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संपादकीय-
इन दिनों हार्वेस्टर संघ के नाम गठन कर कांकेर जिले से बाहर से आने वाले हावेस्टर मालिकों को मना कराया जा रहा है। इनका आदेश है कि यहां काम करेंगे तो हम ही करेंगे। अब यदि मौसम खराब हो जाता है,और इतनी संख्या में हर गांव में हार्वेस्टर नहीं है कि इस संघ के हार्वेस्टर का इंतजार कर सके! किसानों को प्रति एकड के हिसाब से तीन हजार रूपये की राशि रखी गई है,जो कि बाहर से आने वाले हार्वेस्टर 1800 से कुछ रूपयों में करते थे। अभी वैश्विक मंदी के चलते डीजल की कमी भी देखी जा रही है। क्या संघ डीजल नहीं मिलने पर भी किसानों के खेतों से समय पर फसल की कटाई करेगा?
क्या संघ का गठन किसानों से बातचीत कर रायशुमारी करते बनायी गई? जैसे ढेरों सवाल है,लेकिन मौसम की मार झेल रहे किसानों को इस प्रकार के फरमान के चलते और भी मजबूर किया जा रहा है,दूसरी ओर लोगों को दिये गये संवैधानिक मौलिक अधिकारों का हनन भी किया जा रहा है। कि वह अपने मौलिक अधिकारों के अनुसार नहीं संघ के अनुसार चले और वे पैसे कमायें।
पर अब किसान भी जागरूक हो रहे हैं, गत दिनों ही किसान महासभा ने जिला प्रशासन को ज्ञापन देकर किसानों के हित में कार्रवाई की मांग की है। आने वाले समय में कई संगठन किसानों की इस समस्या की ओर आगे आयेगी।इस वर्ष हार्वेस्टर संघ जैसे मर्जी धान कटाई की दरों को बढाकर किसानों की मजबूरी का फायदा उठा ले लेकिन निश्चित ही आने वाले वर्षों में जब पानी की कमी, गावों में मवेशियों को चराने के लिए चरवाहे की व्यवस्था का ना होना और धान की दरों में कमी को देखते कम रकबे में धान की फसल लगायी जायेगी तब पता चलेगा ! किसान अभी से आवाज उठा रहे हैं, संघ बना कर किसानों को मंहगी दवाई,खाद,मजदूर,मौसम,डीजल की कमी,गर्मी धान की दरों में कमी के बावजूद किस तरह अधिकाधिक राशि के नाम मजबूर किया जा रहा है। जहां देखें वहां मंहगाई की भार किसानों के सिर पर ढाने अमादा है।
✍️मनोज जायसवाल
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कांकेर टॉप 10 अब पढें विस्तार से ….
13 मई 2026 बुधवार
✍️मनोज जायसवाल
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01. ‘सही दवा-शुद्ध आहार-यही छत्तीसगढ़ का आधार’ विषय पर चलाया गया जागरूकता अभियान विभिन्न औषधि एवं खाद्य प्रतिष्ठानों का किया गया निरीक्षण।

— लोक स्वास्थय एवं परिवार कल्याण विभाग छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर के मार्गदर्शन में खाद्य एवं औषधि प्रशासन जिला कांकेर द्वारा जिले में ‘सही दवा-शुद्ध आहार-यही छत्तीसगढ़ का आधार’ संबंधी 15 दिवसीय जागरूकता एवं जांच अभियान द्वारा चलाया गया। इस अभियान अंर्तगत खाद्य एवं औषधि प्रकोष्ठ द्वारा जिले के विभिन्न औषधि एवं खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान जिले में जनजागरूकता एवं जांच अभियान के दौरान जिले में सुरक्षित, गुणवत्ता पूर्ण एवं मानक दवाओ व खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु विभिन्न औषधि प्रतिष्ठान थोक एवं खुदरा औषधि विक्रेता फार्मेसी चेन, वैक्सीन संधारण कोस्मेटिक एजेंसी तथा विभिन्न सेंटर, गन्ना जूस, सापट ड्रिंक्स आइसक्रिम वेंडर्स डेयरी, होटल प्रतिष्ठानों चाट गुपचुप ढाबा, रेस्टोरेंट, बेकरी, आइसकैंडी आइसगोला विक्रेता आदि प्रतिष्ठानो का सघन जांच एवं जनजागरूकता कार्य किया गया।इस संबंध में जानकारी देते हुए अभिहित अधिकारी सुष्मित देवांगन ने बताया कि इस अभियान के दौरान विभिन्न औषधि प्रतिष्ठानों – 29 थोक एवं खुदरा मेडिकल स्टोर, 15 कॉस्मेटिक एजेंसी, 08 शासकीय एवं निजी अस्पताल में वैक्सीन एवं मेडिकल स्टोर का निरीक्षण किया गया तथा कोटपा एक्ट के तहत स्कूलों के आसपास किराना दुकानों, पान ठेलों, होटल, रेस्टोरेंट एवं अन्य सार्वजनिक स्थानों पर अधिनियम की धारा 4 एवं 6 के उल्लंघन पर चालानी कार्रवाई की गई तथा 5080 रूपये का चालान किए गए एवं 04 संचालकों को नोटिस जारी कर सुधार हेतु निर्देशित किया गया। इस अभियान के दौरान 50 से अधिक खाद्य प्रतिष्ठान जिसमें फल कोल्ड स्टोरेज, विक्रेता, हॉस्पिटल कैंटीन, डेयरी युनिट, मोमोस सेंटर, गुपचुप चाट सेंटर, आइसक्रीम पार्लर, बिरयानी सेंटर किराना दुकान, स्वीट्स शॉप, कैफे एण्ड रेस्टोरेंट आदि खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया एवं आवश्यक सुधार हेतु निर्देशित किया गया। 05 फर्म को तत्काल सुधार हेतु नोटिस जारी किया गया। फल विक्रेताओं को सख्त निर्देश दिया कि फलों को पकाने के लिए कैल्शियम कार्बाइड का उपयोग किसी भी स्थिति में न करें। अभियान के तहत विक्रेताओं को ग्लब्स, कैप एवं साफ-सुथरे बर्तनों के उपयोग के लिए प्रेरित किया गया तथा स्वच्छ पेयजल के इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया गया। निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियां एवं अनियमितता के आधार पर संचालकों को नोटिस जारी कर सुधार हेतु निर्देशित किया गया। अभियान में सहायक औषधि नियंत्रक, अभिहित अधिकारी, औषधि निरीक्षक, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी एवं कार्यालयीन स्टाफ की संयुक्त टीम द्वारा 15 दिवसीय जन जागरूकता एवं जांच अभियान चलाया गया।
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02. महिला रक्षा टीम द्वारा ग्रामीण क्षेत्र एवं कोचिंग संस्थान में जागरूकता अभियान चलाकर लोगों एवं छात्र-छात्राओं को किया गया जागरूक। बस्तर मुन्ने कार्यक्रम के अंतर्गत साइबर अपराध, महिला सुरक्षा, नशामुक्ति एवं यातायात नियमों पर दी गई महत्वपूर्ण जानकारी।

—पुलिस अधीक्षक कांकेर निखिल राखेचा के निर्देशन में ,ASP योगेश साहू के मार्गदर्शन में, सुश्री प्रतिभा लहरे उप पुलिस अधीक्षक( IUCAW ) के पर्यवेक्षण में महिला रक्षा टीम कांकेर द्वारा पंडरीपानी, लाल माटवाड़ा एवं अभिनव कोचिंग क्लास में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों, महिलाओं एवं छात्र-छात्राओं को शराब सेवन से परिवार एवं समाज पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव, यातायात नियमों के उल्लंघन से होने वाली जनहानि, घरेलू हिंसा, मानव तस्करी, साइबर अपराध एवं महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। साथ ही इन अपराधों से बचाव के उपाय एवं आवश्यक सावधानियों के बारे में भी जागरूक किया गया।महिला रक्षा टीम द्वारा महिलाओं एवं छात्राओं को “अभिव्यक्ति ऐप” की जानकारी देते हुए इसकी कार्यप्रणाली, ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया एवं सुरक्षा संबंधी उपयोगिता समझाई गई। इसके साथ ही अभिव्यक्ति ऐप डाउनलोड कराया गया।कार्यक्रम में कांकेर पुलिस द्वारा विभिन्न स्थानों पर स्थापित शिकायत पेटियों की जानकारी देते हुए बताया गया कि महिलाएं एवं आमजन इसके माध्यम से अपनी समस्याओं अथवा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना गोपनीय रूप से दे सकते हैं।इसके अतिरिक्त गुड टच-बैड टच, बाल विवाह, पॉक्सो एक्ट, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक एवं इंस्टाग्राम के सुरक्षित उपयोग के उपायों पर जानकारी दी गई। महिला रक्षा टीम द्वारा छात्राओं एवं बच्चों को सेल्फ डिफेंस का डेमो देकर स्वयं की सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।
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03. अतिसंवेदनशील रहे ग्राम पंचायत सितरम में कलेक्टर ने लगाई चौपाल, शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी को अपने बीच पाकर गदगद हुए ग्रामीण बस्तर मुन्ने और सुशासन तिहार के तहत आयोजित शिविर में योजनाओं का लाभ लेने के लिए ग्रामीणों से की अपील।

—कभी भय और लाल आतंक की आग़ोश में रहने वाले ग्राम पंचायत सितरम के लिए आज का दिन बड़ा खुशनुमा रहा। दुर्गम और बीहड़ क्षेत्र में नारायणपुर जिले की सरहद से लगी ग्राम पंचायत सितरम में जिले के कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने ग्रामीणों के बीच चौपाल लगाई और उनकी बहुप्रतीक्षित समस्याओं की जानकारी ली।बस्तर मुन्ने और सुशासन तिहार के तहत ग्राम पंचायत सितरम में आज शिविर का आयोजन किया गया। कलेक्टर श्री क्षीरसागर और जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी आज सुबह लगभग 11 बजे 6 से 7 किलोमीटर कच्चे मार्ग से होते हुए ग्राम सितरम पहुंचे, जहां ग्रामीणों ने उनका परंपरागत ढंग से स्वागत किया। जिले के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों को अपने बीच पाकर ग्रामीण काफी प्रसन्न और गदगद हुए। कलेक्टर ने ग्रामीणों के बीच कुसुम पेड़ के नीचे चौपाल लगाकर ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि यह क्षेत्र कई दशकों तक नक्सलवाद के प्रभाव में रहा जिसकी वजह से ग्रामीण विकास से वंचित रहे। चूंकि अब नक्सलवाद समाप्त हो चुका है शासन की मंशानुसार प्राथमिकता से विकास कार्यों का जल्द से जल्द क्रियान्वयन होगा। उन्होंने बताया कि बस्तर मुन्ने और सुशासन तिहार के तहत यह शिविर आयोजित किया गया है, जिसमें 14 आधारभूत अधोसंरचनाओं और 31 व्यक्तिमूलक योजनाओं के शत प्रतिशत संतृप्तिकरण का कार्य किया जाएगा, जब तक प्रत्येक पात्र हितग्राही को शासन की योजनाओं का लाभ न मिल जाए। कलेक्टर ने कहा कि लंबे अरसे तक माओवाद का दंश झेल रहे ग्रामीणों का राशन कार्ड, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, जॉब कार्ड, वन अधिकार मान्यता पत्र आदि बनाए जाएंगे तथा ग्रामीणों को विकास से जोड़कर योजनाओं का लाभ दिलाने प्रशासन द्वारा हरसंभव प्रयास किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने परलकोट के शहीद गैंद सिंह परिसर में सामुदायिक भवन, घोटुल भवन तथा क्षेत्र की आराध्य देवी माँ दंतेश्वरी मंदिर के जीर्णोद्धार की स्वीकृति प्रदान की। कलेक्टर श्री क्षीरसागर ने ग्रामीणों से बारी-बारी से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं और यथासंभव कार्रवाई कर निराकरण करने की बात कही। कलेक्टर ने परलकोट के शहीद गैंद सिंह के स्मारक का अवलोकन किया तथा प्राचीन दंतेश्वरी माई मंदिर में जाकर जिलावासियों की खुशहाली के लिए आशीर्वाद मांगा। इस दौरान ग्राम पंचायत सितरम के सरपंच गणेश नायक ने राजस्व तथा वन भूमि का सीमांकन कराने और नारायणपुर जिले में आने वाली वन भूमि को कांकेर जिले में सम्मिलित करने की मांग की, जिस पर कलेक्टर ने राजस्व और वन विभाग के अधिकारियों को परस्पर समन्वय के साथ चिन्हांकन करने के निर्देश दिए। इसके अलावा सरपंच ने राजा मुंडा शाला भवन, प्री मेट्रिक छात्रावास, देवगुड़ी निर्माण, सर्व समाज सामुदायिक भवन, स्वागत द्वार निर्माण, हाई मास्ट सोलर लाइट, मिट्टी मुरूम सड़क निर्माण, सीसी रोड निर्माण, वन अधिकार पट्टा इत्यादि मांगों से कलेक्टर को अवगत कराया। उन्होंने यह भी बताया कि ग्राम पंचायत सितरम के आश्रित ग्राम राजामुंडा, शेरमुंडा, छिंदपदर और कोंगे है एवं 254 परिवार तथा जनसंख्या 1169 है। यहां प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत यहां 121 आवास स्वीकृत हैं जिनमें से 08 पूर्ण हो चुके हैं। उक्त पंचायत में 262 जॉब कार्ड धारक हैं। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी, एसडीम पखांजूर मनीष देव साहू, जनपद पंचायत कोयलीबेड़ा के सीईओ श्री नाग सहित पुलिस एवं विभिन्न विभागों के ब्लॉक स्तर के अधिकारीगण मौजूद थे।बारिश के दिनों में टापूनुमा ग्राम सितरम का जंगल माओवादियों का सुरक्षित ठिकाना था दो नदियों के बीच टापूनुमा ग्राम सितरम बारिश के मौसम में 3 से 4 महीने तक संपर्कविहीन हो जाता है, जिसके चलते यह क्षेत्र माओवादियों का सुरक्षित ठिकाना माना जाता था। इसकी वजह से ग्राम सितरम कई मायनों में विकास से अछूता रहा। माओवाद के पतन के बाद राज्य शासन की मंशानुसार अब जिले के ऐसे ग्रामों में प्राथमिकता के साथ विकास कार्यों को क्रियान्वित किया जा रहा है।
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04. सिविल अस्पताल पखांजूर का और बेहतर ढंग से किया जाएगा कायाकल्प, कलेक्टर ने निरीक्षण कर परिसर में स्वच्छता बरतने तथा सुविधाओं में विस्तार करने के दिए निर्देश।

— कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने जिले के दूरस्थ पखांजूर क्षेत्र के दो दिवसीय प्रवास के दौरान आज सिविल अस्पताल सह मातृ शिशु अस्पताल का आकस्मिक निरीक्षण कर उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली। उन्होंने सिविल अस्पताल को और अधिक सुविधा संपन्न और सेवाओं में विस्तार करने के निर्देश खंड चिकित्सा अधिकारी को दिए। इस दौरान कलेक्टर ने विभिन्न वार्डों का अवलोकन एवं निरीक्षण कर भर्ती मरीजों से हालचाल जाना। कलेक्टर आज सुबह 10 बजे सिविल अस्पताल सह मातृ शिशु अस्पताल पखांजूर पहुंचे, जहां निर्माणाधीन कार्यों का मुआयना किया। उन्होंने अस्पताल के पीछे बनाए जा रहे प्रसाधन कक्ष का निर्माण शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश बीएमओ को दिए। तदुपरांत उन्होंने ओपीडी एवं आईपीडी महिला एवं पुरुष वार्ड, नर्सिंग स्टॉफ कक्ष, आपात चिकित्सा कक्ष, एक्स-रे विभाग, पोषण पुनर्वास केंद्र, लैबोरेटरी, एएनसी कक्ष सहित हमर लैब आदि कक्ष में जाकर सतत् निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भर्ती मरीजों से चर्चा कर उनका हालचाल भी जाना। बीएमओ ने बताया कि वर्तमान में यहाँ अधिकतर वायरल फीवर से पीड़ित मरीज आ रहे हैं। कलेक्टर ने कहा कि पिछले प्रवास की तुलना में वर्तमान में काफी सकारात्मक सुधार हुए हैं, लेकिन इसमें और सुधार की गुंजाइश भी है। साथ ही स्वच्छता पर और अधिक फोकस करने के साथ-साथ परिसर में सीसीटीवी कैमरा लगवाने और गंदगी करने वालों से जुर्माना वसूलने के लिए भी बीएमओ को निर्देशित किया। उन्होंने 10 बेड वाले एनआरसी में बेड ऑक्यूपेंसी में वृद्धि करने और बेहतर सेवाएं मुहैय्या कराने के भी निर्देश दिए। इस दौरान नगर पंचायत पखांजूर के अध्यक्ष श्री साहा, जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी, एसडीम पखांजूर श्री मनीष देव साहू सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
प्रस्तावित मावा मोदोल और निर्माणाधीन लाइब्रेरी का किया स्थल निरीक्षण
इसके पश्चात् कलेक्टर ने नगर पंचायत पखांजूर में विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में प्रस्तावित मावा मोदोल कोचिंग संस्थान के लिए स्थल निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने प्रस्तावित लाइब्रेरी और बाजार शेड परिसर का भी अवलोकन किया।
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05.शिक्षा में गुणात्मक सुधार एवं बोर्ड परीक्षा में बेहतर परिणाम हेतु टीचर्स एसोसिएशन ने शासन को दिया ज्ञापन,बोर्ड परीक्षा में अच्छे रिजल्ट के लिए कक्षा 9वीं में प्रवेश परीक्षा से हो दाखिला

—पखांजूर-खराब रिजल्ट को लेकर बालोद में प्राचार्यों को निलंबित करने एवं वेतनवृद्धि रोकने की कार्रवाई के बाद शिक्षा व्यवस्था को लेकर बहस छिड़ गई है।शिक्षकों को गैर शिक्षकीय कार्य से पूरी तरह मुक्त रखने समेत शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग उठने लगी है।छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने सचिव स्कूल शिक्षा विभाग व संचालक लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ को पत्र लिखकर बोर्ड परीक्षा में बेहतर परिणाम हेतु 9वीं कक्षा में प्रवेश परीक्षा आयोजित करने और उपस्थिति हेतु कड़े नियम बनाने की मांग की है।
टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा,संयोजक वाजिद खान,महासचिव हेमेंद्र साहसी,जिलाध्यक्ष स्वदेश शुक्ला,जिला सचिव संतोष जायसवाल,मीडिया प्रभारी कृष्णेंदु आइच ने कहा कि 10वीं और 12वीं कक्षा में बेहतर परीक्षा परिणाम हो इसके लिए युक्तिसंगत और कक्षागत ज्ञान के छात्रों को ही प्रवेश दिया जाये।अभी तक ड्राप आउट रोकने के लिए कक्षा आठवीं के समस्त छात्रों का कक्षा 9वीं में प्रवेश होता है। जिससे 10वीं और 12वीं बोर्ड कक्षा का परीक्षा परिणाम अच्छा नहीं आ पाता है।किसी विद्यालय की बोर्ड परीक्षा परिणाम का प्रतिशत ही पैमाना है तो शैक्षणिक व्यवस्था में जो मात्रात्मक प्रवेश है उसे गुणात्मक सुधार और बोर्ड परीक्षा में बेहतर परीक्षा परिणाम हेतु शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ शासन स्तर पर कुछ कड़े कदम उठाया जाना आवश्यक है
कक्षा 9वीं में प्रवेश हेतु प्रवेश परीक्षा का हो आयोजन-
वर्तमान में कक्षा 9वीं में बगैर किसी मापदंड के प्रवेश दिए जाने के कारण शैक्षणिक स्तर में गिरावट देखा जा रहा है।यदि प्रवेश के समय एक प्रवेश परीक्षा आयोजित किया जावे तो केवल वही विद्यार्थी प्रवेश पा सकेंगे जो शैक्षणिक रूप से सक्षम होंगे।इससे कक्षा में प्रतिस्पर्धा का वातावरण बनेगा जिससे शिक्षकों को औसत से ऊपर के विद्यार्थियों को पढ़ाने एवं और बोर्ड परीक्षा के लिए तैयार करने में सुगमता होगी।पोषित शाला से प्राप्त टीसी मात्र न हो प्रवेश का मानदंड- पोषित शाला से प्राप्त टीसी के आधार पर प्रवेश अनिवार्य न किया जाए। इस प्रक्रिया से कक्षा आठवीं तक अनुत्तीर्ण प्रणाली नहीं होने के कारण कमजोर छात्रों का भी कक्षा 9वीं में प्रवेश होता है।उपस्थिति के कड़े मानदंड- यह देखा गया है कि कक्षा आठवीं में नियमित विद्यालय ना आने वाले विद्यार्थियों का भी सीधे कक्षा 9वीं में प्रवेश हो जाता है,कक्षा स्तर के ज्ञान के बिना छात्र हाईस्कूल में पहुंचते हैं जिससे उनकी बुनियादी समझ अधूरी रह जाती है। अतः कक्षा आठवीं में न्यूनतम 75% उपस्थिति अनिवार्य की जावे।बोर्ड परीक्षा परिणाम में सुधार- जब प्रवेश के स्तर पर ही छंटनी की जाएगी तो हाईस्कूल स्तर पर शिक्षकों को ऐसे विद्यार्थी प्राप्त होंगे जिनका आधार मजबूत होगा एवं कक्षा स्तर का ज्ञान होने से अंततः दसवीं और बारहवीं बोर्ड कक्षा के परिणामों में उल्लेखनीय सुधार होगा और विद्यालय का शैक्षणिक स्तर ऊंचा उठेगा।
कमजोर विद्यार्थियों हेतु उपचारात्मक स्कूल – 8वीं कक्षा के कमजोर विद्यार्थियों को चिन्हांकित कर उपचारात्मक शिक्षण प्रदान करने हेतु जिला एवं ब्लाक मुख्यालय में स्पेशल उपचारात्मक स्कूल खोलकर अलग से शिक्षकों की व्यवस्था कर अध्यापन कराया जावे।छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन कांकेर के जिला पदाधिकारी निरंकार श्रीवास्तव, प्रकाश चौधरी,ललित नरेटी,रामदयाल आंचले,हेमंत श्रीवास्तव,डुमेंद्र साहू,राजेन्द्र खुड़श्याम,पुरुषोत्तम सोनवंशी, विकासखण्ड अध्यक्ष भोला प्रसाद ठाकुर,गोरखनाथ ध्रुव,बोधन साहू, सत्यनारायण नायक सहित अन्य पदाधिकारियों ने व्यापक छात्रहित और शिक्षा की गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए कक्षा 9वी में प्रवेश हेतु अनिवार्य प्रवेश परीक्षा एवं उपस्थित संबंधी कड़े नियम लागू करने संबंधी आदेश जारी करने की मांग की है।
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06. बुलबुल वृद्वाश्रम आज 13 मई से सिविल लाईन,घडी चौक स्थित नये भवन में होगा संचालित। हर्षोल्लास वातावरण में गृह प्रवेश।

—वृद्वजनों की सेवा हेतु नव निर्मित बुलबुल वृद्वाश्रम में आज 13 मई को गृह प्रवेश सम्पन्न हुआ। यह नया भवन कांकेर नगर के सिविल लाईन,घडी चौक पर स्थित है। आज हवन पूजन के बाद अब यह वृद्वाश्रम जो कि पूर्व में नांदनमारा में संचालन किया जा रहा था,जो कि अब यहां संचालित होगा। आज इस आयोजन में हवन कार्यक्रम के बाद प्रसाद एवं भोजन की व्यवस्था की गई थी। इस आयोजन में नगर के समाजसेवी,प्रबुद्वजन काफी संख्या में लोग उपस्थित हुए। इस तरह नये भवन का गृह पूजन यादगार दिन बन गया।
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शुभ रात्रि… कल इसी समय फिर हाजिर होंगे हम। टॉप 10 न्यूज सशक्त पथ संवाद पर…आपके कमेंट का इंतजार रहेगा…
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नोटः— खबर लिखे जाने अभी तक हमारे पास किसी अप्रिय घटना दुर्घटना की खबर नहीं है। 🙏
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