आज की टॉप 10 खबर 05 नवम्बर 2026 गुरूवार

  ———————-

कांकेर टॉप 10 अब पढें विस्तार से ….

04 नवम्बर  2026 गुरूवार

✍️मनोज जायसवाल

———————-

✍️ 01.  लोकतंत्र बचाओ‚ अराजकता हटाओ अभियान अंतर्गत कांकेर में विशाल पदयात्रा एवं जनसभा में कांकेर विधायक आशा राम नेताम ने लोकतांत्रिक मुल्यों की रक्षा पर बल दिया।

—आज कांकेर में नया बस स्टैंड से पुराना कम्युनिटी हॉल तक आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के अंतर्गत विशाल पदयात्रा एवं जनसभा में आशा राम नेताम शामिल हुए। उन्होंने जनहित से जुड़े विषयों पर अपनी बात रखी। लोकतंत्र में विरोध करना प्रत्येक नागरिक और राजनीतिक दल का अधिकार है, लेकिन विरोध के नाम पर अराजकता फैलाना, युवाओं को भड़काना और आम नागरिकों को असुविधा में डालना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। कांग्रेस को आरोप-प्रत्यारोप और बहानों की राजनीति से ऊपर उठकर आत्ममंथन करना चाहिए। लोकतंत्र की वास्तविक ताकत सकारात्मक विचार, जिम्मेदार आचरण और जनता के प्रति जवाबदेही में निहित है। उन्होंने कहा—हमारा संकल्प है कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करते हुए जनहित, विकास और सुशासन के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ते रहेंगे।
———————–

✍️ 02. समाजसेवी अजय पप्पू मोटवानी को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भेजा प्रशंसा पत्र, आभार जताया।

फोटो—समाजसेवी अजय पप्पू मोटवानी मुख्यमंत्री द्वारा प्रेषित पत्र  लिये।

—छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर कांकेर के समाजसेवी अजय पप्पू मोटवानी को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने व्यक्तिगत पत्र भेजकर उनके सेवा कार्यों की सराहना की है। पत्र मिलने पर श्री मोटवानी ने मुख्यमंत्री के प्रति हृदय से धन्यवाद और आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा कि अपनी दुकान की जिम्मेदारियों के साथ शहर की स्वच्छता और जरूरतमंदों की सहायता के लिए वर्षों से समय निकालने की उनकी लगन सराहनीय है। उन्होंने राज्य स्थापना दिवस की बधाई और शुभकामनाएं भी दीं।

फोटो— मुख्यमंत्री का यह पत्र जो समाजसेवी अजय पप्पू मोटवानी के नाम मिला।

पत्र में उल्लेख है कि श्री मोटवानी पिछले 13 वर्षों से दूध नदी की सफाई के प्रयास कर रहे हैं। दूध नदी और गढ़िया पहाड़ से जुड़े उनके इस लगाव को जानकर मुख्यमंत्री ने विशेष प्रसन्नता जताई। नदी और तालाबों की सफाई, पौधारोपण तथा पौधा वितरण में उनके योगदान को मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री   नरेंद्र मोदी जी के स्वच्छ भारत के संकल्प को स्थानीय स्तर पर आगे बढ़ाने वाला बताया। मुख्यमंत्री ने उनकी संवेदनशीलता की भी प्रशंसा की। श्री मोटवानी अब तक 164 लावारिस मृतकों को सम्मानपूर्वक अंतिम विदाई दे चुके हैं। इस सेवा के प्रति मुख्यमंत्री ने हृदय से सम्मान व्यक्त किया। पत्र में बीसोबाई का भी जिक्र है। आँखों की परेशानी के समय श्री मोटवानी की आर्थिक मदद और ऑपरेशन कराने में सहयोग से वे दोबारा काम करने लगी हैं। मुख्यमंत्री ने इस पर खुशी जताई। साथ ही आजीवन सेवा से जुड़े रहने और इन कार्यों के लिए किसी से चंदा न लेने के उनके संकल्प का भी सम्मान किया।
मुख्यमंत्री ने लिखा कि श्री मोटवानी कांकेर को स्वच्छ और सुंदर देखने के साथ यहाँ रोजगार और विकास के बेहतर अवसर चाहते हैं। उनकी भी यही कामना है कि कांकेर की प्राकृतिक सुंदरता बनी रहे और परिवारों में खुशहाली बढ़े। उन्होंने कहा कि विकसित भारत, विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के संकल्प में हर अंचल की तरक्की और प्राकृतिक धरोहरों का संरक्षण साथ-साथ जुड़े हैं। पत्र प्राप्त होने पर अजय पप्पू मोटवानी ने कहा कि मुख्यमंत्री का यह पत्र उनके लिए बड़ी प्रेरणा है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का हृदय से धन्यवाद करते हुए कहा कि वे आगे भी इसी समर्पण से समाज सेवा करते रहेंगे।

———————

✍️ 03. निरक्षरता के अंधकार को मिटाने कांकेर में होगा ‘एक दीप साक्षरता का’ अभियान। दीपावली की पूर्व संध्या पर जिले के शैक्षणिक संस्थानों एवं साक्षरता केंद्रों में प्रज्वलित किए जाएंगे साक्षरता के दीप।

—छत्तीसगढ़ शासन द्वारा वर्ष 2026-27 में छत्तीसगढ़ राज्य को शत-प्रतिशत साक्षर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए प्रदेश भर में विभिन्न गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। इसी कड़ी में निरक्षरता के अंधकार को दूर कर समाज में शिक्षा एवं साक्षरता के प्रति सकारात्मक वातावरण निर्मित करने के उद्देश्य से दीपावली महापर्व के अवसर पर ‘एक दीप साक्षरता का’ विशेष जन जागरूकता अभियान आयोजित किया जाएगा। यह अभियान दीपावली के ठीक एक दिन पूर्व संध्या को शाम 6.30 बजे से 7.30 बजे तक पूरे प्रदेश में संचालित किया जाएगा। अभियान के माध्यम से सामुदायिक सहभागिता के जरिए प्रत्येक ग्राम में सर्वे एवं जनजागरूकता गतिविधियों को प्रोत्साहित करते हुए असाक्षर व्यक्तियों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक साक्षरता का संदेश पहुंचाना तथा सभी को शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक करना है। इसी क्रम में कांकेर जिले के सभी शासकीय विद्यालयों, छात्रावासों, विकासखंड कार्यालयों एवं उल्लास साक्षरता केंद्रों में साक्षरता के दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। इसके माध्यम से निरक्षरता रूपी अंधकार को समाप्त कर कांकेर जिले को पूर्ण साक्षर बनाने का संकल्प लिया जाएगा। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, प्राचार्यों तथा जिले के समस्त शैक्षणिक संस्थानों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं के सभी प्रधान पाठकों को पत्र प्रेषित कर अपने-अपने संस्थानों में साक्षरता दीप प्रज्वलित करने तथा अभियान में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

——————-

✍️ 04. त्योहारी सीजन में मिठाइयों में मिलावट रोकने खाद्य विभाग सतर्क, 21 खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए भेजे। दो खाद्य प्रतिष्ठानों पर प्रकरण दर्ज, तीन कारोबारियों को सुधार नोटिस जारी ।

— त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए जिले में मिठाइयों एवं अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर   कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम द्वारा जिले के विभिन्न मिठाई दुकानों, कन्फेक्शनरी के थोक प्रतिष्ठानों, किराना दुकानों एवं होटलों का नियमित निरीक्षण कर खाद्य पदार्थों के नमूने संकलित किए जा रहे हैं। अनियमितता पाए जाने पर संबंधित कारोबारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई भी की जा रही है।

वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी एवं उनकी टीम द्वारा निरीक्षण के दौरान विभिन्न प्रतिष्ठानों से काजू कतली एवं छेना रसगुल्ला, खीर कदम एवं चॉकलेट मावा बर्फी, कलाकंद एवं बालूशाही, खोवा, बादाम बर्फी, पनीर तथा बर्फी के नमूने लिए गए। इसके अलावा विभिन्न प्रतिष्ठानों से पेड़ा, लड्डू, नारियल बर्फी, पनीर, दूध, दही, नमकीन एवं घी सहित कुल 21 खाद्य पदार्थों के नमूने संकलित कर जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला रायपुर भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट में नमूने अमानक पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। खाद्य एवं औषधि प्रशासन कार्यालय कांकेर के अभिहित अधिकारी सुष्मित देवांगन ने बताया कि निरीक्षण के दौरान खाद्य कारोबारकर्ताओं को प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई बनाए रखने, अखाद्य रंगों का उपयोग नहीं करने, स्वच्छ पेयजल का इस्तेमाल करने तथा खाद्य पदार्थों को अखबारी कागज में नहीं रखने के निर्देश दिए गए। वहीं बिना लाइसेंस अथवा पंजीयन खाद्य कारोबार करने एवं एक्सपायरी खाद्य सामग्री बेचने के मामले में दो खाद्य प्रतिष्ठानों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज भी किया गया है। इसके साथ ही तीन खाद्य कारोबारकर्ताओं को सुधार के लिए इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किया गया है।खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि बाजार में बिकने वाली खुली एवं अमानक खाद्य सामग्री के उपयोग से बचें। अधिक कृत्रिम रंग वाली मिठाइयों का सेवन न करें। खाद्य पदार्थ खरीदते समय उसके पैकेट पर अंकित लेबल, निर्माण तिथि एवं उपयोग की अंतिम तिथि अवश्य जांच लें। किसी भी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता में कमी या अनियमितता पाए जाने पर इसकी सूचना विभाग को दें, ताकि संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।

 ——————-

✍️ 05. शासकीय कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने एक दिवसीय एआई प्रशिक्षण 06 नवंबर को।

— शासकीय कर्मचारियों की कार्यक्षमता एवं कार्यों की गुणवत्ता में वृद्धि करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन कांकेर द्वारा 06 नवंबर को एक दिवसीय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) प्रशिक्षण का आयोजन किया जाएगा। प्रशिक्षण सुबह 11 बजे से जिला पंचायत कांकेर के सभाकक्ष में आयोजित होगा। इस प्रशिक्षण में कर्मचारियों को दैनिक कार्यालयीन कार्यों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) टूल्स के सरल एवं सुरक्षित उपयोग की जानकारी दी जाएगी। इसके अंतर्गत पत्र एवं नोटशीट तैयार करना, दस्तावेजों का अनुवाद करना, रिपोर्ट तैयार करना, डाटा संबंधी कार्यों सहित विभिन्न कार्यालयीन गतिविधियों में एआई तकनीक के प्रभावी उपयोग के बारे में बताया जाएगा।

 ——————-

✍️06. गोबर के दीयों से रोशन हो रही महिलाओं की आत्मनिर्भरता की राह।

—दीपावली के अवसर पर जब हर घर रोशनी से जगमगाने की तैयारी में है, तब जिले के चारामा विकासखंड के ग्राम भिलाई की महिलाएं अपने हाथों से तैयार प्राकृतिक और पर्यावरण-अनुकूल गोबर के दीयों से न केवल घरों को रोशन कर रही हैं, बल्कि अपनी आर्थिक आत्मनिर्भरता की राह भी प्रकाशित कर रही हैं।
चारामा विकासखण्ड के ग्राम भिलाई के सरगम उत्पादक समूह, बिहान से जुड़कर स्थानीय उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का उत्कृष्ट उदाहरण बन रहा है। वर्ष 2016 में महज 10 महिलाओं से शुरू हुआ यह समूह आज 36 महिलाओं को आजीविका से जोड़ चुका है।
गोबर से तैयार होते हैं सुंदर और प्राकृतिक दीपक
समूह की महिलाएं गोबर से दीये तैयार करने की पूरी प्रक्रिया स्वयं करती हैं। गोबर को एकत्रित कर उसे अच्छी तरह तैयार किया जाता है और आवश्यक सामग्री के साथ मिश्रण बनाकर सांचों की सहायता से विभिन्न आकार के दीये तैयार किए जाते हैं। इसके बाद इन्हें सुखाया जाता है और बिक्री के लिए तैयार किया जाता है। प्राकृतिक सामग्री से बने ये दीये पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ ही ग्रामीण महिलाओं की मेहनत और स्थानीय हुनर की पहचान भी है। समूह की सदस्य श्रीमती सुभद्रा नागराज बताती हैं कि वर्ष 2022 में उन्हें गोबर के दीये बनाने की प्रेरणा मिली। पहले वर्ष महिलाओं ने करीब 10 हजार दीये तैयार किए, जिससे उन्हें लगभग 20 हजार रुपये का लाभ प्राप्त हुआ। इस सफलता ने महिलाओं का उत्साह बढ़ाया और धीरे-धीरे यह कार्य समूह की आय का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन गया।
इस वर्ष अब तक बिक चुके हैं 11 हजार से अधिक दीये
समूह की सदस्य श्रीमती ममता नागराज ने बताया कि इस वर्ष दीपावली के अवसर पर समूह द्वारा तैयार किए गए 11 हजार 400 गोबर के दीये अब तक बेचे जा चुके हैं। दीपावली को देखते हुए लगातार नए ऑर्डर भी मिल रहे हैं, जिसके कारण महिलाएं उत्पादन बढ़ाने में जुटी हुई हैं। वर्तमान में समूह की महिलाएं प्रतिदिन लगभग 500 दीये तैयार कर रही हैं। इन दीयों की बिक्री सी-मार्ट, स्थानीय हाट-बाजारों और अन्य स्थानों के माध्यम से की जा रही है। समूह को रायपुर से भी ऑर्डर मिलने की जानकारी मिली है, जिससे महिलाओं का उत्साह और बढ़ गया है। एक समूह, आजीविका के कई अवसर -सरगम उत्पादक समूह केवल गोबर के दीये ही नहीं बनाता, बल्कि महिलाओं ने स्थानीय संसाधनों और अपनी मेहनत के बल पर आय के कई साधन विकसित किए हैं। समूह द्वारा आम का अमचूर पाउडर, इमली का संग्रहण एवं प्रसंस्करण, आम का अचार, राखी निर्माण और मशरूम उत्पादन जैसे कार्य भी किए जाते हैं। तैयार उत्पादों को स्थानीय बाजारों के साथ-साथ सी-मार्ट के माध्यम से भी बिक्री के लिए उपलब्ध कराया जाता है।
मशरूम उत्पादन से भी बढ़ी आय
समूह की महिलाओं ने मशरूम उत्पादन के क्षेत्र में भी सफलता हासिल की है। महिलाओं ने लगभग 4 हजार रुपये की लागत से मशरूम उत्पादन किया और उसे 7 हजार रुपये में बेचकर करीब 3 हजार रुपये का लाभ अर्जित किया। कम समय में हुए इस लाभ को देखते हुए अब समूह की अन्य महिलाएं भी मशरूम उत्पादन से जुड़ने की तैयारी कर रही हैं। महिलाओं ने बताया कि बिहान के माध्यम से समूह को विभिन्न आजीविका गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए बैंक से 02 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। इसके साथ ही उन्हें 50 हजार रुपये का अनुदान भी मिला। शेष 01 लाख 50 हजार रुपये की राशि का भुगतान समूह द्वारा किश्तों के माध्यम से बैंक को किया जा रहा है। इस आर्थिक सहयोग ने महिलाओं को अपने कार्य का विस्तार करने और नए आजीविका अवसरों से जुड़ने में मदद की है। समूह से जुड़ी सविता निषाद, टीकेश्वरी विश्वकर्मा और चिलेश्वरी विश्वकर्मा सहित अन्य महिलाएं भी विभिन्न उत्पादों के निर्माण और विपणन का कार्य कर रही हैं।
‘वोकल फॉर लोकल’ को साकार करती ग्रामीण महिलाएं
दीपावली के अवसर पर ग्राम भिलाई की इन महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे स्थानीय और प्राकृतिक गोबर के दीये ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को साकार कर रहे हैं। स्थानीय उत्पादों को अपनाने से जहां ग्रामीण महिलाओं को रोजगार और आय का अवसर मिल रहा है, वहीं पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों को भी बढ़ावा मिल रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के वोकल फॉर लोकल और स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देने के संकल्प की दिशा में सरगम उत्पादक समूह की महिलाएं अपनी मेहनत और हुनर से एक प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत कर रही हैं। इस दीपावली में ग्राम भिलाई की इन महिलाओं के हाथों से बने एक-एक दीये में सिर्फ रोशनी नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, स्वावलंबन और स्थानीय उत्पादों को आगे बढ़ाने का संकल्प भी जगमगा रहा है।
 

————————

✍️07. बस्तर ओलंपिक में कृषि महाविद्यालय कांकेर के विद्यार्थियों का शानदार प्रदर्शन, जीते पदक। भाला फेंक में भावेश कुमार ने जीता रजत, रिले रेस में इंद्रजीत सहारे ने हासिल किया कांस्य पदक।

— बस्तर ओलंपिक की विभिन्न खेल स्पर्धाओं में रामप्रसाद पोटाई कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र कांकेर के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महाविद्यालय एवं जिले का नाम गौरवान्वित किया है। प्रतियोगिता के सीनियर वर्ग में महाविद्यालय के छात्र भावेश कुमार ने भाला फेंक (जैवलिन थ्रो) स्पर्धा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए द्वितीय स्थान प्राप्त कर रजत पदक अपने नाम किया। वहीं छात्र इंद्रजीत सहारे ने रिले रेस में शानदार प्रदर्शन करते हुए तृतीय स्थान हासिल कर कांस्य पदक जीता। इसके अलावा महाविद्यालय के प्रतिभावान विद्यार्थी माणिक लाल एवं हिमांशु चौबे ने भी विभिन्न खेल गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस गौरवमयी उपलब्धि पर महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. आदिकांत प्रधान सहित खेल अधिकारी अनिल उसेण्डी और प्राध्यापकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

————————

✍️08. कक्षा सजाओ प्रतियोगिता आयोजित हुई व दीपदान किया गया।

—दीपावली पर्व के पावन अवसर पर सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गढ़पिछवाड़ी कांकेर में कक्षा सजाओ प्रतियोगिता और दीपोत्सव का सुंदर आयोजन रखा गया।
इस अवसर पर विद्यालय के व्यवस्थापक   अशोक राठी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे।  सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों ने बड़े ही रोचक ढ़ंग से अपनी कक्षाओं की साज सज्जा की तथा दीप जलाकर अतिथियों का अभिनंदन किया। इस अवसर पर विद्यालय के व्यवस्थापक   अशोक राठी ने विद्यार्थियों की मेहनत, कल्पना और टीम भावना को सराहा। उन्होंने कहा कि दीपावली आप सभी के जीवन में सुख, शांति और अच्छे संस्कार लेकर आये।  प्राचार्य   भूपेंद्र तिवारी ने कहा कि हमे दीपावली के पर्व पर मिट्टी के दीये का उपयोग करना चाहिए। साथ ही पटाखे का उपयोग कम करना चाहिए। दीपावली पर्व पर स्वदेशी का भाव परिलक्षित होना चाहिए। वरिष्ठ आचार्य श्रीमती सविता यादव ने कहा कि दीपावली का पर्व भगवान् श्री राम के अयोध्या आगमन पर मनाया जाता है। यह दीपदान व अन्य तमाम धार्मिक मान्यताओं से जुड़ा हुआ है। वरिष्ठ आचार्य श्रीमती उत्तरा नायक ने भी दीपावली पर्व पर अनेक विशिष्ट जानकारी विद्यार्थियों को दी। वरिष्ठ आचार्य   संतोष श्रीवास्तव “सम” ने अपनी कविता के माध्यम से कहा कि –
यह दीप पर्व रौशन करता,
हर घर, हर आंगन का कोना,
दमके जैसे कोई सोना।
कक्षा सजाओ प्रतियोगिता में कनिष्ट वर्ग से कक्षा प्रथम ने प्रथम स्थान पाया एवं वरिष्ठ वर्ग से कक्षा अष्टम् व कक्षा षष्ठ ने प्रथम स्थान अर्जित किया। कक्षा सजाओ प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका में श्रीमती बबीता दीदी, श्रीमती रेणुका जैन, श्रीमती सविता यादव, श्रीमती शशिकला श्रीवास्तव, श्रीमती पूर्णिया पांडे व श्रीमती रूखमणी साहू थे। कार्यक्रम का संचालन   जीवन गंगबेर ने किया। इस अवसर पर सभी आचार्य/दीदी व भैया बहन उपस्थित थे।
———————–

 ✍️09.पखांजुर में दो दिवसीय ब्लॉक (कोयलीबेड़ा) स्तरीय बस्तर ओलंपिक का भव्य समापन समारोह संपन्न। 1721 खिलाड़ियों की भागीदारी, सभी विजयी प्रतिभागि विजेता मोमेंटो,प्रमाण पत्र एवं मेडल से पुरस्कृत। जनपद अध्यक्ष श्यामवत्ती मंडावी अध्यक्षता में समापन कार्यक्रम आयोजित।

—छत्तीसगढ़ शासन एवं खेल और युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित पारंपरिक खेलों को प्रोत्साहित करने,बस्तर संभाग के जनजातीय बहुल एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में युवाओं की खेल प्रतिभा को पहचानने के उद्देश्य से दो दिवसीय ‘बस्तर ओलंपिक 2026’ का आयोजन दिनाँक 04/11/2026 से किया जा रहा था,जिसका समापन आज 05/11/2026 को विकासखंड कोयलीबेड़ा में पखांजूर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्टेडियम में जनपद पंचायत कोयलीबेड़ा की अध्यक्ष श्रीमती श्यामवती मंडावी के मुख्य आतिथ्य एवं जनपद उपाध्यक्ष श्रीमती मंजू सरदार की अध्यक्षता, अनुविभागीय अधिकारी पखांजूर सुरेश कुमार साहू,देवकुमार शील खंड शिक्षा अधिकारी कोयलीबेड़ा, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत कोयलीबेड़ा सुभाष वैध सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी कर्मचारियों की गरिमामयी उपस्थिति में किया गया। विकासखंड कोयलीबेड़ा के बस्तर ओलंपिक समारोह  सुरेश कुमार साहू एसडीएम पखांजूर एवं श्री उदय प्रकाश नाग मुख्य कार्यपालिका अधिकारी जनपद पंचायत कोयलीबेड़ा के कुशल नेतृत्व एवं उत्कृष्ट मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।  इस आयोजन को दो वर्ग में बांटा गया है।जूनियर वर्ग में 14 से 17 वर्ष के युवक भाग लिए हैं वही सीनियर वर्ग के लिए कोई उम्र बंधन नहीं है। 

बस्तर ओलंपिक में विभिन्न खेल एथलेटिक्स विभिन्न लंबाई के दौड़,लंबी कूद,ऊंची कूद,गोला फेक, भाला फेक,तीरंदाजी,कराते एवं बैडमिंटन,फुटबॉल खो-खो,कबड्डी,व्हालीबाल आदि खेलों का आयोजन किया गया जहां पर क्षेत्र के ग्रामीण एवं सुदूर अंचल से आए खिलाड़ियों ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया। उपरोक्त खेलों में एकल प्रतिस्पर्धा की खेलों में प्रथम,द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले खिलाडीयो एवं सामूहिक प्रतिस्पर्धा की खेलों में विजेता और उपविजेता टीमों के खिलाड़ियों को को पुरस्कार वितरण किया गया। पुरस्कार के रूप में उन्हें विजयी मोमेंटो,प्रमाण पत्र एवं मेडल प्रदान किए गया। सभी विजयी खिलाड़ी 09/11/2026 से जिला मुख्यालय कांकेर में जिला स्तर पर आयोजित होने वाले बस्तर ओलंपिक प्रतियोगिता में भाग लेकर विकासखंड का नेतृत्व करेंगे।

समापन के अवसर पर अतिथियों ने खिलाड़ियों के उत्साह और खेल भावना की सराहना करते हुए कहा कि बस्तर ओलंपिक और युवा उत्सव युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान कर रहे हैं। खेलों में हार और जीत से अधिक महत्वपूर्ण खेल भावना, अनुशासन और आपसी सहयोग है। उन्होंने युवाओं से प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर भाग लेने और अपनी प्रतिभा से गांव,जिले तथा प्रदेश का नाम रोशन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक में युवाओं की बढ़ती भागीदारी क्षेत्र में खेलों के प्रति बढ़ती रुचि को दर्शाती है।इस आयोजन को संपन्न कराने में विकासखंड कोयलीबेड़ा के शिक्षा विभाग,लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों का विशेष योगदान रहा है इन विभागों से श्री सुभाष चंद्र बैध, देव कुमार शील बीईओ कोयलीबेड़ा,  व्यायाम शिक्षक शंभू साहा,जगत राम ध्रुव,संतोष साहा,राम शरण वैष्णव,सोमारी मंडावी,देवेंद्र गौर, शोभन बनर्जी,चंचल सिंहा,श्रद्धा टांडेकर,खेल के संयोजक एवं निर्णायक संतोष जायसवाल,भोला प्रसाद ठाकुर,प्रकाश चौधरी,राजेन्द्र कलामें,सदेसिंह शोरी,कृष्णेन्दू आईच,कृपा सिंधु घरामी,संजय बैरागी कृष्णपाल राणा,अजीत ठाकुर,राजेंद्र कलामें,रितिका कावडे,कन्हैयालाल कचलाम,बलविंदर कौर,सोमारु राम गावड़े,संजय बैरागी,मंदारामा स्वामी सहित सभी जोनों के ग्राम पंचायत सचिव असमंज हीरा,अंजाम दीवान,कमलेश मंडावी,दलसु उसेंडी,मंतोष घरामी,अनुतोष मंडल,कत्थालाल मरकाम,निरंजन सरकार,रंजीत विश्वास,शुभाष दास एवं जनपद पंचायत के कर्मचारियों सहित स्वयं सेवक सूरज मंडल एवं तुषार बरुआ ने खेलो को संपन्न कराने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।
———————–

✍️ 10. राज्योत्सव में सशिमं विद्यालय की आकर्षक प्रस्तुति हुई।

  —छत्तीसगढ़ राज्य उत्सव के दौरान जिले का मुख्य आयोजन शास.नरहरदेव उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कांकेर में संपन्न हुआ। जहाँ विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभाओं का प्रदर्शन किया।  इसी कड़ी में सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गढ़पिछवाड़ी कांकेर की बहनों ने पारंपरिक आदिवासी हल्बी नृत्य की रोचक प्रस्तुति दी।
उक्त प्रस्तुती में बहनों ने पारंपरिक आदिवासी वेशभूषा में सुंदर नृत्य का प्रदर्शन किया।नृत्य में प्रमुख रूप से मानसी, अनुमेहा, देविका, चंचल, अंजलि, श्रेया, दामिनी, उर्वशी, मानसी, निकिता, आंचल, सुनिधि, आदि बालिकाएं शामिल थी।नृत्य की प्रस्तुति में महत्वपूर्ण भूमिका विद्यालय की दीदी श्रीमती मनभा मंडावी व आचार्य श्री सूरज मंडावी का रहा। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य श्री भूपेंद्र तिवारी उपस्थित थे।उक्त प्रस्तुती में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक व लोक परम्परा की स्पष्ट छवि नजर आ रही थी, जो अत्यंत ही रोचक थी।

———————–

शुभ रात्रि… कल इसी समय फिर हाजिर होंगे हम। टॉप 10 न्यूज सशक्त पथ संवाद पर…आपके कमेंट का इंतजार रहेगा…

————————

नोटः— खबर लिखे जाने अभी तक हमारे पास  किसी अप्रिय घटना दुर्घटना की खबर नहीं है। 🙏

————————

 

Related Posts

आज की टॉप 10 खबर 04 नवम्बर 2026 बुधवार

  ———————- कांकेर टॉप 10 अब पढें विस्तार से …. 04 नवम्बर  2026 बुधवार ✍️मनोज जायसवाल ———————- ✍️ 01. कांकेर की ज्योतिष मनीषी डॉ. गीता शर्मा के हाथों कादम्बरी सम्मान…

आज की टॉप 10 खबर 03 नवम्बर 2026 मंगलवार

———————- संपादकीय— ”भौतिक सरोकार ही जिंदगी”  —भौतिक रूप से मिलने जुलने, बात करने फोन पर भी बात करने से आपको आत्मिक शांति मिलेगी। बातों में ही सब कुछ रखा है,…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *