(मनोज जायसवाल)
कांकेर(सशक्त पथ संवाद)। छत्तीसगढ के प्रमुख शहर फोरलेन मार्ग से जुड चुका है‚ अब इंतजार है‚तो बस्तर तक फोरलेन की‚जिसकी घोषणा तो हो चुकी है‚लेकिन संभवतया क्रियान्वयन धीमा है कि अभी तक उच्च डीपीआर का कार्य भी पूरा नहीं हाे सका है। फोरलेन कार्य पर ही हालांकि विभागीय व्यस्तता हो लेकिन इतनी भी देरी कि लोगों का सब्र जवाब देने लगा है‚जिसके चलते सडकों के किनारे बसे लोग भविष्य की योजनाएं नहीं बना पा रहे। आजादी के कई दशक बीत गए पर कांकेर जिला मुख्यालय रेल सुविधा से महरूम है।
अभी तक डीपीआर पूरा नहीं हो पाने की बात‚फिर चारामा सहित अन्य जगहों के बायपास कार्य के चलते क्रियान्वयन आगे नहीं बढने की बात भी सुनी जाती रही है‚लेकिन खाका क्या हैॽ क्या आने वाले वर्ष 2027 में भी फोरलेन का कार्य शुरू होते देख सकेंगे या नहीं यह स्पष्टया कोई नहीं बता रहा है।

रायपुर से रावघाट और कुरूद तक पूरा होने के बाद अब धमतरी तक बडी रेल का इंतजार हो रहा है, कुछ ही समय बाद यह भी पूरा हो जाएगा, लेकिन कांकेर जिला मुख्यालय एवं क्षेत्र अब फोरलेन का इंतजार कर रहा है। लोग अब जिला मुख्यालय तक रेल की बात भी नहीं सोचते। बहुत हो चुकी उपेक्षा ! रेल दूर की बात अब पूर्व की तरह आने वाले चुनाव में फिर से सिर्फ रेल पर टीवी चैनलों में डिबेट देखी जायेगी जैसा देखते आ रहे हैं।
अब इस क्षेत्र के लोग चाहते हैं कि रेल नहीं तो फोरलेन कार्य तो जल्द शुरू हो ! लेकिन…किंतु..परंतु यहां भी हो रहा है। विभाग की माने तकनीकी कार्यों की प्रगति देखें तो ऐसा नहीं लगता कि बहुत जल्द ही धमतरी से जगदलपूर तक फोरलेन का कार्य शुरू हो जाएगा। विभागीय अधिकारी अभी भी डीपीआर प्रगति की जानकारी दे रहे हैं। जैसा कि सशक्त पथ संवाद,कांकेर टॉप 10 न्यूज संपादक मनोज जायसवाल को बताया कि अभी भी डीपीआर फायनल नहीं हुआ है।
डीपीआर फायनल होने के बाद ही टेंडर लगेगा। अब जब उच्च डीपीआर ही फायनल नहीं हुआ है तो टेंडर में देरी होगी ही। जबकि राष्ट्रीय राजमार्ग 30 किनारे प्रभावितों के खातों में विभाग कब की राशि डाल चुका है,जिन्होंने अपना निर्माण भी कर लिया लेकिन सडक किनारे किसी ने अपना निर्माण नहीं तोडा। तोडेगा भी क्यों जब अभी कार्य ही शुरू नहीं हुई। तत्संबंध में एक उच्च अधिकारी ने बताया कि मुआवजा तो दिया जा चुका है,तोडना है तो तोड सकते हैं,लेकिन उनकी तरफ से तो फोरलेन निर्माण शुरू होने के बाद ही नोटिस देकर तोडने की कार्रवाई करेंगे। लखनपुरी में ओवरब्रिज नहीं बनेगा,संभावना धमतरी से लगे पुरूर की है।
कुल मिलाकर ऐसा लग रहा है कि आने वाले वर्ष 2027 के शुरू में तो नहीं अपितु अंत तक ही कुछ कहा जा सकता है। लेकिन लोगों को कुछ जानकारी नहीं होने के चलते जैसा कि कानाफुंसी चर्चा होती है,वह हो रही है। जिला मुख्यालय कांकेर रेल से जब जुडे तब लेकिन पहले पहल फोरलेन से तो जुडे।





