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संपादकीय
धार्मिकता की इतनी भीड सुधार का परिचायक या दिखावा?
—किसी की धार्मिकता का प्रमाण पत्र आप नहीं दे सकते‚ आंतरिक वो विषय जहां पहले खुद पर पर चिंतन की जरूरत।लोगों की भारी भीड को देखते हुए यह चिंतन स्वाभाविक रूप से होता है कि क्या अब लोगों में भक्तिभाव पुनः ‘सतयुग’ की तरह हो गई है? लेकिन फिर ध्यान आता है,तो फिर दुनियां में यह पैशाचिक घटनाएं क्यों? इतनी असमानता क्यों? जहां एक वर्ग दो वक्त की रोटी के लिए जद्दोजहद कर रहा है,जिन्हें महज कुछ पैसे अन्न को सहयोग करने वाला कोई नहीं?
आज भी अमीरी वर्ग की अमीरियत उन बडे होटलों मे शायद उनकी सोच मुताबिक थाली में जुठे छोडने की आदतों से विदित होती है। आज धार्मिकता की भीड पर सवाल नहीं होना चाहिए लेकिन जमीनी धरातल पर जो विषमताएं हैं उसे देखते प्रश्न चिन्ह लगने आतुर होता है। वैज्ञानिकता के साथ धर्म के रास्ते पर कई लोग जाना ही नहीं चाहते। पंथवादी विचारों से लोग आगे नहीं आ पा रहे हैं,लेकिन उन कोई पंथों में दी गई शिक्षा का भी तो पालन नहीं हो रहा है?
”ईश्वरीय सत्ता” और उनकी कथाएं ‘श्रवण’ करना तो सब चाहते हैं, पर खुद के व्यावहारिक जीवन में कई लोग नहीं ला पा रहे हैं,जिसके चलते कथा का वो उद्वेश्य पूरा होता नहीं दिखायी देता। वैसे भी भक्ति दिखावे की कोई वस्तु नहीं लेकिन अपना नाम लोकप्रियता की सीढी में लाने लोग उतावले नजर आते हैं, कई बडे ‘भक्त’ कहलाते हैं,लेकिन बडे भक्त का सेकंड में भी ‘ईश्वर’ पर ध्यान कर पाता है,कि नहीं यह बडा प्रश्न ही नहीं जरूरत है कि ध्यान जो अहं है,उस पर सोच हो।
जिस ”दान” के नाम अहं पाला जाता है,वो दान का महत्व तो वैसे भी नगण्य हो जाता है,यह तभी फलीभूत हो जब खुद के भावों में परिवर्तन हो। भीड का अंग जरूर बना जा रहा,पर भावों में परिवर्तन नहीं होने के चलते शायद सामाजिक,व्यावहारिक जीवन में तनाव,लडाई झगडे,’विषगतियां’ जस की तस बनी हुई है। ईश्वरीय कथाओं का श्रवण आपके जीवन में तब ही फलीभूत हो सकता है,जब खुद अपने को जीरों में लाकर सबके सामने चिंतन के बोलने के काबिल बनाये, ना जाने आप अपने को बडा भक्त तो मान रहे हैं,लेकिन आपका कौन सा बोल लोगों को खराब लगे। वैसे भी आपने बडे बुद्विजीवी,बौद्विक स्तर के लोग आपके नजदीक में है, जिन्हें आप अपने को बडे भक्त धार्मिक कहलाने के नाम उन्हें तुच्छ समझ रहे हैं,जो कि यह भाव होगी तो तुच्छ आप खुद होते हैं।
✍️मनोज जायसवाल
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कांकेर टॉप 10 अब पढें विस्तार से ….
10 सितंबर 2026 गुरूवार
✍️मनोज जायसवाल
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✍️ 01. जिले में हर्षोल्लास से मनाया गया लोकपर्व पोला तिहार।

—आज पूरे कांकेर जिले में लोक पर्व पोला तिहार बडे धूमधाम से मनाया गया। अतीत की परंपरा के अनुसार नांदिया बैल के साथ पूजा अर्चना की गई। इस अवसर पर आज अंगना विधायक कार्यालय, बेवरती में यह त्यौहार मनाया गया। ग्रामीण अंचल की समृद्ध परंपरा, कृषि संस्कृति और लोक आस्था की सुंदर झलक यहां देखने को मिली। पोला तिहार किसानों और पशुधन के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता का पर्व है, जो हमारी मिट्टी और संस्कृति से गहराई से जुड़ा हुआ है। कांकेर विधायक आशा राम नेताम ने लोगों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इधर भानुप्रतापपुर विधायक श्रीमती सावित्री मंडावी एवं पार्टी पदाधिकारियों ने पोला पर्व मनाया। इस मौके पर किसानों के सुख समृद्वि की कामना की गई।
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✍️ 02. भानुप्रतापपुर में शराब की खाली बोतलें व होलोग्राम बरामद। जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय कांकेर के प्रभारी अधिकारी निलंबित।भानुप्रतापपुर के आबकारी उप निरीक्षक भी किए गए निलंबित।
—भानुप्रतापपुर के बसंत नगर, नारायणपुर स्थित एक किराए के मकान में जिला पुलिस बल द्वारा की गई छापामार कार्रवाई में बड़ी मात्रा में शराब से संबंधित सामग्री बरामद की गई। मौके पर विभिन्न ब्रांड के 185 लेबल, 4409 नग शराब की खाली बोतलें, लगभग 6000 नग ढक्कन तथा होलोग्राम के 16 नग पत्ता के प्रत्येक में 72 नग इस प्रकार कुल 1152 नग बरामद किए गए। प्रकरण संज्ञान में आते ही कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार द्वारा आयुक्त आबकारी छत्तीसगढ़ रायपुर को मामले की जानकारी देते हुए किसी अन्य जिला के आबकारी अधिकारी से प्रकरण के संबंध में जांच कराने का अनुरोध किया गया था। जिसके आधार पर आयुक्त आबकारी छत्तीसगढ़ रायपुर द्वारा मोहला-मानपुर के आबकारी अधिकारी से जांच कराई गई। उक्त प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ शासन ने जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय कांकेर के प्रभारी अधिकारी, सहायक जिला आबकारी अधिकारी श्री मधुकर श्याम हरित को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है।जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय कांकेर के प्रभारी अधिकारी, सहायक जिला आबकारी अधिकारी श्री मधुकर श्याम हरित को अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में प्रथम दृष्टया गंभीर लापरवाही, कर्तव्य के प्रति उदासीनता तथा अपने प्रभार क्षेत्र में प्रभावी पर्यवेक्षण एवं सतत निगरानी नहीं रखे जाने के कारण निलंबित किया गया है। सहायक जिला आबकारी अधिकारी श्री मधुकर श्याम हरित का निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय कार्यालय आबकारी आयुक्त, छत्तीसगढ़, मुख्यालय, नवा रायपुर अटल नगर में निर्धारित किया गया है। इन्हें निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।उक्त प्रकरण में भानुप्रतापपुर के आबकारी उप निरीक्षक श्रीमती रानू मरकाम को भी अपने क्षेत्र में कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, उदासीनता एवं शिथिल नियंत्रण के लिए तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय कांकेर नियत किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी।जिला कलेक्टर कुन्दन कुमार ने इस प्रकरण को गंभीरता से लिया है, उन्होंने कहा है कि जिले में इस प्रकार के कृत्य बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे, ऐसा पाए जाने पर संबंधित के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
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✍️ 03. मिनी माता सम्मान, वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी स्मृति पुरस्कार एवं माता बहादुर कलारिन सम्मान के लिए 25 सितंबर तक आवेदन आमंत्रित।
— छत्तीसगढ़ शासन द्वारा महिलाओं के उत्थान एवं सशक्तिकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं एवं अशासकीय संस्थाओं को प्रोत्साहित करने के लिए वर्ष 2026 हेतु मिनी माता सम्मान (महिला उत्थान), वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी स्मृति पुरस्कार एवं माता बहादुर कलारिन सम्मान के लिए 25 सितम्बर तक आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि मिनी माता सम्मान (महिला उत्थान) महिलाओं, विशेषकर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक महिलाओं के उत्थान के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाली राज्य की महिला अथवा अशासकीय संस्था को प्रदान किया जाता है। सम्मान के अंतर्गत चयनित महिला अथवा संस्था को 02 लाख रुपये की राशि एवं प्रशस्ति पट्टिका प्रदान किए जाने का प्रावधान है। इसी प्रकार महिलाओं में वीरता, शौर्य, साहस तथा आत्मबल को सशक्त करने के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला को वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी स्मृति पुरस्कार प्रदान किया जाता है। इसके तहत चयनित महिला को 02 लाख रुपये की राशि एवं प्रशस्ति पट्टिका से सम्मानित किया जाएगा। महिलाओं के उत्पीड़न के खिलाफ संघर्ष तथा नारी उत्थान के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य करने वाली महिला को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से माता बहादुर कलारिन सम्मान प्रदान किया जाता है। इसके अंतर्गत चयनित महिला को 02 लाख रुपये एवं प्रशस्ति पट्टिका प्रदान किए जाने का भी प्रावधान है। उक्त सम्मान हेतु निर्धारित प्रारूप में आवश्यक अभिलेखों सहित आवेदन 25 सितंबर तक कार्यालय कलेक्टर, महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला कांकेर में जमा किए जा सकते हैं। निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा।
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✍️ 04. 17 सितम्बर को हर घर दीया जलाने का आह्वान।हर घर जलाएं आशीर्वाद का दीया।
—राज्य शासन द्वारा 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान संचालित किया जा रहा है। जिले में इसे त्यौहार के रूप में मनाया जाएगा। जिला प्रशासन जिले के नागरिकों से आह्वान किया है कि 17 सितम्बर को संध्या के समय सभी घरों में आशीर्वाद का दीया जलाएं।कलेक्टर कुन्दन कुमार ने आज जिले के अधिकारियों की बैठक लेकर इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए जिले के सभी शासकीय कार्यालयों, ग्राम पंचायत भवनों, आंगनबाड़ी केंद्रों, सरोवर के किनारे, स्कूल, छात्रावास-आश्रम, प्रमुख पर्यटन स्थल, शहीद स्मारक, पुलिस व सुरक्षा बलों के कैम्प, पुनर्वास केंद्र सहित सभी प्रमुख स्थलों में संध्याकाल में दीया जलाने के निर्देश दिए हैं। उनके द्वारा जिले के आम नागरिकों से भी अपने-अपने घरों में आशीर्वाद का दीया जलाने की अपील की गई है।
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✍️ 05. नेशनल लोक अदालत का आयोजन 12 सितम्बर को। लंबित प्रकरणों का आपसी समझौते से निराकरण।
—जिला न्यायालय कांकेर एवं जिले के सभी तहसील स्तरीय न्यायालयों में 12 सितंबर दिन शनिवार को वर्ष 2026 की तृतीय नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। नेशनल लोक अदालत के माध्यम से लंबित प्रकरणों का आपसी सहमति एवं समझौते के आधार पर त्वरित, सुलभ एवं निःशुल्क निराकरण किया जाएगा। नेशनल लोक अदालत में बैंक संबंधी प्रकरण, बिजली बिल एवं टेलीफोन बिल विवाद, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, पारिवारिक एवं वैवाहिक विवाद, चेक बाउंस प्रकरण (धारा 138 एन.आई. एक्ट), सिविल प्रकरण तथा अन्य समझौतापूर्ण प्रकरणों का निराकरण किया जाएगा। इसके माध्यम से पक्षकार आपसी सहमति से अपने विवादों का सरल एवं सौहार्दपूर्ण समाधान प्राप्त कर सकेंगे।
नेशनल लोक अदालत का अधिक से अधिक लाभ आम नागरिकों तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कांकेर द्वारा व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत विभिन्न बैंकों में लगे टीवी स्क्रीन, जिला न्यायालय परिसर में स्थापित टीवी स्क्रीन तथा नगर पालिका के माध्यम से नेशनल लोक अदालत के आयोजन एवं इसके लाभों की जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाई जा रही है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे 12 सितंबर को आयोजित नेशनल लोक अदालत का अधिक से अधिक लाभ उठाएं तथा अपने लंबित एवं समझौतापूर्ण प्रकरणों का आपसी सहमति एवं समझौते के माध्यम से त्वरित, सरल एवं सौहार्दपूर्ण समाधान प्राप्त करें।।
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✍️06. पुलिस जनसंवाद एवं चौपाल कार्यक्रम के माध्यम से वर्षों पुराने भूमि विवाद का सर्वसम्मति से समाधान। ग्राम PV-27 हृदयपुर में दोनों पक्षों की समस्याएं सुनकर प्रशासन एवं पुलिस ने कराया शांतिपूर्ण समाधान।

—पुलिस जानकारी के अनुसार घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि—पुलिस अधीक्षक कांकेर निखिल राखेचा (भापुसे) के निर्देशन में जिले में पुलिस एवं आम जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से लगातार पुलिस जनसंवाद एवं चौपाल कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।इसी क्रम में थाना पखांजूर क्षेत्र के ग्राम PV-27 हृदयपुर में पुलिस एवं प्रशासन द्वारा जनसंवाद एवं चौपाल कार्यक्रम आयोजित किया गया। ग्राम में विगत लगभग 20 वर्षों से शासकीय भूमि पर अतिक्रमण को लेकर दो पक्षों के मध्य विवाद चला आ रहा था। उक्त विवाद के कारण गांव में दो गुट बन गए थे। कुछ माह पूर्व शासकीय भूमि पर अतिक्रमण के विवाद को लेकर दोनों परिवारों के मध्य हुए खूनी संघर्ष में एक युवक की हत्या भी हो गई थी। इस घटना के बाद गांव में तनाव एवं शांति भंग होने की संभावना बनी हुई थी।बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पखांजूर राकेश कुमार कुर्रे, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस पखांजूर श्री कुलदीप बंजारे, अनुविभागीय दंडाधिकारी राजस्व मनीष देव साहू एवं तहसीलदार पखांजूर श्री केतन भुआर्य सहित प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति रही।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस एवं राजस्व प्रशासन द्वारा ग्रामीणों के साथ संवाद स्थापित कर विवाद के शांतिपूर्ण समाधान की पहल की गई।ग्राम PV-27 के काली मंदिर मैदान में आयोजित बैठक में दोनों पक्षों की समस्याओं एवं उनके पक्ष को शासन-प्रशासन, पुलिस अधिकारियों, सामाजिक प्रतिनिधियों एवं ग्राम के गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में विस्तारपूर्वक सुना गया।सामाजिक प्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों के साथ चर्चा के उपरांत सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि शासकीय भूमि पर स्थित मंदिर किसी निजी व्यक्ति की संपत्ति नहीं होगा, बल्कि वह ग्राम का सार्वजनिक मंदिर रहेगा। वहीं शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कर बनाए गए घर को ग्रामीणों द्वारा तत्काल ताला बंद कर ग्राम के हित में पंचायत को सौंप दिया गया।इस पहल से लंबे समय से चले आ रहे विवाद के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया तथा ग्रामीणों के मध्य आपसी सौहार्द एवं शांति बनाए रखने का वातावरण निर्मित हुआ।जनचौपाल कार्यक्रम के दौरान पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों से किसी भी प्रकार के विवाद को हिंसा का रूप न देने, कानून को अपने हाथ में न लेने तथा आपसी मतभेदों का समाधान संवाद एवं वैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से करने की अपील की गई।कार्यक्रम में राजस्व निरीक्षक शुभंकर मालाकार, पटवारी नंद किशोर शोरी, प्रशिक्षु उप निरीक्षक पीपल कंवर, अमीन, सहायक उप निरीक्षक पुरुषोत्तम ठाकुर, प्रधान आरक्षक उत्तम कुमार मंडल सहित पुलिस बल, पत्रकारगण तथा ग्राम PV-27 हृदयपुर के लगभग 300 महिला एवं पुरुष ग्रामीण उपस्थित रहे।
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✍️07. जिले में फिर से लगातार बारिश हो रही है।
—बीती 10 सितंबर की देर शाम से चारामा विकासखंड में लगातार बारिश हो रही है। बारिश के चलते टांहकापार सब—स्टेशन से बिजली बंद रही जो देर रात्रि बहाल की गई।
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✍️08. बस ड्राईवर के साथ कथित मारपीट वायरल वीडियो मामले में भाजपा ने विधायक का पुतला दहन किया वहीं भानुप्रतापपुर क्षेत्र की लोकप्रिय विधायक श्रीमती सावित्री मंडावी ने कहा है कि— उनके विधानसभा क्षेत्र में उनकी लोकप्रियता को सहन नहीं करने वाले लोग इस प्रकार उनका पुतला दहन कर रहे हैं‚जबकि इस प्रकार के विषयों को जबर्दस्ती तूल दे रहे हैं। विधायकी कार्यकाल में अभी तक कोई ठोस मुद्दा नहीं मिल पाने के चलते ऐसा किया जा रहा है‚लेकिन जनता अच्छी तरह जानती समझती है।

—’सशक्त पथ संवाद’ लोगों के लोकप्रिय पोर्टल चैनल कांकेर टॉप 10 से मुखातिब होते उन्होंने कहा कि ऐसे तुल देकर विषय बनाने वाले मुद्दे से उन्हें कोई फर्क नहीं पडने वाला है। उनकी असली ताकत तो क्षेत्र की जनता है‚जिनकी बदौलत अभी तक कोई ऐसी समस्या नहीं आई। लोगों के सुख दुःख में हमेशा तत्काल खडी रहती हूं। विषय विषयांतर में ना पडकर ऐसे विषयों को राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए।
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✍️09. छत्तीसगढ प्रदेश अन्य पिछडा वर्ग समाज की अति आवश्यक बैठक मंगल भवन‚भानुप्रतापपुर में 12 सितंबर शनिवार को। संगठन की मजबूती पर जोर।

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10.
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शुभ रात्रि… कल इसी समय फिर हाजिर होंगे हम। टॉप 10 न्यूज सशक्त पथ संवाद पर…आपके कमेंट का इंतजार रहेगा…
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नोटः— खबर लिखे जाने अभी तक हमारे पास किसी अप्रिय घटना दुर्घटना की खबर नहीं है। 🙏
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