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संपादकीय-
-दुनिया के हर जीव उसके वर्तमान जीवन में भोग कर लेता है,चाहे कुत्ता,बिल्ली हो या अन्य सभी जीव जंतु। कई जीव जंतु की उम्र बहुत अल्प होती है,वहीं कई जीव जंतुओं की उम्र मनुष्य से भी ज्यादा। लेकिन इसी बात को समझना है कि मनुष्य जीवन को भोग का समय मानकर नहीं बिताना है। इस अल्प जीवन में ही ऐसा नेक कार्य करें कि इसका प्रतिफल इस जन्म के साथ जन्मजन्मांतर में भी प्राप्त हो। बड़ा आश्चर्य नहीं तो क्या है कि कुत्ते के बच्चे का आंख सात दिन में बिल्ली के बच्चे की आंख 21 दिन में खुल जाती है। लेकिन कई गंदी घटनाओं को देखकर बड़ा आश्चर्य होता है कि मनुष्य की आंख उम्र की आधी पड़ाव के बाद भी नहीं खुल पाती। वह आकांक्षाओं तले रोता रहता है। जहां देखें वह दुखी होने की बात करता है। दुखी होने का कारण यह नहीं कि उसके पास खानेपीने के लिए नहीं है,यह भी कारण नहीं है कि उसके पास भौतिक विलासिता के चीजों का भी कमी नहीं है। सब चीज होते हुए भी वह दुखी होता है। जहां देखें वहां कमी का रोना रोता रहता है। इसी दुखी होने के चलते मनुष्य जीवन के अच्छे समय में ही उनके मुंह सिमट जाते हैं। सत्संग और ईश्वर से दूर होने का नतीजा है यह। पता होना चाहिए रोते हुए जन्म लेना अभिशाप नहीं है, पर रोते हुए जीवन को बिता देना बड़ा दुर्भाग्य है। दुनिया के सारे उन विषयों को हमेशा अपने मन में न रख सब ठीक हो जाने की भावना के साथ प्रेम और शुभ भावों के साथ ईश्वर में अटूट विश्वास के साथ चलें। ये पंत वो पंत इसमें जायें उसमें जायें जैसी अनेकों नाव में सवार होने से अच्छा है किसी एक नाव में सवार हों। पंतवादी भावनाएं और विश्वास के बावजूद कैसे चारधाम हो आने के बाद भी अपनी कुप्रवृत्तियों को कई मनुष्य छोड़ नहीं पाते तो दुखी कैसे न होंगे। ।
✍️मनोज जायसवाल
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कांकेर टॉप 10 अब पढें विस्तार से ….
12 मई 2026 मंगलवार
✍️मनोज जायसवाल
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01. कलेक्टर ने अंदरूनी इलाके में विकास कार्यों का लिया जायज़ा, निर्मित एवं निर्माणाधीन पुल-पुलियों का किया मौका मुआयना।

—कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने आज कोयलीबेड़ा विकासखंड में किये जा रहे विकास कार्यों का स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न पुल पुलियों और सड़कों का निरीक्षण कर गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करने के लिए सम्बंधित जानकारी अधिकारी को निर्देशित किया।कलेक्टर श्री निलेशकुमार और जिला पंचायत सीईओ श्री हरेश मंडावी ने कोयलीबेड़ा प्रवास के दौरान क्षेत्र के बहुप्रतीक्षित मेडकी नदी पर उच्च स्तरीय निर्माणाधीन पुल का निरीक्षण किया। 11 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे उक्त पुल को सेतु निर्माण विभाग द्वारा तैयार किया जा रहा है। बताया गया कि इसके निर्माण से ग्राम पानीडोबीर की ओर जाने वाले ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी। वर्तमान में इस नदी पर रपटा बनाया गया है जिसका बारिश के मौसम में ब्लॉक मुख्यालय से संपर्क टूट जाता है। कलेक्टर ने नियत तिथि तक पूर्ण करने के लिए उपस्थित अधिकारी को निर्देश दिए। इसके उपरांत पानीडोबीर मार्ग पर निर्मित दो पुलियों का अवलोकन किया। इसके पश्चात् नियाद नेल्लानार योजना के क्लस्टर ग्राम पानीडोबीर में निर्माणाधीन पुल का निरीक्षण अधिकारी द्वय ने किया। इसके पहले, उन्होंने पानीडोबीर में ग्रामीणों की मांग पर हाल ही में खोली एक्सिस बैंक की शाखा का अवलोकन किया तथा शाखा प्रबंधक से आवश्यक जानकारी ली। उन्होंने पानीडोबीर की बैंक शाखा के एटीएम में अपना ट्रांजेक्शन स्टेटमेंट भी चेक किया। इस दौरान एसडीएम पखांजूर श्री मनीष देव साहू और जनपद पंचायत कोयलीबेड़ा के सीईओ मौजूद थे।
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02. कोयलीबेड़ा ब्लॉक की 18 ग्राम पंचायतों में अब जल्द दिखेगा विकास,सरपंच-सचिवों की बैठक लेकर प्रमुख समस्याओं से अवगत हुए कलेक्टर, कहा- अब क्षेत्र का निर्बाध रूप से होगा वास्तविक विकास।

— जिले दूरस्थ क्षेत्र में स्थित कोयलीबेड़ा विकासखंड के ग्रामों का विकास अब तेजी से और निर्बाध ढंग से होगा। कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने आज कोयलीबेड़ा की 18 ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों की बैठक लेकर रूबरू होते हुए उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि माओवाद की समाप्ति के बाद अब इस क्षेत्र का विकास द्रुतगति से होगा।कोयलीबेड़ा ब्लॉक मुख्यालय के स्वामी आत्मानंद शासकीय उच्चतर माध्यमिक उत्कृष्ट विद्यालय के कक्ष में आज अपराह्न कलेक्टर श्री क्षीरसागर और जिला पंचायत के सीईओ श्री हरेश मंडावी ने क्षेत्र की 18 ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों से बारी बारी से व्यक्तिगत रूप से समस्याएं और मांगें सुनीं। इस दौरान मुख्य रूप से ग्राम पंचायत कोयलीबेड़ा, सुलंगी, कडमे, झिरमतराई, तुरसानी, छोटेबोदली, पोरोंडी, केसेकोड़ी, उदनपुर, सिकसोड़, चारगांव, आलपरस, गुडाबेड़ा, कौड़ोसाल्हेभाट, दड़वी साल्हेभाट, पानीडोबीर, कामटेरा, बदरंगी पंचायतों के सरपंचों ने प्रमुख रूप से पुलिया एवं सीसी रोड निर्माण, जर्जर स्कूल भवन के स्थान पर नवीन शाला भवन, आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण, स्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण, पीडीएस सेंटर भवन निर्माण, बालक/ बालिका छात्रावास भवन निर्माण, सोलर लाइट, अहाता निर्माण, बाउंड्रीवॉल निर्माण, खेल मैदान, बोर खनन आदि मांगें कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ से की। इस दौरान कलेक्टर ने इन सभी निर्माण कार्यों की सूची तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश जनपद पंचायत कोयलीबेड़ा के सीईओ श्री उदय नाग को दिए। इस अवसर पर पखांजूर एसडीएम श्री मनीष देव साहू और ब्लॉक स्तर के अधिकारीगण उपस्थित थे।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का किया निरीक्षण
कोयलीबेड़ा प्रवास के दौरान कलेक्टर ने कोयलीबेड़ा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान सोलर पंप में बैटरी की मांग स्थानीय सरपंच द्वारा की गई, जिस पर कलेक्टर ने तत्काल नई बैटरी लगाने के निर्देश सीईओ को दिए। इस दौरान उन्होंने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण कर उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया और बीएमओ को आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान कलेक्टर ने जनप्रतिनिधियों की मांग पत्र कोयलीबेड़ा में 50 सीटर प्री/पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास में बाउंड्रीवॉल निर्माण की भी स्वीकृति दी।
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03. एक दिवसीय रोजगार मेला का आयोजन 15 मई को, प्राइवेट संस्थाओं द्वारा 1598 पदों पर की जाएगी भर्ती।
—जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र कोड़ेजुंगा कांकेर में 15 मई को सुबह 11 बजे से दोपहर 03 बजे तक ‘‘एक दिवसीय रोजगार मेला का आयोजन किया जाएगा, जिसमें निजी क्षेत्र के नियोजकों द्वारा 1598 रिक्तियांे के आधार पर भर्ती की जाएगी। जिला रोजगार अधिकारी बी.आर. ठाकुर ने बताया कि उक्त रोजगार मेला में सिक्युरिटी गार्ड के 100 पद, सिक्युरिटी सुपरवाइजर के 50 पद, फिल्ड ऑफिसर के 05 एवं 50, मार्केटिंग एक्सक्युटीभ के 02, लेबर के 350, कलेक्शन ऑफिसर के 10, इन्शुरेंस एडवाईजर के 25, हेल्फर के 04 एवं सेल्स एक्सक्युटीभ के 02 पदों पर भर्ती की जाएगी। इच्छुक आवेदक उक्त रोजगार मेला में उपस्थित होकर या ई-रोजगार के पोर्टल पर भी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। प्राप्त आवेदनों के आधार पर नियोक्ता द्वारा प्राथमिक चयन कर साक्षात्कार लिया जाएगा, जिसकी सूचना पृथक से दूरभाष के माध्यम से आवेदक को दी जाएगी।
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04. नैनो यूरिया (16 प्रतिशत) एवं नैनो डी.ए.पी. (8ः16) की उपयोग विधि।
— नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी के उपयोग संबंधी सलाह देते हुए कृषि विभाग के उप संचालक जितेन्द्र कोमरा ने बताया कि नैनो यूरिया इफको द्वारा विकसित नैनो तकनीक पर आधारित तरल उर्वरक है, जो पारंपरिक दानेदार यूरिया का एक आधुनिक और प्रभावी विकल्प है। यह 500 मिली की बोतल में आता है और नाइट्रोजन की कमी को पूरा करता है। 500 मिली की एक बोतल सामान्य यूरिया के एक पूरे बैग (45-50 किग्रा) के बराबर पोषक तत्व प्रदान करती है, जिससे किसानों की लागत कम होती है और पैदावार बढ़ती है।नैनो यूरिया की मुख्य विशेषताएं और फायदों के संबंध में जानकारी देते हुए उप संचालक ने कृषि ने बताया कि इसमें मौजूद नैनो-कण (20-50 नैनोमीटर) पौधों की पत्तियों के रंधों के माध्यम से आसानी से अवशोषित हो जाते हैं, जिससे नाइट्रोजन उपयोग दक्षता 80 प्रतिशत से अधिक बढ़ जाती है। यह निट्टी की सेहत को सुधारता है और लीचिंग व गैसीय उत्सर्जन को कम करता है। फसल की सक्रिय वृद्धि के दौरान 2-4 मिली नैनो यूरिया प्रति लीटर पानी में मिलाकर पत्तियों पर स्प्रे किया जाता है। लागत में कमी 500 मिली की बोतल का मूल्य सामान्य यूरिया के एक बोरे से बहुत कम है, जिससे खेती की लागत घटती है।
उपयोग की विधि
अति शीघ्र अवधि किस्में (80 से 100 दिन) धान की बोवाई अथवा रोपाई के 30-35 दिनों के पश्चात् प्रथम स्प्रे प्रति एकड़ नैनो यूरिया (16 प्रतिशत) की 500 मि.ली. मात्रा को 125-150 लीटर पानी में घोलकर खड़ी फसल में पर्णीय छिड़काव किया जाना चाहिए तथा द्वितीय स्प्रे धान की बोवाई अथवा रोपाई के 55-60 दिनों पश्चात् प्रति एकड़ नैनो यूरिया (16 प्रतिशत) की 500 मि.ली. मात्रा को 125-150 लीटर पानी में घोलकर खड़ी फसल में पर्णीय छिड़काव किया जाए। इसी प्रकार शीघ्र अवधि बौनी किस्में (100-110 दिन) की धान फसल में बोवाई अथवा रोपाई के 30-35 दिनों पश्चात् प्रथम स्प्रे प्रति एकड़ नैनो यूरिया (16 प्रतिशत) की 500 मि.ली. मात्रा को 125-150 लीटर पानी में घोलकर खड़ी फसल में पर्णीय छिडकाव किया जावे। द्वितीय स्प्रे धान की बोवाई अथवा रोपाई के 55-60 दिनों पश्चात् प्रति एकड़ नैनो यूरिया (16 प्रतिशत) की 500 मि.ली. मात्रा को 125-150 लीटर पानी में घोलकर खड़ी फसल में पर्णीय छिड़काव किया जाना चाहिए। इसी प्रकार मध्यम अवधि किस्मों (110-125 दिन) की धान फसलों में प्रथम स्प्रे धान की बोवाई अथवा रोपाई के 45-50 दिनों पश्चात् प्रति एकड़ नैनो यूरिया (16 प्रतिशत) की 500 मि.ली. मात्रा को 125-150 लीटर पानी में घोलकर खड़ी फसल में पर्णीय छिड़काव करें। द्वितीय स्प्रे धान की बोवाई अथवा रोपाई के 75-80 दिनों पश्चात् प्रति एकड़ नैनो यूरिया (16 प्रतिशत) की 500 मि.ली. मात्रा को 125-150 लीटर पानी में घोलकर खड़ी फसल में पर्णीय छिड़काव किया जावे।
मध्यम से अधिक अवधि किस्में (126-140 दिन) की धान फसलों में प्रथम स्प्रे धान की बोवाई व रोपाई के 45-50 दिनों पश्चात् प्रति एकड़ यूरिया (16 प्रतिशत) की 500 मि.ली. मात्रा को 125-150 लीटर पानी में घोलकर खड़ी फसल नैनो यूरिया में पर्णीय छिड़काव करें। द्वितीय स्प्रे धान की बोवाई अथवा रोपाई के 85-90 दिनों पश्चात् प्रति एकड़ नैनो यूरिया (16 प्रतिशत) की 500 मि.ली. मात्रा को 125-150 लीटर पानी में घोलकर खड़ी फसल में पर्णीय छिड़काव करें।
नैनो डी.ए.पी.
नैनो डीएपी इफको द्वारा विकसित दुनिया का पहला तरल नैनो-तकनीक आधारित उर्वरक है। यह पारंपरिक डीएपी (डाई-अमोनियम फास्फेट) का एक उन्नत, कुशल और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प है, जिसमें 8 प्रतिशत नाइट्रोजन और 16 प्रतिशत फास्फोरस होता है। 500 मिलीलीटर की एक बोतल पारंपरिक 50 किलोग्राम की डीएपी बोरी के बराबर पोषण प्रदान करती है।
नैनो डीएपी की मुख्य विशेषताएं और फायदे
नैनो-कण (100 नैनो मीटर से कम) आकार के कारण यह पत्तियों के छिद्रों और बीजों की सतह से आसानी से अवशोषित हो जाता है, जिससे पोषक तत्वों की उपलब्धता 90 प्रतिशत तक बढ़ जाती है। यह पौधों की जड़ों को मजबूत करता है, क्लोरोफिल बढ़ाता है और फसल की उपज व गुणवत्ता में सुधार करता है। एक बोतल की कीमत केवल 600 रूपए है, जो पारंपरिक डीएपी बोरी (1350 रूपए) की तुलना में बहुत सस्ती है, जिससे किसानों की लागत कम होती है। यह मिट्टी, जल और वायु प्रदूषण को कम करता है और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देता है। इसे बीज उपचार (5 मिली/किलो) या खड़ी फसल में 250-500 मिली प्रति एकड़ (पानी में मिलाकर) की दर से स्प्रे किया जा सकता है। धान की सीधी बुआई हेतु नैनो डीएपी (8ः16) की 200 मि.ली. मात्रा को 3 लीटर पानी में घोलकर 30 कि.ग्रा. धान के बीज को उपचारित कर छायादार स्थान में आधे घण्टे हवा में सुखाकर प्रयोग करें अथवा रोपाई विधि हेतु नैनो डीएपी (8ः16) की 200 मि.ली. मात्रा को 40 लीटर पानी में घोलकर धान की रोपाई पूर्व 30 मिनट तक जड़ उपचार करें। धान की बोवाई अथवा रोपाई के 25-30 दिनों पश्चात् प्रति एकड़ नैनो डीएपी की 300 मि. ली. मात्रा को 125-150 लीटर पानी में घोलकर खड़ी फसल में पर्णीय छिड़काव किया जाना चाहिए।।
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05 . अप्रैल 2026 में कांकेर पुलिस का प्रभावी एक्शन : अपराध नियंत्रण, जनसुरक्षा और जागरूकता अभियानों में उल्लेखनीय उपलब्धियां के साथ कांकेर पुलिस की मासिक प्रगति रिपोर्ट जारी।

—उजियारा अभियान का असर : कांकेर में नशे के कारोबार पर बड़ा प्रहार, NDPS, आबकारी एवं जुआ एक्ट में व्यापक कार्यवाही।कां केर पुलिस का सख्त एक्शन : 114 किलो मादक पदार्थ एवं 105.730 लीटर अवैध शराब जप्त, जुआ/सट्टा एक्ट के 04 प्रकरणों में 14 आरोपियों पर कार्यवाही। “मोर मितान-कांकेर पुलिस” अभियान के तहत 126 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर 5563 लोगों को साइबर, यातायात एवं सामाजिक अपराधों के प्रति किया गया जागरूक। “महिला रक्षा टीम “द्वारा 2300 लोगों को जागरूक किया गया।
“जीरो एक्सीडेंट मिशन” मोड पर नशे में वाहन चलाने वाले 68 लोगों पर धारा 185 एम.व्ही. एक्ट के तहत ₹6.52 लाख की चालानी कार्यवाही।“प्रोजेक्ट दक्ष” के माध्यम से कांकेर पुलिस जवानों को आधुनिक, प्रशिक्षित एवं प्रोफेशनल पुलिसिंग के लिए किया जा रहा तैयार।
जिला उत्तर बस्तर कांकेर में पुलिस अधीक्षक निखिल अशोक कुमार राखेचा के निर्देशन में माह अप्रैल 2026 के दौरान विभिन्न अभियानों के माध्यम से कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने, अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने तथा आम नागरिकों में सुरक्षा एवं जागरूकता की भावना को बढ़ाने हेतु समस्त थाना-चौकी एवं विभिन्न इकाइयों द्वारा योजनाबद्ध तरीके से प्रभावी कार्यवाही की गई।अपराध एवं विशेष अभियान कार्यवाही:-गंभीर अपराधों में कुल 15 प्रकरण दर्ज कर 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। NDPS एक्ट के तहत नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण हेतु 08 प्रकरण दर्ज कर 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। कार्यवाही के दौरान कुल 114.794 किलोग्राम मादक पदार्थ जप्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत ₹57,27,589 है।
आबकारी अधिनियम के तहत 24 प्रकरणों में 26 आरोपियों को गिरफ्तार कर 105.730 लीटर अवैध शराब जप्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत ₹18,680 है। अवैध शराब के निर्माण, परिवहन एवं बिक्री पर सतत कार्यवाही जारी है। सट्टा/जुआ एक्ट के तहत 04 प्रकरणों में 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर कुल ₹31,760 नगद जप्त किया गया। सट्टा संचालन में लिप्त व्यक्तियों पर निरंतर निगरानी रखते हुए प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। कोटपा अधिनियम के तहत 521 प्रकरणों में ₹1,03,600 की चालानी कार्यवाही कर शैक्षणिक स्थानों के आसपास अव्यवस्था फैलाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की गई।“प्रिवेंटिव पुलिसिंग” अभियान के तहत 01 निगरानी बदमाश एवं 01 गुंडा बदमाश की नई फाइल खोली गई।साथ ही 01 जिला बदर हेतु प्रकरण कलेक्टर कार्यालय प्रेषित किया गया।क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु प्रतिबंधात्मक कार्यवाही करते हुए धारा 170 बीएनएसएस के तहत 32 प्रकरणों में 38 आरोपी एवं धारा 126, 135(3) बीएनएसएस के तहत 94 प्रकरणों में 164 आरोपियों के विरुद्ध प्रकरण न्यायालय पेश किया गया।न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावी बनाने हेतु लंबे समय से फरार 131 स्थायी वारंटियों को गिरफ्तार किया गया।जिला पुलिस द्वारा विशेष टीम गठित कर उत्तर प्रदेश एवं पश्चिम बंगाल से गुमशुदा 02 व्यक्तियों को दस्तयाब किया गया तथा NDPS प्रकरण में फरार 02 आरोपियों को उत्तर प्रदेश जाकर गिरफ्तार किया गया।
जनजागरूकता एवं सामुदायिक पुलिसिंग
“मोर मितान-कांकेर पुलिस” अभियान के तहत अप्रैल माह में 126 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर लगभग 5563 लोगों को साइबर फ्रॉड, यातायात नियम, महिला एवं बाल अपराध, मानव तस्करी एवं नशाखोरी के संबंध में जागरूक किया गया।
महिला रक्षा टीम द्वारा हाट-बाजार एवं सार्वजनिक स्थानों में अभियान चलाकर लगभग 2300 लोगों को जागरूक किया गया तथा अभिव्यक्ति ऐप डाउनलोड कराया गया। साथ ही POCSO एक्ट, गुड टच-बैड टच एवं कानूनी अधिकारों की जानकारी दी गई।
यातायात सुरक्षा एवं आधुनिकीकरण
सड़क सुरक्षा एवं दुर्घटनाओं में कमी लाने हेतु विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। नशे में वाहन चलाने वाले 68 लोगों पर धारा 185 एम.व्ही. एक्ट के तहत कार्यवाही कर ₹6.52 लाख का जुर्माना लगाया गया।अन्य मोटर व्हीकल एक्ट के तहत 552 प्रकरणों में ₹2,55,200 समन शुल्क वसूला गया।समस्त थाना/चौकी में ड्यूटी के दौरान उपयोग हेतु रेडियम पट्टी युक्त जैकेट, बैटन लाइट एवं सोल्डर लाइट का वितरण किया गया। आमजनों को लगातार यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
“प्रोजेक्ट दक्ष” के तहत पुलिस जवानों का प्रशिक्षण
पुलिस रक्षित केन्द्र कांकेर में “ड्राइविंग स्किल ट्रेनिंग” कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है, जिसमें 32 जवान प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं एवं 14 जवान प्रशिक्षणरत हैं। प्रशिक्षण के दौरान जवानों को सुरक्षित, जिम्मेदार एवं प्रभावी वाहन संचालन हेतु व्यावहारिक एवं तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।जिले के 120 अधिकारी/कर्मचारियों को कंप्यूटर प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है तथा 65 अधिकारी/कर्मचारी वर्तमान में प्रशिक्षणरत हैं। प्रशिक्षण का उद्देश्य कार्यालयीन कार्यों में पारदर्शिता, त्वरित निस्तारण एवं तकनीकी दक्षता बढ़ाना है।
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06. बुलबुल वृद्वाश्रम कल 13 मई से सिविल लाईन,घडी चौक स्थित नये भवन में।

—वृद्वजनों की सेवा हेतु नव निर्मित बुलबुल वृद्वाश्रम में कल 13 मई को गृह प्रवेश का आयोजन दोपहर 12.00 बजे से आयोजित किया गया है। यह नया भवन कांकेर नगर के सिविल लाईन,घडी चौक पर स्थित है। हवन पूजन के बाद अब यह वृद्वाश्रम जो कि पूर्व में नांदनमारा में संचालन किया जा रहा था,जो कि अब यहां होगा। बुलबुल शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान द्वारा आमंत्रण कार्ड जारी किया गया है। जहां इस आयोजन में हवन कार्यक्रम के बाद प्रसाद एवं भोजन की व्यवस्था रहेगी।
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शुभ रात्रि… कल इसी समय फिर हाजिर होंगे हम। टॉप 10 न्यूज सशक्त पथ संवाद पर…आपके कमेंट का इंतजार रहेगा…
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नोटः— खबर लिखे जाने अभी तक हमारे पास किसी अप्रिय घटना दुर्घटना की खबर नहीं है। 🙏
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