कांकेर टॉप 10 अब पढें विस्तार से….
13 फरवरी 2026 शुक्रवार
✍️मनोज जायसवाल
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संपादकीय—
‘फीस के नाम परीक्षा से तो वंचित नहीं होंगे छात्र’
-नहीं दिख रहा ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर प्रतिबध का असर। फीस नहीं तो प्रवेश पत्र नहीं के फरमान पर प्रशासरन संज्ञान ले कि कोई छात्र परीक्षा से वंचित ना हो।
—प्रदेश में 10 वीं 12 वीं बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने वाली है। कांकेर जिले में भी प्रशासन द्वारा उचित प्रबंध किये जा रहे हैं। बोर्ड परीक्षा के संदर्भ जिले के कलेक्टर द्वारा 20 फरवरी से 18 मार्च के बीच होने वाली इस परीक्षा के लिए व्यापक दिशा निर्देश जारी किये गये हैं,जिसमें प्रमुख रूप से दृष्टिगत रखते हुए छत्तीसगढ़ कोलाहल प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम 1985 की धारा-4 एवं धारा-6 के अंतर्गत तीव्र संगीत, हार्नटाइप, ध्वनि विस्तारक का उपयोग अनुज्ञा के बिना तत्काल प्रभाव से सम्पूर्ण कांकेर जिला में राजस्व सीमा के अंदर प्रतिषेध किया गया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी द्वारा अधिनियम की धारा-7 के अंतर्गत ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग की अनुमति प्रदान करने के लिए जिले के संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय दण्डाधिकारी एवं तहसीलदार (कार्यपालिक दण्डाधिकारी) को प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किया गया है।
सभी प्राधिकृत अधिकारियों को परीक्षा के दौरान ध्वनि विस्तारक यंत्र चलाए जाने हेतु अनुमति के लिए प्राप्त आवेदन पत्रों की पंजी रखेंगे और उसके प्रत्येक आवेदन पत्र की तिथि एवं समय का विवरण दर्ज किया जाएगा तथा परीक्षण पश्चात पृथक से अनुमति आदेश जारी किए जाएंगे। कलेक्टर ने सभी प्राधिकृत अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि अनुमति की सूचना संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय अधिकारी पुलिस एवं थाना प्रभारी को दी जाए साथ कलेक्टर कार्यालय को भी इसकी सूचना दी जाए।
इसके अतिरिक्त सामाजिक रूप से समाजसेवियों द्वारा कई जगह अपने अनुसार किसी भी छात्र का सहयोग के लिए मोटर वाहनों में छूट जैसी गतिविधियां देखने मिलती है। लेकिन जैसा कि जिले में निजी स्कूलों की मनमानी की खबर एवं शिकायत आती रही है। कुछ स्कूलों द्वारा पूरी फीस जमा करने के बाद ही प्रवेश पत्र देने की बाध्यता की जा रही है,जिसके चलते बच्चों के मन में परीक्षा के अतिरिक्त मानसिक दबाव बन गया है। अगर निजी स्कूल के इस फीस की बाध्यता की फरमान मान ली जाय तो कई आर्थिक रूप से कमजोर पालकों के बच्चे परीक्षा से वंचित हो सकते हैं,जिसका खामियाजा उन्हें जिंदगी भर भुगतना पडेगा।
बच्चों के भविष्य को देखते हित में होगा कि यदि किसी बोर्ड परीक्षा के बच्चों के परीक्षा प्रवेश पत्र फीस के चलते नहीं दिया जा रहा है तो इस पर भी तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए। जो कि अनिवार्य शिक्षा कानून का खुला उल्लंघन है। कलेक्टर द्वारा जारी ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर पूर्ण प्रतिबंध के निर्देश तो हैं, पर नगरों,गावों में बदस्तुर जारी है।
मनोज जायसवाल
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1 . अवैध रूप से गांजा का परिवहन करने वाले आरोपी को पखांजूर पुलिस ने किया गिरफ्तार।आरोपी के कब्जे से प्लास्टिक झिल्ली के अंदर 885 ग्राम गांजा बरामद। थाना पखांजूर पुलिस की कार्यवाही।।
निरीक्षक लक्ष्मण केवट थाना प्रभारी पखांजूर, सउनि0 बिन्दुलता देवांगन ,प्रधान आरक्षक लिहेन्द्र देवांगन , हेमंत द्विवेदी, प्रवीण मण्डावी, अभिषेक साहू, देवनाथ नरेटी, लोकेश्वर उईके।
अपराध पर नियंत्रण पुलिस और जनता की साझा जिम्मेदारी है। कई बार आपकी एक छोटी सी सूचना बड़े अपराधों को रोक सकती है, इसी उद्देश्य से जिला उत्तर बस्तर कांकेर पुलिस द्वारा किसी भी संदिग्ध या अपराधिक गतिविधियों की जानकारी देने के लिए अपराधिक हेल्पलाईन नंबर94791-55125 संचालित की जा रही है। यह दी गई हर सूचना एवं सूचनकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाती है।
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02. अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष 19 व 20 को जिले के प्रवास पर रहेंगे।
– छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूपसिंह मण्डावी (राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त) आगामी 19 एवं 20 फरवरी को जिले के प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान वे 19 फरवरी को भानुप्रतापपुर विकासखण्ड में खनन क्षेत्र का अवलोकन करेंगे, साथ ही ग्राम पेवारी में सड़क निर्माण कार्य का अवलोकन तथा निरीक्षण कर जनजातीयमूलक योजनाओं के क्रियान्वयन का आकस्मिक निरीक्षण करेंगे। अगले दिन वे 20 फरवरी को सुबह 11.30 बजे नियद नेल्लानार योजनांतर्गत निर्माण कार्यों का निरीक्षण तथा लाइवलीहुड कॉलेज कांकेर में पुनर्वास प्रशिक्षण केंद्र का अवलोकन करेंगे। श्री मंडावी इसी दिवस दोपहर 2.30 बजे जिला स्तरीय बैठक लेकर अनुसूचित जनजातियों के कल्याण के संदर्भ में संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करेंगे। तदुपरांत वे रायपुर के लिए रवाना होंगे।
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03. ग्राम टूराखार में मनाया गया जल अर्पण दिवस।
— लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग कांकेर द्वारा विकासखंड कांकेर के ग्राम टूराखार में ’जल अर्पण दिवस’ का आयोजन जनसहभागिता के साथ किया गया। इस अवसर पर जल शुद्धता के महत्व को विस्तार से बताया गया तथा जल स्रोतों के आसपास स्वच्छता बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। ग्रामीणों को नियमित रूप से जल कर का भुगतान करने के लिए प्रेरित किया गया, ताकि भविष्य में जल सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। साथ ही यह संदेश दिया गया कि जल संसाधनों की रक्षा करना हम सभी का सामूहिक कर्तव्य है। उपस्थित ग्रामीणों को जल संरक्षण एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में बच्चों द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुतियां दी गईं। जल प्रबंधन कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों को जल संरक्षण का संकल्प दिलाया गया। कार्यक्रम ने जल संरक्षण एवं स्वच्छता के प्रति ग्रामवासियों में नई जागरूकता का संचार किया। कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष श्रीमती पूर्णिमा कावड़े, जनपद उपाध्यक्ष तारिणी ठाकुर सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों, विभागीय अधिकारीगण और ग्रामीणजन मौजूद रहे।
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04. जिले में माओवाद समाप्ति की ओर, विकास कार्यों में आएगी तेजी- श्रीमती किरण नरेटी मेड़ो जन समस्या निवारण शिविर में प्राप्त हुए 58 आवेदन
—जिले के दुर्गूकोंदल विकासखंड अंतर्गत अंदरूनी क्षेत्र के माओवादी प्रभावित ग्राम मेड़ो में आज जिला स्तरीय जन समस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें विभिन्न मांगों एवं शिकायतों से संबंधित 58 आवेदन प्राप्त हुए, जिनके त्वरित एवं विधिवत निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। शिविर में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण नरेटी, कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर, जिला पंचायत सीईओ हरेश मण्डावी, प्रशिक्षु आईपीएस प्रतीक बनसोडे, सहित जिला पंचायत सदस्य, जनपद सदस्य, सरपंच और विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

जनसमस्या निवारण शिविर में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण नरेटी ने ग्रामीणों से अपनी समस्याएं खुलकर रखने का आग्रह करते हुए आश्वस्त किया कि जिला स्तर के सभी अधिकारी शिविर में मौजूद हैं, आप अपने गांव की, स्वयं से संबंधित और क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराएं, जिनका नियमानुसार निराकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र कभी माओवाद प्रभावित रहा है, जिससे विकास कार्य अवरूद्ध हुए हैं, लेकिन अब माओवाद समाप्ति की ओर है, इससे विकास कार्यों में तेजी आएगी।
कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर ने जनसमस्या निवारण शिविर में लोगों की समस्याओं का निराकरण करते हुए बताया कि दुर्गूकोंदल से कोयलीबेड़ा मार्ग में तीन उच्च स्तरीय पुलों की स्वीकृति दी गई है, जिसके निर्माण पूर्ण होने के बाद बारिश के दिनों में भी यातायात सुगम होगा। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया की कतरू-क़ुरूसबोड़ी से कठोड़ी मार्ग में दो उच्चस्तरीय पुलों के लिए क्रमशः 540 लाख, 365 लाख और जिरमतराई से कड़मे मार्ग में उच्चस्तरीय पुल निर्माण के लिए 760 लाख रूपए की स्वीकृति मिल चुकी है, जिसक निर्माण कार्य बारिश से पहले प्रारम्भ हो जायेगा। इन पुलों के बन जाने के बाद दुर्गूकोंदल से कोयलीबेड़ा तक वर्षा ऋतु में भी सुगम एवं सुरक्षित आवागमन संभव हो सकेगा। कलेक्टर ने कहा कि यह क्षेत्र लंबे समय तक विकास से बाधित रहा, किन्तु अब सड़क, पुल-पुलिया एवं भवन निर्माण सहित विभिन्न आधारभूत संरचनाओं के कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। दुर्गूकोंदल विकासखंड को शिक्षा के क्षेत्र में जागरूक विकासखण्ड बताते हुए उन्होंने कहा कि यहां के दुरस्थ स्कूलों में भी परीक्षा परिणाम बहुत अच्छे रहें हैं, जिसे बनाया रखा जाए, विद्यार्थी के साथ पालक भी शिक्षा के प्रति सजग हैं। उन्होंने बताया कि दुर्गूकोंदल को “एजुकेशन हब” के रूप में विकसित करने की योजना बनाई जार रही है। क्षेत्र में विकास कार्यों की जानकारी देते हुए हुए उन्होंने कहा कि सरगार द्वारा कांकेर जिले के लिए 88 नए बीएसएनएल मोबाइल टावरों की स्वीकृति दी गई है, जिससे जिले के दूरस्थ एवं अंदरूनी क्षेत्रों में भी संचार एवं कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार होगा। उन्होंने निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि छोटे-छोटे निर्माण कार्यों के लिए ग्राम पंचायतों को एजेंसी बनाई जा रही है तथा राशि भी ग्राम पंचायत के खाते में हस्तांतरित की जाती है। ऐसे कार्यों में ठेकेदार नियुक्त नहीं किए जाते, इसलिए बिना किसी बहकावे में आकर अपने गांव के निर्माण कार्य को पूरी गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा करें। यह कार्य आप के गांव के लिए ही स्वीकृत किया गया है।
शिविर को जिला पंचायत के सीईओ हरेश मंडावी ने कहा कि शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सभी पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। जो हितग्राही किसी कारणवश योजनाओं से वंचित हैं, वे संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर तत्काल समाधान प्राप्त करें और योजना का लाभ उठाए। जनसमस्या निवारण शिविर में 05 ग्राम पंचायतों के सरपंचों को मनरेगा अंतर्गत क्यूआर कोड का प्रारूप वितरित किया गया तथा वीबीजीआरएएम पोर्टल की जानकारी भी प्रदान की गई। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत पूर्ण हो चुके 02 हितग्राही श्रीमती सरिता सिन्हा और श्रीमती मिनाबाई पिद्दा को आवासों की चाबी सौंपी गई। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 03 बच्चों का अन्नप्राशन एवं 03 माताओं की गोदभराई रस्म भी संपन्न कराई गई। जन समस्या निवारण शिविर को जिला पंचायत कांकेर के सदस्य देवलाल नरेटी व श्री देवेंद्र टेकाम, जनपद सदस्य श्रीमती हेमलता उईके और ग्राम पंचायत के सरपंच श्रीमती रमशीला कोमरा नें भी संबोधित किया। कार्यक्रम में एसडीएम भानुप्रतापपुर जीडी वाहिले, जनपद पंचायत सीईओ सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
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05. कलेक्टर ने किया निर्माणाधीन, निरोण्डाडीह पुल का निरीक्षण।
—कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर एवं जिला पंचायत सीईओ हरेश मण्डावी ने आज दुर्गूकोंदल विकासखण्ड के अंतर्गत मेडो से लाटमारका मार्ग में 140 लाख रूपए से निर्माणाधीन निरोण्डाडीह उच्चस्तरीय पुल का निरीक्षण किया। इस पुल के बन जाने के बाद आवागमन सुगम होगा, जिससे क्षेत्र के ग्राम लाटमारका, निरोण्डाडीह, दोड़काएनहुर, मरकाचुवा, बांगाचार इत्यादि गांवों के लगभग 04 हजार की आबादी को लाभ मिलेगा। कलेक्टर ने प्रधानमंत्री सड़क योजना के अधिकारियो को निर्देशित करते हुए कहा कि उक्त पुल का निर्माण बारिश के पहले पूरा कराना सुनिश्ति किया जावे।
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06. विकसित भारत गारंटी, रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण पर कार्यशाला व जागरूकता सम्मेलन आयोजित
— विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एण्ड आजीविका मिशन (ग्रामीण) पारित किया गया है। इस नये अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों और ग्रामीणों में कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूकता लाने के लिए जनपद पंचायत कांकेर के ग्राम पंचायत भीरावाही में कार्यशाला व जागरूकता सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को सीधे ग्रामीणों तक पहुचाना और उन्हें योजनाओं के लाभ व अधिकारों के प्रति जागरूक करना था। जीरामजी के तहत आगामी वित्तिय वर्ष 2026-27 से प्रत्येक पंजीकृत श्रमिक को एक वर्ष में 125 दिनों की रोजगार गारंटी दी जाएगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण मजदूरों को न्यूनतम आय सुरक्षा प्रदान करना है, जिससे बेरोजगारी, पलायन और आर्थिक अस्थिरता कम हो सके। डिजिटल पारदर्शिता के तहत ग्रामीण अपने मोबाईल से क्युआर कोड स्कैन करके कार्यों के प्रगति की जानकारी प्राप्त कर सकते है।
कार्यक्रम में विधायक कांकेर आशाराम नेताम, पूर्व सांसद मोहन मंडावी, छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष भरत मटियारा, पूर्व विधायक श्रीमती सुमीत्रा मारकोल, जनपद अध्यक्ष श्रीमती पूर्णिमा कावड़े, उपाध्यक्ष श्रीमती तारूणी ठाकुर सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण एवं विभागीय अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद थे।
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07. किसानों को मिला कृषि उत्पाद प्रसंस्करण एवं खाद्य निर्यात विषय पर प्रशिक्षण
—एपिड़ा (कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण) तथा गो हार्वेस्ट एफपीओ के संयुक्त तत्वाधान में आज कृषि विज्ञान केन्द्र कांकेर में कृषि उत्पाद एवं खाद्य निर्यात विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ बीरबल साहू ने कांकेर जिले में खाद्य प्रसंस्करण की सम्भावनाओं पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला। एपिडा के एसोसिएट क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर से श्री अशोक कुमार बोरा ने छत्तीसगढ में निर्यात के अवसर एवं एपिडा की भूमिका पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ नरेन्द्र हरिदास तायड़े ने कृषि और खाद्य उद्योग के प्रसंस्करण तकनीक, मूल्यसंवर्धन और विपणन नीति पर विस्तृत जानकारी प्रदान किया। इस कार्यक्रम में गो हार्वेस्ट एफपीओ के डायरेक्टर छबीलाल नाग, सीईओ कु. अर्चना सिन्हा सहित ग्राम पुसवाड़ा, अंजनी, पटोली, दसपुर, गोवर्धन एवं गढ़पिछवाड़ी ग्राम के 60 कृषक उपस्थित हुए।
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08. आज ग्राम स्थित पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय में फीफा (FIFA) द्वारा आयोजित फुटबॉल वितरण कार्यक्रम में कांकेर विधानसभा के विधायक आशा राम नेताम शामिल हुए।

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09. जिले में वृहद् पुल निर्माण से बन रहे विकास एवं समृद्धि के सेतु, विगत दो वर्षों में बिछा सड़कों व पुल-पुलियों का जाल अंदरूनी इलाकों में पुल एवं सड़क निर्माण से माओवाद उन्मूलन कार्य हुआ आसान लगभग 100 गांव की 80 हजार आबादी का बारहमासी संपर्क तहसील व जिला मुख्यालय से
— जिले में अब विकास और समृद्धि के द्वार खुलने लगे हैं। शासन की मंशानुसार अंदरूनी इलाकों को मुख्य मार्गों से जोड़ने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर सड़क एवं पुल-पुलियों के निर्माण कार्यों को स्वीकृति मिली है। इससे एक ओर सड़क संपर्क आसान हुआ है, वहीं माओवाद को हतोत्साहित करते हुए उसके उन्मूलन की दिशा में सार्थक प्रयास हो रहे हैं। विगत दो वर्षों में सेतु निर्माण संभाग के अंतर्गत आकांक्षी जिला कांकेर में सेतुओं की तेजी से पूर्ण होते निर्माण ने जिले के सुदूरांचल क्षेत्रो में निवासरत आम जनजीवन के विकास और समृद्धि की दिशा में सेतु का कार्य किया है।

कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर ने बताया कि पिछले दो वर्षों में 15 कार्य लागत रु. 61.50 करोड़ के पूर्ण हुए हैं। इन पुलों के निर्माण हो जाने से जिले में माओवाद उन्मूलन कार्यों में तेजी आई तथा प्रभावित क्षेत्रों में विकास की गति तेज हुई है। उन्होंने बताया कि इस दौरान चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में आतुरबेड़ा-भैसगांव-निन्ना मार्ग में मेंढ़की नदी पर महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय पुल निर्माण कार्य को पूर्ण किया गया है। इन पुलों के निर्माण से जिले के लगभग 100 गांव की 80 हजार आबादी का बारहमासी परस्पर संपर्क ब्लॉक, तहसील एवं जिला मुख्यालय से हो गया है। इसके निर्माण से क्षेत्रवासियों को उच्च शिक्षा, व्यापार, पर्यटन गतिविधियां, सामाजिक सांस्कृतिक संपर्क, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं एवं शासन की योजनाओं का जन-जन तक पहुंच आसान हो गया है।
इसी प्रकार कांकेर जिले के निवासियों, ग्रामों एवं ग्रामवासियों का कोने-कोने से राज्य मार्गों, राष्ट्रीय राजमार्ग, ब्लाक, तहसील एवं जिला मुख्यालय से बारहमासी संपर्क स्थापित करने के उद्देश्य से शासन द्वारा पिछले दो सालों में 09 नए वृहद् पुल लागत 85 करोड़ रूपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। कार्यपालन अभियंता सेतु निर्माण श्री राजेंद्र सोनकर ने बताया कि इन स्वीकृत कार्यों में बासनवाही-टांहकापार मार्ग पर महानदी पर पुल लागत 28 करोड़ रूपए शामिल है जो कि क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों की सुविधा और पर्यटन विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इसी तरह सोनपुर-मरोड़ा मार्ग के कि.मी. 78/10 (बेचाघाट) पर 15 करोड़ 50 लाख रूपए की लागत से कोटरी नदी पर पुल निर्माण कार्य प्रगति पर है। इस पुल के पूर्ण हो जाने से माओवाद प्रभावित माड़ क्षेत्र का सीधा संपर्क हो जाएगा। उक्त पुल माओवाद उन्मूलन एवं क्षेत्र के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होंगे। इनके बन जाने से जिले के सुदूरवर्ती ग्रामों में निवासरत ग्रामीणों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा।
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10. चारामा क्षेत्र में किसानों के बिना अनुमति के खेतों में यत्र-तत्र लगाए जा रहे विद्युत पोल। अरौद में सडक से सट कर लगाया जा रहा है,विद्युत ट्रांसफार्मर एवं पोल।
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शुभ रात्रि… कल इसी समय फिर हाजिर होंगे हम। टॉप 10 न्यूज सशक्त पथ संवाद पर…आपके कमेंट का इंतजार रहेगा…
नोटः— खबर लिखे जाने अभी तक हमारे पास किसी अप्रिय घटना दुर्घटना की खबर नहीं है। 🙏
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