दिलों में निराशा के भी आशा है, कांकेर विधायक —आशा राम नेताम

(मनोज जायसवाल)

—कांकेर जिले के हाईटेक अँगना कार्यालय में प्रतिदिन 11 बजे से लगता है‚जनदर्शन। लोगों के मुखातिब होने के बाद ही निकलते हैं‚ दौरे पर।कांकेर  में शिक्षा स्वास्थ्य‚ सडक बिजली   प्राथमिक  जरूरतों के लिए नियमित कार्य।

देश में जिन महान विभुतियों ने जन्म लिया और वे अपने महान कर्मो से लोगों के बीच लोकप्रियता स्थापित करते हुए नाम स्थापित किया, जिसके चलते वर्तमान के साथ भविष्य में भी याद किया जाता रहा है,इन सबके पीछे उनकी दैनिक जीवनचर्या खास होती है,जिसका अनुसरण कर महान विभुतियों के बीच अपने को जोडा जा सकता है ! संभवतया इस विषयों,बातों को लेकर ही लगता है, छत्तीसगढ में बस्तर प्रवेश द्वार कहे जाने वाले उत्तर बस्तर कांकेर विधानसभा के विधायक आशा राम नेताम की कीर्ति आज आम जनमानस में चर्चा का विषय बना हुआ है।

कांकेर जिला मुख्यालय से सटे गृहग्राम बेंवरती में आज भी पहले की तरह ही आशा राम नेताम के वो नियमित दिन की शुरूआत होती है, जिसका पता उन्हें है,जो उनसे मुखातिब होते हैं, उन्हें भी है, जिन्होंने इस ग्लैमर की दुनियां में पढकर,सोशल मीडिया के रील,खबरों के जरीये बने हुए हैं।

दैनिक नित्यक्रियाओं के साथ गांव के बडे तालाब में स्नान कर,ग्राम की परम आराध्य मॉं शीतला की पूजा अर्चना,आराधना,ग्राम के सियान एवं आम लोगों के साथ कुछ पल गुजारने के बाद अपने नियत समय 11 बजे अपने गांव बेंवरती में ही बनाये गये अंगना कार्यालय को कूच करते हैं। वैसे तो पता है कि 11 बजे ठीक उनका यहां आगमन होता है,जहां पुनः पूजा करने के बाद कार्यालय में बैठते हैं,इससे पूर्व ही लोगों की आवाजाही शुरू हो चुकी होती है।

आज अंगना हाईटेक कार्यालय की चर्चा कांकेर अपितु देश प्रदेश में हो रही है। खास कर राजनीतिक क्षेत्र से जुडे बडे नेताओं,जनप्रतिनिधियों जो कांकेर से गुजर रहे हों, एक बार जरूर अंगना कार्यालय आना चाहता है। जी, हां हम विधायक आशा राम नेताम केे उसी हाईटेक कार्यालय की बात कर रहे हैं,जहां प्रतिदिन कई संख्या में आम जनता कभी सार्वजनिक तो कभी निजी परेशानियों को लेकर यहां आते हैं। आज तक यहां से कभी कोई निराश होकर नहीं गया है। स्वयं विधायक आशा राम नेताम द्वारा  समाज के अंतिम व्यक्तियों के साथ  अंगना कार्यालय आए लोगों को  जलपान‚ भोजन के लिए  पूछपरख किया जाता है‚ दूर से आए लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था भी की जाती रही है।

बगैर विधायक पीए पर्ची के ना सिर्फ इस विधानसभा के अपितु यहां से सटे धमतरी विधानसभा के लोग भी आते हैं,जहां उनके समस्याओं की प्रकृति को देखते सलाह दी जाती है,निराकरण भी किया जाता है।आशा राम नेताम कांकेर विधानसभा के पहले ऐसे विधायक हैं, जिनके पास आम और खास मायने नहीं रखता ! यही कारण है कि आम लोगों को काल कर हालचाल पुछा करते हैं।स्थानीय शासन प्रशासन, प्रेस के साथ बेहतर समन्वय वो खास कारण है, जो उन्हें दूसरे जनप्रतिनिधी से अलग साबित करती है।

लोगों से मुखातिब होने सशक्त पथ संवाद,सशक्त हस्ताक्षर प्रतिनिधी को बताया कि पिछले चुनाव में जो उनकी लोकप्रियता थी,उससे हजारों गुना आज उनकी लोकप्रियता का ग्राफ बढा है। सोशल मीडिया में यदि कुछ लिखा जाता है,तो लोगों का एक ही प्रमुख कमेंट होता है,कि एक बार पुनः आने वााले चुनाव में अवसर देना चाहिए।

”भानुप्रतापपुर क्षेत्र से भी लगाव”
वर्ष 1998 में बस्तर संभाग से अलग होकर बने कांकेर जिला, जिसे वर्ष 2003 में उत्तर बस्तर कांकेर का नाम दिया गया। जिला बनने के बाद द्रुतगति से विकास हुआ जहां प्रत्येक गावों को जोडने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटलबिहारी बाजपेयी का सपना साकार होते उनके किए घोषणा प्रधानमंत्री सडक के माध्यम हर गांवो को जोडे गए।पिछले ही दशक में पिपरौद से लगी खदरहीभाठा की कई एकड जमीन पर लखनपुरी को जिले की औद्योगिक नगरी के रूप में विकास किया गया। इसके बाद यहां से लगे तेलगरा की जमीं पर वर्तमान में मेडिकल कालेज का निर्माण भी अंतिम चरणों पर है।महानदी उस पार का क्षेत्र पूर्व में कांकेर विधानसभा का अभिन्न अंग था, जिसमें जेपरा,अरौद,गीतपहर जैसे कई बडे गांव जो आज भानुप्रतापपुर क्षेत्र में आते हैं, परिसीमन में यहां के वाशिंदो को संभवतया पुनः विधानसभा के रूप में और नये नामों से जाना जायेगा। पर कांकेर विधानसभा के प्रति यहां के लोगों का लगाव आज भी है।कांकेर विधानसभा में वर्तमान में सत्ताधारी भाजपा से आशा राम नेताम क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक है। सहज,सरल,विनम्र,मिलनसार जैसे शब्द का प्रमाण एक व्यक्तित्व से पता चलता है। अब लखनपुरी जो आशा राम नेताम का क्षेत्र नहीं है,लेकिन लगाव क्यों? यह तो सबको पता है कि भानुप्रतापपुर में सत्ताधारी भाजपा पिछले चुनाव में जीत दर्ज नहीं करा सकी तो आशा राम नेताम ने कार्यकर्ताओं के बीच इस शब्द से हौसला बुलंद किया था आपको चिंता करने की बात नहीं,कोई बात नहीं कि हम यहां नहीं जीत पाए पर आपकी सेवा में यह सेवादार हमेशा खडा रहेगा। यह भी बताते चलें किलखनपुरी से लगे पिपरौद आशा राम नेताम का ससुराल भी है। इस क्षेत्रवासी उन्हें दामाद के रूप में स्नेह देते हैं। यही कारण है कि तात्कालीन विधायक इस क्षेत्र में बुलावे पर बिल्कुल आते हैं। कुल मिलाकर यह जरूर है कि इस क्षेत्र के लोगों का जितना स्नेह अपने स्थानीय विधायक श्रीमती सावित्री मनोज मंडावी से है, उतना ही आशा राम नेताम से भी है।

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