(मनोज जायसवाल)
-भानुप्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र में आशा राम नेताम उतने ही लोकप्रिय, जितना कांकेर विधानसभा क्षेत्र में। युथ की पहली पसंद! कहना है,विधायक हो तो आशा राम नेताम जैसा।

आने वाले विधानसभा चुनाव में काफी प्रतिस्पर्धा रहेगी ऐसा लग रहा है। वर्तमान सत्ता से दूर कांग्रेस अभी से एड़ी चोटी एक कर रही है। भानुप्रतापपुर क्षेत्र की विधायक अपने क्षेत्र के किसी क्षेत्र गांव में जिनके यहां चाहे वैवाहिक आयोजन हो या छट्ठी नामकरण संस्कार या हो धार्मिक आयोजन ! सब जगह शिरकत कर रही है। सबसे प्रमुख बात है कि समय किस प्रकार से मैनेज किया जाये कि कोई जगह किसी के द्वारा नाराजगी ना रहे।

क्षेत्रीय दैनिक रूटीन के अलावा राजनीतिक कार्यक्रमों में भी उपस्थिति दर्ज कराना है। संभवतया आने वाले विधानसभा चुनाव को दृष्टिगत रखते हुए भी अपने को पूरी तरह बदलाव पेश कर रही है। आने वाला चुनाव का ही संभवतया तकाजा कि कांग्रेस अपने जोन,सेक्टर स्तर तक बुथ चलो अभियान एवं संगठन सृजन के माध्यम पूरी कांग्रेस की टीम के साथ दस्तक दिया जा रहा है।

तो जिले में भाजपा भी कार्यकर्ता प्रशिक्षण के नाम समस्त पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं को एका रखने के मंत्र के साथ बुथ स्तर तक आमजनों के साथ किस प्रकार से अपनी उपस्थिति दर्ज करायें जैसी तमाम तकनीकी बातों पर मंथन किया जा रहा है। यही कारण है, कि पिछले दिनों भानुप्रतापपुर विधानसभा के हाराडुला,चारामा में आयोजित कार्यकर्ता प्रशिक्षण में अपने तय प्रोटोकाल के साथ कांकेर विधायक आशा राम नेताम ने कार्यक्रम की समाप्ति तक समय दिया। एक एक कार्यकर्ताओं से मुखातिब होते रहे। उनके अपने विधानसभा में तो प्रत्येक कार्यक्रमों में उनकी उपस्थिती निश्चित मानी जाती है। जिला मुख्यालय कांकेर के साथ जिले के अन्य जगहों पर आयोजित होने वाले सामाजिक आयोजनों का प्रोटोकाल हमेशा पूर्व निर्धारित होता है। अभी तक जहां भी सामाजिक,राजनीति,प्रशासन का कार्यक्रम हो रहा है, वहां विधायक आशा राम नेताम के साथ भाजपा की पूरी टीम मौजूदगी के बेहत्तर समन्वय के साथ दिखायी दे रही है।

अब दोनों राष्ट्रीय पार्टी के दोनों तात्कालीन विधायकों को पार्टी मैदान में उतारेगी कि क्या होगा यह विचार करना अभी जल्दबाजी ही होगा। पर इतना तो तय है, कि दोनों विधायक पार्टी के प्रति समर्पित है। अपने विधान सभा में बेहतर समन्वय के साथ लोगों से जुडाव हो ऐसा प्रयास चौबीसों घंटे होता है। भानुप्रतापपुर विधायक श्रीमती सावित्री मनोज मंडावी एवं कांकेर विधानसभा के विधायक आशा राम नेताम जब किसी सामाजिक,धार्मिक मंच पर कुर्सी में साथ बैठते हैं,तो ऐसा नहीं लगता कि पक्ष एवं विपक्ष के विधायक हैं। भले ही आशा राम नेताम कांकेर क्षेत्र के विधायह हैं,लेकिन उनकी लोकप्रियता चारामा क्षेत्र में भी उतना ही है। यहां के युवाओं की वो पसंद के विधायक भी है,जहां खासकर युवाओं का कहना होता है कि विधायक हो तो आशा राम नेताम जैसा यारों के यार,दुश्मनों के दुश्मन। युथ कहते हैं कि उन्हे ऐसे ही याराना जैसे विधायक की जरूरत है।
लेकिन इतना तो तय है कि आम जनता किसी भी नेता के कार्य से प्रभावित होता है। समाज के अंतिम व्यक्ति तक आपनी व्यवहार समन्वय एवं उनके किसी कार्य में जो सहभागी बनते हैं,उन्हें वो कभी नहीं भूल सकते। चाहे आपका संबंध कितना भी मधुर क्यों ना हो,यदि किसी के कार्य में उनकी विपत्ति में आप काम आते हैं,तो उन्हें आपके खुद के साथ पार्टी के लिए ज्यादा विस्तार देने की जरूरत नहीं होती।





