आज की टॉप 10 खबर 13 नवंबर 2025 गुरूवार

कांकेर टॉप 10 अब पढें विस्तार से….
  13  नवंबर  2025गुरूवार

✍️मनोज जायसवाल

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संपादकीय—

बिन साजन झुला झुलूं,ये वादा कैसे भुलूं… ”मीनाक्षी”

आज 13 नवंबर को जन्म दिवस पर सादर…

—हिन्दी सिनेमा की जानीमानी दिलकश अभिनेत्री मीनाक्षी शेषाद्रि जी का आज जन्म दिवस है। घातक‚हीरो‚दामिनी‚गंगा जमुना सरस्वती‚नाचे नागिन गली गली‚बीस साल बाद‚औरत तेरी यही कहानी जैसी बेहद सफल फिल्मों ने समुचे दर्शकों को खुब लुभाया है। 17 साल की कम उम्र में ही आपने मिस इंडिया का खिताब अपने नाम किया था। अमिताभ बच्चन से लेकर विनोद खन्ना, ऋषि कपूर, अनिल कपूर जैसे बड़े फिल्म स्टार्स उनके हीरो रहे। मुलतः तमिलनाडू की वर्तमान झारखंड प्रांत के सिंदरी शहर में 13 नवंबर 1959 को  आपका जन्म हुआ था। 70‚80 के दशक में मीनाक्षी जी के कई फिल्म खुब चले। फिल्मी दुनिया में स्थापित हो चुकी मीनाक्षी ने बैंकर हरीश मैसूर से शादी की और फिल्मी दुनिया को अलविदा कहकर अपने पति के साथ अमेरिका के टेक्सास शहर में जाकर बस गईं। उनके दो बच्चे भी हैं जिनमें एक बेटा और एक बेटी है। बेटे का नाम संजोग और बेटी का नाम केंद्र है। कला एकाएक नहीं छुट सकता। बताया जाता है कि वह टेक्सास में रहकर कत्थक और क्लासिकल डांस सिखाती हैं। टेक्सास में रहने वाले भारतीयों के बीच वह बहुत मशहूर हैं।

✍️मनोज जायसवाल

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01.राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा जिले के प्रवास पर, जनप्रतिनिधियों ने किया आत्मीय स्वागत।

— प्रदेश के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, पुनर्वास एवं उच्च शिक्षा मंत्री   टंकराम वर्मा आज जिला मुख्यालय कांकेर पहुंचे। राजस्व मंत्री श्री वर्मा के शासकीय विश्राम गृह कांकेर पहुंचने पर विधायक कांकेर  आशाराम नेताम एवं कलेक्टर   निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। इस दौरान शासकीय विश्राम गृह में सांसद   भोजराज नाग, अंतागढ़ विधायक  विक्रम उसेण्डी, छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष   भरत मटियारा, राज्य हस्तशिल्प बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत ने भी केबिनेट मंत्री श्री वर्मा से आत्मीय भेंट की।

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02.पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाईन पंजीयन ऑनलाइन आवेदन प्राप्ति तिथि 30 नवम्बर

 

— छत्तीसगढ़ राज्य में संचालित शासकीय, अशासकीय महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, आईटीआई एवं पॉलिटेक्निक में अध्ययनरत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को पात्रतानुसार पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति प्रदान की जानी है। शिक्षा सत्र 2025-26 हेतु पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति (कक्षा 12वीं से उच्चतर) के लिए आवेदन पंजीयन, स्वीकृति एवं वितरण की कार्यवाही वेबसाइट http://postmatric-scholarship.cg.nic.in पर ऑनलाईन माध्यम से की जा रही है।
आदिवासी विकास विभाग की सहायक आयुक्त ने बताया कि विद्यार्थियों से नवीन एवं नवीनीकरण का ऑनलाईन आवेदन 30 नवम्बर 2025 तक प्राप्त की जाएगी तथा स्वीकृति एवं डिसबर्स के लिए शासकीय 15 दिसम्बर और अशासकीय 20 दिसम्बर निर्धारित की गई है। उक्त निर्धारित तिथियों के पश्चात शिक्षा सत्र 2025-26 की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति हेतु ऑनलाईन आवेदन की पोर्टल बंद कर दिया जाएगा एवं ड्राफ्ट प्रपोजल अथवा सैंक्शन ऑर्डर लॉक करने का अवसर प्रदान नहीं किया जाएगा। सहायक आयुक्त ने कहा कि निर्धारित तिथि तक कार्यवाही पूर्ण नहीं करने पर यदि संबंधित संस्थाओं के विद्यार्थी छात्रवृत्ति से वंचित रह जाते हैं तो इसके लिए संबंधित संस्था प्रमुख जिम्मेदार होंगे।

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03.संस्था एवं कोर्स परिवर्तन हेतु आवेदन 20 नवम्बर तक।
 

— जिले में संचालित समस्त शासकीय, अशासकीय महाविद्यालयों, मेडिकल कॉलेज, आईटीआई एवं पॉलिटेक्निक के प्राचार्य, संस्था प्रमुख, छात्रवृत्ति प्रभारी एवं उनमें अध्ययनरत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थी जो विभाग द्वारा संचालित पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति अंतर्गत संस्था तथा कोर्स, ईयर में परिवर्तन किए हैं, वे ऑनलाइन सुधार के लिए अपने अध्ययनरत संस्था के माध्यम से निर्धारित फॉर्म में 20 नवम्बर तक सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कार्यालय कांकेर में आवेदन कर सकते हैं।

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04.जनजातीय गौरव दिवस के मुख्य अतिथि होंगे शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव।

—भारत सरकार जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देशानुसार सभी जिलों में 15 नवम्बर को जनजातीय गौरव दिवस मनाया जाएगा। जिला मुख्यालय कांकेर के पीएमश्री शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नरहरदेव में आयोजित जिला गौरव दिवस स्तरीय कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश के स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग एवं विधि विधायी मंत्री  गजेन्द्र यादव होंगे।
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05. मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा के लिए तैयारी बैठक 18 नवम्बर को। 

— मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना अंतर्गत 27 नवम्बर से 02 दिसम्बर की अवधि में कांकेर जिले के 410 तीर्थयात्रियों को तीर्थ यात्रा में भेजा जाना प्रस्तावित है। उक्त यात्रा की तैयारियों के लिए कलेक्टर  निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर की अध्यक्षता में 18 नवम्बर को बैठक रखा गया है। मिली जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री दर्शन योजना के अंतर्गत तीर्थयात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों को कामाख्या देवी मंदिर, नवगृह मंदिर, वशिष्ट मुनि आश्रम, उमानंद मंदिर, शिवाजी का मंदिर, शंकर देव कला क्षेत्र-गुहावाटी का दर्शन कराया जाना प्रस्तावित है।

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06.   एक दिवसीय प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन 20 नवम्बर  ऑनलाइन आवेदन की भी सुविधा।

—  जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र कोड़ेजुंगा कांकेर में एक दिवसीय प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन 20 नवम्बर को सुबह 11 से अपरान्ह 03 बजे तक किया जाएगा, जिसमें निजी क्षेत्र के नियोजकों द्वारा 539 रिक्तियों के आधार पर भर्ती की जाएगी। जिला रोजगार अधिकारी श्री बी.आर. ठाकुर ने बताया कि उक्त प्लेसमेंट कैम्प में सिक्युरिटी गार्ड के 500 पद, ट्रेनी केन्द्र मैनेजर के 30 पद और टीचर/शिक्षक के 09 पदों पर भर्ती की जाएगी। उन्होंने कहा कि इच्छुक आवेदक उक्त प्लेसमेंट कैम्प में उपस्थित होकर अपना सम्पूर्ण बायोडाटा के साथ आवेदन पत्र जमा कर सकते हैं। आवेदक ई-रोजगार के पोर्टल https://erojgar.cg.gov.in पर भी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। प्राप्त आवेदनों के आधार पर नियोक्ता द्वारा प्राथमिक चयन कर साक्षात्कार लिया जाएगा, जिसकी सूचना पृथक से फोन के माध्यम से आवेदक को दी जाएगी।

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07. शासकीय प्राथमिक शालाओं में एफएलएन मेला का आयोजन 14 नवम्बर को।

—स्कूल शिक्षा के अंतर्गत बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान (एफएलएन) मेला का आयोजन 14 नवम्बर दिन शुक्रवार को जिले के समस्त प्राथमिक शालाओं में किया जाएगा। समग्र शिक्षा कार्यालय द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सभी शालाओं में स्टॉल का निर्माण, मेले में स्टॉल लगाने, निगरानी और देखरेख का कार्य शाला के शिक्षकों द्वारा किया जाएगा। एफएलएन मेला में गणित, भाषा, अंग्रेजी एवं बालवाड़ी से संबंधित सभी अवधारणाओं के लगाए गये स्टॉल का संचालन शाला के विद्यार्थियों के द्वारा किया जाएगा। स्टॉल में बच्चों द्वारा स्टॉल का संचालन, गतिविधि कर निर्देशों को पढ़कर दूसरे बच्चों को सुनायेंगे तथा पढ़ने में मदद करेंगे। इस पहल से प्राथमिक स्तर के बच्चों में भाषायी एवं संख्याज्ञान का विकास हो सकेगा। गौरतलब है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत प्रारंभिक कक्षाओं के विद्यार्थियों को आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक दक्षता प्रदान किया जाना है।
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08.भूतपूर्व सैनिकों के बच्चों की शिक्षा हेतु छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत आवेदन आमंत्रित।  

—जिले के भूतपूर्व सैनिकों के बच्चों को शिक्षा में सहायता प्रदाय करने हेतु प्रधानमंत्री छात्रवृत्ति योजना तथा आरएमडीएफ छात्रवृत्ति योजना के तहत आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। जिला सैनिक कल्याण अधिकारी ने बताया कि केन्द्रीय सैनिक बोर्ड नई दिल्ली आरएमडीएफ (रक्षामंत्री विवेकाधीन निधि) एवं प्रधानमंत्री छात्रवृत्ति योजना का लाभ देने के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि आरएमडीएफ छात्रवृत्ति योजना के तहत भूतपूर्व सैनिकों/विधवाओं के बच्चे जिन्होंने वर्ष 2024-25 में परीक्षा पास की है, वे छात्रवृत्ति के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 मार्च 2026 है। इसी तरह प्रधानमंत्री छात्रवृत्ति योजना हेतु सैनिकों/विधवाओं के बच्चे जो तकनीकी/व्यावसायिक पाठ्यक्रम के तहत प्रथम वर्ष में दाखिला लिए हैं तथा 12वीं कक्षा में न्यूनतम 60 प्रतिशत अंकों के साथ परीक्षा उत्तीर्ण की है। वे प्रधानमंत्री छात्रवृत्ति योजना का लाभ लेने हेतु पात्र होंगे। इसके लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 नवम्बर 2025 निर्धारित की गई है। यह भी बताया गया कि व्यावसायिक पाठ्यक्रम की सूची वेबसाइट  www.ksb.gov.in पर उपलब्ध है। ऑनलाइन आवेदन भरने के बाद मूल दस्तावेजों के साथ प्रमाणीकरण हेतु जिला सैनिक कल्याण कार्यालय में उपस्थित होना होगा। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए कार्यालय के दूरभाष नंबर 07868-299299 पर सम्पर्क किया जा सकता है।

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09अग्निवीर भर्ती रैली का आयोजन 08 से 16 दिसम्बर तक, आवेदन आमंत्रित । 

—जाट रेजिमेन्टल सेन्टर बरेली में अग्निवीर सैनिकों के विभिन्न पदों की पूर्ति हेतु भर्ती रैली का आयोजन 08 से 16 दिसम्बर के बीच बरेली में किया जाएगा। जिला सैनिक कल्याण बोर्ड कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार अग्निवीर सामान्य ड्यूटी, लिपिक एवं ट्रेड्समेन के विभिन्न पदों पर भर्ती की जाएगी। उक्त भर्ती रैली में केवल भूतपूर्व सैनिकों एवं सेवारत सैनिकों के पुत्र तथा सगे भाई ही पात्र होंगे। इस संबंध में बताया गया कि यह भर्ती रैली युद्ध विधवाओं के पुत्रों, जाट रेजिमेन्ट के भूतपूर्व एवं सेवारत सैनिकों, युद्ध के दौरान शहीद एवं घायल सैनिकों के पुत्रों तथा सगे भाईयों के लिए आयोजित की जाएगी। इसके अतिरिक्त इसमें अन्य रेजिमेन्टों के भूतपूर्व एवं सेवारत सैनिकों, युद्ध के दौरान घायल सैनिकों के भाई, पुत्र तथा कानूनी रूप से गोद लिए बच्चों सहित सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी भाग ले सकते हैं। इस संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए जिला सैनिक कल्याण बोर्ड कार्यालय, पुराना कचहरी परिसर कांकेर में सम्पर्क किया जा सकता है। 

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10. आत्मसमर्पित नक्सलियों और पीड़ित परिवारों को कृषि विभाग ने दिया प्रशिक्षण।

—सरकार ने आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल पीड़ित परिवारों के पुनर्वास के लिए उचित कदम उठाया है। इसी कड़ी में शासन के विभिन्न विभागों के साथ साथ कृषि विभाग में भी संचालित केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजना प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसान समृद्धि योजना राष्ट्रीय कृषि विकास योजना प्रधानमंत्री सूक्ष्म सिंचाई योजना शाकम्भरी योजना कृषि यंत्र उपकरण योजना किसान क्रेडीट कार्ड योजना कृषक उन्नति योजना नगदी फसलो एंव मौसमी सब्जी खेती किचन गार्ड में सब्जी की खेती मुर्गीपालन दुग्ध व्यवसाय मछली पालन सुकर पालन बकरी पालन समेत कृषि एवं कृषि से सम्बंधित विभाग उधानिकी मत्स्य पशुधन विभागों की रोजगार मूलक योजनाओं का प्रशिक्षण भानुप्रतापपुर विकासखंड के नक्सल पुनर्वास केंद्र चौगेल में कृषि विभाग एवं कृषि से सम्बंधित विभाग के द्वारा प्रशिक्षण आयोजित किया गया। गोंडी भाषा मे प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि विशेषज्ञ अनिल नेताम ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले आत्मसमर्पित नक्सलियों और पीड़ित परिवारों को मुख्यधारा में जोड़ने के लिए यह पहल एक बड़ा कदम है बल्कि उन परिवारों के लिए सम्मान और सुरक्षा का प्रतीक हैं। सरकार इस योजना को पूरी पारदर्शिता और तत्परता के साथ लागू कर रही है उन्होंने कहा कि यह योजना कांकेर जिले के विकास और शासन की जन हितैषी योजनाओं से जोड़ने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है उपसंचालक कृषि जितेंद्र कोमरा ने कहा कि नक्सल पीड़ित परिवारों और आत्मसमर्पित नक्सलियों को बेहतर जीवन देने के लिए कृषि एवं कृषि से सम्बंधित विभाग उद्यानिकी मतस्य पालन पशुपालन मुर्गी पालन बकरी पालन सुकर पालन की योजना का लाभ ले कर अपना स्वयंम का रोजगार स्थापित करने प्रेरित किया आत्मसमर्पित नक्सली या उनके बच्चे निजी शिक्षण संस्थानों में पढ़ना चाहें, तो उन्हें शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत आरक्षित सीट में प्रवेश एवं अनुदान राशि प्रदान की जा रही है।इच्छुक आत्मसमर्पित स्वयं भी शिक्षा ग्रहण कर सकते हैं, जिसके लिए संबंधित विभागों की योजनाओं के अंतर्गत सहायता दी जाएगी। यह नई नीति क्षेत्र में शांति एवं विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे न केवल आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं पीड़ित परिवारों को मुख्यधारा से जोड़ने में मदद मिलेगी, बल्कि उनके परिवारजनों के भविष्य को भी सुरक्षित किया जा सकेगा।पीड़ित परिवारों को आवास मिल जाने से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को एक सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन प्रदान करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। यह योजना सामाजिक समरसता और विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायक है।प्रशिक्षण कार्यक्रम में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी महात्मा तरेता ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी राकेश शोरी रामजी वट्टी मत्स्य निरीक्षक ओमप्रकाश सेवता ब्लॉक टेक्नोलॉजी मैनेजर राधेलाल देवांगन अमृता मरकाम समेत बड़ी संख्या में आत्म समर्पित नक्सली एवं पीड़ित परिवार के सदस्यों की उपस्थिति रही।

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विशेष-
छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल की हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी अवसर परीक्षा (नवंबर 2025 सत्र) का आयोजन आगामी 17 नवंबर से 1 दिसंबर 2025 तक किया जाएगा। इस संबंध में जानकारी देते हुए शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दुर्गूकोदल के प्राचार्य श्री अजय नेताम ने बताया कि परीक्षा की सभी तैयारियाँ पूर्ण कर ली गई हैं।प्राचार्य नेताम ने बताया कि हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी दोनों परीक्षाएँ एक ही अवधि  17 नवंबर से 1 दिसंबर 2025 तक आयोजित की जाएंगी। परीक्षा का समय प्रातः 8र.30 बजे से 11.45 बजे तक निर्धारित किया गया है।इस परीक्षा में विकासखंड दुर्गूकोदल, भानुप्रतापपुर, पखांजूर और अंतागढ़ क्षेत्र के परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर निर्देश जारी कर दिए गए हैं, ताकि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।प्राचार्य अजय नेताम ने बताया कि परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्र संस्थान में प्राप्त हो चुके हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की है कि वे कार्यालयीन समय में विद्यालय पहुँचकर अपने प्रवेश पत्र प्राप्त करें। साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि प्रवेश पत्र में दिए गए सभी विवरण जैसे नाम, विषय, रोल नंबर एवं परीक्षा तिथि सही हों।विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि परीक्षा के दौरान सभी परीक्षार्थियों को निर्धारित समय से 30 मिनट पहले केंद्र पर उपस्थित होना अनिवार्य रहेगा।
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भगवान बिरसा मुंडा की 150 वी जयंती मनाई जाएगी – विक्रम उसेंडी

कांकेर(सशक्त पथ संवाद)।भगवान बिरसा मुंडा की 150 वी जयंती पूरे देश मे मनाई जाएगी इस कार्यक्रम की जानकारी देने आज भाजपा कार्यलय कमल सदन कांकेर में विक्रम उसेंडी ने प्रेसवार्ता ली । प्रेसवार्ता में भाजपा जिलाध्यक्ष महेश जैन, मछुआ कल्याण बोर्ड अध्यक्ष भरत मटियारा उपस्थित रहे ।प्रेस को संबोधित करते हुए विक्रम उसेंडी ने कहा कि बिरसा मुंडा जयंती- जनजाति गौरव दिवस ब्रिटिश हुकूमत द्वारा अपने जल, जंगल, ज़मीन, जनजाति पहचान एवं स्वतंत्रता पर संकट देखकर उसके रक्षण के लिए शोषणवादी अंग्रेजी सत्ता के विरोध में “उलगुलान” आंदोलन करने वाले धरती आबा की उपाधि से विभूषित भगवान बिरसा मुंडा की यह 150 वी जयंती का वर्ष है । उनका जन्म 15 नवम्बर 1875 को अलिहातू ग्राम जनपद राँची में हुआ था। अंग्रेजों के खिलाफ़ सशस्त्र विद्रोह करने के कारण वह गिरफ्तार हुए एवं जेल में ही 9 जून 1900 को उनका बलिदान हो गया । उनकी संघर्षमय स्मृति को चिरस्थायी रूप देने एवं उनसे युवा पीढ़ी प्रेरणा प्राप्त कर सके, इसके लिए प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी ने 15 नवंबर को “जनजातीय गौरव दिवस” घोषित किया है | भगवान बिरसा मुंडा ने दुर्व्यसनों से रहित जीवन , अंधविश्वास से मुक्ति एवं अपनी भूमि के प्रति स्वाभिमान का भाव जनजाति समाज को सिखाया। उन्होंने शोषण के प्रति आवाज उठाते हुए बेगारी प्रथा का विरोध किया। ब्रिटिश सत्ता को लगान न देने का आह्वान कर उन्होंने उलगुलान आंदोलन कों प्रारंभ किया। उनका नारा था “अबुआ राज़ एते जाना, महारानी राज टुंडू जीना।”( हमारा शासन शुरू हो, रानी का शासन समाप्त हो ।

उन्होंने कहा कि जनजाति गौरव दिवस केवल भगवान बिरसा मुंडा ही नहीं, आदिवासी समाज में जन्मे उन असंख्य महापुरुषों को समर्पित है, जिन्होंने भारतीय संस्कृति के उत्थान एवं देश की स्वतंत्रता के लिए अपना संपूर्ण जीवन उत्सर्ग किया । नागालैंड की महारानी गाइडन्यू जिन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ़ विद्रोह किया एवं स्वधर्म के स्वाभिमान के लिए हरक्का आंदोलन चलाकर नागा समाज में मतांतरण का विरोध किया । राजस्थान में जन्मे गोविंद गुरु भील समाज में अध्यात्म, समाज सुधार एवं शोषण के खिलाफ़ आंदोलन के प्रतीक बन गये । रानी दुर्गावती, तिलका माजी, अल्लूरी सीताराम राजू, कोरम भील, टाट्या भील, सिद्धू – कानू मुर्मू आदि जनजाति समाज के महानायकों के बिना भारत का इतिहास अधूरा है । उत्तर से दक्षिण, पूर्व से पश्चिम तक फैले जनजातीय समाज ने स्वतंत्रता के आंदोलन, धर्म-संस्कृति एवं पर्यावरण के संरक्षण के लिए अपने प्राणों की बाजी लगाई है । संपूर्ण भारतवर्ष इन सभी महापुरुषों का सदैव ऋणी रहेगा । वर्तमान में भी मैरीकॉम मुक्केबाजी में, कोमालिका बारी धनुर्विद्या एवं दिलीप तिर्की हॉकी जैसे अनेक जनजातीय नौजवान अनेक विधाओं के माध्यम से देश का नाम उज्ज्वल कर रहे है।

श्री उसेंडी ने आगे कहा कि साम्राज्यवादी यूरोपीय ताकतें जब दुनिया के देशों में साम्राज्य विस्तार की आकांक्षा लेकर गयी तब उन्होंने वहाँ के मूल निवासियों का भीषणतम नरसंहार किया । अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका, न्यूजीलैंड आदि का इतिहास इन वीभत्स घटनाओं से भरा पड़ा है । इस नरसंहार में साम्राज्यवादी ताकतों के शासन को स्थायित्व देने के लिए चर्च- मिशनरी भी इस रक्तपात में शामिल हो गई । क्योंकि उन्होंने वहाँ के मूल निवासियों को समाप्त करने का प्रयास किया था। जिसके कारण मूलनिवासियों की संख्या उन देशों में निरंतर कम होती चली गई । भारत में इस षड्यंत्र को समझने के लिए उदाहरण स्वरूप मिशनरियों का संकल्प जिसको ईस्ट इंडिया कंपनी के वित्त मंत्री, बंगाल एवं मुंबई प्रेसिडेंसी में गवर्नर रहे रिचर्ड टेम्पल ने 1883 में लंदन में बेप्टिस्ट सोसाइटी के मध्य अपने भाषण में कहा था कि “ब्रिटिश सत्ता को स्थायी बनाए रखने के लिये संकल्पित मिशनरियों को अपने प्रयास का केंद्र आदिवासियों को बनाना चाहिए, यह आदिम जातिया अपने मन एवं अंतःकरण से सफेद कागज की सतह प्रदान करती है जिसपर बड़ी आसानी से मिशनरी अपने चिह्न छोड़ सकती है ।” मूल निवासियों की संख्या वृद्धि एवं पहचान को बनाये रखने के लिए 1994 में संयुक्त राष्ट्र संघ ने 9 अगस्त को “ विश्व मूल निवासी दिवस” घोषित किया। भारत में एक षड्यंत्र के अंतर्गत मूलनिवासी दिवस को आदिवासी दिवस नाम दे दिया गया । भारत में रहने वाला जनजातीय समाज एवम् अन्य सभी यहीं के मूल निवासी ही हैं । भारत में आदिवासियों पर कभी कोई अत्याचार नहीं हुए वरन वह तो भारतीय संस्कृति के संवाहक रहे हैं। इस कारण भारत में विश्व मूल निवासी दिवस की प्रासंगिकता नहीं लगती है ।

जनजाति समाज में मतांतरण एवं अलगाव का भाव उत्पन्न करने के लिए नए- नए आंदोलन खड़े करने का प्रयास हो रहा है । 1994 की सी.वी. सी.आई. पुणे की सभा में सचिव प्रतिवेदन में बताया गया कि चर्च दलित मुक्ति आंदोलन, आदिवासी मुक्ति आंदोलन एवं पर्यावरण सुरक्षा जैसे विषयों पर मिशनरी सहयोग कर रहे हैं । भारत में विभेद पैदा करने के लिए यह आंदोलन दलित, आदिवासी,महिला, जल, जंगल, जमीन, जानवर एवं पर्यावरण संरक्षण के नाम पर अलग – अलग समूहों के द्वारा संचालित हो रहे है । हम राम नहीं रावण के वंशज हैं, हमारे देवता महिषासुर है, हमारा धर्म अलग है, यह आंदोलन इसी षड़यंत्र का परिणाम है । परिवर्तन केवल इतना हुआ कि इसमें अर्बन माओवाद एवं ऐसे ही विचारों से पोषित स्वैच्छिक एवं मानवाधिकारवादी जैसे समूह भी इस षड्यंत्र में जुड़ गए है । जो वैश्विक संजाल बनाने में भी सफल हो रहे हैं । शोषण से मुक्ति के नाम पर नक्सलवाद ने भी हजारों युवकों को हिंसा के मार्ग पर धकेल कर आदिवासी समाज का विकास ही अवरुद्ध किया है ।

प्रकृति के प्रति अनन्य श्रद्धा रखने वाला जनजाति समाज विराट सनातन संस्कृति का ही अभिन्न अंग है । प्रकृति एवं अपनी भूमि के प्रति उसमें आगाध श्रद्धा है । सनातन संस्कृति में भी प्रकृति (जल, जंगल, जमीन) को पवित्र माना गया है । समस्त नदियों में माँ गंगा के दर्शन, तुलसी , वट, पीपल आदि की पूजा, शुभ कार्य करते समय भूमि का पूजन सनातन में भी प्रकृति की उपासना ही है । समस्त जानवर, समस्त वर्ण सभी उपास्य है । उदाहरणार्थ – वृक्ष पूजा, शिव की सवारी बैल, बिना नंदी शिव दर्शन नहीं, गणेशजी का मस्तक हाथी, सर्प शिव का हार, राम कृष्ण का वर्ण नील, तिरुपति व्यंकटेश स्वामी कृष्ण वर्ण, माँ काली का रंग काला यह सभी ही सर्व समावेश के लक्षण हैं । सम्पूर्ण देश को जोड़ने वाले भगवान राम का माँ कौशल्या के माध्यम से छत्तीसगढ़ से संबंध, भगवान श्रीकृष्ण की पत्नी रुक्मणी का मणिपुर एवं अरुणाचल से संबंध, द्रौपदी के पाँच पांडव पति से जोड़कर जौनसार जनजाति में प्रचलित बहुपति प्रथा, थारू जनजाति में पूज्य पवित्र हल्दीघाटी मिट्टी एवं धार के महाराजा भोज से बुक्सा जनजाति से संबंध को कैसे विस्मरण कराया जा सकता है । जनजातीय समाज की जिस संस्कृति को जड़ात्मवादी कहा गया, वह जड़ात्मवादी नहीं सभी को एक एवं एक में सबके दर्शन करने वाली है । इसका विकास ऋषि- मुनियों के तप से होने के कारण एवं सभी संतों की तपस्थली जंगल (अरण्य) होने के कारण इसको अरण्य संस्कृति भी कहा गया है । इसी अरण्य संस्कृति को इन्हीं जनजाति समाज ने संरक्षण देने का कार्य किया है ।

जनजाति समाज के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध भाजपा सरकार ने स्वतंत्र जनजाति मंत्रालय,जनजाति आयोग का गठन किया । प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी ने वनोपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य एवं स्टैंडअप इंडिया स्कीम में उद्यमिता विकास के लिए 1 लाख से 10 करोड़ तक की सहायता राशि प्रदान करने की व्यवस्था की है । जनजाति समाज में व्याप्त रोग सिकल सेल के समूल नाश का प्रयास मोदी सरकार राज्य सरकारों के साथ मिलकर कर रही है ।देश की संवैधानिक व्यवस्था में महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू, अनेक राज्यों में महामहिम राज्यपाल एवं अनेक संवैधानिक दायित्व पर जनजाति नेतृत्व स्थापित है ।प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व एवं गृह मंत्रालय के संकल्प से नक्सलवाद मुक्त भारत बन रहा है । जिसके कारण जनजाति क्षेत्र का विकास भी संभव हो सकेगा ।भगवान बिरसा मुंडा के 150 वीं जयंती के अवसर पर जब हम जनजाति गौरव दिवस मनाते हैं इसका अर्थ संपूर्ण जनजाति समाज द्वारा भारत के विकास में योगदान का स्मरण करना हैं ।

हम जनजातीय समाज को अपना प्रेम देते हुए उनके विकास में अपना योगदान का संकल्प लेना हैं । नक्सल मुक्त भारत के संकल्प के साथ खड़े होना है । हमारी अपनी एक संस्कृति है हमारे सभी के महापुरुष समान है यह भाव विकसित कर समस्त विघातक षड़यंत्रों से जनजाति समाज को मुक्त करना है, इन संकल्पों से ही जनजाति गौरव दिवस मनाने की पूर्ति होगी एवं भगवान बिरसा मुंडा को हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी । इस प्रेसवार्ता में बृजेश चौहान, जितेंद्र मरकाम, राजा देवनानी, ईश्वर कावड़े, मनोज ध्रुव आदि उपस्थित रहे ।

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नोटः— खबर लिखे जाने अभी तक हमारे पास  किसी अप्रिय घटना दुर्घटना की खबर नहीं है। शुभ रात्रि… 🙏
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