कांकेर टॉप 10 अब पढें विस्तार से….
09 सितंबर 2025 मंगलवार
✍️मनोज जायसवाल
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संपादकीय—

—मनोज जायसवाल
विशेष-
कांकेर। भाजपा कार्यालय कमल सदन में आज सेवा पखवाड़ा जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन संपन्न हुआ। देश के सशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के 17 सितंबर जन्मदिवस से लेकर 2 अक्टूबर गाँधी जयंती तक सेवा एवं सामाजिक कार्यक्रमो के माध्यम से पूरे पखवाड़े भर सेवा कार्य सभी भाजपा कार्यकर्ता गणों द्वारा किया जाना है। इस अवसर पर भाजपा के समस्त कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

चित्र—सेवा पखवाडा में कांकेर विधायक अपना उद्बोधन देते हुए।
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01.लाइफवर्सिटी ज्ञानदीप पुरस्कार से सम्मानित हुई मीरा आर्ची चौहान।
श्री गणेश विनायक फाउंडेशन, रायपुर के द्वारा संभाग के 3 शिक्षकों को उनके अध्यापन कार्य के अलावा समाज में दिए गए योगदान व अन्य चिन्हाकित क्रियाकलापों के लिए इस वर्ष का लाइफ वर्सिटी ज्ञानदीप पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। बस्तर जिले से दो शिक्षक अफ़ज़ल अली व अकबर खान जबकि जिला कांकेर से यह सम्मान मीरा आर्ची चौहान को प्रदान किया गया। गणेश विनायक नेत्र चिकित्सालय रायपुर के खचाखच भरे सभागार में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ लाल उमेद सिंह के करकमलों से यह सम्मान दिया गया। इस अवसर पर बस्तर प्रतिनिधि के रुप में कांकेर जनपद सदस्य शिल्पा साहू भी मौज़ूद थीं। डॉ मीरा आर्ची चौहान,हाई स्कूल करप, जिला -कांकेर में नव पदस्थ प्राचार्य हैं। वे क्षेत्र की लोकप्रिय साहित्यकार है ,उनकी पांच काव्य संग्रह अंशु,रेत पर लिखा दर्द,शबनमी बूंदों की तरह,शब्द बोलते हैं, गांव की वो पगडंडियां प्रकाशित हो चुकी हैं । काव्य की पगडंडियों से गुजरते हुए की संपादक,सृजन से शिखर तक ,भाग 1,2,3 की सह-संपादक हैं। विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय साहित्यिक मंचों से जुड़ी हुई हैं।वृक्षारोपण ,इको क्लब,बाल विज्ञान कांग्रेस व विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़ी हुई हैं और लगातार बच्चों को समाज सेवा के कार्यों के लिए प्रेरित करती है।राज्य शिक्षक सम्मान 20018और राज्य शिक्षक स्मृति सम्मान 2022 में प्राप्त कर चुकी हैं।
चित्र—पुरस्कार ग्रहण करते शिक्षिका‚साहित्यकार डॉ. मीरा आर्ची चौहान ।
शिक्षकों ने इसे कार्यक्रम को यादगार बताया और कहा कि पुरुस्कार पाना लक्ष्य नहीं है लेकिन हम आकर कई ऊर्जावान सेवा निवृत शिक्षकों से व कई क्षेत्रों में अतुलनीय योगदान देने वाले विभूतियों से मिल पाये व इस प्रकार के सम्मान के मिलने से नई ऊर्जा अवश्य मिलती है ।उन्होंने जनपद सदस्य कांकेर शिल्पा साहू का विशेष आभार माना और भविष्य में इस तरह के कार्य हमेशा करते रहेंगे, ऐसा विश्वास भी उन्हें दिलाया।फाउंडेशन के डॉ अनिल के गुप्ता, डॉ नरेंद्र पांडे व उदय भान सिंह चौहान ने बताया कि संस्था समाज सेवा के क्षेत्र में विगत कई वर्षाे से सक्रिय है। हमारा लक्ष्य मोतियाबिंद मुक्त भारत हो, जिसके लिए फाउंडेशन निरंतर कार्य कर रही है। हम आंखों के मरीजों को न केवल निःशुल्क चिकित्सा उपलब्ध कराते हैं बल्कि उन तक स्वयं पहुंचते भी है। विद्यालय, कम्पनी, ग्रामीण व शहरी स्लम क्षेत्र तथा ट्रक या बस चालक ऐसे पांच जगहों को हमने चिन्हित किया है और इन स्थानों पर हमारी टीम पहुंच कर उनके आँखों की जाँच करती है और पर्याप्त उपचार मुहैया कराती है। इसी कड़ी में समाज के मुख्य दिशा निर्देशक हमारे गुरुजनो का सम्मान उसी दिशा का एक और निर्णायक कदम है, उन्होंने बताया कि इस वर्ष पूरे राज्य से हमने उत्कृष्ट शिक्षको की पहचान कर उन्हें लाइफ वर्सीटी ज्ञानदीप सम्मान प्रदान किया गया।संचालक डॉ पांडे ने बताया कि जगदलपुर के अफ़ज़ल अली व्यायाम अनुदेशक हैं, उन्होंने ने अपने मूल कार्यों के अलावा अपने अभिनय, गायन व विभिन्न मंच संचालन से समाज को नई दिशा दी है, उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर चार बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरुस्कार मिला, गायन में बीते 3 दशकों से सक्रिय हैं और बस्तर समेत भारत के अन्य स्थानों पर महत्वपूर्ण अवसरों पर मंच संचालन किया। महामहिम राष्ट्रपति महोदय, केंद्रीय मंत्री अमित शाह, प्रियंका गाँधी के अलावा सुधा चंद्रन, रोशनी चोपड़ा, काकरोक्स, सोनल चौहान, कॉमेडियन वी आई पी, खयाली, सिंगर अनूप जलोटा, अमित साना, मोहम्मद अजीज जैसे कई मशहूर हस्तियों के साथ उन्होंने मंच साझा किया है।वही अकबर खान राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त शिक्षक है उन्होंने सोख्ता गड्ढा जैसा नया कॉन्सेप्ट बच्चों को दिया जिसमें वे अपने आसपास ज़मीन पर गड्ढे करते हैं इससे बरसात का पानी बहने की बजाए इनमें सोख लिया जाता है, वाटर हार्वेस्टिंग का यह बढ़िया उदाहरण है। खान सर ने प्लास्टिक के बढ़ते उपयोग पर लगाम कसने भी एक मुहिम चलाया है प्लास्टिक कचरों को वे इकट्ठा करवाते है और एक बॉटल के बदले उन छात्रों को एक पेन उपहार स्वरूप देते है इस तरह उन्होंने तीन हजार बोतले एकत्रित कर लिया है। इनके नेक कार्यों की चर्चा पूरे बस्तर संभाग के साथ प्रदेश भर में है। उनका उद्वेश्य प्लास्टिक मुक्त जगदलपुर बनाने का है।
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02.खाद बीज, दवा बिक्री नियम का उल्लंघन करने वाले कृषि सेवा केंद्रों पर सख्त कार्यवाही करने के दिए निर्देश। अनियमितता बरतने वाले निजी कृषि केंद्रों के उत्पादों की बिक्री पर लगाया प्रतिबंध।
—संचालनालय कृषि छत्तीसगढ़ शासन कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अपर संचालक सीबी लोढेकर ने कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर एवं दुर्गूकोंदल विकासखण्ड में संचालित निजी कृषि सेवा केंद्रों का औचक निरीक्षण कर उर्वरक भंडारण एवं विक्रय के सम्बंध में भौतिक जांच किया। निजी कृषि सेवा केंद्र के संचालक मेसर्स जैन कृषि केंद्र भानुप्रतापपुर के पॉस मशीन एवं उर्वरक गोदाम का भौतिक निरीक्षण में किसान फ़ास कम्पोस्ट खाद जिसकी मात्रा 25 बैग एवं ह्यूमिक एसिड काला सोना मात्रा 10 पैकेट को विक्रय के लिए प्रतिबंधित कर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। उनके द्वारा आदिम जाति सेवा सहकारी समिति सम्बलपुर का भी निरीक्षण कर यूरिया खाद की उपलब्धता तथा मांग की जानकारी ली गई। उन्होंने मौके पर उपस्थित कृषकों को नैनो यूरिया, नैनो डीएपी के उपयोग के बारे में जानकारी भी दिया। निरीक्षण के दौरान मौजूद कृषक बिहारी लाल जैन एवं अन्य कृषकों के द्वारा नैनो यूरिया नैनो डीएपी का स्वयं के खेत में उपयोग करने पर फसलों में अच्छा परिणाम प्राप्त होने की जानकारी दी गई। इस पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए अपर संचालक ने वहां मौजूद किसानों को नैनो खाद का अधिक से अधिक उपयोग करने और अपने फसलों में छिड़काव करने के लिए प्रेरित कियाअपर संचालक श्री लोढेकर ने भानुप्रतापपुर विकासखण्ड के ग्राम तुड़गे के किसान नर्मदा नेताम के ढाई एकड़ खेत में लगे बीज उत्पादन योजनांतर्गत उड़द फसल का भी निरीक्षण कर मौजूद कृषि अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस अवसर पर उपसंचालक कृषि जितेंद्र कोमरा, एडीए हरीश नेताम, अनुविभागीय कृषि अधिकारी एन.के. नाग, जिला विपणन अधिकारी आशुतोष कोसरिया, एसएडीओ महात्मा तरेता सहित कृषकगण उपस्थित थे।

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03.प्रयास आवासीय विद्यालयों में कक्षा 9वीं में प्रवेश हेतु चतुर्थ प्रतीक्षा सूची की काउंसिलिंग 12 एवं 13 सितम्बर को।
— नवीन प्रयास आवासीय विद्यालय जिला राजनांदगांव, बिलासपुर एवं बलरामपुर में शिक्षण सत्र-2025-26 के लिए कक्षा 9वीं में प्रवेश हेतु विद्यार्थियों की वर्गवार मेरिट एवं प्रतीक्षा सूची आदिवासी विकास विभाग की वेबसाइट https://eklavya.cg.nic.in पर अपलोड की गई है। सहायक आयुक्त से प्राप्त जानकारी अनुसार चतुर्थ प्रतीक्षा सूची में दर्शित विद्यार्थी प्रयास बालक आवासीय विद्यालय सड्डू उरकुरा मार्ग व्ही.आई.पी. सीटी कॉलोनी के सामने रायपुर में काउसिंलिंग किया जाएगा, इसके लिए काउसिंलिंग तिथि 12 एवं 13 सितम्बर को प्रातः 10 बजे से सायं 05 तक निर्धारित की गई है। अनुसूचित जनजाति एवं विशेष रूप से कमजोर जनजाति समूह (पीव्हीटीजी) की बालक एवं बालिका तथा अनुसूचित जाति के बालक-बालिकाओं को काउंसिलिंग के लिए 12 सितम्बर को उपस्थित होने कहा गया है। इसी प्रकार अन्य पिछड़ा वर्ग, सामान्य वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग की बालक-बालिकाओं को 13 सितम्बर को काउंसिलिंग के लिए उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त ने बताया कि काउंसिलिंग के दौरान विद्यार्थियों को सभी आवश्यक दस्तावेज साथ लेकर आना अनिवार्य है। विद्यार्थी का प्रवेश पत्र, सक्षम राजस्व अधिकारी द्वारा जारी निवास एवं स्थायी जाति प्रमाण पत्र, वर्ष 2024-25 में कक्षा 8वीं प्रथम श्रेणी मे उत्तीर्ण प्रमाण पत्र, यदि परिवार नक्सल हिंसा से सीधे प्रभावित है तो इस आशय का संबंधित क्षेत्र के पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी प्रमाण पत्र, शाला स्थानांतरण या शाला छोड़ने का प्रमाण पत्र, विद्यार्थी का मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी चिकित्सा जांच प्रमाण पत्र, सिकल से जांच प्रमाण पत्र के साथ 02 रंगीन पासपोर्ट साईज फोटो लाना होगा। मेरिट सूची में दर्शित विद्यार्थी के साथ एक अभिभावक, पालक को काउंसिलिंग स्थल में प्रवेश की पात्रता होगी। निर्धारित तिथि व समय पर उपस्थित नहीं होने की स्थिति में रिक्त सीट के आधार पर संस्था आबंटित की जाएगी।
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04आरटीओ चालान के भुगतान हेतु अधिकृत वेबसाइट का ही उपयोग करने की अपील की गई है।
—वर्तमान में छत्तीसगढ़ में RTO e-Challan से जुड़े फर्जीवाड़े (स्कैम) सामने आ रहे हैं। धोखेबाज लोगों को नकली चालान के नाम पर डराने वाले संदेश भेज रहे हैं और मैसेज में लिंक (जैसे डॉट एपीके फाइल) डालकर क्लिक करने पर उनकी निजी जानकारी और बैंक खाते से राशि चुरा रहे हैं। परिवहन विभाग ने इस संबंध में आम नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील की है। विभाग की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और केवल अधिकृत वेबसाइट https://echallan.parivahan.gov.in के माध्यम से ही चालान की जांच एवं भुगतान करें। जिला परिवहन अधिकारी ने बताया कि विभागीय वेबसाइट पर Pay Online विकल्प पर क्लिक कर चालान नंबर एवं कैप्चा कोड डालकर Get Detail पर क्लिक करें। इसके बाद मोबाइल पर ओटीपी आने पर उसे दर्ज कर चालान की सही जानकारी प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस एवं परिवहन प्रवर्तन अमले के द्वारा जब भी e-Challan किया जाता है, तो उसके संबंध में पंजीकृत मोबाइल नंबर पर केवल अधिकृत वेबसाइट https://echallan.parivahan.gov.in से ही टेक्स्ट मैसेज भेजा जाता है। परिवहन विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध लिंक, कॉल, संदेश या ऐप पर भरोसा न करें। यदि ऐसा कोई मामला सामने आता है, तो तुरंत निकटतम पुलिस थाना में इसकी शिकायत दर्ज कराएं।
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05.निर्माण कार्यों में राशि का उपयोग नहीं कर पाने वाले अधिकारी आबंटन वापस करें। समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर ने दिए निर्देश।
—समय-सीमा की साप्ताहिक बैठक आज कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर की अध्यक्षता में आयोजित हुई, जिसमें उन्होंने लंबित प्रकरणों की विभागवार प्रगति की समीक्षा की। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए विभागों को काफी समय पूर्व राशि आबंटित की गई थी, किन्तु उनके द्वारा अब तक अनेक कार्य प्रारंभ नहीं कराए गए। उन्होंने संबंधित जिला अधिकारियों को निर्देशित किया कि जो अधिकारी काम प्रारंभ नहीं करा पा रहे हैं, उनके निर्माण कार्य को निरस्त किया जाकर आबंटित राशि तत्काल वापस करें। इस दौरान कलेक्टर ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।आज सुबह 10.30 बजे कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा बैठक में कलेक्टर ने कहा कि जिले के सामुदायिक एवं उप स्वास्थ्य केन्द्रों में संचालित जीवनदीप समिति की राशि का उपयोग अस्पताल की व्यवस्था दुरूस्त करने तथा आवश्यक उपकरण खरीदने के लिए करें, जिससे इन अस्पतालों का बेहतर ढंग से संचालन किया जा सके। बैठक में उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि विभागों द्वारा जितनी भी गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं, उनमें रजत जयंती वर्ष के लोगो का उपयोग अनिवार्य रूप से करें। सामाजिक अंकेक्षण के तहत ग्राम पंचायतों के पूर्व सरपंचों से राशि वसूली नहीं होने पर नाराजगी जताते हुए कलेक्टर ने इस पर नियमानुसार सख्ती से कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने आंगनबाड़ी भवन तथा पीडीएस सेंटर भवन निर्माण लंबित कार्यां की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि जिले में 192 लंबित आंगनबाड़ी भवन निर्माण की वर्तमान स्थिति के फोटोग्राफ्स लेकर जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं सीडीपीओ उपलब्ध कराएं। इसी तरह पीडीएस सेंटर के 21 लंबित भवन निर्माण संबंधी अद्यतन जानकारी खाद्य अधिकारी व्यक्तिगत रूप से प्रस्तुत करें।बैठक में कलेक्टर ने जिला स्तर की महिला अधिकारियों को कन्या छात्रावासां का नियमित भ्रमण करने तथा वस्तुस्थिति से अवगत होकर जानकारी उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने डिजिटल क्रॉप सर्वे, एग्रीस्टैक सहित विभिन्न कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्टर ने ई-ऑफिस के जरिए ही नोटशीट एवं शासकीय पत्राचार करने के निर्देश सभी अधिकारियों को दिए। इस दौरान उन्होंने एलडब्ल्यूई सर्वे रिपोर्ट, नियद नेल्लानार योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम जनमन, पोषण पुनर्वास केन्द्र, विशेष केंद्रीय सहायता मद सहित विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की साप्ताहिक प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित जिला स्तरीय अधिकारियों को शीघ्र कार्यवाही के लिए निर्देशित किया। बैठक में डीएफओ भानुप्रतापपुर हेमचंद पहारे एवं डी.पी. साहू, जिला पंचायत के सीईओ हरेश मंडावी, अपर कलेक्टर द्वय जितेन्द्र कुमार कुर्रे एवं ए.एस. पैकरा सहित सभी अनुविभागीय अधिकारी और जिला स्तर के अधिकारीगण मौजूद थे।

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06.राज्य स्तरीय रोजगार मेला के लिए ऑनलाईन पंजीयन शिविर। 10 एवं 11 सितम्बर को महिला आईटीआई कांकेर में।
—राज्य में शिक्षित बेरोजगार युवाओं को निजी संस्थानों में नियोजित करने के उद्देश्य से रोजगार मेला का आयोजन किया जाएगा। रोजगार मेले में भाग लेने के लिए सत्र 2022, 2023, 2024 एवं 2025 में उत्तीर्ण सभी दसवीं, बारहवीं, आईटीआई एवं डिप्लोमा धारक विद्यार्थी रोजगार कार्यालय के वेबसाइट erojgar.cg.gov.in पर ऑनलाइन पंजीयन कर सकते हैं। शासकीय महिला आईटीआई कांकेर में 10 एवं 11 सितम्बर 2025 को पंजीयन शिविर का आयोजन रखा गया है। आईटीआई उत्तीर्ण प्रशिक्षणार्थी जिनका पंजीयन नहीं हुआ है। ऐसे इच्छुक अभ्यर्थी अपना शैक्षणिक दस्तावेज, आधार कार्ड, रोजगार पंजीयन एवं दो पासपोर्ट साइज फोटो लेकर उपस्थित हो सकते हैं। जिले के सभी आईटीआई में राज्य स्तरीय रोजगार मेला हेतु पंजीयन किया जा रहा है।उल्लेखनीय है कि राज्य के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को निजी संस्थानों में नियोजित करने के उद्देश्य से 09 एवं 10 अक्टूबर को राज्य स्तरीय रोजगार मेला का आयोजन रायपुर किया जाना प्रस्तावित है। इस मेले में राज्य एवं राज्य से बाहर काम कर रही 114 कंपनियां युवाओं को 8 से 10 हजार जॉब देंगी।
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07.शिक्षा के वास्तविक अर्थ को प्रत्येक व्यक्ति समझ सके तो हमारा जीवन हो सकता है और सही मायने में हम विकास को गति दे सकते हैं। दमकसा‚दुर्गूकोंदल के आयोजन में भानुप्रतापपुर की विधायक श्रीमती सावित्री मनोज मंडावी ने अपने उद्बोधन में कही।
—विश्व साक्षरता दिवस के अवसर पर जंगो रायतार विद्या केतुल संस्थान दमकसा ( दुर्गूकोंदल ) में आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित होकर भानुप्रतापपुर विधायक सावित्री मनोज मंडावी जी ने विधवा माता बहनों का सम्मान किया तथा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भैय्या शेरसिंह आंचला जी के नेतृत्व व मार्गदर्शन में यह जंगो रायतार विद्या केतुल संस्थान पर्यावरण, शिक्षा और संस्कृति के संरक्षण के लिए सराहनीय कार्य कर रहा है, जो निश्चित रूप से हम सब के लिए प्रेरणा स्वरूप है। वास्तव में आज यदि शिक्षा के वास्तविक अर्थ को प्रत्येक व्यक्ति समझ सके तो हमारा जीवन हो सकता है और सही मायने में हम विकास को गति दे सकते हैं। साक्षरता लोगों में आत्मविश्वास को बढ़ाती है। साक्षरता से ही हमें बेहतर रोजगार के अवसर मिलता है, जिससे हम अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार ला सकते हैं।आज आप देख रहे हैं तकनीकी का युग है और जब तक हम साक्षर नही होंगे तब तक हम नये तकनीक को नही सीख सकते। साक्षरता से ही हमारी माता बहने सशक्त और आत्मनिर्भर बन रही हैं। चुंकि यदि घर में माताएं साक्षर होंगी तो पूरा परिवार, विशेषकर बच्चों के क्षिक्षा और स्वास्थ्य पर साकारात्मक प्रभाव डालती है। कार्यक्रम को धर्माचार्य शेरसिंह आंचला जी ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर शोपसिंग आंचला अध्यक्ष ब्लाक कांग्रेस कमेटी दुर्गूकोंदल, हुमन मरकाम विधायक प्रतिनिधि, गोपी बढ़ाई अध्यक्ष जनपद पंचायत दुर्गूकोंदल,खेमीन कोरेटी सदस्य जनपद पंचायत दुर्गूकोंदल, तोरण दुग्गा, सोमदेव कोरेटी, राजू संघोरिया, दीनदयाल पटेल,उदय पुरामे, ग्राम के गायता पुजारी, संस्थान के पदाधिकारीगण व ग्रामवासी उपस्थित थे।
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08.कलेक्टर जनदर्शन में प्राप्त हुए 42 आवेदन। प्राप्त आवेदनों के त्वरित निराकरण हेतु विभागीय अधिकारियों को दिए निर्देश।
—जिला कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक कलेक्टर जनदर्शन में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे आवेदकों ने अपनी विभिन्न मांगों एवं समस्याओं को लेकर कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर के समक्ष कुल 42 आवेदन प्रस्तुत किए। प्राप्त आवेदनों पर कार्यवाही करते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को त्वरित निराकरण के लिए निर्देशित किया। जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित कलेक्टर जनदर्शन में टिन शेड निर्माण, नल जल योजना के तहत पाईप लाईन कनेक्शन लगाने, राशि दिलाने, सीमांकन कराने, राशन कार्ड बनवाने एवं आर्थिक सहायता राशि दिलाने सहित विभिन्न प्रकार की मांगों व समस्याओं से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए।
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09.सामाजिक अंकेक्षण के तहत तत्कालीन सरपंचों से वसूली जाएगी बकाया राशि। लंबे समय से बकाया राशि जमा नहीं करने वाले सरपंचों से नियमानुसार की जाएगी वसूली की कार्यवाही। जिले में 123 प्रकरणों में वसूल किया जाना है 14.80 लाख रूपए की राशि।
— जिले में सामाजिक अंकेक्षण के तहत वर्ष 2015-16 से 2024-25 अवधि के दौरान विभिन्न ग्राम पंचायतों में तत्कालीन/पूर्व सरपंचों एवं वर्तमान सरपंचों से अतिरिक्त भुगतान की बकाया राशि वसूल की जानी है। आज आयोजित समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरेश मंडावी को निर्देशित किया कि सामाजिक अंकेक्षण के तहत बकाया राशि की वसूली शीघ्रता से करें। यदि इस मामले में संबंधित तत्कालीन/पूर्व सरपंच के द्वारा गंभीरता से नहीं लिया जाता है तो उनके विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाए। कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में जिला पंचायत के सीईओ ने बताया कि सामाजिक अंकेक्षण के अंतर्गत जिले के 123 तत्कालीन/पूर्व सरपंचों एवं वर्तमान सरपंचों से कुल 14 लाख 80 हजार 336 रूपए वसूला जाना बकाया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2017-18 में अंतागढ़ विकासखण्ड की ग्राम पंचायत मातला-ब के तत्कालीन सरपंच श्री लक्ष्मण पोटाई से 7674 रूपए, इसी कार्यकाल में ग्राम पंचायत बण्डापाल की तत्कालीन सरपंच श्रीमती सोनीबाई से 12297 रूपए की अधिरोपित राशि वसूल की जानी शेष है। इसी तरह ग्राम पंचायत करमरी के भूतपूर्व सरपंच देवसिंह सलाम से वर्ष 2023-24 में 9044 रूपए की वसूली बकाया है। इसी प्रकार चारामा विकासखण्ड में 2016-17 के दौरान ग्राम पंचायत रानीडोंगरी के पूर्व सरपंच तिलकराम कुंजाम से 14394 रू., खैरखेड़ा के पूर्व सरपंच नरेश्वरी कुंजाम से 42303 रू., मरकाटोला के पूर्व सरपंच महावीर उसेण्डी से 120952 रू., कहाड़गोंदी की पूर्व सरपंच संगीता नेताम से 41205 रू., मयाना की पूर्व सरपंच शांतिबाई नेताम से 14232 रू., बाड़ाटोला के तत्कालीन सरपंच शशि कुंजाम से 13662 रू. की वसूली की जानी है। इसके अलावा वर्ष 2018-19 में चारामा के पंडरीपानी ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच पुनउराम चंद्रवंशी से 1438 रू.,गोटीटोला के पूर्व सरपंच लखनूराम से 14184 रू. और 2019-20 में चारभाठा की तत्कालीन सरपंच यशोदा ठाकुर से 78232 रू. वसूलना शेष है। इसी प्रकार दुर्गूकोंदल विकासखण्ड के 07 ग्राम पंचायत के तत्कालीन व पूर्व सरपंचों से वसूली शेष है, जिनमें वर्ष 2021-22 में ग्राम पंचायत सुरूंगदोह की सरपंच रूपोतीन जाड़े से 55000 रू., वर्ष 2015-16 में कोदापाखा के पूर्व सरपंच बृजलाल धु्रव से 7300 रू., कोड़ेकुर्से के पूर्व सरपंच फत्तेसिंह मरकाम से 20384 रू., दमकसा के पूर्व सरपंच नंदलाल कोमरे से 2092 रू., सराधुघमरे के पूर्व सरपंच फुलेश्वरी तोहलिया से 4915 रू., वर्ष 2017-18 में ग्राम पंचायत कोड़ेकुर्से के पूर्व सरपंच फत्तेसिंह मरकाम से 31499 रू., परभेली के पूर्व सरपंच सुकदाय नरेटी से 2385 रूपए वसूल किया जाना है। इसी तरह वर्ष 2015-16 में कांकेर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत हाटकोंगेरा के तत्कालीन सरपंच नारद नेताम से 5211 रू., वर्ष 2016-17 में ग्राम पंचायत तालाकुर्रा के तत्कालीन सरपंच विनोद रावटे से 7623 रू., मनकेसरी की तत्कालीन सरपंच अहिल्या कोर्राम से क्रमशः 5764 और 6645 रू., पेटोली के तत्कालीन सरपंच चैतराम मंडावी से 28500 रू., अर्जुनी के तत्कालीन सरपंच पीलाबाई से 25431 रू., डोमाहर्रा की तत्कालीन सरपंच आरती कोर्राम से 53925 रू. तथा वर्ष 2021-22 में मुरागांव के तत्कालीन सरपंच जितेन्द्र बैरागी से 1944 रू. की वसूली बकाया है। जिला पंचायत से प्राप्त जानकारी अनुसार वर्ष 2019-20 में कोयलीबेड़ा विकाखण्ड के ग्राम पंचायत चांदीपुर के भूतपूर्व सरपंच जितेन्द्र बैरागी से 1944 रूपए, बडेकापसी के भूतपूर्व सरपंच दानचु उसेण्डी से 521 रूपए, शंकर नगर के सरपंच शांतिबाई से 6560 रूपए, आलोर के भूतपूर्व सरपंच पिंकी हिड़को से 1389 रूपए, ईरकबुट्टा के भूतपूर्व सरपंच मोहन लाल गावड़े से 10820 रूपए, रविन्द्रनगर के भूतपूर्व सरपंच गज्जु उसेण्डी से 4176 रूपए, लखनपुर के भूतपूर्व सरपंच तरूण हालदार से 5160 रूपए, करेकेट््टा के भूतपूर्व सरपंच मैनूराम किरंगे से 4872 तथा 2021 रूपए, विकासपल्ली के भूतपूर्व सरपंच दारसु गावड़े से 104304 रूपए, द्वारिकापुरी के भूतपूर्व सरपंच संध्या विश्वास से 10730 रूपए, बापूनगर के भूतपूर्व सरपंच रतनराय से 3850 रूपए, चन्दनपुर के भूतपूर्व सरपंच जोथिका अधिकारी से 38680 रूपए वसूलना शेष है। इसी प्रकार वर्ष 2021-22 में ग्राम पंचायत घोरागांव के भूतपूर्व सरपंच नरेन्द्र मांझी से 9396 रूपए, कृष्णानगर के भूतपूर्व सरपंच अर्चना सरकार से 998 रूपए, छोटबेठिया सरपंच सुचित्रा वड्डे से 665 रूपए, सत्यानगर के भूतपूर्व सरपंच कल्याणी सरकार से 4224 रूपए, मदले के सरपंच बंशीलाल आंचला से 3320 रूपए, माचपल्ली के सरपंच धनसिंह आंचला से 760 रूपए, विकासपल्ली के भूतपूर्व सरपंच दारसु गावड़े से 16966 रूपए, गोंडाहूर के भूतपूर्व सरपंच केयराम से 1056 रूपए वसूलना शेष है। वर्ष 2023-24 में ग्राम पंचायत पानावार के भूतपूर्व सरपंच/सरपंच बुधुराम मटामी से क्रमशः 5000 तथा 5750 रूपए, छोटेबेठिया के सरपंच सुचित्रा वड्डे से 2800 रूपए, श्रीपुर के सरपंच सुकमी वड्डे से 2149 रूपए वसूलना शेष है। वर्ष 2016-17 में ग्राम पंचायत इरकबुट्टा के भूतपूर्व सरपंच मोहन लाल गावडे़ से 1115 तथा 2045 रूपए, चांदीपुर के भूतपूर्व सरपंच उषा सिंह दास से 3185 रूपए, चारगांव के भूतपूर्व सरपंच अजय देहारी से 380 रूपए, पेनकोड़ो के भूतपूर्व सरपंच अशोक लकड़ा से 35061 रूपए, विकासपल्ली के भूतपूर्व सरपंच लिंगुराम मटटामी से 2981 रूपए, बारदा के भूतपूर्व सरपंच रूपसिंह पोटाई से 12191 रूपए, द्वारिकापुरी के भूतपूर्व सरपंच संध्या विश्वास से 1885 रूपए, घोड़ागांव के तत्कालीन सरपंच मंगलु नरेटी से 2860 रूपए, चाणक्यपुरी के भूतपूर्व सरपंच कुसुम मण्डल से 1333 रूपए, धरमपुर के भूतपूर्व सरपंच मुकेश वड्डे से 2132 रूपए, कारेकट्टा के भूतपूर्व सरपंच मैनूराम किरंगे से 2000 रूपए, पाडें़गा के भूतपूर्व सरपंच धरमाराम आंचला से 1666 तथा 2632 रूपए, पोरोण्डी के भूतपूर्व सरपंच शीलाबाई उईके से 2675 तथा 1666 रूपए, ऐसेबेड़ा के भूतपूर्व सरपंच अमित मण्डावी से 3027 रूपए वसूल किया जाना बाकी है। इसी तरह वर्ष 2017-18 में ग्र्राम पंचायत कोयगांव के भूतपूर्व सरपंच बुधराम कड़ियाम से 1002 रूपए, घोड़ागांव के भूतपूर्व सरपंच मंगलु नरेटी से 1503 रूपए, पाड़ेगा के भूतपूर्व सरपंच धरमाराम आंचला से 3785 रूपए, दड़वीसाल्हेभाट के भूतपूर्व सरपंच मंगुराम राशि से 7014 रूपए, कल्याणपुर के भूतपूर्व सरपंच रीना राय से 23525 रूपए, विष्णुपुर के भूतपूर्व सरपंच मायारानी से 4000 रूपए वसूली शेष है। वर्ष 2018-19 में ग्रामा पंचायत मरोड़ा के भूतपूर्व सरपंच गायत्री मण्डल से 3776 रूपए वसूली शेष है। वर्ष 2019-20 में ग्राम पंचायत चाणक्यपुरी के भूतपूर्व सरपंच कुसुम से 2875 रूपए, वर्ष 2021-22 में ग्राम पंचायत चाणक्यपुरी के भूतपूर्व सरपंच सुबल मण्डल से 1000 रूपए, विवेकानंदनगर के भूतपूर्व सरपंच राधाबाई कावड़ो से 500 रूपए, रेंगावाही के भूतपूर्व सरपंच बेड़दे से 500 रूपए, विकासपल्ली के भूतपूर्व सरपंच दारसुराम गावड़े से 34848 रूपए, धरमपुर के भूतपूर्व सरपंच वड्डे से 4940 रूपए, रविन्द्रनगर के भूतपूर्व सरपंच गज्जु उसेण्डी से 4512 तथा 173 रूपए, प्रेमनगर के भूतपूर्व सरपंच सहदेव बाछड़ से 2500 रूपए, चारगांव के भूतपूर्व सरपंच सुखीराम उसेण्डी से 1464 रूपए, इरकबुट्टा के भूतपूर्व सरपंच से दयाराम हिड़को से 704 रूपए, मुरावंड़ी के भूतपूर्व सरपंच संगीता उईके से 410 रूपए, देवपुर के भूतपूर्व सरपंच माही विश्वास से 7000 रूपए, चंदनपुर के सरपंच प्रदीप मुखर्जी से 528 रूपए और वर्ष 2023-24 में ग्राम पंचायत सावेर के सरपंच मीना मण्डावी से 52 रूपए वसूली बाकी है।इसी प्रकार नरहरपुर विकासखण्ड के विभिन्न ग्राम पंचायतों के 31 सरपंच, तत्कालीन व पूर्व सरपंच से राशि वसूला जाना शेष है। इनमें वर्ष 2021-22 में बिहावापारा की सरपंच सुरेखा उइके से क्रमशः 3223 रू., 666 रू. व 3200 रू., दलदली सरपंच आशुराम कोर्राम से 5060 रू., धनोरा सरपंच सुजीत नेताम से 3370 रू., वर्ष 2016-17 में ग्राम पंचायत बनसागर की तत्कालीन सरपंच सियाबती मंडावी से 8116 रू., बिहावापारा के तत्कालीन सरपंच श्रीराम मरकाम से 4749 रू., देवरीबालाजी के तत्कालीन सरपंच नरेश कोर्राम से 21603 रू., धनेसरा के तत्कालीन सरपंच पुनाय वट्टी मरकाम से 31961 रू., कन्हनपुरी के तत्कालीन सरपंच कमलबती नेताम से 9471 रू., करप की तत्कालीन सरपंच प्रियंका मंडावी से 31169 रू., बिरनपुर के तत्कालीन सरपंच अशोक मंडावी से 13930 रू., दलदली के तत्कालीन सरपंच आशुराम कोर्राम से 12430 रू., कुरना के तत्कालीन सरपंच रंजीता कुरेटी से 6374 रू., मावलीपारा की तत्कालीन सरपंच गंगाबाई उइके से क्रमशः 4450 रू. और 1882 रू., श्रीगुहान के तत्कालीन सरपंच सरोज वट्टी से 10551 रू., कुम्हानखार की तत्कालीन सरपंच रीतु नाग से 24934 रू., धनोरा के तत्कालीन सरपंच सुरेश नेताम से 7287 रू., चोरिया के तत्कालीन सरपंच सुखराम कोर्राम से 74309 रू., भनसुली के तत्कालीन सरपंच सदऊराम नेताम से क्रमशः 18685 और 7632 रू., जामगांव की तत्कालीन सरपंच अहिल्या नेताम 13457 रू., ग्राम पंचायत आंखीहर्रा के तत्कालीन सरपंच ऋषि नेताम से 9876 रू., उमरादाह के तत्कालीन सरपंच कैलाश साहू से 3250 रू., देवगांव के तत्कालीन सरपंच जोहिर सिंह शोरी से 47466 रू., बुदेली की तत्कालीन सरपंच इंदिरा कोड़ोपी से क्रमशः 5857 और 7379 रू. की वसूली शेष है। इसके अलावा वर्ष 2021-22 में नरहरपुर के ग्राम पंचायत सारण्डा के सरपंच महंत नरेटी से 4220 रू., ढेकुना सरपंच जयलूराम नरेटी से 3236 रू. तथा धनोरा सरपंच सुजीत नेताम से 100 रू. इस प्रकार सामाजिक अंकेक्षण के तहत कुल 14 लाख 80 हजार 336 रूपए की राशि विभिन्न ग्राम पंचायतों के तत्कालीन/पूर्व एवं वर्तमान सरपंच से नियमानुसार वसूली किए जाने के निर्देश कलेक्टर द्वारा दिए गए हैं।
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10.एमएसएमई के लिए वैकल्पिक वित्तपोषण पर कार्यशाला का आयोजन।
—रजत महोत्सव के अंतर्गत जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा जिले के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को पारंपरिक बैंकिंग विकल्पों के अतिरिक्त वैकल्पिक वित्तीय स्रोतों की जानकारी देने एवं उन्हें सशक्त बनाने के उद्देश्य से शहर के निजी होटल में “वैकल्पिक वित्तपोषण पर एकदिवसीय कार्यशाला“ का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला भारत सरकार के एमएसएमई मंत्रालय एवं विश्व बैंक द्वारा संयुक्त रूप से वित्तपोषित रैम्प योजना के अंतर्गत आयोजित की गई।कार्यक्रम में सीएसआईडीसी रायपुर के प्रतिनिधि मनीष अरोरा ने रैम्प योजना का परिचय देते हुए बताया कि यह योजना एमएसएमई को वित्तीय, बाज़ार एवं संस्थागत सशक्तिकरण के माध्यम से प्रतिस्पर्धी व सतत विकास की दिशा में बढ़ाने हेतु क्रियान्वित की जा रही है। उन्होंने ट्रेड्स प्लेटफॉर्म के संचालन, बिल डिस्काउंटिंग की प्रक्रिया और समयबद्ध भुगतान की सुविधा पर जानकारी देते हुए बताया कि ट्रेड्स प्लेटफॉर्म एमएसएमई को विलंबित भुगतानों से राहत दिलाने और नकदी प्रवाह को बेहतर बनाने का प्रभावी माध्यम है।नेशनल स्टाक एक्सचेंज आफ इंडिया लिमिटेड के प्रतिनिधि उर्मिलेश कुमार ने प्लेटफॉर्म पर सूचीकरण की प्रक्रिया, पात्रता मानदंड एवं इससे, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को होने वाले लाभों की विस्तार से जानकारी दिया। इस कार्यशाला में जिले के लगभग 50 एमएसएमई उद्यमियों, सीए, और अन्य हितधारकों ने भाग लिया। उन्होंने कार्यशाला के विषय की उपयोगिता पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और आग्रह किया कि ऐसी व्यावहारिक जानकारियों से युक्त कार्यशालाओं का आयोजन समय-समय पर किया जाना चाहिए, ताकि एमएसएमई इकाइयों के लिए पूंजी बाजार से जुड़ाव, वैकल्पिक वित्त की समझ और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए उचित मागदर्शन व सुझाव मिल सके। जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक टंकेश्वर देवांगन द्वारा इस कार्यशाला की अध्यक्षता की गई।

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