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संपादकीय-
फिल्म शुटिंग स्पाट खींच लाती है स्पाट पर……

-हिन्दी सिनेमा जगत में जहां राम तेरी गंगा मैली,प्रेम रोग,नदिया के पार जैसी ऐतिहासिक सफल फिल्मों की पटकथा को विचार करते गुगल पर स्पाट सर्च कर रहे होते हैं,जो यह प्रदर्शित करता है कि इन फिल्मों की पटकथा पर जिस स्पाट में शुटिंग किया गया है,वह भी महान है। फिल्मों की कथानक देख कर जरूर उन लोगों का जज्बा भर देता है जो उन्हें उस स्पाट पर ले जाने बाध्य करता है। अतीत में बस्तर में की गयी शुटिंग की बात करें तो अभी भी लोग उन सुनहरी यादों के स्पाट में जाने हमेशा तैयार होंगे। हिन्दी सिनेमा जगत ही नहीं आज भी हम बात करें छालीवुड यानि छत्तीसगढ़ी फिल्मों के स्पाट की तो सफल होने के पीछे स्पाट भी रहता है। मोर छंइया भुंइया जहां भिलाई के कल्याण कालेज में शुटिंग हुई, मया ले ले मया दे दे गरियाबंद की सुंदर तटवर्ती जगहों पर तथा हाल के आई लव यु के साथ ही स्थानीय स्तर पर बनने वाले एलबम के शुटिंग स्पाट भी लोगों को वहां तक ले आती है। हिन्दी फिल्म जगत में जब पीपली लाईव आयी तो छत्तीसगढ़ में भी इस फिल्म को देखने जज्बा पैदा हुआ था। कारण कि अपनी धरा अपनी माटी से जुड़ा कलाकार नत्था जो फिल्म में अहम किरदार निभा रहे हैं। तो इसी फिल्म में हमारे छत्तीसगढ़ की एक महान गीत चोला माटी के हे राम एकर का भरोसा, चोला माटी के हे रे चोला माटी के हे हो हाय चोला माटी के हे राम एकर का भरोसा, चोला माटी के हे रे द्रोणा जइसे गुरू चले गे करन जइसे दानी संगी, करन जइसे दानी बाली जइसे बीर चले गे, रावन कस …ये गीत शामिल किए गए। यह तो देश और हमारे प्रदेश की बात हो गई। सुना जाता कि अमुक फिल्म की शुटिंग विदेश के इस स्थान पर हुई है लेकिन यहां उतना जज्बा उस स्थान को देखने का नहीं होता जितना कि अपने देश के स्पाट का। कहने का सीधा आशय कि स्पाट भी फिल्मों की सफलता का एक सुत्र है।
✍️मनोज जायसवाल
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कांकेर टॉप 10 अब पढें विस्तार से ….
25 अप्रेल 2026 शनिवार
✍️मनोज जायसवाल
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01.रेत से भरी हाईवा वाहन का महानदी के घाटों से राजमार्ग 30 तक परिवहन से हमेशा हादसों की आशंका।
— महानदी के अरौद सहित अन्य घाटों से राष्ट्रीय राजमार्ग 30 होते बाहर जा रही हाईवा वाहनों के देर शाम रात्रि तक अवैध तरीके से परिवहन अब आम लोगों का जी का जंजाल बन चुका है। बाहर से आने वाले और बाहर रेत को ले जाने वाले हाईवा वाहनों के लगातार परिवहन से चिनौरी के पास सडक खस्ताहाल हो चुकी है,लेकिन इसकी परवाह किसी को नहीं है। एकांगी हो चुके इस मार्ग में चलना हमेशा हादसों को न्यौता है। हाईवा ट्रकों के ड्रायवर मोटर सायकल एवं अन्य वाहनों को साईड नहीं देते जिसके चलते हमेशा तनाव की स्थिति देखने मिल रहा है। अगर यातायात पुलिसिया कार्रवाई की बात करें तो शुन्य है,जबकि खासकर चिनौरी एवं भिरौद सडक मार्ग में बल की आवश्यकता है। क्षेत्र की आम जनता जो इस सडक से रोज आवाजाही कर रहे हैं, रेत माफियों के अवैध तरीके से इस प्रकार परिचालन से त्रस्त आ चुके हैं। जनप्रतिनिधियों के भी ध्यान नहीं देने के चलते आम जनता का पूछने वाला कोई नहीं है।
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02. सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का वार्षिक परीक्षाफल घोषित

—सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गढ़पिछवाड़ी कांकेर का वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित किया गया। इस अवसर पर विद्यालय प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए विद्यालय के प्राचार्य कैलाश कुमार तारक ने कहा कि हमारे भैया बहनों ने शैक्षणिक एवं तमाम बौद्धिक व खेल क्षेत्र में प्रगति की है। आज उनका वार्षिक परीक्षा फल प्रस्तुत होना है। हमारे विद्यालय के द्वारा विभिन्न चरणों में परीक्षाएं आयोजित कर भैया बहनों की शैक्षिक गुणवत्ता हेतु प्रयत्न किया जाता है। इसी कड़ी में आज वार्षिक परीक्षा फल घोषित हो रहा है। विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से भी भैया बहनों में नैतिक आध्यात्मिक बौद्धिक शारीरिक गतिविधियों का विकास किया जाता है।विद्यालय के व्यवस्थापक अशोक राठी ने कहा कि आज का दिन किसी उत्सव से कम नहीं है। भैया बहन जो कठिन परिश्रम करते हैं, उसके परिणाम का यह दिन उनमें एक नवीन ऊर्जा का संचार करेगा। गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा निरंतर कायम रहे इस हेतु हमारे सभी आचार्यों ने भी काफी परिश्रम किया है। समस्त सफल विद्यार्थियों को मैं अपनी शुभकामनाएं देता हूं एवं जो विद्यार्थी पीछे रह गए हैं वह भी आने वाले दिनों में और अधिक परिश्रम करके सफलता प्राप्त करें ऐसी आशा करता हूं।वार्षिक परीक्षा फल की घोषणा वरिष्ठ आचार्य एवं परीक्षा प्रभारी श्रीमती ललता अहरवाल ने किया। विभिन्न कक्षाओं में भैया बहनों ने निम्न प्रकार से अपना स्थान लाया।कक्षा अरुण में प्रथम स्थान पर उपासना नेताम,द्वितीय स्थान पर युवरानी, तृतीय स्थान पर निया यादव रही। कक्षा उदय में प्रथम स्थान पर दुशांत हिचामी, द्वितीय स्थान पर खुशबू मंडावी एवं तृतीय स्थान पर धवल जैन रहे। कक्षा प्रथम में प्रथम स्थान पर गीता जैन, द्वितीय स्थान पर रिया देवनाथ एवं तृतीय स्थान पर सौरव मंडावी रहे। कक्षा द्वितीय में प्रथम दुर्वेश उसेण्डी, द्वितीय आस्था दुग्गा एवं तृतीय गीतिशा साहू रही। कक्षा तृतीय में प्रथम मानसी तारम, द्वितीय स्थान पर कुष्मिता वर्मा, एवं तृतीय तेजल पटेल रहे। कक्षा चतुर्थ में प्रथम प्राची नेताम, द्वितीय यूलिया साहू एवं तृतीय प्रियांशी पटेल एवं हेतल देहारी रहे।कक्षा षष्ठ में प्रथम चंचल कांगे, द्वितीय संजय नागेश एवं तृतीय कृतिका सोरी रही। कक्षा सप्तम में प्रथम दीप्तांशु यादव, द्वितीय विधि जैन, एवं तृतीय स्थान पर दामिनी मंडावी रही।कक्षा नवम (अ) में प्रथम स्थान पर नेस्सी कुमेटी, द्वितीय स्थान पर निहारिका साहू एवं तृतीय स्थान पर हिमाद्री जैन रही। इसी प्रकार से नवम् (ब) में प्रथम कुंजल देवांगन, द्वितीय माधुरी पुसरिया एवं तृतीय स्थान पर डिंपल देवांगन रही।कक्षा एकादश गणित संकाय में प्रथम खुशहाल उइके, द्वितीय मानसी कुंजाम रहीं। एकादश जीव विज्ञान संकाय में प्रथम आकांक्षा कश्यप, द्वितीय तनीषा देवांगन,एवं तृतीय स्थान पर महिमा जैन रहीं। एकादश कृषि संकाय में प्रथम स्थान पर तमन्ना यादव,द्वितीय स्थान पर कृतिका नेताम एवं तृतीय स्थान पर आंचला यादव,एवं प्रीति रहीं। एकादश कामर्स संकाय में प्रथम स्थान पर लेमन नेताम रहे, द्वितीय स्थान ऐशराम सिन्हा एवं तृतीय स्थान पर संध्या राजपूत रहीं। परीक्षा परिणाम के पश्चात समिति के नये सदस्य बालकृष्ण तोमर जी को व्यवस्थापक अशोक राठी के द्वारा शपथ दिलवाई गई। इस अवसर पर विशेष रूप से समिति के उपाध्यक्ष रामशरण जैन, सहसचिव अजय जैन, संस्थान प्रतिनिधि पोखन सिन्हा, विभाग समन्वयक महेंद्र भोसार, समिति सदस्य तृप्ति जैन, निर्मला नेताम, यशवंत सिन्हा, मोहन सेनापति, संपतराम पांडे सहित विद्यालय के पालकगण उपस्थित थे। समस्त आचार्यों ने उपरोक्त परीक्षा परिणाम में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम का संचालन आचार्य जीवन गंगबेर ने किया।
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03.कांकेर पीजी कॉलेज के हिंदी विभाग का अभिनव पहल: लघु शोध प्रबंध लेखन से होगा आंचलिक साहित्य संवर्धन ।
—नई शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत कांकेर स्थित शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के हिंदी विभाग ने शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय बस्तर द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम एम.ए. हिंदी चतुर्थ सेमेस्टर के पाठ्यक्रम में “लघु शोध प्रबंध लेखन” का क्रियान्वयन कर विद्यार्थियों को शोध, लेखन और आंचलिक साहित्य से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के दिशा-निर्देशों और शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय, बस्तर (जगदलपुर) के मार्गदर्शन में यह पहल लागू की गई है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें अपने आसपास के साहित्य, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों से परिचित कराना है।हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. नवरतन साव ने बताया कि इस वर्ष कुल 120 छात्र-छात्राएं इस योजना के तहत पंजीकृत हैं। इन्हें चार समूहों में विभाजित कर प्राध्यापक प्रो. विजय प्रकाश साहू, डॉ. सीमा परिहार और डॉ. माहेनूर सैयदा के मार्गदर्शन में शोध कार्य कराया जा रहा है।इस पहल की खास बात यह है कि विद्यार्थी बस्तर अंचल सहित प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर के साहित्यकारों के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर लघु शोध प्रबंध तैयार कर रहे हैं। इनमें से अधिकांश विद्यार्थियों द्वारा अपने लघु शोध प्रबंध लेखन के लिए आंचलिक साहित्यकारों के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को वरियता देते हुए आंचलिक साहित्य को संरक्षित एवं संवर्धित करने का प्रयास किया जा रहा है ।इनमें ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित डॉ. विनोद कुमार शुक्ल, गजानन माधव मुक्तिबोध, पदुमलाल पुन्नालाल बक्शी, पं. माधव राव सप्रे, पं.लोचनप्रसाद पाण्डेय, हरिशंकर परसाई, श्रीकांत वर्मा, लाला जगदलपुरी, हबीब तनवीर, डॉ विभु कुमार, नारायण लाल परमार, त्रिभुवन पांडेय, गुलशेर खां ‘शानी’, महेरुन्निसा परवेज़, जया जादवानी, जयंत कुमार थोरात, आलोक कुमार सातपुते, यशवंत साहू, डुमन लाल ध्रुव, कन्हैयालाल साहू जैसे प्रतिष्ठित साहित्यकारों के साथ-साथ बस्तर और कांकेर क्षेत्र के कई स्थानीय रचनाकार भी शामिल हैं।छात्र-छात्राएं स्थानीय साहित्यकारों की प्रकाशित कृतियों का अध्ययन कर उनके साहित्यिक, सामाजिक और सांस्कृतिक पहलुओं को सामने ला रहे हैं। इससे क्षेत्रीय साहित्य को नई पहचान मिलने के साथ ही अंचल की संस्कृति, परंपराएं और यहां की समस्याएं भी शोध के माध्यम से उजागर हो रही हैं।
कांकेर नगर और बस्तर अंचल के साहित्यकारों—जैसे बहादुर लाल तिवारी, सुरेशचंद्र श्रीवास्तव, डॉ. स्वामी राम बंजारे, शिवसिंह भदौरिया, मीरा आर्ची, विद्या वाचस्पति संतोष श्रीवास्तव “सम”, अनिल कुमार मौर्य, सेवक राम निषाद, आत्माराम साहू सहित बस्तर अंचल के हरिहर वैष्णव, के.एल. श्रीवास्तव, उर्मिला आचार्य आदि रचनाकारों—की कृतियों पर भी शोध किया जा रहा है।प्रख्यात साहित्यकार सुरेश चंद्र श्रीवास्तव ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि महाविद्यालय द्वारा स्थानीय रचनाकारों पर शोध को प्रोत्साहित करना सराहनीय कदम है। इससे विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र की साहित्यिक परंपरा को समझने में मदद मिलेगी और वे भविष्य में स्थानीय मुद्दों को अधिक गहराई से विश्लेषित कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि यह प्रयास न केवल विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास में सहायक होगा, बल्कि आंचलिक साहित्य के संरक्षण और संवर्धन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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04 पुलिस अधीक्षक कांकेर द्वारा पुलिस लाइन का किया गया निरीक्षण, प्रशासनिक व्यवस्थाओं का लिया गया विस्तृत जायजा। अभिलेख संधारण, अनुशासन, स्वच्छता, सुरक्षा व्यवस्था एवं शाखाओं की कार्यप्रणाली की गई जांच। उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को पुरस्कार देकर किया गया सम्मानित।
—जिला उत्तर बस्तर कांकेर पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा (भा.पु.से.) द्वारा पुलिस लाइन कांकेर का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण का उद्देश्य पुलिस लाइन की समस्त प्रशासनिक व्यवस्थाओं, शाखाओं की कार्यप्रणाली, अभिलेखों के रखरखाव, परिसर की स्वच्छता, सुरक्षा व्यवस्था, अनुशासन एवं कर्मचारियों के कल्याण से संबंधित व्यवस्थाओं का परीक्षण करना था। इस दौरान शाखा प्रभारियों से कार्यों की प्रगति, संसाधनों की उपलब्धता एवं भविष्य की आवश्यकताओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई।
अभिलेखों एवं रजिस्टरों की गहन जांच :-
निरीक्षण के दौरान कार्यालयों में संधारित अभिलेखों, रजिस्टरों एवं दस्तावेजों की सूक्ष्मता से जांच की गई। रिकॉर्ड में अद्यतन प्रविष्टियां, दस्तावेजों की शुद्धता, रखरखाव की स्थिति एवं समयबद्ध संधारण की समीक्षा की गई।
बैरक एवं आवासीय परिसर का निरीक्षण :-
पुलिस कर्मियों के रहने हेतु निर्मित बैरकों एवं आवासीय परिसरों का निरीक्षण कर साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था, शौचालयों की स्थिति एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की जांच की गई। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि कर्मचारियों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया जाए तथा नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए।
शस्त्रागार एवं क्वार्टर गार्ड का निरीक्षण :-
शस्त्रागार एवं क्वार्टर गार्ड का निरीक्षण कर शस्त्रों के रखरखाव, सुरक्षा मानकों, नियमित सफाई, रिकॉर्ड संधारण एवं सुरक्षा व्यवस्था का परीक्षण किया गया। सभी हथियारों को सुरक्षित एवं कार्यशील स्थिति में रखने तथा नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही जवानों को शस्त्र संचालन में दक्षता बनाए रखने हेतु नियमित अभ्यास कराने कहा गया।

परिवहन शाखा की समीक्षा :-
परिवहन शाखा में उपलब्ध वाहनों की स्थिति, रखरखाव, ईंधन उपयोग, लॉग बुक, आवागमन रजिस्टर एवं थाना-वार वाहन रोस्टर की जांच की गई। निर्देशित किया गया कि सभी वाहन समय पर उपलब्ध रहें, नियमित सर्विसिंग कराई जाए तथा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित उपयोग हेतु तैयार रखें जाएं।
पुलिस कर्मियों एवं रिक्रूट आरक्षकों से संवाद :-निरीक्षण के दौरान पुलिस लाइन में पदस्थ कर्मचारियों एवं रिक्रूट आरक्षकों से सीधा संवाद कर ड्यूटी, प्रशिक्षण, आवास, भोजन, संसाधन, समस्याओं एवं सुझावों की जानकारी ली गई। रिक्रूट आरक्षकों के प्रशिक्षण की समीक्षा की गई। प्रशिक्षण अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जवानों को अनुशासन, शारीरिक क्षमता एवं आधुनिक पुलिसिंग के अनुरूप नियमित प्रशिक्षण दिया जाए।
उत्कृष्ट कार्य पर कर्मचारियों को पुरस्कार :-
निरीक्षण के दौरान परिसर में स्वच्छता, अनुशासन एवं उत्कृष्ट कार्य पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। समयबद्ध एवं उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में भी इसी प्रकार समर्पण भाव से कार्य करने हेतु प्रेरित किया गया।
पुलिस अधीक्षक का संदेश :-
पुलिस अधीक्षक कांकेर ने कहा कि पुलिस लाइन में अनुशासनात्मक, प्रशासनिक एवं संसाधन व्यवस्था जितनी बेहतर होगी, जिले की कानून व्यवस्था उतनी ही मजबूत होगी। सभी अधिकारी एवं कर्मचारी ईमानदारी, अनुशासन एवं जनसेवा की भावना से कार्य करें। कांकेर पुलिस द्वारा प्रशासनिक सुदृढ़ता, कर्मचारी कल्याण, संसाधनों के बेहतर उपयोग एवं अनुशासित कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने हेतु निरंतर प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।
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05 . बाल विवाह पर समय रहते प्रशासन ने की कार्यवाही, टीम ने रुकवाया विवाह।

—जिला बाल संरक्षण इकाई को प्राप्त सूचना के आधार पर ब्लॉक भानुप्रतापपुर के ग्राम पंचायत तुएगहन, थाना कोरर क्षेत्र में प्रस्तावित बाल विवाह पर प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विवाह रुकवा दिया। मिली जानकारी के अनुसार उक्त विवाह आगामी 30 अप्रैल से प्रारंभ होना था। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी के निर्देश पर जिला बाल संरक्षण अधिकारी द्वारा एक संयुक्त टीम गठित की गई। टीम में चाइल्ड हेल्पलाइन, जिला बाल संरक्षण इकाई एवं पुलिस थाना कोरर के स्टाफ शामिल रहे। टीम मौके पर पहुंचकर बाल विवाह की रोकथाम की कार्यवाही में जुट गई। कार्रवाई के दौरान ग्राम पंचायत पंडरीपानी के सरपंच, उपसरपंच, पटेल एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भी मौके पर उपस्थित रहे। टीम द्वारा लड़के एवं लड़की की उम्र से संबंधित दस्तावेजों की जांच की गई, जिसमें पाया गया कि लड़के की उम्र 21 वर्ष से कम है, जो कि बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत निर्धारित आयु से कम है। इसके बाद टीम ने माता-पिता एवं परिजनों को समझाइश दी तथा बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। परिवार द्वारा सहमति पत्र/पंचनामा पर हस्ताक्षर कर बाल विवाह नहीं करने की सहमति दी गई। इस प्रकार प्रशासन की सतर्कता एवं त्वरित कार्रवाई से बाल विवाह को सफलतापूर्वक रोका गया।
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06. आवासीय खेल अकादमी में प्रवेश हेतु चयन ट्रायल, जिले के खिलाड़ियों से 27 अप्रैल तक आवेदन
— खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा रायपुर में स्थित आवासीय खेल अकादमी में हॉकी, वेटलिफ्टिंग, तीरंदाजी, एथलेटिक्स (बालक-बालिका) एवं फुटबॉल (बालिका) के नवीन खिलाड़ियों को प्रवेश दिया जाना है, इसके लिए चयन ट्रायल आयोजन किए जाएंगे। इसके अंतर्गत हॉकी, वेटलिफ्टिंग, तीरंदाजी, एथलेटिक्स (बालक-बालिका) एवं फुटबॉल (बालिका) खेलों में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा।जिला खेल अधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार 28 से 29 अप्रैल को वेटलिफ्टिंग (बालक-बालिका) एवं फुटबॉल (बालिका) के लिए चयन ट्रायल रायपुर के कोटा में आयोजित होगा। इसी प्रकार तीरंदाजी एरिना (बालक-बालिका) का चयन ट्रायल बालिका छात्रावास के सामने रायपुर में आयोजित होगा। इसी प्रकार 30 अप्रैल से 1 मई तक हॉकी एवं एथलेटिक्स (बालक-बालिका) का चयन ट्रायल कोटा एवं हॉकी स्टेडियम पिच -2, बालक छात्रावास के सामन रायपुर में आयोजित किया जाएगा। चयन ट्रायल में 01 अप्रैल 2026 की स्थिति में 13 से 17 आयु वर्ग के बालक-बालिका शामिल हो सकते हैं। जिले के इच्छुक खिलाड़ी निर्धारित आवेदन पत्र भरकर अपनी उपलब्धियों के प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र एवं आधार कार्ड की छायाप्रति सहित आगामी 27 अप्रैल तक कार्यालय जिला खेल अधिकारी खेल एवं युवा कल्याण इंडोर स्टेडियम भवन कांकेर में जमा कर सकते हैं।
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07. बस्तर मुन्ने, सुशासन तिहार एवं नियद नेल्लानार 0.2 के सफल संचालन हेतु जिले में 01 मई से शिविरों का आयोजन शिवरों के लिए 46 क्लस्टर बनाए गए।
— राज्य शासन द्वारा दिए गए निर्देशों के तहत नागरिकों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के लिए बस्तर संभाग में संचालित बस्तर मुन्ने तथा नियद नेल्लानार 2.0 और राज्य व्यापी सुशासन तिहार अभियान के सफल संचालन के लिए जिले में 46 क्लस्टर बनाए गए हैं। अभियान के तहत जिले में क्लस्टरवार 01 मई से शिविरों का आयोजन किया जाएगा, इन शिविरों के पर्यवेक्षण, निरीक्षण तथा विभागीय सहयोग एवं समन्वय के लिए कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर द्वारा विभिन्न विभागों के अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। जनपद पंचायत अंतागढ़ में 08 क्लस्टर, भानुप्रतापपुर में 05 क्लस्टर, चारामा में 06 क्लस्टर, दुर्गूकोंदल में 04 क्लस्टर, जनपद पंचायत कांकेर में 04 क्लस्टर, कोयलीबेड़ा में 08 क्लस्टर और जनपद पंचायत नरहरपुर के अंतर्गत 11 क्लस्टर बनाए गए हैं।जनपद पंचायत अंतागढ़ में आमागांव, जेठेगांव, बेलोण्डी, करमरी, मासबरस, कलगांव, कोलर और टिमनार को क्लस्टर बनाए गए हैं। इसी प्रकार जनपद पंचायत भानुप्रतापपुर अंतर्गत परवी, कराठी, भानबेड़ा, हाटकर्रा, भैंसाकन्हार (डू) और जनपद पंचायत चारामा में चारामा, हाराडुला, लखनपुरी, पुरी, शाहवाड़ा एवं लिलेझर, जनपद पंचायत दुर्गूकोंदल अंतर्गत तरहूल, हामतवाही, बरहेली, खुटगांव तथा जनपद पंचायत कांकेर में धनेलीकन्हार, पीढ़ापाल, माकड़ीखूना, गढ़पिछवाड़ी एवं जनपद पंचायत कोयलीबेड़ा में ऐसेबेड़ा, उदनपुर, गोण्डाहूर, बान्दे कॉलोनी, कोयलीबेड़ा, बड़गांव, छोटेकापसी एवं बेलगाल और जनपद पंचायत नरहरपुर के अंतर्गत सुरही, जामगांव, मुसुरपुट्टा, धनोरा, साल्हेभाट, करप, धनेसरा, जुनवानी, किशनपुरी, बिरनपुर और अमोड़ा को क्लस्टर बनाया गया है। इन सभी क्लस्टरों के लिए जिला स्तर से नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।
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08. “सही दवा शुद्ध आहार, यही है छत्तीसगढ़ का आधार ” थीम पर 15 दिवसीय जांच अभियान 27 अप्रैल से
—छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा लिए गए निर्णय अनुसार जिले में 27 अप्रैल से 11 मई तक ” सही दवा शुद्ध आहार, यही है छत्तीसगढ़ का आधार” थीम पर 15 दिवसीय जांच अभियान संचालित किया जाएगा। जनस्वास्थ्य सुरक्षा की दृष्टि से संचालित किए जा रहे इस अभियान के लिए कलेक्टर श्री निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर द्वारा खाद्य एवं औषधि प्रशासन के साथ राजस्व एवं पुलिस विभाग के अमले को शामिल कर पृथक -पृथक दो खाद्य एवं औषधि प्रकोष्ठ टीम गठित किया जा रहा है। इन दलों के द्वारा 15 दिवसीय जांच अभियान में जिले में सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण एवं मानकयुक्त दवाओं व खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करना, मिलावट,नकली दवाओं और औषधि बिक्री पर नियंत्रण के साथ -साथ जनसामान्य को सुरक्षित दवा का उपयोग और स्वच्छ पौष्टिक आहार के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना है ताकि जनस्वास्थ्य की रक्षा और सुधार हो सके। इसके लिए जिले के विभिन्न औषधि प्रतिष्ठानों जैसे थोक एवं खुदरा औषधि विक्रेता, फास्ट मूविंग कास्मेटिक एजेंसी, अस्पतालों से जुड़ी फार्मेसी चेन, वेक्सीन संधारण,स्वानक औषधि भण्डारण एवं विक्रय,कोटपा अधिनियम अंतर्गत चालानी कार्रवाई एवं जागरूकता, संदेहास्पद औषधि एवं प्रसाधन सामग्री का नमूना संग्रहण करनें के साथ -साथ विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों जैसे चाट, गुपचुप सेंटर, गन्ना रस,साफ्ट ड्रिंक्स, आइसक्रीम वेंडर्स,ड्रेसरी प्रोडक्ट, होटल,ढाबा, रेस्टोरेंट,केक एवं बेकरी प्रोडक्ट विनिर्माण,पेप्सी,आइसकैंडी,आइसगोला विक्रेता प्रतिष्ठानों का सघन जांच एवं नमूना संग्रहण की कार्रवाई की जायेगी।खाद्य प्रकोष्ठ हेतु जिला अभिहित अधिकारी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी एवं नमूना सहायक तथा औषधि प्रकोष्ठ के लिए राजस्व एवं पुलिस विभाग को शामिल कर गठित संयुक्त टीम द्वारा जिले के औषधि एवं खाद्य प्रतिष्ठानों में जांच एवं जागरूकता अभियान का संचालन किया जाएगा तथा प्रतिदिन किये गये कार्रवाई का संकलन कर जानकारी नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन रायपुर को भेजा जाएगा।
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09 .बस्तर मुन्ने के तहत ग्राम स्तर पर आयोजित की जाएंगी विभिन्न गतिविधियां, छूटे हुए पात्र हितग्राहियों को नियद नेल्लानार 2.0 के तहत किया जाएगा लाभान्वित।
-छत्तीसगढ़ शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के निर्देशानुसार जिले के विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं की अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ‘बस्तर मुन्ने’ (अग्रणी बस्तर) अभियान का चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत आगामी 01 मई से जिले की सभी ग्राम में विशेष ’संतृप्तता शिविरों’ का आयोजन किया जाएगा।
कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने उक्त अभियान के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि शासन के प्रत्येक स्तर पर पारदर्शिता, जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन एवं समाज के वंचित वर्गों तक उनका समयबद्ध लाभ के लिए बस्तर संभाग के सभी 07 जिलों में ‘बस्तर मुन्ने’ (गोंडी में ‘अग्रणी बस्तर‘) अभियान के अंतर्गत संतृप्तता शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान का मूल उद्देश्य एनसीएईआर सर्वेक्षण में नियद नेल्लानार अंतर्गत 31 जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित परिवारों को शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित किया जाना है। उन्होंने बताया कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा वर्तमान अप्रैल माह में ग्राम पंचायत, क्लस्टर एवं विकासखण्ड स्तरीय शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसके पहले चरण में हाट बाजारों एवं ग्राम पंचायतों में मुनादी, दीवार लेखन एवं अन्य माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा तथा प्रत्येक ग्राम पंचायत को योजनाओं की सूची, पात्रता मापदंड एवं आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी साझा की जाएगी। प्रत्येक विभाग द्वारा सुनिश्चित किया जाएगा कि मैदानी अमलां तक हितग्राहियों की सूची एवं योजना की जानकारी उपलब्ध हो सके। अभियान के दूसरे चरण में ग्राम पंचायत स्तर पर संतृप्तता शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जिसके तहत एनसीएईआर सर्वेक्षण, जिला सर्वेक्षण के आधार पर पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ प्रदाय किया जाएगा। साथ ही सर्वे में छूटे परिवारों का पंजीयन किया जाएगा। यह भी बताया गया कि पंचायती राज दिवस 24 अप्रैल से एक सप्ताह तक ग्राम सभाओं का आयोजन एवं तीन प्रमुख सामुदायिक कार्यों का संकलन एवं ग्राम सभा में अनुमोदन किया जाएगा। इसके तीसरे चरण में ग्राम पंचायत स्तर पर अनिराकृत प्रकरणों का क्लस्टर स्तर पर शिविरों का आयोजन कर समीक्षा एवं निराकरण किया जाएगा, जबकि चौथे चरण में क्लस्टर स्तर पर अनिराकृत प्रकरणों का जिला स्तरीय अधिकारियों की उपस्थिति में विकासखण्ड स्तर पर शिविरों का आयोजन कर निराकरण किया जाएगा। इसी तरह अभियान के पांचवें चरण में अंतिम समीक्षा, प्रभाव आंकलन, डेटाबेस, वेब पोर्टल एवं शिविर प्रबंधन संबंधी कार्य किया जाकर शत-प्रतिशत संतृप्ति का लक्ष्य जिला स्तर पर निर्धारण किया जायेगा।कलेक्टर ने बताया कि व्यक्तिमूलक योजनाओं के तहत पात्र हितग्राहियों को लाभ प्रदान किया जाएगा, जिसमें बी-1 खसरा, आय प्रमाण-पत्र, निवास प्रमाण-पत्र, जाति प्रमाण-पत्र, आयुष्मान कार्ड, आभा कार्ड, वय वंदना कार्ड आदि का मौके पर ही तैयार कर वितरण किया जाएगा। प्रत्येक शिविर के प्रतिभागी का पंजीयन करने हेतु प्रतिभागी पंजी संधारित की जायेगी, जिसमें आवश्यक जानकारी एंट्री कर रखा जाएगा।।
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10. थानापारा दुर्गूकोंदल में जिम्मेदारीन आयाना कार्यक्रम 26 अप्रैल को, विधायक सावित्री मंडावी होंगी शामिल।

-दुर्गूकोंदल के ग्राम थानापारा दुर्गूकोंदल स्थित जिम्मेदारीन प्रांगण स्थल के नवनिर्मित नवीन भवन मंदिर में 26 अप्रैल को जिम्मेदारीन आयाना कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन को लेकर ग्रामवासियों में उत्साह का माहौल है तथा कार्यक्रम की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। ग्राम गायता बैजनाथ नरेटी एवं अन्य सदस्यों ने भानुप्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र की विधायक श्रीमती सावित्री मनोज मंडावी से सौजन्य मुलाकात कर उन्हें कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण दिया। विधायक श्रीमती मंडावी ने आमंत्रण को सहर्ष स्वीकार करते हुए कार्यक्रम में पहुंचने की बात कही, जिससे ग्रामवासियों में खुशी की लहर है।
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शुभ रात्रि… कल इसी समय फिर हाजिर होंगे हम। टॉप 10 न्यूज सशक्त पथ संवाद पर…आपके कमेंट का इंतजार रहेगा…
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नोटः— खबर लिखे जाने अभी तक हमारे पास किसी अप्रिय घटना दुर्घटना की खबर नहीं है। 🙏
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