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संपादकीय
दुश्मनी करो तो करो इतनी कि मिले तो शर्मिंदगी की गुंजाईश न रहे
✍️मनोज जायसवाल
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कांकेर टॉप 10 अब पढें विस्तार से ….
26 अक्टूबर 2026 सोमवार
✍️मनोज जायसवाल
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✍️ 01.मौसम विभाग के अलर्ट के मद्देनजर कलेक्टर कुन्दन कुमार ने दिए सतर्कता एवं आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश। 28 एवं 29 अक्टूबर को प्रदेश के सभी जिलों में वर्षा की संभावना, संबंधित विभागों को अलर्ट पर रहने के निर्देश।

—मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार चक्रवात के उत्तरी आंध्र प्रदेश तट पर लैंडफॉल करने की संभावना है। इसके प्रभाव से 27 अक्टूबर को सुकमा एवं दंतेवाड़ा तथा 28 एवं 29 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ प्रदेश के सभी जिलों में वर्षा होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग द्वारा प्रदेश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।मौसम संबंधी चेतावनी को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर कुन्दन कुमार ने जिले में आवश्यक सतर्कता बरतने तथा सभी संबंधित विभागों को आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिला एवं तहसील स्तर पर कंट्रोल रूम सक्रिय रखने, मौसम संबंधी चेतावनियों की निरंतर निगरानी करने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।कलेक्टर ने राजस्व, पुलिस, नगरीय निकाय, पंचायत, स्वास्थ्य, विद्युत सहित अन्य संबंधित विभागों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही निचले क्षेत्रों, जलभराव एवं बाढ़ की आशंका वाले स्थानों को चिह्नित कर आवश्यकतानुसार राहत एवं बचाव की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने एसडीआरएफ, होमगार्ड एवं अन्य बचाव दलों को आवश्यक उपकरणों के साथ तैयार रखने तथा जलाशयों एवं बांधों के जलस्तर की सतत निगरानी करने के निर्देश भी दिए हैं।कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि आवश्यकता पड़ने पर जल निकासी एवं अन्य आवश्यक कार्रवाई समय रहते सुनिश्चित की जाए। आम नागरिकों तक मौसम संबंधी चेतावनियां समय पर पहुंचाई जाएं, ताकि किसी भी संभावित आपात स्थिति में जनहानि एवं अन्य नुकसान से बचाव के लिए त्वरित कार्रवाई की जा सके।
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✍️ 02. की फसलों की कटाई 2 से 4 दिन टालने की अपील, फसलों, सब्जियों, फलदार पौधों एवं पशुधन की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय अपनाने की सलाह।
—आगामी दिनों में वर्षा की संभावना को देखते हुए कृषि विभाग द्वारा किसानों के लिए कृषि सलाह जारी की गई है। किसानों से अपील की गई है कि वे मौसम की स्थिति को देखते हुए आवश्यक एहतियाती उपाय अपनाएं, ताकि संभावित नुकसान से बचा जा सके। कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि धान, दलहन एवं तिलहन की खड़ी फसलें पकने की अवस्था में हैं, तो आगामी 2 से 4 दिनों तक कटाई टालें। जिन किसानों ने फसल की कटाई शुरू कर दी है, वे कटी हुई फसल को शीघ्र सुरक्षित स्थान पर रखें। खेतों में अतिरिक्त पानी की निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करें तथा फसलों की नियमित निगरानी करें। कीट या बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर मौसम साफ होने के बाद ही कीटनाशक अथवा कवकनाशक का छिड़काव करें।उतेरा फसल के रूप में तिवरा या अलसी की बुवाई करने वाले किसानों को कुछ दिनों तक बुवाई स्थगित रखने की सलाह दी गई है। वहीं, रबी फसल लेने के इच्छुक किसान नवंबर के प्रथम सप्ताह से बुवाई शुरू कर सकते हैं।वर्षा एवं तेज हवा की संभावना को देखते हुए किसानों को करेला, लौकी सहित अन्य कद्दूवर्गीय बेल वाली सब्जियों में सहारा देने की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है। केले के जिन पौधों में फूल एवं फल आ चुके हैं, उन्हें बांस से सहारा दें, ताकि तेज हवा से पौधों को नुकसान न हो। भारी से अति भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए खेतों से जल निकासी की समुचित व्यवस्था भी सुनिश्चित करें।कृषि विभाग ने फूलगोभी, ब्रोकली, चुकंदर, पछेती खीरा एवं पछेती करेला सहित रबी मौसम की सब्जियों की बुवाई नवंबर के प्रथम सप्ताह से करने की सलाह दी है। ओलावृष्टि की स्थिति में नुकसान से बचाव के लिए उपलब्धता के अनुसार बागवानी एवं सब्जियों की फसलों में ओलावृष्टिरोधी जाली का उपयोग करने की सलाह भी दी गई है।मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए पशुपालकों को पशुओं को सूखे एवं सुरक्षित स्थानों पर रखने तथा उनके लिए पर्याप्त चारे और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है। वज्रपात की आशंका के दौरान पशुओं को चराते समय पेड़ों के नीचे आश्रय लेने से बचने की अपील की गई है।कलेक्टर कुन्दन कुमार ने किसानों से मौसम संबंधी पूर्वानुमान एवं चेतावनियों पर नजर रखने तथा जारी कृषि सलाह का पालन करने की अपील की है। किसानों को अधिक जानकारी एवं आवश्यक मार्गदर्शन के लिए अपने क्षेत्र के कृषि विस्तार अधिकारी अथवा कृषि विभाग कार्यालय से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
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✍️ 03. जंगली जीव समस्या हेतु जंगल सफारी ज़रूरी “जन सहयोग ने दिया वन मंत्री को सुझाव ।

—सामाजिक संस्थान “जन सहयोग ” द्वारा विगत दिवस प्रदेश के वन मंत्री केदार कश्यप जी को एक ज्ञापन देकर सुझाव दिया है कि जिला उत्तर बस्तर काँकेर में वन्य प्राणियों के बढ़ते हमले तथा उनके शहर के मध्य तक कभी भी आ पहुंचने के कारण आम जनता की परेशानी को देखते हुए जिले में काँकेर से संलग्न जंगल सफारी की ज़रूरत है। यदि वन विभाग द्वारा राजधानी नवा रायपुर की तर्ज़ पर यहां भी एक जंगल सफारी का निर्माण कर दिया जाता है तो न केवल वन्य प्राणियों की रक्षा हो सकेगी बल्कि हिंसक वन्य प्राणियों से शहर वासियों की भी रक्षा हो सकेगी। साथ ही यह क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हो जाएगा। वर्तमान में यह देखा जा रहा है कि जंगल में वन्य प्राणियों के लिए भोजन की कमी हो जाने के कारण वे शहर आकर लोगों के पालतू मवेशियों पर हमला कर उन्हें मार कर खा जाते हैं और कई बार लोगों पर भी हमला करते हैं। इनके पीड़ित लोगों की सूची बहुत लंबी है कई बार वन्य प्राणी स्वयं भी वाहन दुर्घटना का शिकार होकर मृत्यु को प्राप्त होते हैं। इन सब समस्याओं का हल जंगल सफारी की स्थापना में है । यदि वन विभाग इस दिशा में शीघ्र ही ठोस कदम उठाता है तो काँकेर वासी एक बहुत बड़ी राहत पा सकेंगे। “जन सहयोग” के अध्यक्ष अजय पप्पू मोटवानी द्वारा आज वन मंत्री केदार कश्यप को यह सुझाव एक ज्ञापन के रूप में उनके काँकेर प्रवास के दौरान पेश किया गया। इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष महेश जैन, क्षेत्रीय विधायक आशारामजी नेताम, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण नरेटी, अशोक वलेचा ,दिलीपकुमार जायसवाल, वरिष्ठ पत्रकार सीताराम शर्मा ,अनुराग उपाध्याय, अध्यक्ष अजय पप्पू मोटवानी के अलावा दिलीप कुमार गंजीर, संजय कुंजाम,एवं अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। सबने “जन सहयोग ” द्वारा दिए गए जंगल सफारी के सुझाव का पुरजोर समर्थन किया और उसे इस जिले की वन्य प्राणी समस्या का स्थायी हल बताया।
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✍️ 04. डॉ. डी. नागेश्वर रेड्डी से मिले कांकेर के वरिष्ठ पत्रकार गणेश तिवारी, माता शशि तिवारी भी रहीं साथ

—हैदराबाद स्थित एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी के अध्यक्ष और विश्व प्रसिद्ध गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डॉ. डी. नागेश्वर रेड्डी से छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के वरिष्ठ पत्रकार गणेश तिवारी ने मुलाकात की। गणेश तिवारी छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष व राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक अमर स्तम्भ अखबार के उप संपादक और अखिल भारतीय हिंदू परिषद के प्रदेश संगठन महामंत्री एवं रुद्र सेना के प्रदेश संगठन महामंत्री हैं। इस मुलाकात के दौरान उनकी माता शशि तिवारी भी साथ में मौजूद रहीं। दोनों ने डॉक्टर से स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के विषय पर चर्चा की।
मुलाकात का पूरा विवरण
बताया जा रहा है कि यह मुलाकात हैदराबाद के एआईजी हॉस्पिटल में हुई। कांकेर से गए वरिष्ठ पत्रकार गणेश तिवारी ने डॉ. रेड्डी को छत्तीसगढ़ की पत्रकारिता और सामाजिक गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। साथ ही उन्होंने बस्तर अंचल में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी चर्चा की। डॉ. रेड्डी ने भी बहुत ही आत्मीयता के साथ दोनों से भेंट की और अपने अनुभव साझा किए। माता शशि तिवारी ने भी डॉक्टर के कार्यों की सराहना की। यह मुलाकात पूरी तरह से शिष्टाचार और सम्मान भेंट के रूप में रही।
कौन हैं डॉ. डी. नागेश्वर रेड्डी डॉ. डी. नागेश्वर रेड्डी का जन्म हैदराबाद में हुआ था। उन्होंने चिकित्सा की पढ़ाई में हमेशा उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। गैस्ट्रोएंटरोलॉजी यानी पेट और आंतों से संबंधित रोगों के विशेषज्ञ के रूप में उन्होंने देश और दुनिया में अलग पहचान बनाई। उन्होंने ही भारत में सबसे पहले कई तरह की एडवांस एंडोस्कोपी तकनीकों की शुरुआत की। आज हैदराबाद का एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, जिसे एआईजी हॉस्पिटल के नाम से जाना जाता है, पूरे एशिया का सबसे बड़ा पेट रोगों का अस्पताल माना जाता है, जिसके संस्थापक और अध्यक्ष डॉ. रेड्डी ही हैं। हजारों गरीब मरीजों का उन्होंने कम खर्च में इलाज करवाकर नया जीवन दिया है।
पद्म पुरस्कारों की हैट्रिक लगाने वाले पहले डॉक्टर
डॉ. डी. नागेश्वर रेड्डी की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि वे भारत के एकमात्र ऐसे डॉक्टर हैं जिन्हें तीनों पद्म पुरस्कार मिले हैं। भारत सरकार ने उन्हें 2002 में पद्म श्री, 2016 में पद्म भूषण और 2025 में देश के दूसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया है। इसके अलावा अक्टूबर 2026 में उन्हें चिकित्सा, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए मानद फेलोशिप से भी सम्मानित किया गया है। उन्हें विश्व एंडोस्कोपी संगठन का लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार और अमेरिकन सोसाइटी ऑफ गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल एंडोस्कोपी द्वारा मास्टर एंडोस्कोपिस्ट पुरस्कार भी मिल चुका है।
चिकित्सा जगत में क्रांतिकारी योगदान
डॉ. रेड्डी ने भारत में गैस्ट्रोएंटरोलॉजी को एक नए मुकाम पर पहुंचाया है। उन्होंने एंडोस्कोपी के क्षेत्र में कई नए आविष्कार किए हैं जिससे बिना ऑपरेशन के पेट के जटिल रोगों का इलाज संभव हो पाया है। उनके द्वारा प्रशिक्षित हजारों डॉक्टर आज देश-विदेश में सेवा दे रहे हैं। एआईजी हॉस्पिटल में रोजाना सैकड़ों मरीजों का इलाज होता है और यहां विदेशों से भी लोग इलाज कराने आते हैं। उनका मानना है कि अच्छी चिकित्सा हर गरीब तक पहुंचनी चाहिए, इसी सोच के साथ वे काम करते हैं।
छत्तीसगढ़ के पत्रकार की मुलाकात के मायने
कांकेर जैसे छोटे जिले के पत्रकार का विश्व प्रसिद्ध डॉक्टर से मिलना अपने आप में बड़ी बात है। गणेश तिवारी लगातार पत्रकारिता और समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उनकी यह मुलाकात न केवल व्यक्तिगत सम्मान की बात है, बल्कि इससे छत्तीसगढ़ और हैदराबाद के बीच स्वास्थ्य जागरूकता को लेकर भी नए रास्ते खुल सकते हैं। इस मुलाकात की पूरे पत्रकार जगत और सामाजिक संगठनों में चर्चा हो रही है और लोग इसे गर्व की बात बता रहे हैं।
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✍️ 05.कोकानपुर(कोरर) में शिवलिंग स्थापना में शामिल हुए कांकेर विधायक आशा राम नेताम।

—कांकेर विधानसभा के लोकप्रिय विधायक आशा राम नेताम ग्रामवासियों के आमंत्रण पर कोरर क्षेत्र के ग्राम कोकानपुर में अटल चौक के पास शिवलिंग स्थापना कार्यक्रम आयोजन में शामिल हुए। उन्होंने शिवलिंग की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की एवं भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया तथा ग्राम की प्रगति के लिए परम अराध्य माँ शीतला को प्रणाम किया।
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✍️06. मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना के लिए 30 अक्टूबर तक आवेदन आमंत्रित।
—मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत शिक्षण सत्र 2026-27 के लिए पात्र विद्यार्थियों से 30 अक्टूबर तक आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। योजना का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के प्रतिभावान एवं निम्न आय वर्ग के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर के उच्च व्यावसायिक संस्थानों जैसे आईआईटी, एआईआईएमएस, आईआईएम, एनएलयू, एमबीबीएस, नीट, आईआईआईटी में चयन एवं प्रवेश के उपरांत तात्कालिक सहायता उपलब्ध कराना है।आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त ने बताया कि पात्र विद्यार्थियों को निर्धारित प्रपत्र में ऑफलाइन आवेदन कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कांकेर में 30 अक्टूबर तक जमा करना होगा। आवेदन पत्र का प्रारूप कार्यालय सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास कांकेर से अथवा विभागीय पोर्टल https://eklavya.cg.nic.in/ से प्राप्त किया जा सकता है। निर्धारित तिथि के बाद आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
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✍️07. चारामा विकासखंड के महानदी परिक्षेत्र के कुर्रूभाट पहाडी में स्थित बारह गांव की देवी रानी माई मेला आज भीडभाड के साथ शांतिपूर्वक सम्पन्न।

— जिले के चारामा विकासखंड के कुर्रूभाट पहाडी में गुफा में विराजित रानी माई मेला आज भीडभाड के साथ शांतिपूर्वक रूप से सम्पन्न हुआ। गांव में आज रात्रिकालीन कार्यक्रम का भी आयोजन रखा गया है। क्षेत्र के लोगों ने यहां आये देवीदेवताओं की पूजा अर्चना कर क्षेत्र में सुख शांति की कामना की। आयोजन मंच पर जिला पंचायत अध्यक्ष किरण नरेटी ने यहा शेड तथा चबुतरा निर्माण के लिए 5-5 लाख की घोषणा की।आज इस प्रतिनिधी को ग्राम के लोगों ने बताया कि पिछली दफा किरण नरेटी द्वारा रामायण मानस मंच पर आगमन हुआ था,जहां उन्होंने शेड निर्माण की घोषणा की थी,लेकिन आज पर्यंत तक उक्त घोषणा पर कोई अमल नहीं हुआ ऐसा बताते वे नाराज दिखाई दिये।

रानी माई गुफा आस्था स्थल तक अभी तक बिजली नहीं पहूंच पाई है,जबकि क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के द्वारा यहां के विकास की बात कही जाती है,जो उदासीनता को दर्शा रहा है। आज रानी माई मेल के अवसर पर क्षेत्र के कई गांवा के पंचायत एवं जनप्रतिनिधी,आम ग्रामीण काफी संख्या में उपस्थित हुए।
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✍️08. जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी ने ग्राम पंचायत कोड़ेजुंगा में निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण।दीपावली से पहले सभी श्रमिकों को मजदूरी भुगतान सुनिश्चित करने के दिए निर्देश।

—जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरेश मंडावी ने विकासखंड कांकेर के अंतर्गत ग्राम पंचायत कोड़ेजुंगा का दौरा कर ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वीबी-जी राम जी (विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण) योजना के तहत निर्माणाधीन कृषि तालाब एवं मुक्तिधाम के कार्यों की भौतिक प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने तथा निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान सीईओ श्री मंडावी ने कार्यस्थल पर मौजूद श्रमिकों एवं ग्रामीणों से सीधे संवाद कर मजदूरी भुगतान की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने श्रमिकों से पूछा कि क्या उन्हें कार्य करने के 15 दिनों के भीतर मजदूरी का भुगतान मिल रहा है। इस परिप्रेक्ष्य में उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी श्रमिकों को उनकी मजदूरी का भुगतान दीपावली से पहले सुनिश्चित किया जाए, ताकि त्योहार के अवसर पर श्रमिकों को आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े। वीबी-जी राम जी योजना के अंतर्गत कांकेर जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए विभिन्न निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इनमें 455 स्कूल भवन, 115 ग्राम पंचायत भवन, 96 सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) भवन, 279 बालिका शौचालय, 125 आंगनबाड़ी भवन तथा 282 मुक्तिधाम शेड निर्माण के कार्य शामिल हैं। इन कार्यों के पूर्ण होने से ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को और सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी।
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✍️09. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात की 139 वीं कडी के लाईव प्रसारण को कांकेर विधायक आशा राम नेताम ने अंगना कार्यालय में सुना। लोगों से शुभ संदेशों को अमल में लाने की बात कही।

—आज बेवरती अंगना विधायक कार्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात’ की 139वीं कड़ी के लाइव प्रसारण में कांकेर विधायक आशा राम नेताम शामिल हुए। उन्होंने उनके विचारों एवं देशहित से जुड़े संदेशों को सुना। कहा— ‘मन की बात’ जनभागीदारी, सामाजिक जागरूकता और राष्ट्र निर्माण में प्रत्येक नागरिक की भूमिका को रेखांकित करने वाला संवाद का एक माध्यम है। इस कार्यक्रम के माध्यम से देशभर के प्रेरणादायी प्रयासों, नवाचारों और जनकल्याण से जुड़े विषयों को जानने का अवसर मिलता है। आगे संदेश देते कहा—आइए, हम सभी अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हुए समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में सहभागी बनें।
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10. ग्राम आमाझाेला(इच्छापुर) में आयोजित कबड्डी प्रतियोगिता के फायनल मुकाबले में कांकेर विधायक आशा राम नेताम शामिल होकर खिलाडियों का उत्साहवर्धन किया।

—आज ग्राम आमाझोला (इच्छापुर) में आयोजित कबड्डी प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले में कांकेर विधायक आशा राम नेताम शामिल हुए। उन्हों खिलाडियों का उत्साहवर्धन किया। आयोजन मंच पर उन्होंने कहा- खेल हमारे युवाओं में अनुशासन, साहस, आत्मविश्वास, टीम भावना और संघर्ष करने की क्षमता विकसित करते हैं। कबड्डी जैसे पारंपरिक खेल हमारी ग्रामीण संस्कृति और खेल विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ग्रामीण अंचलों में आयोजित ऐसी प्रतियोगिताएँ स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करती हैं और युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।

आगे के संबोधन में कहा-हमारा प्रयास है कि क्षेत्र के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को निरंतर प्रोत्साहन मिले, उन्हें अपनी प्रतिभा निखारने के बेहतर अवसर प्राप्त हों और वे खेल के माध्यम से अपने गाँव, क्षेत्र एवं छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करें।
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विशेष—
30 अक्टूबर को मनाया जाएगा ‘पीएम-किसान उत्सव दिवस’, जारी होगी 24वीं किस्त
— प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा 30 अक्टूबर 2026 को बनासकांठा (गुजरात) से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 24वीं किस्त पात्र हितग्राहियों को जारी की जाएगी। इस अवसर पर देशभर में ‘पीएम-किसान उत्सव दिवस’ मनाया जाएगा तथा राज्य, जिला, ब्लॉक एवं ग्राम स्तर पर कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
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शुभ रात्रि… कल इसी समय फिर हाजिर होंगे हम। टॉप 10 न्यूज सशक्त पथ संवाद पर…आपके कमेंट का इंतजार रहेगा…
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नोटः— खबर लिखे जाने अभी तक हमारे पास किसी अप्रिय घटना दुर्घटना की खबर नहीं है। 🙏
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