आज की टॉप 10 खबर 09 अक्टूबर 2026 शुक्रवार

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कांकेर टॉप 10 अब पढें विस्तार से ….

09  अक्टूबर  2026 शुक्रवार

✍️मनोज जायसवाल

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✍️ 01.सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन। पीजी कॉलेज कांकेर को प्रथम पुरस्कार।

—सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आज कांकेर के न्यू बस स्टैंड स्थित डोम परिसर में ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, शासकीय विभागों एवं बिहान समूह की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने रंगोलियों के माध्यम से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं, सामाजिक जागरूकता, जनभागीदारी और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विषयों को आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता में पीजी कॉलेज कांकेर ने प्रथम, कृषि विभाग ने द्वितीय तथा एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय कांकेर ने तृतीय स्थान प्राप्त कियज्ञं कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने विभिन्न रंगोलियों का अवलोकन किया तथा प्रतिभागियों की रचनात्मकता और प्रयासों की सराहना की। रंगोलियों के माध्यम से जल संरक्षण, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, महिला सशक्तिकरण, डिजिटल इंडिया, आत्मनिर्भर भारत, नक्सल मुक्त भारत और विकसित भारत जैसे विषयों को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित किया गया।लोक स्वास्थ्य यंत्रिकी विभाग द्वारा जल जीवन मिशन, आरसीसी ओवरहेड टैंक, जल संरक्षण थीम, सोलर टैंक जैसे विषयों को रंगोली के माध्यम से प्रदर्शित किया। स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम मॉडल कॉलेज द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति तथा भानुप्रतापपुर पीजी कॉलेज द्वारा नक्सल मुक्त भारत की थीम पर रंगोली तैयार की गई। इसमें ‘हिंसा का अंत, सुरक्षा की जीत’ के संदेश के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, समृद्धि और खुशहाली के माध्यम से विकास की परिकल्पना को दर्शाया गया। इदरु केंवट कन्या महाविद्यालय कांकेर द्वारा विकसित भारत और डिजिटल इंडिया, आईटीआई कांकेर द्वारा स्किल इंडिया, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय द्वारा प्रधानमंत्री जनमन योजना तथा विष्णुप्रसाद शर्मा विद्यालय गोविंदपुर द्वारा हर घर बिजली की पहुंच थीम पर रंगोली बनाई गई।

शासकीय विधि महाविद्यालय द्वारा महिला सशक्तिकरण, शासकीय महिला आईटीआई द्वारा आत्मनिर्भर भारत तथा सेंट माइकल स्कूल द्वारा वर्तमान शिक्षा व्यवस्था, डिजिटल शिक्षा और पीएम श्री विद्यालयों की अवधारणा को प्रदर्शित किया गया।इसी तरह खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा बस्तर ओलंपिक, श्रम विभाग द्वारा प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना, स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वस्थ भारत-समृद्ध भारत तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से संबंधित विषयों पर रंगोलियां बनाई गईं। सड़क से समृद्धि और गांवों को विकास की राह से जोड़ने का संदेश भी प्रस्तुत किया गया। कृषि विभाग द्वारा प्रधानमंत्री की कृषि संबंधी योजनाओं और किसान सम्मान निधि सहित विभिन्न कृषि कल्याणकारी योजनाओं को प्रदर्शित किया गया। बिहान समूह की महिलाओं ने लखपति दीदी की अवधारणा को रंगोली के माध्यम से दर्शाया, जबकि संगम महिला क्लस्टर हल्बा की महिलाओं ने भी सहभागिता की। कमला नेहरू पब्लिक स्कूल द्वारा स्वच्छ भारत की थीम पर रंगोली बनाई गई।सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित इस प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों, युवाओं और महिला समूहों को अपनी रचनात्मक प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान किया। साथ ही, रंगोलियों के माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं, सामाजिक दायित्वों और विकसित भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया।

कलेक्टर ने विद्यार्थियों को दिया शिक्षा, संस्कार और संवेदनशीलता का संदेश
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि सभी ने बहुत ही सुंदर और संदेशपरक रंगोलियां बनाई हैं। उन्होंने कहा कि आज प्रदेशभर में कांकेर जिले में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित विभिन्न जनकल्याणकारी गतिविधियों की चर्चा हो रही है। चाहे ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम हो या सुदूर वनांचलों में आयोजित मेगा स्वास्थ्य शिविर, जिले में जनभागीदारी के माध्यम से सेवा और विकास के नए प्रयास किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों में भी सोनोग्राफी जैसी विशेषज्ञ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के निर्देश अनुरूप संचालित इस अभियान में सभी विभाग सराहनीय कार्य कर रहे हैं। कलेक्टर  कुन्दन कुमार ने उपस्थित छात्र-छात्राओं से आत्मीय संवाद करते हुए शिक्षा, संस्कार और जीवन में अनुशासन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि जिस प्रकार बिना नाविक के जहाज अपनी सही दिशा तय नहीं कर सकता, उसी प्रकार जीवन में सही मार्गदर्शन और लक्ष्य के बिना आगे बढ़ना कठिन होता है। उन्होंने कहा कि बच्चों के भविष्य को संवारना माता-पिता, शिक्षकों और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। विद्यार्थियों को अपने माता-पिता की बात मानने, गुरुजनों का सम्मान करने तथा जरूरतमंद और वंचित लोगों के प्रति दया, संवेदना एवं सहयोग की भावना रखने की सीख दी। उन्होंने विद्यार्थियों को मोबाइल का सीमित उपयोग करने सोशल मीडिया से दूरी बनाये रखने और आमने-सामने संवाद की आदत विकसित करने के लिए प्रेरित किया। कलेक्टर ने कहा कि अपने विचारों को स्पष्ट रूप से व्यक्त करना, दूसरों की बात ध्यान से सुनना और सकारात्मक संवाद करना व्यक्तित्व विकास के लिए आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि यह समय सीखने, पढ़ने और अपने भविष्य को गढ़ने का है। पाठ्यपुस्तकों के साथ-साथ छुट्टियों में ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक पुस्तकें भी पढ़ें, ताकि उनकी सोच का विस्तार हो और वे जीवन में बेहतर निर्णय ले सकें।  कार्यक्रम कों सम्बोधित करते हुए   महेश जैन ने कहा कि विद्यार्थियों ने रंगोलियों के माध्यम से अपने सपनों और कल्पनाओं को सुंदर रंगों में साकार किया है। इन रंगोलियों में केवल कलात्मक प्रतिभा ही नहीं, बल्कि समाज और देश के प्रति उनकी सोच भी दिखाई देती है। ऐसे आयोजन बच्चों की रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने के साथ ही उन्हें सामाजिक सरोकारों से जोड़ने का कार्य करते हैं। कार्यक्रम में नगर पालिका कांकेर के अध्यक्ष   अरुण कौशिक, पूर्व विधायक श्रीमती सुमित्रा मारकोले, जनपद सदस्य सुश्री शिल्पा साहू सहित एल्डरमेन, अन्य जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, प्राध्यापक, शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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✍️ 02. जनगणना 2027 के द्वितीय चरण के लिए जिला स्तरीय दो दिवसीय प्रशिक्षण 12 से 15 अक्टूबर तक।

 —जनगणना 2027 के द्वितीय चरण के अंतर्गत जनसंख्या गणना का मैदानी कार्य छत्तीसगढ़ राज्य में जनवरी-फरवरी 2027 में संपादित किया जाएगा। इस कार्य को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए जनगणना कार्य निदेशालय, रायपुर के निर्देशानुसार जिला स्तर पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों का दो दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है। कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी  कुन्दन कुमार द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्रशिक्षण दो बैचों में आयोजित किए जाएंगे। प्रथम बैच का प्रशिक्षण 12 एवं 13 अक्टूबर को तथा द्वितीय बैच का प्रशिक्षण 14 एवं 15 अक्टूबर को आयोजित किया जाएगा। प्रशिक्षण प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 5.30 बजे तक जिला कार्यालय कांकेर के सभाकक्ष में आयोजित होगा।  प्रथम बैच में 12 एवं 13 अक्टूबर को आयोजित प्रशिक्षण में अनुविभागीय जनगणना अधिकारियों कांकेर एवं भानुप्रतापपुर, अतिरिक्त जिला जनगणना अधिकारी, जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी, तहसीलदार एवं चार्ज जनगणना अधिकारी (ग्रामीणद्ध कांकेर, सरोना, नरहरपुर, भानुप्रतापपुर एवं दुर्गूकोंदल, मुख्य नगरपालिका अधिकारी एवं चार्ज जनगणना अधिकारी (शहर) कांकेर, नरहरपुर एवं भानुप्रतापपुर, नायब तहसीलदार एवं अतिरिक्त चार्ज जनगणना अधिकारी कांकेर, सरोना, भानुप्रतापपुर एवं दुर्गूकोंदल तथा जनगणना लिपिक ग्रामीण एवं शहर प्रत्येक चार्ज से एक, तकनीकी सहायक ग्रामीण एवं शहर प्रत्येक चार्ज से एक तथा जिला जनगणना कार्यालय तकनीकी सहायक को उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। इसी प्रकार 14 एवं 15 अक्टूबर को आयोजित द्वितीय बैच के प्रशिक्षण में अनुविभागीय जनगणना अधिकारी पखांजूर, चारामा एवं अंतागढ़, तहसीलदार एवं चार्ज जनगणना अधिकारी (ग्रामीण) पखांजूर, चारामा, अंतागढ़, आमाबेड़ा, कोयलीबेड़ा एवं बांदे, मुख्य नगरपालिका अधिकारी एवं चार्ज जनगणना अधिकारी (शहर) अंतागढ़, पखांजूर एवं चारामा, नायब तहसीलदार एवं अतिरिक्त चार्ज जनगणना अधिकारी चारामा, जनगणना लिपिक ग्रामीण एवं शहर प्रत्येक चार्ज से एक एवं तकनीकी सहायक ग्रामीण एवं शहर प्रत्येक चार्ज से एक को उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। जनगणना कार्य को समय-सीमा में शुद्धता के साथ सम्पन्न कराए जाने के लिए विभिन्न स्तरों के अधिकारियों एवं कार्मिकों के लिए यह प्रशिक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण एवं अनिवार्य है।

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✍️ 03.सेवा सेतु शिविर से मिली आत्मनिर्भरता की राह, 8 हितग्राहियों को शत-प्रतिशत अनुदान पर मिले उन्नत नस्ल के नर बकरे।

—सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित किए जा रहे सेवा सेतु शिविर ग्रामीणों के लिए शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त करने और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का माध्यम बन रहे हैं। इन शिविरों के जरिए दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों के पात्र हितग्राहियों को विभिन्न विभागों की योजनाओं से जोड़कर उनकी आजीविका को सशक्त बनाने की पहल की जा रही है।कभी नक्सलवाद से प्रभावित रहा जिले के दूरस्थ क्षेत्र कोयलीबेड़ा में आयोजित जिला स्तरीय सेवा सेतु शिविर में पशुधन विकास विभाग द्वारा नियद नेल्लानार योजना के तहत 08 हितग्राहियों को उन्नत नस्ल के स्वस्थ ग्रेडेड नर बकरे शत-प्रतिशत अनुदान पर वितरित किए गए। प्रत्येक हितग्राही को 8,000 रुपये की इकाई लागत के अनुसार बकरा प्रदान किया गया। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को बकरी पालन के लिए प्रोत्साहित करना और उनके लिए आय के अतिरिक्त अवसर उपलब्ध कराना है।बकरी पालन से बढ़ेगी आजीविका की संभावनाएंग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन आजीविका का एक महत्वपूर्ण साधन है। बकरी पालन के माध्यम से परिवार अपनी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर आय अर्जित करने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। उन्नत नस्ल के स्वस्थ नर बकरों का वितरण हितग्राहियों को बकरी पालन गतिविधियों से जोड़ने तथा उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। शत-प्रतिशत अनुदान पर बकरा मिलने से चयनित हितग्राहियों को बकरी पालन शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता मिली है, इससे उन्हें स्वरोजगार की संभावनाओं को आगे बढ़ाने और परिवार की आय में वृद्धि के अवसर तलाशने में मदद मिलेगी।सेवा संकल्प अभियान के तहत सेवा सेतु शिविरों के माध्यम से शासन की योजनाओं को दूरस्थ अंचलों तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। कोयलीबेड़ा में 08 हितग्राहियों को बकरों का वितरण किया गया। इस पहल से ग्रामीण परिवारों को आजीविका के नए अवसरों से जोड़ने और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। जिला प्रशासन की मंशा है कि शासकीय योजनाओं का लाभ जरूरतमंद एवं पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे, ताकि वे आर्थिक रूप से सशक्त बनकर अपने परिवार के जीवन स्तर को बेहतर बना सकें।

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आमंत्रण

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✍️ 04. हत्या के प्रकरण में आरोपी कैटिज कुलदीप, उम्र 19 वर्ष, निवासी किलेपार, चौकी हल्बा, थाना नरहरपुर को आजीवन कारावास एवं ₹1,000/- अर्थदंड से किया गया दंडित । माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, उत्तर बस्तर कांकेर संजीव कुमार टामक द्वारा सुनाया गया फैसला।

—पुलिस जानकारी के अनुसार घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि—दिनांक 08.11.2025 को प्रार्थी द्वारा थाना नरहरपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि मृतक संतुराम देशमुख, जो पिछले एक वर्ष से ग्राम किलेपार में किरायेदार के रूप में रह रहा था, की किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा हत्या कर शव उसके घर के समीप स्थित इमली के पेड़ के पास फेंक दिया गया है।रिपोर्ट पर मर्ग क्रमांक 00/2025, धारा 194 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता तथा अपराध क्रमांक 136/2025, धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन पुलिस अधीक्षक कांकेर श्री आई. के.एलेशेला (भापुसे) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक   दिनेश कुमार सिन्हा के मार्गदर्शन एवं उप पुलिस अधीक्षक  अविनाश ठाकुर के पर्यवेक्षण में निरीक्षक श्री कोमल भूषण पटेल के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गईपुलिस टीम द्वारा अज्ञात आरोपी की पतासाजी की गई। विवेचना के दौरान आरोपी कैटिज कुलदीप, पिता   प्रमोद कुलदीप, उम्र 19 वर्ष, निवासी ग्राम किलेपर, चौकी हल्बा, थाना नरहरपुर, जिला उत्तर बस्तर कांकेर की संलिप्तता सामने आई। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया।

न्यायालयीन निर्णय
विवेचना के दौरान संकलित साक्ष्यों, साक्षियों के न्यायालयीन कथनों एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर अभियोजन पक्ष द्वारा प्रकरण को न्यायालय के समक्ष प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया गया। माननीय न्यायालय द्वारा उपलब्ध मौखिक, परिस्थितिजन्य एवं अन्य साक्ष्यों का समग्र मूल्यांकन करते हुए आरोपी को दोषसिद्ध ठहराया गया तथा आजीवन कारावास एवं ₹1,000/- अर्थदंड से दंडित किया गया।

दोषसिद्ध आरोपी—कैटिज कुलदीप, पिता प्रमोद कुलदीप, उम्र 19 वर्ष, निवासी ग्राम किलेपार, चौकी हल्बा, थाना नरहरपुर, जिला उत्तर बस्तर कांकेर। प्रकरण में त्वरित एवं प्रभावी विवेचना, साक्ष्यों के संकलन तथा न्यायालयीन पैरवी के माध्यम से दोषसिद्धि सुनिश्चित करने में चौकी हल्बा पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

पुलिस टीम में — निरीक्षक कोमल भूषण पटेल, सहायक उप निरीक्षक राकेश स्वर्ण,महिला प्रधान आरक्षक श्रीमती जमुना ठाकुर,आरक्षक सहदेव ठाकुर ,आरक्षक क्रमांक 1441 लिलेश सिन्हा पुलिस टीम रहे।

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✍️ 05. UAPA के प्रकरण में दो आरोपियों को 10-10 वर्ष का सश्रम कारावास।माननीय विशेष न्यायाधीश (NIA) भानुप्रतापपुर दीपक के. गुप्ता के न्यायालय द्वारा दोनों आरोपियों को 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 2,000-2,000 के अर्थदंड से दंडित किया गया। अपर लोक अभियोजक श्रीमती सीमा तिवारी द्वारा प्रकरण में की गई प्रभावी पैरवी ।

—पुलिस से मिली संक्षिप्त जानकारी के अनुसार — दिनांक 28.10.2023 को थाना कोयलीबेड़ा क्षेत्रांतर्गत बीएसएफ एवं डीआरजी का संयुक्त बल बीएसएफ कैंप चिलपरस से नक्सल गश्त एवं सर्चिंग पर रवाना हुआ था। इसी दौरान चिलपरस नयापारा पहाड़ी जंगल के पास कुछ संदिग्ध व्यक्ति भागने लगे, जिन्हें सुरक्षा बल द्वारा घेराबंदी कर पकड़ा गया।

पूछताछ में आरोपियों द्वारा प्रतिबंधित माओवादी संगठन में पिछले लगभग तीन वर्षों से जनमिलिशिया सदस्य के रूप में कार्य करना बताया गया। इस संबंध में थाना कोयलीबेड़ा में अपराध क्रमांक 20/2023, धारा 120(बी) भादवि, धारा 3, 5 विस्फोटक पदार्थ अधिनियम तथा धारा 38(2), 39(2) विधि विरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1967 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

विवेचना एवं अभियोजन
विवेचना के दौरान आरोपियों की संलिप्तता से संबंधित साक्ष्य संकलित किए गए तथा आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के पश्चात आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया। अभियोजन पक्ष द्वारा न्यायालय में साक्षियों के कथनों एवं अन्य साक्ष्यों को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया गया।

दोषसिद्ध आरोपी
1. सानू कोमरा, पिता दुखराम कोमरा, उम्र 23 वर्ष।
2. अर्जुन कुमार साहू, पिता शोभाराम साहू, उम्र 22 वर्ष, निवासी–बेडापारा आलपरस, थाना कोयलीबेड़ा, जिला उत्तर बस्तर कांकेर।

न्यायालयीन निर्णय
माननीय विशेष न्यायालय द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों का मूल्यांकन करते हुए दोनों आरोपियों को दोषसिद्ध ठहराया गया तथा प्रत्येक आरोपी को 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹2,000 के अर्थदंड से दंडित किया गया।

पुलिस टीम
अनुविभागीय अधिकारी पुलिस अमर सिदार अंतागढ़,उप निरीक्षक श्रवण कुलदीप, प्रधान आरक्षक भागवत तेता, आरक्षक राहुल टांडिया, आरक्षक टिकेश्वर यादव, आरक्षक सूरज नरेटी

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✍️06. दुर्गा पूजा उत्सव को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने शांति समिति की बैठक आयोजित।डीजे संचालकों एवं गरबा समितियों को दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश। 

—पुलिस अधीक्षक  निखिल कुमार राखेजा के निर्देशन में आगामी दुर्गा पूजा उत्सव को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से दिनांक 09 अक्टूबर 2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय, कांकेर में जिला शांति समिति की बैठक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री योगेश साहू एवं एसडीओपी कांकेर  हरीश पाटिल की उपस्थिति में संपन्न हुई।

बैठक में प्रमुख बिंदुओं पर दिए गए निर्देश
(1)दुर्गा पंडालों, जुलूस मार्ग एवं विसर्जन स्थलों का पूर्व निरीक्षण कर आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश।
(2)संवेदनशील एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती एवं सतत निगरानी रखने के लिए। सीसीटीवी कैमरा लगाने के निर्देश।
(3) दुर्गा विसर्जन जुलूस के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारू रखने हेतु आवश्यक डायवर्जन, पार्किंग एवं यातायात नियंत्रण की कार्ययोजना तैयार करने पर चर्चा।
(4) आयोजन समितियों को पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवकों की तैनाती कर पुलिस एवं प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखने के निर्देश।
(5) डीजे एवं ध्वनि विस्तारक यंत्रों का निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालन सुनिश्चित करने तथा आपत्तिजनक गीत, नारे अथवा सामग्री के प्रसारण से बचने की हिदायत।
(6)सोशल मीडिया पर भ्रामक, आपत्तिजनक अथवा सांप्रदायिक संदेशों की निगरानी रखने तथा कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली सामग्री पर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश।
(7) महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा के साथ चोरी, छेड़छाड़, मारपीट एवं अन्य घटनाओं की रोकथाम के लिए भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता रखने के निर्देश।
(8)विसर्जन स्थलों पर प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेडिंग, पुलिस बल, चिकित्सा सुविधा एवं आवश्यक आपातकालीन संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर।
(9)नदी, तालाब एवं अन्य जल स्रोतों में विसर्जन के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश।
(10) थाना एवं चौकी क्षेत्रों में पेट्रोलिंग एवं बीट भ्रमण बढ़ाने तथा प्रमुख स्थानों पर पुलिस की प्रभावी उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश।

बैठक में नगर पालिका सीएमओ   हेमंत कुमार नेताम, थाना प्रभारी कांकेर श्री जितेंद्र कुमार साहू, एएसआई श्री सतीश वर्मा, नायब तहसीलदार   संजय रॉय सहित शांति समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

कांकेर पुलिस की अपील :
कांकेर पुलिस आम नागरिकों, दुर्गा पूजा समितियों, गरबा आयोजकों एवं डीजे संचालकों से अपील करती है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा आपसी सहयोग, भाईचारे एवं सामाजिक सौहार्द के साथ दुर्गा पूजा उत्सव मनाएं।

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✍️07.धान की फसल में पेनिकल माइट एवं गर्दन झुलसा रोग से बचाव के लिए किसानों को दी गई सामयिक सलाह।

—धान की फसल में पेनिकल माइट (मकड़ी) एवं गर्दन झुलसा रोग के प्रकोप से उत्पादन और गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इससे बचाव के लिए किसानों को फसल की नियमित निगरानी करने, संतुलित उर्वरकों का उपयोग करने तथा समय पर उचित प्रबंधन उपाय अपनाने की सलाह दी गई है। कृषि विज्ञान केंद्र, कांकेर के विषय वस्तु विशेषज्ञ (पौध रोग विज्ञान) उपेन्द्र कुमार नाग ने किसानों को इन समस्याओं के लक्षणों की पहचान कर समय पर नियंत्रण के उपाय अपनाने की जानकारी दी है।
पेनिकल माइट के लक्षण एवं नुकसान
पेनिकल माइट के प्रकोप से धान की पर्णच्छद (लीफ शीथ) का रंग भूरा पड़ने लगता है तथा पत्तियों पर छोटे-छोटे भूरे धब्बे दिखाई देते हैं। अधिक प्रकोप होने पर दाने अनियमित आकार के हो जाते हैं। दानों में दूध भराव नहीं होने से वे पोचे या बदरा रह जाते हैं। कई बार दाने तोते की चोंच जैसे आकार के दिखाई देते हैं, जिसे वैज्ञानिक भाषा में ‘पैरट बीकिंग’ कहा जाता है। यह सूक्ष्म मकड़ी धान की पत्ती के भीतर पर्णच्छद में छिपकर रस चूसती है। इसके कारण पर्णच्छद पर दालचीनी रंग के या भूरे-चॉकलेटी चकत्ते बन जाते हैं। पत्ती के बाहरी आवरण को खोलकर इसकी उपस्थिति की पहचान की जा सकती है। दानों में दूध भरने की अवस्था में इसका प्रकोप अधिक नुकसान पहुंचाता है। प्रभावित स्थानों पर फफूंद का संक्रमण भी हो सकता है, जिससे दानों का विकास बाधित होता है और बालियों में बदरा दानों की संख्या बढ़ जाती है।
पेनिकल माइट के प्रबंधन के उपाय
किसानों को पेनिकल माइट के नियंत्रण के लिए सलाह देेते हुए बताया गया है कि नत्रजन उर्वरकों सहित सभी उर्वरकों का संतुलित मात्रा में उपयोग करें। बीज दर उचित रखें तथा पौधों के बीच लगभग 15 से 15 सेंटीमीटर की दूरी बनाए रखें। फसल की कटाई के बाद अवशेषों को मिट्टी में दबाएं। लगातार धान की फसल लेने के बजाय फसल चक्र अपनाएं। विशेषकर दलहनी एवं तिलहनी फसलों को शामिल करना लाभकारी हो सकता है। फसल की नियमित निगरानी करें तथा पर्णच्छद को खोलकर माइट की उपस्थिति की जांच करें। रासायनिक नियंत्रण के लिए पंजीकृत एवं अनुशंसित कीटनाशक या माइटनाशक का ही उपयोग करें। दवा का चयन, मात्रा और छिड़काव का समय स्थानीय कृषि विशेषज्ञ की सलाह तथा उत्पाद के लेबल के अनुसार निर्धारित करें।
गर्दन झुलसा रोग के लक्षण
धान में गर्दन झुलसा रोग का संक्रमण पत्तियों, पर्णच्छद, तने के गांठ वाले हिस्से, बाली की गर्दन तथा बाली के अन्य भागों पर दिखाई दे सकता है। प्रारंभ में पत्तियों पर छोटे, लगभग 1 से 3 मिलीमीटर के धब्बे बनते हैं। ये धब्बे आंख या नाव के आकार के होते हैं। इनका मध्य भाग धूसर तथा किनारे भूरे या गाजरी-भूरे रंग के होते हैं। तने और बाली की गर्दन पर संक्रमण होने से नुकसान अधिक होता है। बाली की गर्दन प्रभावित होने पर दानों में आधा या बिल्कुल भी भराव नहीं हो पाता, जिससे बालियां बदरा रह जाती हैं। कई बार बालियां पकने से पहले ही संक्रमित स्थान से टूट जाती हैं। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
गर्दन झुलसा रोग का प्रबंधन
गर्दन झुलसा रोग की रोकथाम के लिए रोग प्रतिरोधी या सहनशील किस्मों का चयन सबसे प्रभावी उपायों में से एक है। किसानों को धान की कर्मामासुरी, दन्तेश्वरी, इंदिरा सोना एवं आईआर-64 जैसी किस्मों के संबंध में स्थानीय कृषि विशेषज्ञ से उपयुक्तता की पुष्टि कर खेती करने की सलाह दी गई है। रोग के नियंत्रण के लिए एजोक्सीस्ट्रोबिन 18.2 प्रतिशत $ डाइफेनोकोनाजोल 11.4 प्रतिशत जैसे कवकनाशी का उल्लेख किया गया है। हालांकि, किसी भी दवा का उपयोग करने से पहले धान में संबंधित रोग के लिए उसके वर्तमान पंजीकरण, लेबल पर दी गई मात्रा, प्रतीक्षा अवधि और स्थानीय कृषि विभाग की अनुशंसा की पुष्टि करना आवश्यक है। छिड़काव निर्धारित सुरक्षा उपायों के साथ ही करें तथा अलग-अलग दवाओं को बिना विशेषज्ञ की सलाह के न मिलाएं।
किसानों से नियमित निगरानी की अपील
कृषि विज्ञान केंद्र, कांकेर के विषय वस्तु विशेषज्ञ (पौध रोग विज्ञान) उपेन्द्र कुमार नाग ने किसानों से अपील की है कि वे धान की फसल में पेनिकल माइट एवं गर्दन झुलसा रोग के शुरुआती लक्षणों पर ध्यान दें और समय पर प्रबंधन उपाय अपनाएं। नियमित निगरानी, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, फसल चक्र तथा उपयुक्त किस्मों का चयन करके फसल को होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है।

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✍️08. मतदाता सूची में छूटे नामों के पुनः सत्यापन और नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए एक माह का विशेष अभियान। घर-घर जाकर होगा पुनः सत्यापन, पात्र मतदाताओं का फार्म-6 भरकर किया जाएगा पंजीकरण।

—भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदाता सूची से विभिन्न कारणों से विलोपित नामों के पुनः सत्यापन तथा नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए एक माह का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत बूथ लेवल अधिकारी घर-घर जाकर विलोपित प्रविष्टियों का पुनः सत्यापन करेंगे। साथ ही पात्र नए एवं युवा मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए फार्म-6 भरवाया जाएगा। अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची में शामिल करना तथा किसी भी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में दर्ज होने से रोकना है।
एसआईआर के दौरान 34,237 मतदाताओं के नाम विलोपित
एसआईआर से पूर्व जिले में 5,69,601 मतदाता पंजीकृत थे। पुनरीक्षण के दौरान विभिन्न कारणों से 34,237 मतदाताओं के नाम विलोपित किए गए। इनमें 12,720 मृत मतदाता, 14,399 स्थायी रूप से स्थानांतरित, 2,269 अन्यत्र पंजीकृत, 4,606 अनुपस्थित तथा 243 अन्य श्रेणी के मतदाता शामिल हैं। 23 दिसंबर 2025 को प्रकाशित प्रारंभिक मतदाता सूची में 5,35,364 मतदाता थे। इसके बाद अंतिम प्रकाशन में 4,909 मतदाताओं की वृद्धि हुई। 21 फरवरी 2026 की स्थिति में जिले की अंतिम मतदाता सूची में कुल 5,40,273 मतदाता दर्ज थे।
बुधवार और गुरुवार को लगेंगे विशेष शिविर
अभियान के अंतर्गत बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा प्रत्येक सप्ताह बुधवार एवं गुरुवार को मतदान केंद्र स्तर पर कार्यालयीन समय में विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। वहीं, शुक्रवार एवं शनिवार को पॉलिटेक्निक, कॉलेज, आईटीआई, हाई स्कूल, हायर सेकेंडरी स्कूल तथा अन्य उच्च शैक्षणिक संस्थानों में मतदाता साक्षरता क्लब के माध्यम से विशेष शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में युवा एवं भावी मतदाताओं का पंजीकरण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, बीएलओ अन्य दिनों में घर-घर जाकर सर्वे करेंगे और पात्र मतदाताओं का फार्म-6 भरवाकर उनका नाम मतदाता सूची में शामिल करने की प्रक्रिया पूरी करेंगे।
जिले की वेबसाइट पर उपलब्ध है विलोपित मतदाताओं की सूची
एसआईआर के दौरान विभिन्न कारणों से विलोपित मतदाताओं की सूची जिले की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है। अभियान के माध्यम से मतदाता सूची का पुनः सत्यापन कर पात्र नागरिकों को पंजीकरण का अवसर प्रदान किया जाएगा, ताकि कोई भी पात्र मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न रहे।
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 ✍️09.समान नागरिक संहिता पर सामूहिक चर्चा एवं परिचयात्मक बैठक 15 अक्टूबर को।

—छत्तीसगढ़ राज्य में समान नागरिक संहिता लागू किए जाने तथा इसके प्रारूप को अंतिम रूप दिए जाने के लिए शासन द्वारा गठित उच्चस्तरीय समिति के सदस्यों की उपस्थिति में एक सामूहिक चर्चा एवं परिचयात्मक बैठक का आयोजन 15 अक्टूबर दिन गुरूवार को दोपहर 12 बजे से जिला पंचायत कांकेर के सभाकक्ष में आयोजित किया गया है। उक्त बैठक में राजनीतिक दलों, सर्वसमाज प्रमुख एवं प्रतिष्ठित नागरिकों, विशिष्ट नागरिकों, गणमान्य नागरिकों, सभी धार्मिक संगठन प्रमुख एवं सभी संगठन प्रमुखों को उक्त बैठक मे शामिल होने का अनुरोध किया गया है। 

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✍️ 10.एसएसबी के नागरिक कल्याण कार्यक्रम के तहत ग्रामीण युवकों को दिया कृषि एवं पशुपालन का प्रशिक्षण।

— 33वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल केंवटी द्वारा नागरिक कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के अंतागढ़ विकासखंड के ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कृषि विज्ञान केंद्र, कांकेर में 5 से 9 अक्टूबर तक आयोजित इस प्रशिक्षण में ग्राम कोलर, कुम्हारी, कोहकाटोला, सरंगीपाल, डेंगरू, फुलपाड़, टेमरूगांव, भैंसगांव एवं बर्चे के ग्रामीण युवकों ने भाग लिया। प्रशिक्षण में 33वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल के कमांडेंट श्री प्रियव्रत शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को आधुनिक तकनीक अपनाकर व्यावसायिक खेती करने तथा कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों को आजीविका का बेहतर माध्यम बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने युवाओं से शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया। समापन अवसर पर प्रशिक्षणार्थियों से प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान, अनुभव तथा भविष्य में अपनाई जाने वाली कार्ययोजना पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
पांच दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को कृषि उत्पादन की आधुनिक तकनीकों, मुर्गीपालन, बकरीपालन, पशुपालन, उद्यानिकी फसलों के उत्पादन, ग्राफ्टेड पौधों के उत्पादन तथा कृषि यंत्रीकरण की विस्तृत जानकारी दी गई। कृषि विज्ञान केंद्र की विभिन्न प्रदर्शन इकाइयों में प्रायोगिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया, जिससे प्रशिक्षणार्थियों को आधुनिक कृषि पद्धतियों को समझने और उन्हें व्यावहारिक रूप से अपनाने का अवसर मिला। इसके साथ ही कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी एवं नाबार्ड विभाग के अधिकारियों द्वारा विभिन्न विभागीय योजनाओं, स्वरोजगार के अवसरों तथा बैंक ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के समापन पर सशस्त्र सीमा बल की ओर से सभी प्रशिक्षणार्थियों को कृषि आदान वितरित किए गए, ताकि वे प्रशिक्षण में सीखी गई तकनीकों को अपने गांवों में अपनाकर कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों को आगे बढ़ा सकें।समापन समारोह में सशस्त्र सीमा बल के डिप्टी कमांडेंट डॉ. पंकज तेवतिया, पशुपालन विभाग के डॉ. एस.आर. चंद्राकर एवं डॉ. धर्मेंद्र कुर्रे, कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. बीरबल साहू तथा वैज्ञानिक डॉ. नरेंद्र हरिदास तायडे, डॉ. डी. सूर्यम दोरा, डॉ. चंदू लाल ठाकुर, डॉ. कोमल सिंह केराम, डॉ. उपेंद्र नाग एवं डॉ. गरिमा दीवान उपस्थित रहे।

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शुभ रात्रि… कल इसी समय फिर हाजिर होंगे हम। टॉप 10 न्यूज सशक्त पथ संवाद पर…आपके कमेंट का इंतजार रहेगा…

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नोटः— खबर लिखे जाने अभी तक हमारे पास  किसी अप्रिय घटना दुर्घटना की खबर नहीं है। 🙏

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