(मनोज जायसवाल)
बारिश के बाद से ही कई लोकप्रिय लोगों द्वारा जिसमें खासकर राजनीतिक क्षेत्र के नेताओं द्वारा धान के खेतों से कृषि कार्य करते फोटो एवं रील तमाम सोशल मीडिया पटल पर वायरल होती रही है। लोगो की समझ में आता है कि यह रील है,रियल लाईफ तो साहब की और ही है। लेकिन कांकेर विधायक के प्रकृति से जुडाव के जो फोटो रील वायरल हुए वो रियल हैं‚दिखावे नहीं।

तत्संबंध में सबसे पहले पहल सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले लोकप्रिय नेताओं में किसान पुत्र कांकेर विधायक आशा राम नेताम का नाम जुबां पर है,जो ना सिर्फ बारिश के शुरू होने अपितु इसके पूर्व ही जुन के महीनों में जब महुए के बीज,टोरी फोडने का चित्र वायरल हुआ। यह चित्र उनके एक दौरे का है,जहां गांव के घर में जब टोरी दाल निकाला जा रहा था, तो इनसे रहा नहीं गया और आशा राम नेताम भी भीड गये टोरी से दाल निकालने में।

इसके बाद जैसे ही बारिश प्रारंभ हुई तो अपने खेतों मे फावडा लेकर काम करते तो ट्रेक्टर से मताई करते चित्र वायरल हुआ। ब्रम्ह मुहुर्त में उठ कर दैनिक क्रियाकर्म से निवृत्त होकर गांव के बडे तालाब में तैराकी करते स्नान कर ग्राम की प्रथम पुज्य माँ शीतला देवी की पूजा करते दैनिक निजी प्रोटोकाल भी वायरल हुआ।

क्षेत्र के गावों में अपनी बुलेट से अपने पुराने साथियों,आम लोगों के जाकर प्रत्यक्ष रूप से रूबरू होते देखा,जिसने लोगों को और भी आत्मीयता से भर दिया।

विधायक आशा राम नेताम की जीवनगाथा के संबंध में देश के कई इलेक्ट्रानिक चैनलों द्वारा पूर्व में ही इंटरव्यु के माध्यम दिखाया जा चुका है। इसके बाद तिरंगा यात्रा से लेकर कांकेर विधानसभा में कई राजनीतिक,सामाजिक गतिविधियों में सक्रियता से भाग लेने की खबरें सोशल पर नियमित देखने मिल रही है।

आशा राम नेताम के पूर्व में खेती किसानी को लेकर जितने फोटो रील वायरल हुए हैं, वह दिखावे के बिल्कुल नहीं है, अपितु प्रकृति के साथ उनका हमेशा जुडाव रहा है,चाहे उनकी कर्म क्षेत्र में कितनी भी व्यस्तता रहे।





