(मनोज जायसवाल)
– कांग्रेस के बुथ चलो, संगठन सृजन से तो प्रभावित नहीं हुए?

—कांकेर जिले में भानुप्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र की तात्कालीन विधायक श्रीमती सावित्री मनोज मंडावी की कार्यशैली स्नेहभावों और राजनीतिक कुशलता से प्रभावित होकर उनके विधानसभा क्षेत्र के ग्राम चिल्हाटी में पूर्व जनपद सदस्य कुमीन उमाशंकर तेमुन्ना सहित 40 लोगों ने आगामी विधानसभा चुनाव जो कि अभी दूर ही है, पूर्व कांग्रेस प्रवेश कर अप्रेल की इस भरी गर्मी के बीच राजनीतिक पारा भी ऊपर चढ गया है।लोगों ने वर्तमान सत्ता में किन विषयों को लेकर नाराजगी थी, या फिर उनके किसी जनप्रतिनिधि ने उन्हें तवज्जो नहीं देते हुए गंभीरता से नहीं समझा या फिर कांग्रेस द्वारा हाल में चलाया गया बुथ चलो,संगठन सृजन से तो लोग प्रभावित नहीं हुए? यह तो पता चलेगा ही, जहां कांग्रेस के विपक्षी पार्टी की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

यह तो संभवतया शुरूआत है, पर राजनीतिक क्षेत्र से जुडे कुछ लोगों का मानना है, कि कुछ और धैर्य रख लें। जिनके परिवार ने अतीत से वर्तमान तक राजनीति में योगदान दिया है, जिसे पार्टी भी जानती है । आगे परिसीमन के बाद परिदृश्य में भी बदलाव हो सकता है,जिले अभी से बोलना जल्दबाजी ही होगी।

भानुप्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र से तो यह खबर है,पूर्व में भी इस प्रकार की खबर आती रही है, लेकिन कांकेर विधानसभा क्षेत्र जहां सत्ताधारी पार्टी में आशा राम नेताम तात्कालीन विधायक है,यहां किसी क्षेत्र या गांव से दूर-दूर तक कोई ना खबर है,ना संभावना। क्योंकि इस विधानसभा का हाल-ए-बयां हमने अपने पिछले आलेख में लिख चुके हैं। विधायक आशा राम नेताम की कार्यशैली,लोगों के बीच उनके अपने ही पारंपरिक अंदाज में भेंट,मुलाकात और उनके ग्राम एवं क्षेत्र को दी उपलब्धियां एवं लोगों के निजी कार्य में सहभागी होना सहित कई वो पक्ष है, जो उन्हें औरों से जुदा करता है। तमाम वो गुण जिसके चलते अपने पार्टी में बेहत्तर समन्वय के साथ पूर्ण एका के साथ संचालन हो रहा है, हाल तक तो सशक्त ही कहा जा सकता है।

अपनी पार्टी में बेहतर समन्वय का प्रयास तो भानुप्रतापपुर के विधायक श्रीमती सावित्री मनोज मंडावी के कार्य क्षेत्र में महसुस किया जा सकता है,लोकतंत्र के चौथे स्तंभ स्थानीय पत्रकारों के साथ ही बेहतर समन्वय की आशा की जानी चाहिए,जहां कई पत्रकार उपेक्षित ही है।





