(मनोज जायसवाल)
कांकेर(सशक्त पथ संवाद)। जिले के चारामा विकासखंड के ग्राम कुर्रूभाट स्थित रानी माई देवी स्थल में प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी 6 अक्टूबर को मेले का आयोजन हुआ। आयोजन में तमाम जनप्रतिनिधी अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। मंच से भानुप्रतापपुर विधायक श्रीमती सावित्री मंडावी ने रानी माई समिति को उनकी मॉंग पर इस स्थान पर बिजली की अनुपलब्धता को देखते हुए हाई मास्ट लाईट लगाये जाने की घोषणा की। समिति एवं क्षेत्रवासियों में उनकी मांग पूरा होने पर हर्ष व्याप्त है।
यह थी, मांगे
रानी माई स्थल पर समिति यहां प्रमुख ज्वलंत मांगे जनप्रतिनिधियों के सामने रखी जिसमें हाई मास्ट लाईट, टीना शेड, बिजली एवं बोरवेल, स्वागत गेट,चबुतरा निर्माण की मांग श्रवण दर्रो ने सांसद के सामने की। कांकेर सांसद ने इन मांगों को सुना तो जरूर लेकिन चिंता ना करने का आश्वासन मात्र दिया। इन मांगों पर घोषणा नहीं की,जबकि वे यहां तकरीबन तीन घंटे बिताये। जबकि क्षेत्रीय विधायक सावित्री मनोज मंडावी ने इस स्थल पर हाई मास्ट लाईट की घोषणा की वरन यह भी कहा कि ग्राम की अन्य मांगों को ग्राम के वार्षिक मेले पर जरूर पूरा किया जायेगा। सांसद द्वारा कोई घोषणा नहीं किए जाने पर कई लोगों में नाराजगी भी देखी गई।
बताते चलें रानी माई का यह स्थान अतीत से प्रमुख आस्था का केंद्र रहा है,जहां राजाओं के काल में यहां आकर रानीमाई से आशीर्वाद लेकर ही शुभ कार्य होता था। यह आसपास के 12 गावों की देवी है,जब भी अकाल,बीमारी या अन्य समस्याएं आती तो यहां माता से समस्या बता कर आशीर्वाद लिया जाता था, तब लोगों की समस्याएं दूर हो जाती।
इन 12 गावों के लोगों ने वर्ष 2012 से समिति का गठन किया और तभी से यहां मेला का आयोजन होते आ रहा है। इस मेले में वर्तमान में पांच गांव से शीतला माता की डांग डोलियां,टिकरापारा,हल्बा से आंगादेव सहित अन्य निजी डांग डोलियां आती है। मेले के दिन एक के बाद एक सभी का आना जारी रहता है,जो पहाडी पर स्थित गुफा तक जाकर वापस आती है। इसी तरह सभी देवता आकर पहाडी के नीचे झुपते हुए लोगों के बीच जाते हैं। तकरीबन दो घंटे के बाद शांत होते हैं,फिर अन्य कार्यक्रम जारी होता है।

पहाडी पर एक विलक्षण गुफा है,जहां रानी माई का स्थान माना जाता है। पूर्व में आम रूप से लोग भगत के साथ आते जाते रहे हैं, जहां अंदर का दृश्य विशाल है। लेकिन वर्तमान में जंगली,जीव जंतु सांप आदि के डर से लोग गुफा के मुंह पर से ही प्रणाम करते हैं। इस स्थान पर महिलाओं का आना प्रतिबंध आता है। वर्ष में एक बार यहां मेला होता है,जहां देर शाम के बाद मेला भी बंद हो जाता है। अन्य दिनों में भी लोग यहां एकाएक नहीं आते। जंगली भालुओं का भी बसेरा है,जो शाम होते ही बाहर आते हैं।

कल 06 अक्टूबर को मेला अवसर पर काफी भीड रहा। व्यापारियों ने बताया कि इस मेले में उनकी अच्छी कमाई हुई। कल के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कांकेर सांसद भोजराज नाग शामिल हुए। इसके साथ भानुप्रतापपुर की विधायक श्रीमती सावित्री मंडावी के साथ ही मत्स्य आयोग के अध्यक्ष भरत मटियारा जिला पंचायत सभापति श्रीमती तेजेश्वरी सिन्हा,नरेंद्र यादव,पूर्व गौ सेवा आयोग सदस्य,जागेश्वरी भास्कर अध्यक्ष जनपद पंचायत, कांकेर राजमहल से कुंवर अश्विनी प्रताप देव, संजय ध्रुव, अध्यक्ष नगर पंचायत अंतागढ,रमशीला मंडावी, सभापति जनपद पंचायत, चारामा, चिंता साहू जनपद सदस्य, जगमोहन नेताम सरपंच कुर्रूभाट, करूणा कश्यप, सरपंच टांहकापार, टिकेश्वरी शोरी सरपंच कोटेला,लक्ष्मी कोडोपी, सरपंच रानीडोंगरी, रमशीला मंडावी, समिति संरक्षक नाथिया राम शोरी, पदाधिकारी चिंताराम लोन्हारे,जगन्नाथ नेताम,गोविंद पटेल,मनराखन नेताम,नरेंद्र शोरी,विजय दर्राे सतनारायण साहू,हेमलाल पटेल,दिलीप दुग्गा, रानी मां समिति के अध्यक्ष रमणीक मंडावी, उपाध्यक्ष दायाराम शोरी एवं हेम मंडावी,चित्रसेन साहू, हेमचंद साहू क्षेत्र के भाजपा कार्यकर्ता रघुनंदन साहू भाजपा मंडल अध्यक्ष हेम मंडावी वासुदेव जैन,भुनेश्वर सिन्हा भिरौद आदि उपस्थित रहे। आयोजन में काफी भीड रही। समिति एवं चारामा विकासखंड के मांझी परगना श्रवण दर्राे द्वारा मांग आवेदन पर मंच से विधायक श्रीमती सावित्री मनोज मंडावी ने रानी मॉं स्थल पर हाई मास्ट की घोषणा की। मंच का संचालन कांशी राम जैन ने किया।






