(मनोज जायसवाल)
-जिले के कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर ने सारगर्भित उद्बोधन में जीतने वाले प्रतिभागियों को बधाई देते एवं नहीं जीतने वालों का हौसला बढाते कहा उन्हें भी जीतने का विश्वास जगाना है।
कांकेर(सशक्त पथ संवादर)। सरस्वती शिशु मंदिर गढ पिछवाडी कांकेर में आयोजित कार्यक्रम में सबसे पहले सर्वप्रथम अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन करने के पश्चात स्वागत का कार्यक्रम संपन्न हुआ। विभाग समन्वयक संगम लाल पांडे ने खेल समारोह की संक्षिप्त जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि सरस्वती शिशु मंदिर पूरे अखिल भारतीय स्तर पर अपनी शैक्षिक गतिविधियांँ संचालित करता है। पूरे देश में लगभग पैंतीस लाख से अधिक बच्चे इस विद्यालय में शिक्षा ग्रहण करते हैं एवं दो लाख आचार्य शिक्षा के इस पुण्य काम को अंजाम दे रहे हैं। सरस्वती शिशु मंदिर में शिक्षा के साथ-साथ नैतिक, आध्यात्मिक, बौद्धिक एवं शारीरिक गतिविधियां भी संचालित की जाती है तथा खेल को विशेष महत्व देते हुए ऐसे आयोजन रखे जाते हैं।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में विधायक आशाराम नेताम उपस्थित थे एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष किरण नरेटी के द्वारा किया गया। विशेष आतिथ्य के रूप में कलेक्टर नीलेश कुमार महादेव क्षीरसागर, जिला पंचायत सीओ हरीश मंडावी, कांकेर नगर पालिका अध्यक्ष अरुण कौशिक, कांकेर शिक्षा समिति के पूर्व अध्यक्ष एल सी लालवानी, वर्तमान अध्यक्ष भरत मटियारा, व्यवस्थापक अशोक राठी उपस्थित थे।
इस विभागीय खेल समारोह में कोंडागांव, कांकेर व नारायणपुर जिले से कुल पन्द्रह विद्यालयों से चार सौ बाइस बच्चे शामिल हुए थे। नगर पालिका अध्यक्ष अरुण कौशिक ने इस अवसर पर कहा कि मुझे अत्यंत हर्ष है कि इस विद्यालय के बच्चे खेल के माध्यम से अपनी एक पहचान बना रहे हैं। खेल जीवन में अनुशासन लाता है। मैं सभी बच्चों के लिए मंगल कामना करता हूंँ।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीओ हरीश मंडावी ने कहा कि इस खेलकूद स्पर्धा में कई विद्यार्थी विजेता बने एवं कई उप विजेता रहे। मुझे यहां आकर अपने समय की याद ताजा हो गई। मैं सरस्वती शिशु मंदिर का ही विद्यार्थी रहा हूंँ। सरस्वती शिशु मंदिर में शैक्षिक के साथ-साथ अनेक संस्कार पूर्ण शिक्षा दी जाती है। मंत्रों के उच्चारण के माध्यम से संस्कार विकसित किए जाते हैं। यहां तक कि भोजन करते समय भी इस विद्यालय के बच्चे भोजन का सम्मान करते हुए भोजन मंत्र बोलते है। इस विद्यालय में रहते हुए ही मैं संस्कार के अनेक गुण विकसित किये और आज पूरी लगन एवं मेहनत से अध्यापन कार्य करते हुए इस मुकाम पर पहुंचा हूं।
कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर ने कहा- इस खेल स्पर्धा में जीतने वाले सभी को मैं बधाई देता हूं एवं जो नहीं जीत पाए उन्हें भी आगे मेहनत करते हुए जीतने का विश्वास जगाना है। मैं सरस्वती शिशु मंदिर के शैक्षिक गतिविधियों से परिचित हूंँ। यह एक ऐसा विद्यालय है जहांँ हमें अच्छे संस्कार मिलते हैं। पुण्य एवं धर्म का कार्य यहांँ पर होता है। जीवन में आगे बढ़ने व अच्छे संस्कार विकसित करने के लिए इस विद्यालय के शिक्षक सदैव बच्चों को प्रेरित करते होते है। व्यवस्थापक अशोक राठी ने इस अवसर पर कहा कि खेल सदैव अनुशासन में रहकर आगे बढ़ना सिखाता है। सभी विजयी बच्चो को मैं बधाई देता हूँ एवं हारने वालो को अपना लक्ष्य निर्धारित करने आशावान बनने कहता हूँ ।
वीडियो—सरस्वती शिशु मंदिर कांकेर के आयोजन में कलेक्टर अपना उद्बोधन देते हुए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक आशाराम नेताम ने अपने उद्बोधन में कहा कि खेल हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। शिशु मंदिर में यहांँ के आचार्य यहांँ के विद्यार्थियों की विशेष चिंता करते हैं। यह श्रेष्ठ शिक्षा व संस्कार प्रदान करने वाला विद्यालय है। इस विद्यालय से पढ़कर निकलने वाले विद्यार्थी निश्चित ही देश की सेवा में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षकों में भी एक समर्पण का भाव सदैव देखा गया है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करती हुई जिला पंचायत अध्यक्ष किरण नरेटी ने कहा कि सभी ने बहुत ही सुंदर खेला है। मैं सभी सफल बच्चों को बधाई देती हूंँ। जो कुछ नंबर से पीछे रह गए, वह भी आने वाले समय में निश्चित ही अपना बेहतर प्रदर्शन करेंगे। ऐसी शुभकामनाएँ देती हूँ। खेल का स्थान जीवन में सर्वाेपरि है।
ये थे, उपस्थित
विभागीय खेल संयोजक सोमदेव नायक ने समस्त अतिथियों का आभार व्यक्त व्यक्त किया। इस अवसर पर कांकेर शिक्षा समिति के उपाध्यक्ष राम शरण जैन, सह सचिव अजय जैन, कोषाध्यक्ष राजगोपाल कोठारी, विद्यालय के प्राचार्य कैलाश कुमार तारक, सदस्य ललित गांधी, जनपद सदस्य, कमलेश उसेंडी, सुरेश चंद्र श्रीवास्तव, शिव सिंह भदौरिया, उत्तम यादव, खेल प्रमुख संत लाल यादव, महेश भौशल आदि अतिथि गण उपस्थित थे। समूह एवं व्यक्तिगत खेल के विजेताओं को अतिथियों द्वारा पुरस्कार प्रदान किया।







