवर्धन, कृषि आधारित अधोसंरचना, आपदा प्रबंधन एवं बचाव, सामुदायिक परिसंपत्तियों तथा अन्य स्थायी विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। जिला पंचायत की उपाध्यक्ष श्रीमती किरण नरेटी ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया।

कलेक्टर निलेश महादेव क्षीरसागर ने विकसित भारत-जी राम जी योजना के उद्देश्य, प्रावधानों एवं तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर विकसित भारत-जी राम जी योजना के अंतर्गत पांच हितग्राहियों को फलदार पौधों के रोपण हेतु प्रशासकीय स्वीकृति आदेश प्रदान किए गए। वहीं पांच हितग्राहियों को आजीविका डबरी में खेती के लिए उड़द बीज का वितरण भी किया गया।कार्यक्रम में जिला पंचायत की उपाध्यक्ष श्रीमती तारा ठाकुर, पूर्व विधायक श्रीमती सुमित्रा मारकोले, जनपद पंचायत कांकेर के अध्यक्ष श्रीमती पूर्णिमा कावड़े, जनपद पंचायत नरहरपुर के अध्यक्ष सोमन सिंह कावड़े, महेश जैन, टेकेश्वर जैन, दिलीप जायसवाल, राजीव लोचन सिंह, एफसीआई के सदस्य हलधर साहू, उपाध्यक्ष जनपद नरहरपुर संजू गोपाल साहू, ईश्वर कावड़े, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरेश मंडावी, जनपद पंचायत कांकेर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अश्विनी यादव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे ।
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02. मिश्रित खेती को अपनाएं किसान – मंत्री रामविचार नेताम।

— प्रदेश के कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने बुधवार को कृषि विज्ञान केंद्र कांकेर में किसान संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि धान के साथ अन्य लाभकारी फसलों दलहन-तिलहन की भी खेती किया जावे। कम पानी एवं कम लागत में अधिक उत्पादन देने वाली फसलों की खेती करें, इससे पानी की बचत होगी और फायदा भी ज्यादा मिलेगा। खेत के मेड़ों में मुनगा का पौधा लगाने के साथ ही अरहर की खेती करने तथा मिश्रित खेती को अपनाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने कहा कि खेती के साथ-साथ मछलीपालन, मुर्गीपालन और पशुपालन भी किया जाए। घर-घर में गाय का पालन हो, इससे घर की जरूरत भी पूरी होगी, अतिरिक्त आमदनी होगी, जिससे समृद्धि आएगी तथा शरीर स्वस्थ्य व निरोग रहेगा। रासायनिक खाद के अधिकाधिक उपयोग से धरती की उर्वरा शक्ति कम हो रही है, किसान भाई जैविक खेती को अपनाएं। नील हरित खाद का उपयोग करें। सरकार किसानों को हरसंभव मदद उपलब्ध करा रही है। ऐसे किसान जिन्होंने पिछले खरीफ सीजन में धान की फसल ली थी और इस वर्ष खरीफ में वहां पर धान के बदले अन्य फसल दलहन-तिलहन, मक्का की खेती करते हैं तो उन्हें छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रति एकड़ 15 हजार रूपए की आदान सहायता दी जाएगी। कार्यक्रम में विधायक कांकेर आशाराम नेताम, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी सहित कृषि विभाग व जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। इस अवसर पर उनके द्वारा किसानों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन तथा आत्मनिर्भरता दलहन-तिलहन मिशन अंतर्गत किसानों को दलहन बीज का वितरण भी किया गया। कृषि मंत्री श्री नेताम ने कृषि विज्ञान केंद्र कांकेर में लक्ष्मी स्व सहायता समूह द्वारा किए जा रहे मिलेट प्रोसेसिंग कार्य का भी अवलोकन किया। स्वसहायता समूह के सदस्य महिलाओं से चर्चा करते हुए उन्होंने कोदो, कुटकी, रागी की प्रोसेसिंग एवं उसकी मार्केटिंग की जानकारी ली। समूह के सदस्यों ने बताया कि मिलेट प्रोसेसिंग से समूह के प्रत्येक सदस्य को प्रतिमाह लगभग छह से सात हजार रूपए की आमदनी हो जाती है। मंत्री श्री नेताम ने समूह की आय आय बढ़ाने के लिए कृषि विज्ञान केंद्र के मेड़ों में चार चिरौंजी का पौधा रोपण करने के लिए भी प्रोत्साहित किया। साथ ही उन्हें मिलेट प्रोसेसिंग के समय ड्रेस और टोपी पहनने की सलाह भी दी। कड़कनाथ हेचरी का अवलोकन करते हुए उन्होंने कड़कनाथ पालन के लिए किसानों को प्रशिक्षण और चूजों के विक्रय के संबंध में कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिकों से जानकारी भी ली। इस अवसर पर मंत्री रामविचार नेताम, विधायक आशाराम नेताम सहित अधिकारियों ने कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में नारियल के पौधे का रोपण किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर कांकेर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर, संचालक कृषि राहुल देव, संचालक पशुधन विकास विभाग श्री चंद्रकांत वर्मा, संचालक मछलीपालन नारायण सिंह नाग, जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी, एसडीएम कांकेर अरूण वर्मा, कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक बीरबल साहू, अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय डॉ. नितिन रस्तोगी, कृषि वैज्ञानिक नरेन्द्र तायड़े, उप संचालक कृषि जितेन्द्र कोमरा, पशुधन विकास विभाग के उप संचालक डॉ. सत्यम मित्रा, सहायक संचालक मछलीपालन एस.एस. कंवर सहित कृषक गण मौजूद थे।
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03.खनिज रेत के निगरानी हेतु ड्रोन तकनीक का उपयोग। 10 जून से अब तक अवैध परिवहन के 28 प्रकरणों में 05 लाख 48 हजार 288 रूपये एवं अवैध भण्डारण के 03 प्रकरण में 02 लाख 87 हजार 800 रूपये का अर्थदंड।

— जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए खनिज विभाग द्वारा अत्याधुनिक तकनीक ड्रोन कैमरा का उपयोग की जा रही है। इस संबंध में जानकारी देते हुए खनिज अधिकारी श्री सनत साहू ने बताया कि गत दिवस बुधवार रात्रि के दरमियान चारामा से लेकर कांकेर क्षेत्र में प्रवाहित नदियों में ड्रोन कैमरे के माध्यम से औचक निगरानी रखते हुए कार्यवाही की गई। ड्रोन द्वारा मचांदुर, माहुद, भिलाई, तेलगुडा, नगर पंचायत चारामा, जैसाकर्रा, भिरौद, करिहा, सराधुनवागांव, हाराडुला, खरथा, बांडाटोला, भुईगांव, किलेपार, टांहकापार, अरौद, तारसगांव, नारा, भिरावाही, माकडी, माटवाडा, मुड़डोगरी, कोकपुर देवरी क्षेत्र का सर्वे किया गया। चारामा तहसील अंतर्गत ग्राम खस्था में 01 ट्रेक्टर न्यू महिन्द्रा, वाहन मालिक दुर्गेश पॉल एवं कांकेर तहसील अंतर्गत ग्राम माटवाड़ा कोकपुर क्षेत्र में 08 वाहन कमशः न्यू मेसी सहदेव उईके, न्यू महिन्द्रा रूपेश कोर्राम, सीजी 19 बीई 2649 अमित नेताम, सीजी 17 बीजी 7024 राकेश्वर यादव, न्यू मेसी समीर उईके, न्यू महिन्द्रा सलेश कुमार, न्यू महिन्द्रा हितेश जैन, सीजी 19 बीआर 5154 सिद्धार्थ साहू के ट्रेक्टर को उड़नदस्ता दल द्वारा जप्त कर पुलिस अभिरक्षा एवं कलेक्टर परिसर में जप्त वाहनो को सुरक्षार्थ रखा गया है। खनिज अधिकारी श्री साहू ने बताया कि अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरूद्ध खान एव खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 एवं छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 में निहित प्रावधानों के तहत कड़ी कार्यवाही की जा रही है। निरंतर कार्यवाही से क्षेत्र में अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण को नियंत्रित किया जा रहा है, साथ ही जिले में टास्क फोर्स दल द्वारा सतत निगरानी भी की जा रही है। उन्होंने बताया कि 10 जून से अब तक अवैध उत्खनन, परिवहन तथा भण्डारण पर कार्यवाही करते हुए अवैध परिवहन के कुल 28 प्रकरण दर्ज किया जाकर 05 लाख 48 हजार 288 रूपये एवं अवैध भण्डारण के कुल 03 प्रकरण दर्ज कर 02 लाख 87 हजार 800 रूपये अर्थदंड से आरोपित किया गया है। वर्तमान में वर्षा ऋतु में नदियों से रेत का उत्खनन 15 अक्टूबर तक प्रतिबंधित होने के कारण जिले में रेत के सुचारू एवं सुगमता पूर्वक रेत उपलब्धता हेतु जिले में कुल 16 अस्थायी भण्डारण अनुज्ञप्ति स्वीकृत है, जिनके माध्यम से आम जनों के लिए रेत की सुगमता से आपूर्ति की व्यवस्था की गई है।।
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04. मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं जनजाति उत्कर्ष योजना हेतु प्रवेश परीक्षा 05 जुलाई को।
— मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं जनजाति उत्कर्ष योजनांतर्गत शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कक्षा 6वीं में प्रवेश हेतु चयन परीक्षा का आयोजन 05 जुलाई दिन रविवार को अपरान्ह 12 बजे से दोपहर 02 बजे तक प्रयास आवासीय विद्यालय इमली पारा कांकेर में किया जाएगा।आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त सुश्री जया मनु ने बताया कि पात्र एवं अपात्र अभ्यर्थियों की सूची संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी, मंडल संयोजक, सभी आश्रम एवं छात्रावास अधीक्षक कार्यालय तथा सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कांकेर के सूचना पटल पर देखा जा सकता है। उन्होंने बताया कि पात्र अभ्यर्थी को 01 जुलाई से प्रवेश पत्र वितरण किया जा रहा है। प्रवेश पत्र प्राप्त नहीं होने पर एसे जिन अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर ही प्रवेश पत्र उपलब्ध कराया जाएगा।
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05. पद्म विभूषण, पद्म भूषण एवं पद्म श्री पुरस्कार हेतु नामांकन प्रस्ताव 10 जुलाई तक
— भारत सरकार द्वारा वर्ष 2027 के पद्म विभूषण, पद्म भूषण एवं पद्म श्री पुरस्कारों के लिए योग्य एवं पात्र व्यक्तियों से 10 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। अधिक जानकारी हेतु कार्यालय महिला एवं बाल विकास विभाग कांकेर एवं वेब साइट www.awards.gov.in का अवलोकन किया जा सकता है।
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06. आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत।
—कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने राजस्व पुस्तक परिपत्र खण्ड 6-4 में दिए गए अधिकारों का प्रयोग करते हुए सरार (तालाब) में डूबने से मृत्यु होने के प्रकरण में मृतक के आश्रित के लिए चार लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की है। सरोना तहसील के ग्राम कन्हनपुरी निवासी 45 वर्षीय दिलीप सलाम की तालाब में डूबने से मृत्यु होने पर उनकी पत्नी श्रीमती पुष्पा सलाम के लिए चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता कलेक्टर द्वारा स्वीकृत की गई है।
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07. सामान्य प्रशासन समिति की बैठक 03 जुलाई को
– जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण नरेटी की अध्यक्षता में 03 जुलाई शुक्रवार को पूर्वान्ह 11 बजे से सामान्य प्रशासन समिति की बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें सभी संबंधित अधिकारियों को उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।
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08.शासकीय प्रैक्टिसिंग प्राथमिक पाठशाला कांकेर ने पूरे किए 100 वर्ष, धूमधाम से मनाया गया शताब्दी समारोह-2026

—शासकीय प्रैक्टिसिंग प्राथमिक पाठशाला कांकेर के गौरवशाली 100 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आज शताब्दी समारोह-2026 एवं शाला प्रवेश उत्सव का आयोजन गरिमामय वातावरण में किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि कांकेर विधानसभा क्षेत्र के विधायक आशाराम नेताम ने कहा कि विद्यालय के 100 वर्ष पूर्ण होना पूरे क्षेत्र के लिए गौरव और हर्ष का विषय है। उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, अच्छा व्यवहार और नैतिक मूल्यों की जानकारी देना भी आवश्यक है। विद्यालय में स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की बात भी कही। शासकीय प्रैक्टिसिंग प्राथमिक शाला कांकेर में कक्षा पहली से तीसरी तक अंग्रेजी माध्यम की कक्षाएं प्रारंभ होने की जानकारी भी उनके द्वारा दी गई। कार्यक्रम को हस्तशिल्प विकास बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत एवं नगर पालिका अध्यक्ष अरुण कौशिक ने भी संबोधित किया। उन्होंने विद्यालय के गौरवशाली इतिहास और शिक्षा के क्षेत्र में इसके योगदान की सराहना की। इस अवसर पर मुख्य अतिथि विधायक श्री नेताम द्वारा नवप्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें गणवेश एवं पाठ्यपुस्तकों का वितरण किया गया। वहीं कक्षा 9वीं की छात्राओं को सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत साइकिल प्रदान की गई। विधायक श्री नेताम द्वारा भूतपूर्व शिक्षकों को साल एवं श्रीफल से सम्मानित भी किया गया।
शताब्दी समारोह में विद्यालय के ऐतिहासिक सफर को याद करते हुए बताया गया कि वर्ष 1926 में स्थापित यह संस्था कांकेर की शिक्षा यात्रा का एक महत्वपूर्ण केंद्र रही है। उस समय जब क्षेत्र में सीमित संसाधन थे, बैलगाड़ी, कच्ची सड़कें और लालटेन का दौर था, तब इस विद्यालय की स्थापना शिक्षा की नई उम्मीद के रूप में हुई थी। प्रैक्टिसिंग प्राथमिक पाठशाला नाम मिलने का कारण भी इसकी विशेष भूमिका रही है। यह विद्यालय केवल बच्चों की शिक्षा का केंद्र नहीं था, बल्कि भावी शिक्षकों के प्रशिक्षण की प्रयोगशाला भी रहा। यहां प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले शिक्षक विद्यार्थियों को पढ़ाने का अभ्यास करते थे और अनुभवी शिक्षक उनके शिक्षण कौशल का मूल्यांकन करते थे।
वर्ष 1926 से 1950 तक विद्यालय ने अनेक चुनौतियों के बीच शिक्षा की अलख जगाई। खपरैल की छत, चूने से पुती दीवारें, टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ाई और खड़िया से लिखे जाने वाले पाठ आज भी विद्यालय के गौरवशाली इतिहास का हिस्सा हैं। समय के साथ विद्यालय ने आधुनिक सुविधाओं को अपनाया, खपरैल की जगह पक्की छत और टाट-पट्टी की जगह बेंच ने ले ली, लेकिन शिक्षा और संस्कार देने की परंपरा आज भी कायम है। विद्यालय की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए बताया गया कि इस संस्था से अब तक एक लाख से अधिक विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं, वहीं 500 से अधिक शिक्षकों ने यहां प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने शिक्षकीय जीवन की शुरुआत की है। यह विद्यालय तीन पीढ़ियों-दादा, पिता और बेटे की शिक्षा का साक्षी रहा है। शताब्दी समारोह ने विद्यालय के स्वर्णिम इतिहास, शिक्षकों के योगदान और विद्यार्थियों की उपलब्धियों को याद करते हुए नई पीढ़ी को शिक्षा एवं संस्कार के मार्ग पर आगे बढ़ने का संदेश दिया। कार्यक्रम को सेवानिवृत्त प्रधानपाठक नरेन्द्र सिंह ठाकुर, पूर्व छात्र गोकुश जोशी ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर नगर पालिका उपाध्यक्ष उत्तम यादव, वार्ड पार्षद मतीन खान एवं पार्षदगण, प्रधानपाठक प्राथमिक शाला तुफैल अहमद, माध्यमिक शाला शांतनु कलिहारी, हाई स्कूल प्रतुल विश्वास सहित विद्यालय के पूर्व शिक्षक, पूर्व विद्यार्थी, जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी, शाला प्रबंधन समिति के सदस्य, पालकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। शताब्दी समारोह का मंच संचालन शिक्षक कुशलानंद गजबल्ला, संजीत श्रीवास्तव, लोकेश्वर साहू द्वारा किया गया।
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09. मेडिकल छात्रों को सिखाया गया सड़क सुरक्षा का पाठ ।

—आज 02 जुलाई को यातायात जागरूकता कार्यक्रम अंतर्गत निखिल राखेचा पुलिस अधीक्षक कांकेर के निर्देशानुसार, आकाश श्रीश्री माल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भानुप्रतापपुर तथा योगेश साहू, अतिरिक्त पुलिस कांकेर के मार्गदर्शन में डॉ. मेखलेन्द्र प्रताप सिंह, उप पुलिस अधीक्षक व दीपक साव, रक्षित निरीक्षक यातायात प्रभारी कांकेर एवं यातायात बल कांकेर के द्वारा जिले में संचालित शासकीय मेडिकल कॉलेज नन्दनमारा,कांकेर में मेडिकल छात्रों को यातायात जागरूकता सम्बंधी क्लास लिया गया बच्चों को रोड़ पर चलने के तरीके, सड़के कैसी बातें करती है साइन बोर्ड के माध्यम से, सिग्नल लाइट्स के बारे, हेलमेट उपयोग करने, सीट बेल्ट उपयोग करने, ओव्हर स्पीड नहीं चलने, शराब सेवन कर वाहन नहीं चलाने, यातायात नियम का पालन नहीं करने से कैसे सड़क दुर्घटना होती है प्रोजेक्टर के माध्यम से वीडियो दिखाकर छात्रों को समझाया गया . साथ ही सड़क दुर्घटनाओ में घायल व्यक्ति को समय अस्पताल पहुंचने पर राहवीर योजना के अंतर्गत अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को शासन की ओर से 25000/- की राशि दिया जाना है बताया गया. इससे यह होगा की अब जब कोई दुर्घटना होंगी तो एम्बुलेंस व पुलिस का इंतजार किये बिना घायल को अस्पताल पहुंचकर जान बचायी जा सकती है. साथ ही महिला सुरक्षा, अभिव्यक्ति ऐप व साइबर क्राइम के बारे में भी छात्रों को जानकारी दी गयी, इस दौरान कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. टीकम ध्रुव, व लगभग 200 मेडिकल छात्र/ छात्राएं लाभान्वित हुए
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10.तारसगांव(चारामा) की प्रतिभाशाली छात्रा कु. नंदनी का एकलव्य विद्यालय कांकेर में चयन। 03 जुलाई को काउंसलिंग। लेकिन वर्तमान में अध्ययनरत विद्यालय में फीस जमा नहीं कर पाने के चलते टीसी मार्कशीट नहीं मिलने से गरीबी की लाचारी से कहीं प्रवेश को वंचित ना हो जाए छात्रा।

—तारसगांव(चारामा) की प्रतिभाशाली छात्रा कु. नंदनी पिता सरोस नेताम जो कि सरस्वती शिशु मंदिर लखनपुरी की छात्रा है। यहां अध्ययनरत होते उन्होंने एकलव्य आवासीय विद्यालय के लिए परीक्षा दिलायी जहां वे सफल हो गई। लेकिन उनके द्वारा स्कूल का फीस जो कि तकरीबन 28 हजार का बताया जा रहा है,जमा नहीं कर पाने की स्थिति में उन्हें टीसी मार्कशीट नहीं दिया जा रहा है। इधर एकलव्य आवासीय विद्यालय में 03 जुलाई को काउंसिलिंग की तारीख है, जिसके चलते परिवार के सामने समस्या बढ गई है।
ये हैं इनके पिता सरोस जो मजदूरी कर जीवनयापन करते हैं, जिनसे परिवार आश्रित है,वर्तमान में वे लकवाग्रस्त है।

किसी तरह ग्राम के धनराज शोरी के साथ स्कूल गए थे,जहां बालिका का फीस जमा नहीं हो पाने के चलते टीसी देने से मना कर दिया गया है। धनराज शोरी ने बताया कि इनके परिवार की आर्थिक स्थिति गंभीर है, लेकिन ऐसे प्रतिभाशाली बालिका का शिक्षा जारी रहना चाहिए। फीस की व्यवस्था या माफी के लिए वे क्षेत्र की विधायक सावित्री मनोज मंडावी के पास जाकर गुहार लगाना चाह रहे हैं,लेकिन काउंसिलिंग तारीख भी 03 जुलाई हो पाने समय नहीं होने के चलते कुछ समझ नहीं आ रहा है।
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शुभ रात्रि… कल इसी समय फिर हाजिर होंगे हम। टॉप 10 न्यूज सशक्त पथ संवाद पर…आपके कमेंट का इंतजार रहेगा…
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नोटः— खबर लिखे जाने अभी तक हमारे पास किसी अप्रिय घटना दुर्घटना की खबर नहीं है। 🙏
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