आज की टॉप 10 खबर 21 दिसंबर 2025 रविवार

कांकेर टॉप 10 अब पढें विस्तार से….
  21  दिसंबर  2025 रविवार

✍️मनोज जायसवाल

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संपादकीय—

स्व.कुबेर गीतपरिहा
(अल्पावधि में छ.ग. में गीतकार के रूप में छा जाने वाले कलाकार)
आज पुण्यतिथी पर सादर नमन…..

स्व. कुबेर गीतपरिहा हमारे क्षेत्र के वो छत्तीसगढ़ी गायक थे,जिसे यह क्षेत्र कभी नहीं भूल सकता। बचपने में मानस मंच आयोजनों में भागीदारी निभाते हुए छत्तीसगढ़ कला जगत में छत्तीसगढ़ी फिल्मों के लिए सुमधुर गीत लिखने लगा। सैकड़ो हिट गीत लिखे और सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ में गीतकार के रूप में कुबेर गीतपरिहा के रूप में जाना जाने लगे। गीतपहर से जब रायपुर जाते आते हमारे कार्यालय में हमेशा मित्रता के चलते रूका करते थे। इसी दरम्या हमेषा वो एवार्ड की बात करते थे कहते कि उन्हें रायपुर एवार्ड के लिए बुलाया जा रहा है। कई बार गये और कई बार अनुपस्थित भी रहे। अर्थाभाव से जुझते कहते ये एवार्ड को क्या करूं। मेरी आर्थिक स्थिति इतना लचर है भइया इस पर सहयोग कर देते। हमने एवार्ड पर बात करते हमेशा उनकी मनोभावना जोश बढ़ाने का काम किया। वो कहा करते कि आप लोगों का स्नेह ही मेरा अवार्ड है।

उस लकड़ी की क्या करूं। पटवारी की नौकरी लगने के बाद स्थिति सृदृढ़ता की ओर थी कि अनजाने काल ने डस लिया और हमारे मित्र कुबेर भाई को कला जगत,हमारे बीच सहित दुनियां से अलविदा कह दिया। पत्नी श्रीमती सत्या को उनकी जगह कलेक्ट्रेट में नौकरी मिला वे तो नहीं रहे पर उनकी यादों में परिवार की जिंदगी कट रही है। कुबेर भाई की सरलता इतना था कि कभी वो फोटो सेशंस ग्रुपिंग से लगाव नहीं रखते थे। यहां तक कि सोशल मीडिया में फेसबुक एकाउंट तक नहीं बनाया था। यही कारण है कि आज भी कला जगत से संबंधी उनके फोटो का अभाव है। फिर भी हम उनके घर से एकमात्र छायाचित्र पेश कर रहे हैं। पूरा नाम कुबेर दास नेताम जिन्होंने छत्तीसगढ़ कला जगत में कदम रखते ही अपने नाम के साथ गांव का नाम लगाते हुए कुबेर गीतपरिहा रखा और इसी नाम से गीतकार के रूप में प्रसिद्व हुए। 10 जनवरी 1976 को गीतपहर में जन्मे थे। अल्पावधि में छत्तीसगढ़ी एलबम एवं फिल्मों के लिए गीत लिखते जिंदगी के सफर में 21 दिसंबर 2013 को मात्र 37 वर्ष की अल्पायु में छत्तीसगढ़ कला जगत सहित दुनियां से अलविदा कह दिया।

✍️मनोज जायसवाल

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01. राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस पर पल्स पोलियो अभियान का जिला स्तरीय शुभारंभ।  

— राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस के अवसर पर पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान 21 से 23 दिसंबर तक चलाया जा रहा है। उक्त अभियान का जिला स्तरीय शुभारंभ आज मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य (एमसीएच) अस्पताल, अलबेलापारा कांकेर में किया गया।

चित्र—कांकेर विधायक आशा राम नेताम बच्चों को पाेलियो की घुंट पिलाते हुए।

कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण नरेटी द्वारा पोलियो बूथ में उपस्थित 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को पोलियो वैक्सीन की दो बूंद खुराक पिलाकर किया गया। इस अवसर पर उन्होंने सभी अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को पोलियो की खुराक अवश्य पिलाएं और जिले को पोलियो मुक्त बनाए रखने में सहयोग करें।
कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.सी. ठाकुर, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. ओ.पी. शंखवार, नोडल अधिकारी कुष्ठ डॉ. सुनील सोनी, डॉ. हेमन्त नाग, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. भगत बघेल सहित मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य अस्पताल अलबेलापारा के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरसी ठाकुर ने बताया कि अभियान के दौरान जिले के सभी पोलियो बूथों एवं घर-घर भ्रमण के माध्यम से 0 से 5 वर्ष तक के शत-प्रतिशत बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इधर चारामा विकासखंड के  लखनपुरी से सटे ग्राम पंचायत पिपरौद में सरपंच  श्रीमती लता संतोष मंडावी द्वारा पोलियो अभियान में सक्रिय भागीदारी का निर्वहन करते दो बुंद जिंदगी की बच्चों को पाेलियो की खुराक पिलायी।

चित्र—पिपरौद(चारामा) में बच्चों को पोलियो की घुंट पिलाते सरपंच श्रीमती लता संतोष मंडावी।

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02. विद्यार्थियों को वर्चुअल उपचारात्मक शिक्षण प्रदान करने कलेक्टर ने की शिक्षकों से अपील। शिक्षा के स्तर में वृद्धि करने यथासंभव विषयवार ऑनलाइन व ऑफलाइन कक्षाएं लेने कहा।

  —बोर्ड परीक्षा 2025-26 में जिले के विद्यार्थियों को बेहतर परिणाम दिलाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी पहल की है। कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने जिले के सभी शासकीय विद्यालयों के प्राचार्य एवं व्याख्याताओं के नाम अनुरोध सह अपील पत्र जारी किया गया है, जिसमें शीतकालीन अवकाश के दौरान भी कक्षा 10वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों के लिए वर्चुअल उपचारात्मक शिक्षण संचालित करने हेतु अनुरोध किया है।

कलेक्टर ने अपने संदेश में कहा है कि विद्यार्थियों के शैक्षणिक सुदृढ़ीकरण को दृष्टिगत करते हुए बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित होने वाले विद्यार्थियों के लिए विषयवार ऑनलाइन कक्षाओं का आयोजन किया जाए। यह कक्षाएं विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे Google Meet, Zoom, WhatsApp Video कॉल अथवा अन्य उपलब्ध डिजिटल माध्यमों से शिक्षकों की सुविधा अनुसार संचालित की जाएंगी। साथ ही यह भी कहा गया है कि यदि किसी विद्यालय में भौतिक कक्षाएं लेना संभव हो, तो यह विद्यार्थियों के लिए और अधिक लाभकारी होगा।
अपनी अपील में कलेक्टर ने बताया कि इन कक्षाओं का मुख्य उद्देश्य कमजोर, औसत एवं परीक्षा उन्मुख विद्यार्थियों को लक्षित कर उपचारात्मक सहयोग प्रदान करना है। बोर्ड परीक्षा की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण अध्यायों, कठिन टॉपिक्स, प्रश्न-पैटर्न, पूर्व वर्षों के प्रश्नपत्र, मॉडल प्रश्नों की पुनरावृत्ति पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसके साथ ही उत्तर लेखन अभ्यास, समय प्रबंधन तथा प्रस्तुति कौशल विकसित करने के लिए भी विद्यार्थियों को नियमित मार्गदर्शन दिया जाएगा, जिससे उनके आत्मविश्वास में वृद्धि हो सके।

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03.  अनुरोध कार्यक्रम से शिक्षा की मुख्यधारा में लौटे सैकड़ों बच्चे, कांकेर जिले में ऐतिहासिक पहल।

— आकांक्षी जिला उत्तर बस्तर कांकेर में जिला प्रशासन द्वारा संचालित “अनुरोध कार्यक्रम – शाला त्यागी मुक्त ग्राम” अभियान ने शिक्षा के क्षेत्र में एक नई और प्रेरणादायी मिसाल कायम की है। कलेक्टर नीलेश कुमार महादेव क्षीरसागर के नेतृत्व, स्पष्ट दिशा-निर्देशों एवं सतत निगरानी में यह अभियान 21 नवम्बर से 26 नवम्बर तक जिले के समस्त ग्राम पंचायतों में सफलतापूर्वक संचालित किया गया।नक्सल प्रभावित, आदिवासी बाहुल्य एवं दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग, पंचायत प्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, शिक्षकों तथा समुदाय की सहभागिता से यह अभियान एक जनआंदोलन का रूप ले सका।

तिथि-वार अभियान की प्रमुख गतिविधियाँ
21 नवम्बर से 24 नवम्बर के मध्य जिले के सभी विकासखंडों में घर-घर सर्वेक्षण कर शाला अप्रवेशी एवं शाला त्यागी बच्चों का चिन्हांकन किया गया। इस सर्वे में 6 से 14 आयु वर्ग के बच्चों के साथ-साथ कक्षा 1 से 12 तक के ऐसे बच्चों की पहचान की गई, जो किसी कारणवश विद्यालय से बाहर थे।  सर्वे कार्य प्रधानाध्यापकों, संकुल प्राचार्यों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं पंचायत प्रतिनिधियों के आपसी समन्वय से संपन्न हुआ। बच्चों की जानकारी विद्यालयों की उपस्थिति पंजी से मिलान कर निर्धारित प्रपत्र में संकलित की गई। इस दौरान विशेष आवश्यकता वाले दिव्यांग बच्चों का पृथक चिन्हांकन भी किया गया।

26 नवम्बर को जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत में विशेष ग्राम सभा आयोजित की गई। ग्राम सभा में चिन्हांकित बच्चों की सूची का सार्वजनिक वाचन किया गया तथा पालकों, पंचायत सदस्यों एवं गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में बच्चों को विद्यालय में पुनः नामांकित कराने हेतु काउंसलिंग की गई।  मुख्यधारा में शिक्षा से जुड़ाव,अभियान के अंतर्गत शाला त्यागी एवं अप्रवेशी बच्चों को समीपस्थ प्राथमिक, माध्यमिक, हाई एवं हायर सेकंडरी विद्यालयों में समुचित कक्षा में प्रवेश दिलाया गया। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को आश्रम शाला, केजीबीवी, 50 सीटर एवं 200 सीटर डारमेटरी तथा आवासीय विद्यालयों में प्रवेश प्रदान किया गया।

कक्षा 8 उत्तीर्ण लेकिन कक्षा 9 में प्रवेश न लेने वाले बच्चों को चिन्हांकित कर ओपन स्कूल प्रणाली के माध्यम से शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा गया। इसके साथ ही लगातार अनुपस्थित रहने वाले विद्यार्थियों के लिए विद्यालय स्तर पर अनुरोध कार्यक्रम आयोजित कर उपचारात्मक शिक्षण एवं विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई।
निरंतर मॉनिटरिंग और जनजागरूकता अभियान के दौरान कोटवारों द्वारा मुनादी कराई गई तथा विद्यालय स्तर पर गठित मीडिया सेल के माध्यम से जनजागरूकता बढ़ाई गई। 28 नवम्बर तक संकुल स्तर पर डाटा का सत्यापन कर विकासखंड कार्यालय में जमा कराया गया, जिसे बीआरसीसी एवं बीईओ द्वारा प्रमाणित कर जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

प्रभावशाली परिणाम
अनुरोध कार्यक्रम के सार्थक और सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। सत्र 2025–26 में अब तक जिले में 288 शाला त्यागी एवं अप्रवेशी बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा चुका है। अनुपस्थित बच्चों से 3 दिवस के भीतर शिक्षकों द्वारा संपर्क एवं अनुरोध सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे उपस्थिति में निरंतर सुधार हो रहा है।
इस अभियान के परिणामस्वरूप जिले की कई ग्राम पंचायतों ने स्वयं को “शाला त्यागी मुक्त ग्राम” घोषित किया है, जिनके प्रमाण पत्र ग्राम-वार प्राप्त किए जा रहे हैं। कलेक्टर श्री क्षीरसागर ने बताया कि ऐसे ग्राम पंचायतों एवं विद्यालय परिवारों को 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा सम्मानित किया जाएगा।
यह अभियान इस बात का सशक्त प्रमाण है कि जनभागीदारी, प्रशासनिक संकल्प और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता से कोई भी बच्चा विद्यालय से वंचित नहीं रह सकता।
अब जिला कांकेर शाला त्यागी मुक्त होने की दिशा में निर्णायक रूप से अग्रसर है।

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04.कांकेर जिला प्रशासन का शिक्षा पर फोकस: ऑनलाइन और भौतिक कक्षाओं से हर विद्यार्थींयों को मिलेगा सीधा लाभ।  

—बोर्ड परीक्षा 2025–26 में जिले के विद्यार्थियों को बेहतर परिणाम दिलाने तथा उनके शैक्षणिक स्तर को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कांकेर जिला प्रशासन ने शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी पहल की है। जिला कलेक्टर नीलेश कुमार महादेव क्षीरसागर एवं जिला पंचायत कांकेर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरीश मंडावी द्वारा जिले के समस्त शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के प्राचार्य एवं व्याख्याताओं के नाम अनुरोध सह अपील पत्र जारी किया गया है।इस पत्र में स्पष्ट किया गया है कि शीतकालीन अवकाश को केवल विश्राम का समय न मानते हुए विद्यार्थियों के शैक्षणिक सुदृढ़ीकरण के अवसर के रूप में उपयोग किया जाए। इसी दृष्टिकोण के साथ कक्षा 10वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों के लिए भौतिक अथवा वर्चुअल उपचारात्मक शिक्षण निरंतर संचालित किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों का संपर्क अपने मेंटर शिक्षकों से बना रहे—मेंटोर वही रहेगा की भावना के साथ।
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05. जिले के चारामा विकासखंड के ग्राम कोटेला में आयोजित त्रिदिवसीय कबड्डी प्रतियोगिता के समापन अवसर पर भानुप्रतापपुर क्षेत्र की विधायक श्रीमती सावित्री मनोज मंडावी ने खिलाड़ियों को पुरस्कार से सम्मानित करते हुए उनका हौसला बढाया। आयोजन में  शाला स्टाफ‚ ग्राम के पूर्व सरपंच रहे नाथिया राम शोरी‚नरेंद्र यादव‚हिरवेंद्र साहू एवं कांग्रेस के कई कार्यकर्ता भी  मौजूद रहे। ग्रामीणों की भीड  आयोजन की सफलता बताने काफी है कि लोगों में भी आयोजन को लेकर उत्सुकता बनी रही।

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06.कल 20 दिसंबर को साप्ताहिक बाजार दिवस पर बीएसएन टावर के पास स्थित विद्युत ट्रांसफार्मर की शिप्टिंग कार्य के चलते आधे दिन बिजली बंद रखी गई। वहीं कार्य पूरा नहीं होने के चलते आज भी अपरान्ह से बिजली बाधित रही देर शाम को बिजली बहाल होने पर लोगों ने राहत की सांस ली। बाजार दिवस पर हमेशा बिजली बंद रखे जाने से व्यापार व्यवसाय प्रभावित होता है,लेकिन लखनपुरी में हमेशा बाजार का ध्यान नहीं रखा जाता। बिना सुचना के बिजली विच्छेदित की जाती है,जिसे लेकर आम व्यापारियों के साथ लोगों में नाराजगी है।  

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07. सम्पूर्ण  कांकेर जिले में पड रही कडाके की ठंड। ग्रामीण क्षेत्राें में देर शाम होते ही ग्रामीण सडकें सुनी सुनी दिखायी दे रही है। जंगली जानवरों का डर भी लोगों में।

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08. कांकेर जिले के चारामा विकासखंड के हाराडुला पंडरीपानी मुख्यालय से सटे डुबान क्षेत्र के ग्राम अकलाडोंगरी में आज  वार्षिक मेला शांति पूर्वक सम्पन्न।

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09. चिहरीपारा आंगनबाड़ी केंद्र भवन में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत बच्चों को दो बूंद पोलियो की खुराक पिलाई गई।

—सरोना।राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के अंतर्गत कांकेर जिले के सरोना तहसील अंतर्गत ग्राम चिहरीपारा के आंगनबाड़ी केंद्र में आयोजित कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखना रहा। निर्धारित तिथि पर सुबह से ही आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों एवं उनके अभिभावकों की उपस्थिति शुरू हो गई थी। स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के समन्वय से यह अभियान व्यवस्थित रूप से संचालित किया गया।

कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं मितानिन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने अभियान से पूर्व गांव में भ्रमण कर अभिभावकों को बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने के लिए जागरूक किया और आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचने का आग्रह किया। केंद्र में बच्चों को क्रमवार दो बूंद पोलियो की खुराक पिलाई गई तथा उनकी जानकारी पंजी में दर्ज की गई, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी पात्र बच्चा अभियान से वंचित न रह जाए।

पोलियो खुराक पिलाने के दौरान अभिभावकों को पोलियो रोग के प्रति जागरूक भी किया गया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और मितानिन ने बताया कि पोलियो एक गंभीर और लाइलाज बीमारी है, जिससे बचाव केवल नियमित टीकाकरण और पोलियो ड्रॉप्स से ही संभव है। समय पर बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने से उन्हें आजीवन सुरक्षा मिलती है और समाज को भी इस बीमारी से मुक्त रखा जा सकता है।

इस अवसर पर गांव के कई ग्रामीण भी उपस्थित रहे और उन्होंने अभियान में सक्रिय सहयोग किया। ग्रामीणों ने बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्र लाकर पोलियो की दवा पिलवाई तथा अन्य परिवारों को भी इसके लिए प्रेरित किया। ग्रामीणों ने कहा कि इस तरह के स्वास्थ्य अभियान गांव के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक हैं और इसमें सभी को जिम्मेदारी के साथ भाग लेना चाहिए।

आंगनबाड़ी केंद्र में यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। स्वच्छता एवं सुरक्षा का विशेष ध्यान रखते हुए बच्चों को पोलियो की खुराक दी गई। कार्यक्रम के अंत में यह संदेश दिया गया कि पोलियो मुक्त समाज का निर्माण तभी संभव है, जब प्रत्येक अभिभावक जागरूक होकर अपने बच्चों को समय पर पोलियो की दवा पिलाए और ऐसे जनस्वास्थ्य अभियानों में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभायी ।

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10.

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  शुभ रात्रि… कल इसी समय फिर हाजिर होंगे हम। टॉप 10 न्यूज सशक्त पथ संवाद पर…आपके कमेंट का इंतजार रहेगा…

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नोटः— खबर लिखे जाने अभी तक हमारे पास  किसी अप्रिय घटना दुर्घटना की खबर नहीं है। 🙏
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