चारामा के महानदी क्षेत्र में कालेज पर बनेगी सहमति

(मनोज जायसवाल)
—सहमति बनाये जाने के स्थानीय विधायक के अनुशंसा पत्र के साथ तत्काल उच्च शिक्षा को भेजी जायेगी। आने वाले समय में पुनः एक और बैठक बुला सकती है‚ महाविद्‍यालय संघर्ष समिति।

कांकेर(सशक्त पथ संवाद)। जिले के चारामा विकासखंड के महानदी क्षेत्र में कालेज की मांग पर विभीन्न ग्रामों के मध्य सहमति नहीं बन पाने के चलते चर्चा नहीं हो रही थी, कि अचानक फिर से एक बार बैठक का दौर शुरू हो गया। तत्संबंध में गत 22 सितंबर को जिले के सबसे बडे ग्राम गीतपहर में क्षेत्र के लोगों ने कालेज की स्थापना विषय पर बैठक का आयोजन किया।

क्या है, मामला?
चारामा विकासखंड के बेहद शांत कहे जाने वाले महानदी तटवर्तीय क्षेत्र में यह कोई ऐसा मामला नहीं है,जिसे नहीं सुलझाया जा सके? बताते चलें, पिछली कांग्रेस की सरकार के समय ऐन चुनाव से पूर्व क्षेेत्र के ग्राम अरौद के ऐतिहासिक दशहरा महोत्सव मंच पर जब पूरा प्रदेश कांग्रेस कमेटी मंच पर मौजूद था, जहां अरौद के वाशिंदों ने अपनी मांग की फेहरिस्त में यहां उच्च शिक्षा के लिए अरौद में कालेज की मांग की थी, जिस पर तात्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रहे भूपेश बघेल द्वारा यह घोषणा की गई कि यहां प्राप्त सभी मांगों को हमारी सरकार आने पर पूरा किया जायेगा।

कांग्रेस की सरकार बनी लेकिन कालेज की मांग पर अन्य ग्राम भी आगे आ गये। तब कई स्तर की बैठकों का दौर चला लेकिन अंततः सहमति नहीं बन पाने के चलते तय नहीं हुआ कि कालेज यहां बने।अरौद,टांहकापार,जेपरा की जमीं पर सहमति बनाने यहां के वाशिंदों ने एकजुटता दिखायी पर सहमति नहीं बन पाने के चलते बैठकों का दौर रूक गया था। अपनी सरकार बनने के बाद  तात्कालीन मुख्यमंत्री रहे भुपेश बघेल का  पुनः अरौद प्रवास हुआ लेकिन  क्षेत्रीय सहमति एवं लोकसभा चुनाव के चलते  घोषणा नहीं कर पाए। इसके बाद अरौद के लोगों ने कई बार राजधानी जाकर उनसे  मिलने  का प्रयास किया लेकिन  प्रयास सिफर रहा।

फिर भी अब चुंकि आने वाले समय में फिर से विधानसभा का चुनाव होना है। चारामा विकासखंड के गीतपहर में क्षेत्र के बुद्विजीवियों,जनप्रतिनिधियों ने जिले के सबसे बडे ग्राम गीतपहर में साम्य बनाने बैठक का आयोजन किया जिसमें काफी लोगों की उपस्थिति रही। बताया जाता है कि इस बैठक में जेपरा से अरौद के बीच कालेज के लिए सहमति बनाई गई। लेकिन जैसा कि लोगों की यह मानसिकता होती है कि उनके ही ग्राम में कालेज बने, जो कि यह संभव नहीं है। उच्च शिक्षा के लिए कालेज का निर्माण क्षेत्र के लोगों की सहमति पर किसी एक स्थान पर ही बनाना संभव है।

अन्य ग्राम की तरह हल्बा के वाशिंदे भी चाह रहे हैं कि उनके ग्राम हल्बा में कालेज बने। विकास के मद्देनजर हर गांव अपने गांव में मांग करे यह उनका विचार साम्य होता है, भले ही यह संभव ना हो। इस तारतम्य ही हल्बा के लोगों ने अपनी मांग बैठक में रखी। हालांकि वे भी जानते हैं कि कालेज तो एक ही बनना है,जो क्षेत्र के लोग जहां सहमति बनेगी वहां ही बनेगी। किसी का जिद इसमें काम नहीं आने वाला।

ठीक वैसा ही कि जब हल्बा में पुलिस चौकी, अस्पताल की सौगात मिली तब क्षेत्र के किसी भी ग्राम के लोगों ने विरोध नहीं किया। इतना ही नहीं हल्बा में उप-तहसील की मांग बाबत कुछ दौर की मीटिंग भी चली जिसमें भी हल्बा को पर ही सहमति बनाये जाने का जोर इस क्षेत्र समस्त लोगों ने दिया। कुल मिलाकर कहें तो हल्बा में विभीन्न संस्थानों की स्थापना के लिए लोगों ने अपनी सहमति से योगदान दिया और उप-तहसील के लिए भी देंगे।

कालेज की मांग पर तात्कालीन पूर्व विधायक रहे स्व. मनोज मंडावी ने पूरा प्रयास किया कि क्षेत्र के लोगों की जल्द सहमति बने। जिले के सबसे बडे ग्राम की श्रेणी में आने वाले गीतपहर के पूर्व सरपंच एवं पूर्व सरपंच संघ के ब्लाक अध्यक्ष रहे राजेंद्र सलाम ने क्षेत्र में कई ग्रामों के सियानों,बुद्विजीवियों,शिक्षाविदों, स्थानीय पत्रकार को भी बैठक में आमंत्रित कर पुरजोर प्रयास किया कि जहां क्षेत्रवासियों का बहुमत हो वहां जल्द सहमति बने और यहां के छात्रों के लिए कालेज की कक्षाएं प्रारंभ हो जाए। ऐसी जगह कालेज का निर्माण हो जो केंद्रीय ग्राम हो,जहां से ज्यादा लाभान्वित हो सके।

संदर्भ पिछली दफा लगातार बैठकों की दौर में जेपरा से अरौद के बीच जो स्थान उपर्युक्त लगे और ग्रामवासी संस्थान के निर्माण के लिए जमीन दे सके वहां चयन पर जोर दिया गया। अब पुनः गीतपहर की बैठक में वहीं पर बात ठहर गई है,लोग चाहते हैं कि जेपरा से अरौद के बीच कालेज बने। हल्बा में विभीन्न संस्थानों के लिए क्षेत्र के लोगों ने सहमति दी है,क्यों ना कालेज की मांग के लिए क्षेत्रवासी जहां मन बना रहे हैं, वहां हल्बा के वाशिंदे क्यों सहमति नहीं देंगे? जरूर देर सही वे सहमति देंगे।

ग्राम गीतपहर के पूर्व सरपंच एवं सरपंच संघ चारामा के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र सलाम ने बताया कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि इस दौर की बैठक में क्षेत्र के सभी ग्रामों के लोगों के पूर्ण समर्थन से शांतिपूर्ण समाधान जल्द निकलेगा और आने वाले एक ही बैठक में तय हो जायेगा कि कालेज कहां बनेगा। अभी भी हल्बा या किसी अन्य ग्राम की ओर से कोई विरोध नहीं है। हां बैठकों में सबका अपना स्वतंत्र विचार होता है, जहां लोगों ने अपना विचार दिया है। सारांशतः बात यह है कि  महानदी क्षेत्र में कालेज की मांग के संदर्भ में किसी भी प्रकार की राजनीतिक विचारधारा नहीं है‚ यही कारण है कि यहां होने वाली बैठकों में हमेशा सभी राजनीतिक दल‚सभी विचारों के बुद्विजीवी वर्ग साथ में बैठ कर विचार मंथन किये  हैं।  क्षेत्र में महानदी संघर्ष समिति का संघर्ष  भी रंग ला रहा है‚जहां अतीत में आवाजाही  का एकमात्र  महानदी का घाट रहे टांहकापार महादेव घाट में पुल निर्माण के लिए कार्रवाई हो रही है‚ यदि  तत्काल कालेज के लिए भी जैसा कि अन्य विकास कार्यो के लिए शांति पूर्ण  ढंग से सहमति बनाई गई वैसा ही   किसी  एक गांव के प्रति कट्टर  सोच विचार को तिलांजलि देते हुए  सबके  विचारों से जहां  बहुमत हो वहां कालेज के लिए सहमति बनाई जाये जो क्षेत्र के विकास के लिए हित में होगा।

ये थे, उपस्थित
बैठक में प्रमुख रूप से राजेंद्र सलाम‚ देव कुमार‚ राम कुमार रायस्त‚सुशीला सरपंच हल्बा कान्ति कवाची सरपंच गितपहर सोहद गंगासागर  सरपंच जेपरा‚ चिंता राम साहू जनपद सदस्य ग्राम अरौद परमेश्वर सिन्हा उप सरपंच रिकेशवर हिरवानी‚ ईश्वर पटेल‚संतु साहू‚ गोविंद पटेल‚वेदराम सेन‚बीआर हिरवानी आदि उपस्थित थे।

Related Posts

”पेन्शनर समाज ने मनाया गणतंत्र दिवस”

(मनोज जायसवाल) कांकेर(सशक्त पथ संवाद)।गणतंत्र दिवस 26 जनवरी के अवसर पर पेन्शनर भवन कांकेर में पेन्शनर समाज कांकेर के अध्यक्ष ओमप्रकाश भट्ट के द्वारा ध्वजारोहण किया गया । ओमप्रकाश भट्ट…

Hello world!

Welcome to WordPress. This is your first post. Edit or delete it, then start writing!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *