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संपादकीय—

✍️मनोज जायसवाल
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कांकेर टॉप 10 अब पढें विस्तार से ….
08 अगस्त 2026 शनिवार
✍️मनोज जायसवाल
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01. कांकेर विधायक एवं कलेक्टर ने किया पर्यटन स्थलों का निरीक्षण व अवलोकन। जिले के पर्यटन क्षेत्रों में सैलानियों को प्रोत्साहित करने किया जाएगा सुविधाओं में विस्तार।

-जिले के पर्यटन क्षेत्रों में सैलानियों को प्रोत्साहित करने के लिए विधायक श्री आशाराम नेताम एवं कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर ने आज कांकेर विकासखण्ड के मलांजकुडूम जलप्रपात व हाल ही नए पर्यटन केन्द्र के रूप में चिन्हित किए गए धारपारूम का अवलोकन व निरीक्षण किया। विधायक एवं कलेक्टर ने नैसर्गिक खूबसूरती से परिपूर्ण कांकेर जिले में पर्यटन की नवीन संभावनाओं तथा सुविधाजनक व आकर्षक बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।विधायक श्री नेताम एवं कलेक्टर श्री क्षीरसागर आज दोपहर को कांकेर जिले के विख्यात जलप्रपात मलांजकुडूम पहुंचे जहां पर उन्होंने स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर अवलोकन करते हुए पुराने रोपवे को डिस्मेंटल कराने के निर्देश वन विभाग के अनुविभागीय अधिकारी को दिए। कलेक्टर ने डीएमएफ के तहत वर्ष 2026-27 में प्रस्तावित ईको पर्यटन स्थल विकसित करने के लिए जल्द से जल्द कार्यवाही करने के निर्देश दिए। विधायक ने कहा कि मलांजकुडूम को बेहतर ढंग से विकसित करने के साथ-साथ मोटल एवं होम स्टे जैसी जरूरी सुविधाओं से लैस करने की बात कही। अनुविभागीय अधिकारी वन ने बताया कि मलांजकुण्डूम जलप्रपात को बेहतर ढंग से विकसित करने के लिए वनमण्डलाधिकारी द्वारा 1.16 करोड़ रूपए के विभिन्न कार्यों का प्रस्ताव प्रेषित किया गया है, जिसमें व्यू पाइंट, सीटिंग बेंच, शेड, सीडी मरम्मत, सेफ्टी रेलिंग, लॉन डेवलपमेंट, प्रतीक्षालय शेड, बैम्बू राफ्टिंग, मुरूम फिलिंग, सीटिंग वॉल, सामुदायिक भवन मरम्मत, चैक डेम रिनोवेशन, सीसी रोड़, वाटर कूलर, पार्किंग समतलीकरण आदि शामिल हैं। कलेक्टर ने पर्यटन क्षेत्र में विशेष तौर पर पुख्ता सुरक्षा का इंतजाम करने एवं स्वच्छता बरतते हुए फ्री प्लास्टिक जोन के तौर पर विकसित करने के भी निर्देश दिए।इसके पश्चात विधायक एवं कलेक्टर ने जिले में नवीन पर्यटन केन्द्र के रूप में विकसित हो रहे ग्राम कानागांव, मर्रापी तथा गुमझीर की पहाड़ियों पर स्थित धारपारूम का अवलोकन किया। पहली बार धारपारूम की पहाड़ियों में पहंुचे विधायक ने इसकी मुक्तकण्ठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि यह क्षेत्र टाटामारी से भी अधिक अप्रतिम प्राकृतिक सौन्दर्य से परिपूर्ण हैं तथा यह भविष्य में निश्चित तौर पर देश ही विदेशी पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र बनेगा। उन्होंने सबसे पहले सुरक्षा उपायों के तहत रेलिंग लगवाने तथा पॉलिथिन मुक्त क्षेत्र के तौर पर विकसित करने की बात कलेक्टर ने कही। उल्लेखनीय है कि तीन ओर से पहाड़ियों से घिरा प्राचीन चट्टानों की मोटी परतों से युक्त धारपारूम बेहद आकर्षक पर्यटन केन्द्र है। जहां नवाचार की असीम संभावनाएं हैं। कलेक्टर ने इस क्षेत्र को प्रदेश के श्रेष्ठ पर्यटन केन्द्रों में शामिल करने के लिए हर संभव प्रयास करने तथा स्थानीय युवाओं को पर्यटन के जरिए रोजगार से जोड़ने की बात कही। विधायक एवं कलेक्टर ने इस मौके पर पौधे रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा स्थानीय ग्रामीणजन उपस्थित थे।
✍️ 02.कांकेर वित्तीय साक्षरता लैब पहुंचकर जागरूक बने हायर सेकेंडरी विद्यालयों के विद्यार्थी।

—विद्यार्थियों में वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देने तथा बैंकिंग, बचत, निवेश, बीमा एवं डिजिटल भुगतान के प्रति जागरूकता विकसित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को जिला वित्तीय साक्षरता लैब कांकेर में हायर सेकेंडरी विद्यालयों के विद्यार्थियों का शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया। कलेक्टर नीलेश कुमार महादेव क्षीरसागर तथा जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी के निर्देशन में जिला शिक्षा अधिकारी रमेश कुमार निषाद एवं डीएमसी नवनीत पटेल के मार्गदर्शन में आयोजित इस भ्रमण में हायर सेकेंडरी स्कूल आतुरगांव, सेजेस हायर सेकेंडरी स्कूल पटौद तथा शहीद रामकुमार यादव कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल कांकेर के विद्यार्थियों ने सहभागिता की।भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने वित्तीय साक्षरता लैब में स्थापित विभिन्न शिक्षण मॉडल, डिजिटल प्रस्तुतीकरण एवं इंटरैक्टिव गतिविधियों के माध्यम से बैंकिंग प्रणाली, धन प्रबंधन और डिजिटल वित्तीय सेवाओं की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त की। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को नियमित बचत की आदत विकसित करने, बैंकिंग सेवाओं का सुरक्षित उपयोग करने, बीमा एवं निवेश के महत्व तथा डिजिटल भुगतान प्रणाली के लाभों के बारे में सरल एवं रोचक ढंग से जानकारी दी।विशेषज्ञों ने बताया कि वर्तमान में वित्तीय साक्षरता प्रत्येक नागरिक के लिए अत्यंत आवश्यक है। सही वित्तीय निर्णय न केवल आर्थिक सुरक्षा प्रदान करते हैं, बल्कि भविष्य को भी मजबूत बनाते हैं। विद्यार्थियों को ऑनलाइन लेन-देन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों, साइबर ठगी से बचाव, पासवर्ड के उपयोग, ओटीपी साझा नहीं करने तथा सुरक्षित डिजिटल भुगतान के उपायों से भी अवगत कराया गया।कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों से कई प्रश्न पूछे, जिनका विस्तारपूर्वक समाधान किया गया। डिजिटल बैंकिंग, यूपीआई, एटीएम, बीमा योजनाओं एवं निवेश के विभिन्न विकल्पों के संबंध में विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें जिम्मेदार वित्तीय व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।जिला प्रशासन की यह पहल विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ व्यवहारिक अनुभव भी प्रदान करता है।इससे उनमें वित्तीय अनुशासन, बचत की आदत और आधुनिक बैंकिंग प्रणाली की समझ विकसित होगा, जो भविष्य में उनके व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक जीवन में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।विद्यालयों के प्राचार्यों एवं शिक्षकों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि वित्तीय साक्षरता आज के समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। विद्यार्थियों को कम उम्र से ही धन प्रबंधन, सुरक्षित बैंकिंग और डिजिटल भुगतान की जानकारी मिलने से वे आर्थिक रूप से अधिक जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक बन सकेंगे।कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों ने अपने परिवार, मित्रों एवं समाज में वित्तीय साक्षरता का संदेश पहुंचाने, नियमित बचत करने, सुरक्षित बैंकिंग सेवाओं का उपयोग करने तथा डिजिटल भुगतान के दौरान सतर्कता बरतने का संकल्प लिया।
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✍️ 03. चिरायु योजना से 6 वर्षीय रिया को मिली नई जिंदगी, अब सुनने और बोलने लगी ।

—जिला मुख्यालय कांकेर के संजय नगर निवासी अमित सिंदूर की 6 वर्षीय पुत्री रिया सिंदूर, जो जन्म से ही सुनने और बोलने में असमर्थ थी, जिसका चिरायु योजना के तहत सफल इलाज किया गया है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार निजी अस्पताल में महंगे उपचार का खर्च वहन करने में सक्षम नहीं था, लेकिन सरकारी योजना की मदद से बच्ची को नया जीवन मिला। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.सी. ठाकुर ने बताया कि चिरायु टीम के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान रिया की परीक्षण कर उसकी बीमारी संज्ञान में ली गई। इसके बाद उसे जांच के लिए एम्स रायपुर भेजा गया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों ने कॉक्लियर इम्प्लांट की सलाह दी। निजी अस्पताल में इस उपचार पर लगभग 10 से 12 लाख रुपये का खर्च आता, लेकिन चिरायु योजना के अंतर्गत 06 जुलाई 2026 को एम्स रायपुर में उसका ऑपरेशन पूरी तरह निःशुल्क किया गया। ऑपरेशन के बाद रिया के स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। वह अब सुनने और बोलने लगी है एवं एम्स रायपुर में थैरेपी किया जा रहा है। रिया के माता-पिता ने इस सफल उपचार के लिए छत्तीसगढ़ शासन, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया है।इस उपचार को सफल बनाने में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.सी. ठाकुर, जिला कार्यक्रम प्रबंधक रोहित वर्मा, जिला नोडल अधिकारी डॉ. सुनील सोनी, जिला सलाहकार डॉ. विनोद वैध, खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. शशांक गुप्ता सहित चिरायु टीम के डॉ. ताराचंद साहू, डॉ. वंदना मंडावी, फार्मासिस्ट भारती मंडावी, एएनएम सुनीता सिन्हा और लैब टेक्नीशियन बिंदेश्वरी सिन्हा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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✍️ 04. कोयाबाना आदिवासी संस्कृति संवर्धन संस्थान : विरासत से भविष्य तक की नई पहल।

—जिले की समृद्ध आदिवासी संस्कृति, परंपरा, लोककला, भाषा और विरासत को संरक्षित करने तथा आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने की दिशा में ‘कोयाबाना आदिवासी संस्कृति संवर्धन संस्थान’ एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में उभर रहा है। जिला प्रशासन के सौजन्य से विकसित की जा रही यह पहल केवल एक संग्रहालय तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे कांकेर की सांस्कृतिक पहचान, इतिहास, भाषा और लोकज्ञान के जीवंत केंद्र के रूप में विकसित करने की परिकल्पना की गई है।
कांकेर अपनी प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ समृद्ध आदिवासी जीवनशैली, लोकगीत, लोकनृत्य, पारंपरिक वेशभूषा, आभूषण, कृषि परंपराओं, हस्तशिल्प, लोककथाओं और प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व की अनूठी संस्कृति के लिए विशिष्ट पहचान रखता है। कोयाबाना इसी अमूल्य सांस्कृतिक विरासत को व्यवस्थित रूप से संजोने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास है।
40 बच्चे सीख रहे गोंडी भाषा
कोयाबाना की प्रमुख गतिविधियों में गोंडी भाषा शिक्षण विशेष आकर्षण का केंद्र है। वर्तमान में लगभग 40 बच्चे नियमित रूप से गोंडी भाषा सीख रहे हैं। इसके माध्यम से बच्चों को अपनी भाषा, लोकपरंपराओं और सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं कोयाबाना की गतिविधियों और प्रदर्शित विरासत को देखने के लिए प्रतिदिन लगभग 20 से 25 लोग पहुंच रहे हैं। विद्यार्थियों, युवाओं, स्थानीय नागरिकों और अन्य आगंतुकों की बढ़ती रुचि इसे एक जीवंत सांस्कृतिक केंद्र का स्वरूप दे रही है।
विरासत के विविध रूपों का संरक्षण
कोयाबाना में कांकेर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को विभिन्न आयामों में प्रस्तुत किया जा रहा है। यहां ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक विरासत, आदिवासी जीवनशैली, पारंपरिक वस्त्र एवं आभूषण, कृषि उपकरण, लोककला एवं हस्तशिल्प, पारंपरिक आवास और जीवन पद्धति, ऐतिहासिक स्थलों की फोटो गैलरी, गोंडी भाषा तथा स्थानीय लोकज्ञान को व्यवस्थित रूप से प्रदर्शित एवं संरक्षित करने का कार्य किया जा रहा है।
जिला प्रशासन की सामूहिक सोच का परिणाम
कलेक्टर कांकेर के मार्गदर्शन में कोयाबाना को महज प्रदर्शनी स्थल न बनाकर जिले की सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करने वाले जीवंत संस्थान के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत के स्तर पर जनभागीदारी, स्थानीय समुदाय, कलाकारों और विभिन्न संस्थाओं के समन्वय से इसकी गतिविधियों को व्यापक स्वरूप देने के प्रयास किए जा रहे हैं।
जिला प्रशासन द्वारा विद्यार्थियों को स्थानीय इतिहास, आदिवासी संस्कृति, लोककला और गोंडी भाषा से जोड़ने के लिए कोयाबाना को जीवंत शिक्षण केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। भविष्य में विद्यालयीन भ्रमण, सांस्कृतिक गतिविधियों और स्थानीय विरासत आधारित शिक्षण को विस्तार दिया , विद्यार्थियों की सहभागिता तथा स्थानीय ज्ञान को शिक्षा से जोड़ने के लिए आवश्यक समन्वय किया जा रहा है।
भविष्य में रिसर्च सेंटर और सामुदायिक रेडियो की परिकल्पना
कोयाबाना को भविष्य में आदिवासी संस्कृति, भाषा, लोककला, लोकसाहित्य, परंपरागत ज्ञान और स्थानीय इतिहास के अध्ययन एवं दस्तावेजीकरण के लिए शोध एवं रिसर्च सेंटर के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। स्थानीय बुजुर्गों, कलाकारों, भाषा विशेषज्ञों और समुदाय के जानकारों की मौखिक परंपराओं तथा अनुभवों को दस्तावेज के रूप में संरक्षित किया जाएगा।
इसके साथ ही सामुदायिक रेडियो स्टेशन की भी परिकल्पना है। इसके माध्यम से गोंडी भाषा, लोकगीत, लोककथाएं, पारंपरिक ज्ञान, कलाकारों की कहानियां और स्थानीय इतिहास को व्यापक स्तर तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
इस तरह कोयाबाना आने वाले समय में संग्रहालय, भाषा केंद्र, सांस्कृतिक केंद्र, शोध केंद्र और सामुदायिक रेडियो के समन्वित मॉडल के रूप में विकसित हो सकता है।
बच्चों के लिए किताबों से बाहर की जीवंत पाठशाला
कोयाबाना का सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना है। यहां बच्चे केवल पारंपरिक वस्तुओं को देखेंगे नहीं, बल्कि उनके पीछे छिपी कहानियों को भी समझेंगे—पूर्वज कैसे रहते थे, खेती कैसे करते थे, कौन-से उपकरण इस्तेमाल करते थे, कौन-सी भाषा बोलते और कौन-से गीत गाते थे तथा प्रकृति के साथ उनका संबंध कैसा था।
कोयाबाना इसी अनुभव को संस्कृति और इतिहास की जीवंत पाठशाला में बदलने की दिशा में एक सार्थक पहल है।
यह पहल संदेश देती है कि विकास के साथ अपनी सांस्कृतिक जड़ों को सुरक्षित रखना भी आवश्यक है। हमारी संस्कृति हमारी पहचान है, भाषा हमारी विरासत है, परंपराएं हमारा इतिहास हैं और लोकज्ञान आने वाली पीढ़ियों के लिए अमूल्य पूंजी है।
“जहां इतिहास दिखाई देगा, संस्कृति सुनाई देगी, भाषा सीखी जाएगी, लोकज्ञान संरक्षित होगा और कांकेर की आदिवासी पहचान आने वाली पीढ़ियों तक जीवित रहेगी।
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✍️ 05. देशभर में प्रारंभ हुआ ’मीडियेशन फॉर दि नेशन 3.0’ अभियान, आपसी सहमति से विवादों का त्वरित समाधान।
—उच्चतम न्यायालय की ’मीडियेशन एवं कॉन्सिलिएशन प्रोजेक्ट कमेटी ( MCPC ) के निर्देशन में 01 अगस्त, 2026 से 31 दिसम्बर, 2026 तक पूरे देश में मीडिएशन फॉर दि नेशन 3.0 अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य न्यायालयों में लंबित राजीनामा योग्य प्रकरणों तथा प्री-लिटिगेशन (वाद दायर होने से पूर्व) विवादों का मध्यस्थता (मीडिएशन) के माध्यम से आपसी सहमति से त्वरित, सरल एवं सौहार्द्रपूर्ण समाधान सुनिश्चित करना है।
मीडिएशन ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें दोनों पक्ष प्रशिक्षित मध्यस्थ की सहायता से बैठकर अपनी सहमति से विवाद का समाधान करते हैं। इससे न्यायालय के लंबे समय, अनावश्यक खर्च और मानसिक तनाव से राहत मिलती है तथा आपसी रिश्ते भी बने रहते हैं। अभियान के अंतर्गत पारिवारिक विवाद, संपत्ति विवाद, चेक बाउंस, बैंक ऋण, मोटर दुर्घटना दावा, व्यावसायिक विवाद सहित अन्य राजीनामा योग्य लंबित एवं प्री-लिटिगेशन मामलों का समाधान मीडिएशन के माध्यम से किया जा सकता है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा नागरिकों से अपील है की गई है कि यदि उनका कोई मामला न्यायालय में लंबित है या ऐसा कोई विवाद है जिसे आपसी सहमति से सुलझाया जा सकता है, तो वे इस अभियान का लाभ उठाएं। इच्छुक पक्षकार अपने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, तालुका विधिक सेवा समिति अथवा मध्यस्थता केन्द्र से संपर्क कर सकते हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग मीडिएशन की प्रक्रिया को समझें और इसका लाभ लेकर अपने विवादों का शांतिपूर्ण समाधान किया जा सके।
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✍️06. कन्या शाला एवं शासकीय हाईस्कूल सिंगारभाट में कांकेर पुलिस का जागरूकता अभियान।

—पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश साहू के मार्गदर्शन में , एसडीओपी मोहसिन खान के पर्यवेक्षण में जिले में चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के तहत दिनांक 08 अगस्त 2026 को कन्या शाला सिंगारभाट एवं शासकीय हाईस्कूल सिंगारभाट में थाना प्रभारी जीतेन्द्र साहू द्वारा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पुलिस टीम द्वारा विद्यालय के छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को साइबर अपराध, महिला एवं बालिका सुरक्षा तथा यातायात नियमों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
साइबर फ्रॉड से बचाव की दी जानकारी :
विद्यार्थियों को ऑनलाइन ठगी एवं साइबर फ्रॉड के विभिन्न तरीकों के बारे में जानकारी दी गई।
OTP, PIN, CVV, पासवर्ड एवं बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने की समझाइश दी गई।
सोशल मीडिया पर अनजान लिंक, फर्जी कॉल एवं संदिग्ध मैसेज से सावधान रहने तथा साइबर ठगी होने पर तत्काल पुलिस को सूचना देने के संबंध में बताया गया।
महिला सुरक्षा एवं अभिव्यक्ति ऐप की दी जानकारी :
छात्राओं को महिला एवं बालिका सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
अभिव्यक्ति ऐप के माध्यम से उपलब्ध महिला सुरक्षा संबंधी सुविधाओं एवं पुलिस सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में बताया गया।
किसी भी प्रकार की परेशानी, उत्पीड़न अथवा अपराध की स्थिति में बिना भय के पुलिस को सूचना देने के लिए प्रेरित किया गया।
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✍️07. विधायक एवं कलेक्टर ने बेवरती-मोहपुर सीसी रोड़ एवं पुलिया का लोकार्पण किया। क्षेत्र के ग्रामीणों को मिली पक्की सड़क की सौगात।

— कांकेर विधायक आशाराम नेताम एवं कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर ने आज सुबह ग्राम बेवरती से मुनगाडीह-मोहपुर (2.5 कि.मी.) लंबी सी.सी. रोड एवं पुलिया का लोकार्पण किया। इस सड़क के बन जाने से क्षेत्र के लगभग आधे दर्जन ग्रामों के ग्रामीणों को आवागमन एवं परिवहन की बेहतर सुविधा मिलेगी। उल्लेखनीय है कि यह मार्ग वर्षों से जर्जर होने के कारण पुषवाड़ा, मोहपुर, व्यासकोंगेरा, सिंगारभाट सहित आसपास के अनेक गांवों के नागरिकों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बना हुआ था। विशेषकर बरसात के दिनों में आवागमन अत्यंत कठिन हो जाता था। क्षेत्रवासियों की इस लंबे समय से चली आ रही समस्या को प्राथमिकता देते हुए सी.सी. रोड एवं पुलिया का निर्माण कार्य पूर्ण हुआ। इस दौरान विधायक श्री नेताम ने ग्रामवासियों को बधाई देते हुए कहा कि क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों को अब सुरक्षित, सुगम और निर्बाध आवागमन की सुविधा मिलेगी। इससे विद्यार्थियों, किसानों, व्यापारियों तथा आम नागरिकों को प्रतिदिन बड़ा लाभ मिलेगा और क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी। इस दौरान विधायक एवं कलेक्टर ने प्राथमिक शाला नयापारा बेवरती का अवलोकन कर शिक्षकों तथा विद्यार्थियों से रूबरू होकर चर्चा की।
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✍️08.उच्च शैक्षणिक संस्थानों में मतदाता जागरूकता कार्यक्रम करने के निर्देश।
— भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार स्वीप कार्ययोजना के तहत जिले के सभी महाविद्यालयों एवं उच्च शैक्षणिक सस्थानों में मतदाता जागरूकता कार्यक्रम करने के लिए निर्देशित किया गया है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर द्वारा जिले के सभी उच्च शैक्षणिक संस्थाओं के प्राचार्यों को निर्देशित करते हुए कहा गया है कि मतदाता जागरूकता को बढ़ाने एवं युवाओं को मतदान प्रक्रिया से जोड़ने के उद्देश्य से संस्थानों में गठित चुनावी साक्षरता क्लब के नोडल अधिकारी एवं क्लब के सदस्यों के माध्यम से इस माह मतदाता जागरूकता संबंधी गतिविधियों का आयोजन कराया जाए। आयोजित होने वाले मतदाता जागरूकता कार्यक्रमों में महाविद्यालय में नियुक्त कैम्पस एम्बेसडर एवं प्रोफेसर नोडल अधिकारी (स्वीप) की भी भागीदारी सुनिश्चित किया जावे।
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✍️09. नेशनल लोक अदालत की तैयारी को लेकर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश टामक ने ली बैंक अधिकारियों की बैठक।

—आगामी 12 सितंबर को आयोजित होने वाली वर्ष 2026 की तृतीय नेशनल लोक अदालत की सफल तैयारी एवं अधिक से अधिक प्रकरणों के निराकरण के उद्देश्य से जिला न्यायालय कांकेर में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कांकेर के अध्यक्ष श्री संजीव कुमार टामक की अध्यक्षता में बैंक अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में बैंकों से संबंधित न्यायालयों में लंबित एवं प्री-लिटिगेशन प्रकरणों को आपसी सहमति एवं समझौते के माध्यम से राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिकतम संख्या में निराकृत कराने पर विशेष बल दिया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा बैंक अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जिन प्रकरणों में समझौते की संभावना है, उनकी सूची शीघ्र तैयार कर संबंधित न्यायालयों में प्रस्तुत करें, ताकि पक्षकारों को समय पर सूचना एवं नोटिस जारी किए जा सके। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कांकेर के सचिव श्रीमती शांति प्रभु जैन सहित राष्ट्रीयकृत एवं निजी बैंकों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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10. भालू के हमले से हुई जनहानि पर परिजनों को 6-6 लाख रूपए की दी जाएगी मुआवजा राशि।
—जिले के वन परिक्षेत्र नरहरपुर (दक्षिण) वन परिसर चनार के तहत ग्राम मरकाटोला मंे एक वन्य प्राणी भालू द्वारा ग्रामीणों पर हमला करने तथा इससे दो लोगों की मृत्यु व एक महिला के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना पर वन विभाग द्वारा त्वरित कार्यवाही की गई। गंभीर रूप से घायल ग्रामीण महिला को बेहतर उपचार के लिए रायपुर हायर सेंटर ले जाया गया तथा उनकी चिकित्सा के लिए तत्कालिक सहायता राशि की व्यवस्था वन विभाग द्वारा की गई।वन मंडलाधिकारी कांकेर रौनक गोयल ने बताया कि 05 अगस्त को नरहरपुर के ग्राम मरकाटोला में मादा भालू द्वारा किए गए हमले में दो ग्रामीण हलालखोर पिता श्री सुंदरलाल (36 वर्ष) तथा चमरिनबाई पिता श्री संुदरलाल (48 वर्ष) की मृत्यु हो गई। मृतकों के परिजनों को शासन के नियमानुसार वन्य प्राणी द्वारा जनहानि मुआवजा के तहत् 6-6 लाख रूपए की राशि दी जाएगी। उन्होंने बताया कि इस घटना के संबंध में सूचना प्राप्त होने पर त्वरित कार्यवाही करते हुए घटना स्थल के आसपास पर्याप्त संख्या में वन अमलों की तैनाती की गई तथा ग्रामीणों के सुरक्षा के सभी आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं। साथ ही गांव तथा आसपास के अन्य ग्रामों में भी मुनादी कराकर ग्रामीणों को सावधानी व सतर्कता बरतने की समझाइश लगातार दी जा रही है। वन मंडलाधिकारी कांकेर ने यह भी बताया कि उक्त वन्य प्राणी भालू का वन्य प्राणी विशेषज्ञों की टीम द्वारा सुरक्षित रेस्क्यू किया जाकर जंगल सफारी नवा रायपुर भिजवाने की कार्यवाही की गई। उन्होंने मरकाटोला एवं आसपास के ग्रामवासियों से अपील की है कि कोई भी ग्रामीण घटना स्थल की ओर एवं उससे लगे वन क्षेत्र की ओर न जाएं तथा अपने आसपास के लोगों एवं परिचितों को भी सूचित कर पर्याप्त सावधानी बरतें। किसी प्रकार से आक्रोशित होकर वन्य प्राणी को चोट पहुंचाने अथवा छेड़ने का प्रयास न करें। साथ ही वन्य प्राणी का फोटो अथवा वीडियो भी न बनाएं।
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शुभ रात्रि… कल इसी समय फिर हाजिर होंगे हम। टॉप 10 न्यूज सशक्त पथ संवाद पर…आपके कमेंट का इंतजार रहेगा…
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नोटः— खबर लिखे जाने अभी तक हमारे पास किसी अप्रिय घटना दुर्घटना की खबर नहीं है। 🙏
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