कांकेर टॉप 10 अब पढें विस्तार से ….
11 मार्च 2026 बुधवार
✍️मनोज जायसवाल
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संपादकीय-

✍️मनोज जायसवाल
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02. विश्व ग्लूकोमा सप्ताह के उपलक्ष्य में रैली आयोजित।

—स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा अंधत्व एवं अल्पदृष्टि नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत 08 से 14 मार्च तक विश्व ग्लूकोमा सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। इसी तारतम्य में आज शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध कोमलदेव जिला चिकित्सालय कांकेर से नगर के मुख्य मार्गों में विश्व ग्लूकोमा सप्ताह के उपलक्ष्य में रैली आयोजित की गई तथा नागरिकों को इसके लक्षण और परीक्षण के संबंध में जागरूक किया गया।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.सी. ठाकुर ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि ग्लूकोमा एक (काला मोतिया) आंखों का रोग है, यह बीमारी 40 वर्ष से अधिक उम्र वालों को होती है। ग्लूकोमा धीरे-धीरे आंखाे की रोशनी छीन लेता है। इसके प्रभाव से दृष्टि में धीरे-धीरे कमी आना, आंखों में लालिमा, अचानक दृष्टि का जाना, तीव्र दर्द, धुंधली दृष्टि, तेज रोशनी के चारों तरफ इंद्रधनुष रंग के गोले नजर आना, चश्मा नम्बर में लगातार बदलाव होना ग्लूकोमा के सामान्य लक्षण हैं। इस दौरान नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. मोनिका महिलांग तथा अंधत्व एवं अल्पदृष्टि नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. सरिता कुमेटी द्वारा ग्लूकोमा के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इस अवसर पर शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा पोस्टर प्रेजेंटेशन के माध्यम से जनचेतना हेतु प्रस्तुति दी गई, साथ ही शहर में विश्व ग्लूकोमा दिवस पर रैली निकालकर जनजागरूकता हेतु प्रचार-प्रसार किया गया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग कांकेर द्वारा जिलावासियों से अनुरोध किया गया है कि विश्व ग्लूकोमा सप्ताह में अपनी आंखों की जांच अधिक से अधिक संख्या में अनिवार्य रूप से कराएं।
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02. जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर कलमुच्चे में 13 मार्च को।
—कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर के निर्देशानुसार आमजनता की समस्याओं के समाधान के लिए जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन शुक्रवार 13 मार्च को कांकेर विकासखण्ड के कलमुच्चे में जनसमस्या निवारण शिविर लगाया जाएगा। इसमें ग्राम पंचायत कलमुच्चे, पीढ़ापाल, मुरागांव, तुलतुली, मांदरी, कुरिष्टिकुर, कोकपुर, मालगांव, कोड़ेजुंगा और बारदेवरी ग्राम पंचायत के ग्रामीण अपनी मांगों व समस्याओं के समाधान के लिए शिविर में उपस्थित होंगे। उक्त शिविर में शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने के लिए ग्रामीणों को प्रोत्साहित किया जाएगा, साथ ही योजनाओं का लाभ उठाने में कोई कठिनाई आ रही हो तो उसका समाधान भी शिविर में मौके पर किया जाएगा। कलेक्टर ने जनसमस्या निवारण शिविर में जिला, संबंधित ब्लॉक स्तरीय एवं क्लस्टर स्तर के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहकर ग्रामीणों की विभिन्न मांगों और समस्याओं का यथासंभव मौके पर निराकरण करने के निर्देश दिए हैं।
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03. ग्राम पंडरीपानी में पीडीएस संचालन हेतु 23 मार्च तक आवेदन आमंत्रित।
—अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कांकेर द्वारा विकासखण्ड नरहरपुर अंतर्गत ग्राम पंडरीपानी में शासकीय उचित मूल्य की दुकान आबंटित किए जाने हेतु इच्छुक पात्र एजेंसियों से आगामी 23 मार्च तक आवेदन आमंत्रित किया गया है। उचित मूल्य दुकान संचालन के लिए वृहत्ताकार आदिम जाति सेवा सहकारी समिति, कृषि साख समितियों, वन सुरक्षा समितियों, महिला स्व-सहायता समूह, ग्राम पंचायत एवं अन्य सहकारी समितियां जो शासकीय उचित मूल्य की दुकान संचालित करने के इच्छुक हैं, ऐसी संस्था से समस्त दस्तावेजों के साथ निर्धारित प्रारूप में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कांकेर में कार्यालयीन समय पर आवेदन आगामी 23 मार्च तक जमा करने कहा गया है।
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04. नेशनल लोक अदालत की तैयारी को लेकर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने ली विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक।

—आगामी शनिवार 14 मार्च को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत की तैयारियों एवं अधिक से अधिक प्रकरणों के निराकरण के लिए जिला न्यायालय कांकेर में बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष संजीव कुमार टामक द्वारा की गई। बैठक में बैंक, नगरपालिका, विद्युत एवं दूरसंचार विभाग के अधिकारियों से न्यायालयों में लंबित प्रकरणों को अधिकतम संख्या में राजीनामा, समझौते के माध्यम से नेशनल लोक अदालत में निराकृत कराने पर विशेष बल दिया गया। प्रधान जिला न्यायाधीश द्वारा संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जिन प्रकरणों में समझौते की संभावना है, उनकी सूची शीघ्र तैयार कर संबंधित न्यायालयों में प्रस्तुत करें, ताकि पक्षकारों को समय पर नोटिस जारी किया जा सके। साथ ही प्री-लिटिगेशन प्रकरणों को भी समय पर प्रस्तुत करने हेतु विभागीय अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए गए, जिससे अधिकतम मामलों का त्वरित एवं प्रभावी निराकरण संभव हो सके। बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कांकेर की सचिव श्रीमती शांति प्रभु जैन सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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05. दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी से जुड़े 108 माओवादी कैडरों का समाज की मुख्यधारा मे वापसी, जिनमें से कुल 44 महिला माओवादी कैडर शामिल है। जिनमें 108 माओवादी कैडरों पर 3.29 करोड़ रुपयों का इनाम घोषित है।
—पूनर्वास करने वाले माओवादी कैडरों से प्राप्त सूचना तथा अन्य आसूचना के आधार पर सुरक्षा बलों द्वारा कार्रवाई करते हुए AK-47, INSAS, LMG, BGL सहित कुल 101 घातक हथियारों की बरामदगी विभिन्न डम्पों से की गई, जो नक्सल विरोधी अभियानों की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। देश के नक्सल विरोधी अभियान की इतिहास में एक ही स्थल से सर्वाधिक रुपया 3.61 करोड़ की नगदी रकम तथा रुपया 1.64 करोड़ मूल्य का 01 कि.ग्रा. सोना माओवादियों द्वारा की गई डम्प से बरामद की गई। ‘‘पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन’’ की पहल से प्रभावित होकर छ.ग. राज्य में विगत 26 महिनों में कुल 2714 माआवादी कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़ कर शांति पूर्ण एवं सामाजिक जीवन हेतु अग्रसर हुए।
उल्लेखनीय है कि बस्तर संभागांतर्गत 01 जनवरी 2024 से लेकर 09 मार्च 2026 तक की अवधि में कुल 2625 माओवादी कैडरों ने पुनर्वास से पुनर्जीवन का मार्ग अपनाया है। दण्डकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) के पश्चिम बस्तर डिवीजन के DVCM राहूल तेलाम, पण्डरु कोवासी एवं झितरु ओयाम, पूर्व बस्तर डिवीजन कमेटी के DVCM रामधर उर्फ बीरु, उत्तर बस्तर डिवीजन कमेटी के DVCM मल्लेश, PLGA बटालियन नं. 01 CYPC कमांडर मुचाकी, आंध्रा ओडिशा बार्डर (AOB) के DVCM कोसा मण्डावी जैसे प्रमुख नक्सल कैडर ने माओवादी संगठन के औचित्यहीनता एवं अंत को स्वीकारते हुए राष्ट्र कीे मुख्यधारा में लौट आये।
मुख्यधारा में लौट आये माओवादी कैडर्स के पुनर्वास, सुरक्षा एवं सम्मानजनक जीवन के लिए अवसर प्रदान कर उन्हें समाज में अंगीकृत करने हेतु भारत सरकार एवं छत्तीसगढ़ शासन की नीतियों के अनुरुप सार्थक प्रयास किये जा रहे हैं। माओवादियों के डम्प से 07 नग AK-47, 10 नग INSAS रायफल, 05 नग SLR रायफल, 04 नग LMG रायफल, 20 नग .303 रायफल, 11 नग BGL लांचर्स सहित कुल 101 हथियार बरामद कर वर्तमान में कमजोर हो चुके माओवादी संगठन के सैन्यबल क्षमता को गहन आघात पंहुचाया गया है।
बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर स्थित शौर्य भवन, पुलिस कोआर्डिनेशन सेंटर, लालबाग में आज ‘‘पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन’’ पहल के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर DKSZC (दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी) से जुड़े कुल 108 माओवादी कैडरों ने हिंसा का मार्ग त्याग कर समाज की मुख्यधारा में शामिल होने का निर्णय लिया।
यह कार्यक्रम समाज के वरिष्ठ जनों, आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों के परिवारजनों, पुलिस महानिदेशक छ.ग. अरुण देव गौतम भा.पु.से., अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (नक्स.अभि) श्री विवेकानंद भा.पु.से., अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक बीएसएफ श्री सिवांग नामग्याल भा.पु.से., पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज श्री सुन्दरराज पी. भा.पु.से., पुलिस महानिरीक्षक सीआरपीएफ श्री शालीन भा.पु.से., पुलिस महानिरीक्षक छसबल बी. एस. ध्रुव भा.पु.से., बस्तर संभाग के सभी सात जिलों के पुलिस अधीक्षकगण, केंद्रीय सुरक्षा बलों तथा जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारीगण की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।
आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों में माओवादी संगठन के विभिन्न स्तरों के पदाधिकारी शामिल रहे। इनमें 05 डिवीजनल कमेटी सदस्य (DVCM), 02 जोनल स्तर के PLGA कंपनी के प्रमुख पदाधिकारी (CYPC/M), 15 प्लाटून पार्टी कमेटी के सदस्य (PPCM), 21 एरिया कमेटी सदस्य (ACM) तथा 63 पार्टी सदस्य (PM) शामिल हैं। इन सभी पर मिलाकर लगभग 3.29 करोड़ रुपये की इनाम राशि घोषित है, जो इस सामूहिक आत्मसमर्पण को नक्सल विरोधी अभियानों के इतिहास की एक अत्यंत महत्वपूर्ण उपलब्धि बनाती है। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में माओवादी कैडरों का आत्मसमर्पण क्षेत्र में शांति स्थापना की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है और यह बस्तर रेंज में चल रहे समन्वित सुरक्षा एवं विकास प्रयासों की सफलता को भी दर्शाता है।
उल्लेखनीय है कि, आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों द्वारा प्रदान की गई सूचनाओं एवं अन्य खुफिया जानकारियों के आधार पर सुरक्षा बलों द्वारा विभिन्न स्थानों पर कार्रवाई करते हुए नक्सल विरोधी अभियानों के इतिहास में अत्यंत महत्वपूर्ण हथियारों की बरामदगी की गई है। इन कार्यवाहियों में बड़ी मात्रा में घातक हथियार एवं युद्ध सामग्री बरामद की गई है।
इस अभियान के तहत बरामद किए गए हथियारों में AK-47 राइफल (06), AK-47 TAR (01), INSAS राइफल (10), कार्बाइन (01), SLR राइफल (05), 7.62 मिमी LMG (01), 5.56 मिमी LMG (02), .303 मिमी LMG (01), .303 राइफल (20), 12 बोर राइफल (25), BGL लांचर (11), 51 मिमी मोर्टार (01), .315 बोर राइफल (03), मजल लोडिंग राइफल, भरमार (13) तथा मेगा BGL (01) शामिल हैं। इस प्रकार विभिन्न स्थानों से कुल 101 हथियार बरामद किए गए हैं। जिला-वार कार्रवाई के दौरान नारायणपुर जिले से सर्वाधिक 49 हथियार, इसके अतिरिक्त बस्तर से 24, सुकमा से 12, बीजापुर से 09, दंतेवाड़ा से 05 तथा कांकेर से 02 हथियार बरामद किए गए।
बस्तर रेंज के विभिन्न जिलों से बरामद किए गए इन हथियारों एवं अन्य डंप सामग्री को कार्यक्रम के दौरान रेंज मुख्यालय जगदलपुर में प्रदर्शित किया गया, जिसे उपस्थित अधिकारियों, मीडिया प्रतिनिधियों तथा आमंत्रित अतिथियों द्वारा देखा गया।
इस अवसर पर बस्तर रेंज पुलिस महानिरीक्षक ने स्पष्ट किया कि ”पूना मारगेम-पुनर्वास से पुनर्जीवन“ पहल के माध्यम से हिंसा का मार्ग छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने वाले युवाओं को पुनर्वास, सुरक्षा तथा सम्मानजनक जीवन के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य क्षेत्र में स्थायी शांति, विकास और विश्वास के वातावरण को और अधिक सुद्ढ़ बनाना है, ताकि बस्तर क्षेत्र में शांति और प्रगति की नई संभावनाएँ साकार हो सकें। राज्य शासन की नक्सल आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के अंतर्गत आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों को नियमानुसार आर्थिक सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण, आवास, शिक्षा एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अतिरिक्त उन्हें समाज में सम्मानजनक पुनर्वास सुनिश्चित करने हेतु जिला प्रशासन एवं पुलिस द्वारा निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान किया जाएगा, ताकि वे स्थायी रूप से मुख्यधारा के जीवन से जुड़ सकें।
इस सामूहिक आत्मसमर्पण से क्षेत्र में माओवादी संगठन की संरचना एवं गतिविधियों को गंभीर झटका लगा है। साथ ही इससे क्षेत्र में सुरक्षा वातावरण और अधिक मजबूत होगा तथा सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार एवं अन्य विकास कार्यों को गति मिलने में सहायता प्राप्त होगी। स्थानीय समुदाय, जनप्रतिनिधियों तथा सामाजिक संगठनों के सहयोग से क्षेत्र में विश्वास निर्माण की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी विश्वास के वातावरण के परिणामस्वरूप अनेक भटके हुए युवा पुनः सामान्य जीवन की ओर लौटने का निर्णय ले रहे हैं।
‘‘पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन’’ अभियान के माध्यम से बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पी. भापुसे ने बचे हुए गिने-चुने शेष माओवादी कैडर्स से अपील की है कि – हिंसा छोंडकर हथियार त्यागकर मुख्यधारा में लौंटे। शासन उनके सुरक्षित, सम्मानजनक और उज्जवल भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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06. बिजली बंद होने से वैवाहिक कार्यक्रमों में हो रही किरकिरी। घंटों बिजली बंद होने के चलते बोर्ड के परीक्षार्थी भी परेशानी।
—आज सुबह से कई घंटे रूक-रूक कर बिजली बंद होने से आम लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रहा है। आज गांव-गांव वैवाहिक लग्न होने के चलते वैवाहिक कार्यक्रम हो रहा है,जहां बिजली नहीं होने से किरकिरी बढ गई है। बोर्ड परीक्षार्थी जहां इस समस्या से त्रस्त है, वहीं घरों में निस्तारी पेयजल की समस्या गहरा रही है। मच्छरों के प्रकोप के चलते आमजन बेबस नजर आ रहे हैं। तत्संबंध में कनिष्ठ यंत्री लखनपुरी से कांकेर टॉप 10 न्यूज की बात हुई तो बताया गया कि चारामा भुईगांव के पास जंफर में फाल्ट होने के चलते कांकेर 33 केवी से शट डाउन लिया गया है,जहां कुछ बोला नहीं जा सकता।
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07. विश्व प्लंबर दिवस मनाया गया।

—विश्व प्लंबर दिवस के अवसर पर लाइवलीहुड कॉलेज गोविंदपुर में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्लंबिंग से जुड़े कौशल, स्वच्छता और जल संरक्षण के महत्व पर चर्चा की गई। इस दौरान प्रतिभागियों को प्लंबिंग कार्य की उपयोगिता, हैंडपंप की मरम्मत, क्लोरीनेटर मशीन, पाइपलाइन मरम्मत कार्य, रोजगार के अवसर और सुरक्षित कार्य पद्धतियों के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम का उद्देश्य प्लंबर के महत्वपूर्ण योगदान को सम्मान देना और युवाओं को कौशल आधारित रोजगार के लिए प्रेरित करना था। सभी प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर इस दिवस को सफल बनाया।इसी प्रकार ग्राम गौरगांव में भी विश्व प्लंबर दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम, जल अर्पण दिवस का कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जल संरक्षण के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करना तथा जल प्रबंधन में प्लंबरों की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करना था। कार्यक्रम में ग्राम पंचायत के सरपंच सक्रिय महिला, उपसरपंच ,जल बहिनी महिला समिति के सदस्य एवं ग्रामवासी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित ग्रामीणों को जल संरक्षण एवं जल संवर्धन के प्रति जागरूक करते हुए जल संरक्षण करने को बताया गया तथा सभी ने मिलकर जल बचाने का संकल्प दिलाया गया। साथ ही पाइपलाइन में होने वाले जल रिसाव को रोकने के लिए लीकेज मरम्मत का डेमो भी प्रस्तुत किया गया, जिससे ग्रामीणों को पानी की बर्बादी रोकने के व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी गई।
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शुभ रात्रि… कल इसी समय फिर हाजिर होंगे हम। टॉप 10 न्यूज सशक्त पथ संवाद पर…आपके कमेंट का इंतजार रहेगा…
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नोटः— खबर लिखे जाने अभी तक हमारे पास किसी अप्रिय घटना दुर्घटना की खबर नहीं है। 🙏
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