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कांकेर टॉप 10 अब पढें विस्तार से ….
22 अप्रेल 2026 बुधवार
✍️मनोज जायसवाल
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01. कांकेर पुलिस ने लाभ अर्जित करने के उद्देश्य से अवैध लेनदेन के लिए योजनाबद्ध तरीके से बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले 02 नफर आरोपियों को किया गिरफ्तार।
— पुलिस जानकारी के अनुसार घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि पुलिस मुख्यालय रायपुर द्वारा म्यूल अकाउंट्स के विरुद्ध जाँच व अग्रिम कार्यवाही हेतु सायबर सेल कांकेर को शिकायत पत्र प्राप्त हुआ था कि शिकायत जांच उपरांत सायबर सेल प्रभारी यशवंत सिंह श्याम की रिपोर्ट पर थाना कांकेर में अपराध क्रमांक 135/2026 धारा- 318(4),61(2) बीएनएस का अपराध कायम कर विवेचना में लिया गया। प्रकरण में पुलिस अधीक्षक उ.ब.कांकेर निखिल अशोक कुमार राखेचा(भा.पु.से.) के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कांकेर योगेश कुमार साहू तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (साइबर नोडल) दिनेश कुमार सिन्हा के मार्गदर्शन में एवं अनु. अधिकारी पुलिस मोहसीन खान के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी कांकेर प्रतीक बनसोडे (भापुसे0) के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित किया गया। विवेचना के दौरान टीम को उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर साइबर सेल कांकेर से तकनीकी विवरण प्राप्त कर आरोपियों की सघन पता तलाश कर आरोपी 01. सूर्या स्वर्णकार पिता रविशंकर स्वर्णकार उम्र 27 वर्ष निवासी जैसाकर्रा थाना चारामा, 02. पुलकित चंद्राकर उर्फ बब्बू पिता श्री मेघनाथ उम्र 25 वर्ष निवासी मरोदा भिलाई जिला दुर्ग को पकड़ने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई। आरोपियों को पुलिस अभिरक्षा में लेकर बारीकी से पुछताछ करने पर अपराध घटित करना स्वीकार करने पर विवेचना के दौरान प्रकरण में धारा 317(2),317(4) बीएनएस,8 छ0ग0 जुआ प्रति. अधि. 2022 जोडी जाकर आरोपियों को विधिवत् गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। जो माननीय न्यायालय द्वारा आरोपियों का न्यायिक/पुलिस रिमाण्ड स्वीकृत किया गया है।
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02. महिला सुरक्षा एवं सशक्तिकरण हेतु थाना दुर्गूकोंदल के ग्राम कोंडे वार्षिक मेला में महिला रक्षा टीम द्वारा चलाया गया जागरूकता अभियान। नुक्कड़ नाटक, अभिव्यक्ति एप और सेल्फ डिफेंस डेमो से ग्रामीणों व महिलाओं एवं बच्चों को किया गया जागरूक।

—उत्तर बस्तर कांकेर पुलिस द्वारा सामुदायिक पुलिसिंग कार्यक्रम “मोर मितान” के तहत लगातार जनसंवाद एवं जनजागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक कांकेर निखिल राखेचा के निर्देशन में महिला रक्षा टीम द्वारा थाना दुर्गूकोंदल क्षेत्र के ग्राम कोंडे में आयोजित दो दिवसीय मेले में पहुंचकर व्यापक जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया।
कार्यक्रम के दौरान नुक्कड़ नाटक के माध्यम से ग्रामीणों को शराब सेवन से परिवार एवं समाज पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव, यातायात नियमों के उल्लंघन से होने वाली जान-माल की हानि, घरेलू हिंसा, मानव तस्करी, साइबर अपराध तथा महिलाओं के विरुद्ध अपराधों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। साथ ही इन अपराधों से बचाव के उपाय एवं सावधानियों के बारे में भी बताया गया। इसके साथ ही महिलाओं एवं बच्चों को गुड टच-बैड टच, बाल विवाह, पॉक्सो एक्ट, सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग तथा आत्मरक्षा के उपायों के संबंध के बारे में सेल्फ डिफेंस का डेमो भी दिखाया गया।महिला रक्षा टीम द्वारा महिलाओं एवं छात्राओं को अभिव्यक्ति एप की जानकारी देते हुए इसकी कार्यप्रणाली, ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया समझाई गई तथा 44 से अधिक लोगों के मोबाइल में एप डाउनलोड कराया गया।इसके अतिरिक्त कांकेर पुलिस द्वारा विभिन्न स्थानों पर स्थापित शिकायत पेटी के बारे में भी जानकारी दी गई और बताया गया कि महिलाएं एवं आम नागरिक इसके माध्यम से अपनी समस्या या संदिग्ध गतिविधियों की सूचना गोपनीय रूप से दे सकते हैं।
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03. नील-हरित शैवाल के संबंध में तकनीकी सलाह जारी।
—उप संचालक कृषि ने नील-हरित शैलान के संबंध में जिले के किसानों को तकनीकी सलाह जारी की है। उन्होंने बताया कि वास्तव में यह शैवाल नहीं बल्कि सायनोबैक्टीरिया नामक सूक्ष्म, प्रकाश संश्लेषक जीवाणुओं का एक समूह है, जो ताजे पानी और नम मिट्टी में पाए जाते हैं। ये वायुमंडलीय नाइट्रोजन को स्थिर कर मिट्टी की उर्वरता बढ़ाते हैं और धान की फसल के लिए एक बेहतरीन, सस्ती जैविक खाद के रूप में कार्य करते हैं। नील-हरित काई सामान्य रूप से धान के फसल को करीब 25-30 कि.ग्रा. प्रति हेक्टेयर नाईट्रोजन की पूर्ति करता है। धान के खड़ी फसल में नील हरित काई की 10 कि.ग्रा. मात्रा प्रति हेक्टेयर पर्याप्त होती है।
नील-हरित शैवाल जैव-उर्वरक के लाभः-
यह धान के खेतों में मुक्त जीवी के रूप में नाइट्रोजन स्थिरीकरण करता है, जिससे 55-65 कि.ग्रा. तक यूरिया का बचत किया जा सकता है। यह रासायनिक उर्वरकों जैसे- यूरिया का पूरक है, जो कि मिट्टी की उर्वरता और कार्बनिक पदार्थों को बढ़ाता है। यह पूरी तरह से प्राकृतिक है और पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं पहुंचाता है। यह मिट्टी की क्षारीय स्थिति में सुधार लाकर बीजों के जल्दी अंकुरण में मदद करता है।नील-हरित शैवाल की प्रयोग विधिः- धान की रोपाई के 7-10 दिन बाद, 10 कि.ग्रा. प्रति हेक्टेयर की दर से खेत में सामान रूप से बिखेरें। प्रयोग करते समय खेत में 5-10 से.मी. पानी भरा होना चाहिए। किसानों को बताया गया कि इसका उपयोग केवल धान के लिए किया जाए, किसी अन्य फसलों के लिए नहीं। यह जैव उर्वरक टिकाऊ खेती के लिए एक सस्ता और प्रभावी विकल्प है।
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04.जनगणना-2027 : नगरीय निकायों में प्रशिक्षण प्रारंभ

—जिले में जनगणना 2027 के प्रथम चरण के तहत नगरीय क्षेत्र के 36 प्रगणकों और 6 पर्यवेक्षकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण नगर पालिका सभाकक्ष में जारी है। प्रशिक्षण के प्रथम दिवस नगरीय चार्ज अधिकारी पवन कुमार मेरिया ने डिजिटल जनगणना में प्रगणकों और पर्यवेक्षकों के दायित्वों की जानकारी दी। प्रशिक्षण में जनगणना अधिनियम 1948 के प्रावधान, मूलभूत तकनीकी शब्दावली जैसे, मकान सूचीकरण, जनगणना भवन, परिवारों के प्रकार और स्व-गणना जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी जा रही है। साथ ही फील्ड ट्रेनरों ने जनगणना के इतिहास, फील्ड वर्क और पूछे जाने वाले प्रश्नों पर भी मार्गदर्शन दिया। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर एवं जिला प्रमुख जनगणना अधिकारी निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर के निर्देशानुसार जिला जनगणना अधिकारी जितेन्द्र कुमार कुर्रे के मार्गदर्शन में ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशिक्षण का कार्य संपन्न हो चुका है, जबकि वर्तमान में नगरीय निकायों में प्रशिक्षण जारी है।
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05 .ज्ञानभारतम् राष्ट्रीय पाण्डुलिपि का सर्वेक्षण 15 जून तक,मुख्य सचिव श्री शील ने वीसी के जरिए बैठक लेकर जिलों में सर्वे तेज करने के दिए निर्देश।

—संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत देश एवं राज्य में उपलब्ध प्राचीन एवं ऐतिहासिक पाण्डुलिपियों का सर्वे, सूचीकरण एवं संरक्षण सुनिश्चित किया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से विभिन्न संस्थानों एवं निजी संग्रहों में संरक्षित पाण्डुलिपियों का व्यवस्थित सर्वेक्षण एवं डिजिटलीकरण किया जा रहा है। प्रदेश के मुख्य सचिव विकास शील ने आज वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक लेकर आगामी 15 जून तक किए जाने वाले सर्वेक्षण में तेजी लाने के निर्देश कलेक्टर को दिए। कांकेर जिले से कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर और सीईओ जिला पंचायत एवं नोडल अधिकारी श्री हरेश मण्डावी ने इसमें हिस्सा लिया।
वीसी में मुख्य सचिव ने बताया कि यह सर्वेक्षण उन पांडुलिपियों को खोजने और सूचीबद्ध करने का प्रयास है, जो वर्तमान में परिवारों, मंदिरों, मठों, संस्थानों या निजी संग्रहों में सुरक्षित है, लेकिन अभी तक औपचारिक रूप से सर्वेक्षित नहीं हो पाई हैं। सर्वेक्षण के पश्चात सरकार इनका डिजिटाइजेशन और संरक्षण करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पांडुलिपियों का स्वामित्व उनको धारण करने वाले व्यक्ति, परिवार और संस्था का ही रहेगा। पाण्डुलिपियां देश की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक एवं बौद्धिक संपदा है। इनमें प्राचीन ज्ञान, चिकित्सा, साहित्य, धर्म, विज्ञान एवं सामाजिक परंपराओं से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी निहित होती है। इनका संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए ज्ञान संरक्षण के लिए कार्य करने में सहायक होगा, जिसके लिए इनका वैज्ञानिक संरक्षण एवं डिजिटलीकरण करना आवश्यक हो गया है। उन्होंने बताया कि इस राष्ट्रीय अभियान से जुड़ने के लिए डिजिटल माध्यम ज्ञानभारतम् पोर्टल भी लांच किया गया है। कोई भी व्यक्ति या संस्था अपने पास उपलब्ध पांडुलिपियों को ज्ञानभारतम् डॉट कॉम पोर्टल और ‘ज्ञानभारतम् मोबाइल एप के माध्यम से आवश्यक जानकारी दर्ज कर इस राष्ट्रव्यापी सर्वेक्षण अभियान का हिस्सा बन सकते हैं। इसके लिए मुख्य सचिव ने शैक्षणिक संस्थानों, पुस्तकालयों, सांस्कृतिक संस्थानों तथा इसमें रूचि रखने वाले नागरिकां व मीडिया प्रतिनिधियों के माध्यम से पाण्डुलिपि के फोटोग्राफ्स संग्रहित करने तथा पोर्टल में फोटो अपलोड कराने के लिए कहा।
कलेक्टर ने जिलावासियों से की पाण्डुलिपियों की जानकारी देने की अपील
कलेक्टर श्री क्षीरसागर के मार्गदर्शन में ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान का क्रियान्वयन किया जा रहा है। उन्होंने जिलावासियों से अपील की है कि यदि उनके पास ऐसी पांडुलिपियां हैं जो अब तक सर्वेक्षित नहीं हैं, या उन्हें किसी स्थान, परिवार या संस्था में पांडुलिपियों की जानकारी है, तो वे इस सर्वेक्षण से अवश्य जुडें एवं प्रशासन को अवश्य उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि इस पहल से ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान में जिले की विशिष्ट पहचान स्थापित होगी। यह राष्ट्रीय अभियान हमारी सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने का एक ऐतिहासिक अवसर है, जिसमें समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। कलेक्टर ने अपील करते हुए कहा कि ऐसे नागरिक जिन्हें अपने आसपास पांडुलिपियों की जानकारी है, वे भी इस सर्वेक्षण से जुड़कर महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उक्त साइट में पाण्डुलिपि की सिर्फ फोटो अपलोड की जाएगी, उसकी जानकारी देने वाले के पास उसका मूल स्वरूप यथास्थिति सुरक्षित एवं संरक्षित रहेगा।
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06. जिला मुख्यालय कांकेर में संचालित विकास कार्यों का विधायक एवं कलेक्टर ने किया निरीक्षण,अलबेलापारा व घड़ी चौक का किया जाएगा सौंदर्यीकरण

—जिला मुख्यालय कांकेर में संचालित विभिन्न विकास कार्यों का विधायक आशाराम नेताम और कलेक्टर निलेश कुमार क्षीरसागर ने जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी और नगर पालिका अध्यक्ष अरूण कौशिक के साथ औचक निरीक्षण कर संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कांकेर के अलबेलापारा तालाब का सौंदर्यीकरण किया जाएगा, जिसके तहत तालाब में रिटर्निंग वॉल, स्लोप रिपेयरिंग, पाथवे, रेलिंग, टोवॉल सहित सीसी रोड का निर्माण किया जाएगा। इस संबंध में उनके द्वारा संबंधित ठेकेदार को सभी कार्यों को तेजी से करने के लिए निर्देशित किया गया। तालाब मेड़ के नीचे से 300 मीटर सड़क निर्माण करने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी कलेक्टर द्वारा अधिकारियों को दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान संबंधित वार्ड पार्षद श्रीमती उगेश्वरी उईके भी मौजूद थीं।विधायक श्री नेताम एवं कलेक्टर श्री क्षीरसागर ने घड़ी चौक का भी निरीक्षण किया, यहां पर सौंदर्यीकरण के साथ चौपाटी भी बनाया जाएगा, इसके लिए बाजू में स्थित जर्जर भवन को तोड़ने के निर्देश दिए गए। घड़ी चौक निरीक्षण के पश्चात उनके द्वारा मुख्य मार्ग से पंडरीपानी तक सड़क निर्माण कार्य का भी जायजा लिया गया और सड़क किनारे पाईप लाईन बिछाने का कार्य एक सप्ताह के भीतर पूरा करने के लिए पीएचई विभाग के अधिकारी को निर्देशित किया गया। उन्होंने अन्नपूर्णापारा में दूधनदी पर पुल बनाने के लिए स्थल का भी निरीक्षण किया तथा पुल निर्माण के लिए स्टीमेट बनाने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए। इस पुल के निर्माण हो जाने से शहर में यातायात का दबाव कम होगा, आवागमन अन्नपूर्णापारा से होते हुए जिला पंचायत की ओर से होगा।निरीक्षण के दौरान उन्होंने मत्स्य पालन विभाग के कार्यालय भवन के पीछे स्थित मैदान का भी अवलोकन किया। तत्पश्चात मस्जिद चौक में दूध नदी पर निर्मित रिटर्निंग वॉल का भी अवलोकन किया। इस रिटर्निंग वॉल के किनारे से होते हुए भंडारीपारा-मनकेशरी नेशनल हाईवे बाईपास तक सड़क बनाने के लिए प्रस्ताव बनाने के निर्देश लोक निर्माण विभाग के अधिकारी को दिए गए। विधायक श्री नेताम और कलेक्टर श्री क्षीरसागर ने अधिकारियों के साथ जिला अस्पताल परिसर एवं नवनिर्मित ट्रामा यूनिट का भी निरीक्षण किया एवं साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश अस्पताल अधीक्षक को दिए गए। ट्रामा यूनिट में आंतरिक वायरिंग करने और ट्रामा यूनिट के पीछे परिसर में शेड बनाने तथा चिकित्सालय में सभी ओपीडी को एक साथ करने और दवाई वितरण के लिए पृथक से कक्ष तैयार करने कहा गया, ताकि मरीजों को आसानी हो सके। उनके द्वारा इंडोर स्टेडियम के अलावा साप्ताहिक बाजार में निर्माणाधीन डोम का भी निरीक्षण किया गया। शहीद रामकुमार यादव कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में चारामा, कांकेर और नरहरपुर विकासखण्ड के 150 विद्यार्थियों को दी जा रही नीट परीक्षा के लिए निःशुल्क कोचिंग का अवलोकन किया और बच्चों से बातचीत कर अच्छी तैयारी करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। निरीक्षण के दौरान नगरपालिका उपाध्यक्ष उत्तम यादव सहित लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, छत्तीसगढ़ विद्युत मंडल, जिला निर्माण समिति संबंधित अधिकारी और नगरपालिका अधिकारी कांकेर मौजूद रहे।
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07.जनगणना 2027 के तहत स्व-गणना 30 अप्रैल तक, कलेक्टर ने की स्व-गणना करने की अपील
— जनगणना-2027 के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना कार्य को सफलतापूर्वक संपादित करने हेतु कलेक्टर एवं प्रमुख जिला जनगणना अधिकारी श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने जिले के नागरिकों से स्व-गणना पोर्टल https://se.census.gov.in पर स्वयं जानकारी दर्ज करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जनगणना 2027 के तहत छत्तीसगढ़ राज्य में स्व-गणना 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक किया जाएगा, जबकि मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना 01 मई से 30 मई तक किया जाएगा। प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी दर्ज करेंगे तथा हर मकानों की जानकारी दर्ज की जाएगी। इसके अलावा घर की स्थिति, सुविधाएं और मूलभूत जानकारी भी संकलित की जाएगी। जनगणना अधिनियम 1948 के तहत आपकी जानकारी पूरी तरह सुरक्षित एवं गोपनीय रखी जाएगी।
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08. मंडी बोर्ड उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा 26 अप्रैल को,जिले में 55 परीक्षा केंद्र बनाए गए, 11811 अभ्यर्थी होंगे शामिल।
—छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन (मंडी) बोर्ड अंतर्गत उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा का आयोजन 26 अप्रैल को किया जाएगा। यह परीक्षा राज्य के 16 जिलों में आयोजित होगी, जिसमें लगभग 02 लाख 47 हजार अभ्यर्थी शामिल होंगे। कांकेर जिले में 55 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिसमें 11811 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। परीक्षा प्रातः 10 बजे से दोपहर 12.15 बजे तक आयोजित किया जाएगा।छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) द्वारा परीक्षार्थियों के लिए जारी दिशा-निर्देशानुसार उक्त परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों को परीक्षा के एक दिन पूर्व अपने परीक्षा केन्द्र का अनिवार्य रूप से अवलोकन करने की सलाह दी गई है, ताकि उन्हें परीक्षा दिवस को कोई असुविधा न हो। परीक्षार्थी परीक्षा प्रारंभ होने के कम से कम 02 घंटा पूर्व परीक्षा केन्द्र में पहुंचे ताकि उनका फ्रिस्किंग एवं फोटोयुक्त मूल पहचान पत्र का सत्यापन किया जा सके। अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा केन्द्र का मुख्य द्वार 9.30 बजे बंद कर दिया जाएगा, इसके बाद अभ्यर्थियों का प्रवेश पूर्णतः वर्जित होगा।
आधी बांह की शर्ट ही पहन सकेंगे परीक्षार्थी
व्यापमं द्वारा जारी निर्देशानुसार परीक्षार्थियों से कहा गया है कि वे हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े पहनकर परीक्षा देने आये। काले, गहरे नीले, गहरे हरे, जामुनी, मैरून, बैगनी रंग व गहरे चॉकलेटी रंग का कपड़े पहनना वर्जित होगा। धार्मिक एवं सांस्कृतिक पोशाक वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा केन्द्र पर सामान्य समय से पहले रिपोर्ट करना होगा। उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा जांच से गुजरने उपरांत ही ऐसे पोशाक की अनुमति होगी। फुटवियर के रूप में चप्पल पहनें और कान में किसी भी प्रकार का आभूषण वर्जित किया गया है। परीक्षा कक्ष में किसी प्रकार का संचार उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक घड़ी, पर्स, पाऊच, स्कार्फ, बेल्ट, टोपी आदि ले जाना पूर्णतः वर्जित है। परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग करने पर कठोर कार्यवाही की जाएगी तथा अभ्यर्थिता समाप्त की जाएगी। परीक्षार्थी परीक्षा कक्ष में केवल काले बॉल पॉईंट पेन को ही उत्तर अंकित करने हेतु उपयोग में लाएंगे। निर्देशों का पालन नहीं करने पर अभ्यर्थी को परीक्षा देने से वंचित किया जा सकता है।
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09 .आज कांकेर सिंगारभाठ स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में चैतन्य संस्था से जुड़ी मेहनती, आत्मनिर्भर एवं प्रेरणादायी महिलाओं का सम्मान कांकेर विधायक आशा राम नेताम के करकमलों से सम्पन्न हुआ।

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10. आज सारंगपाल में स्वर्गीय गयाराम देवांगन के श्रद्धांजलि कार्यक्रम में कांकेर विधायक आशा राम नेताम शामिल होकर उन्हें उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। स्व. गया राम देवांगन सर्व पिछडा वर्ग के भी पदाधिकारी रहे हैं,जिनका समाज को खासा योगदान रहता था।

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शुभ रात्रि… कल इसी समय फिर हाजिर होंगे हम। टॉप 10 न्यूज सशक्त पथ संवाद पर…आपके कमेंट का इंतजार रहेगा…
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नोटः— खबर लिखे जाने अभी तक हमारे पास किसी अप्रिय घटना दुर्घटना की खबर नहीं है। 🙏
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